गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों (NBFC) के लिए लोकपाल योजना 2018 को किस दिनांक को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रभावी रूप से पेश किया गया था ?
- (a)26 जनवरी, 2018
- (b)23 जनवरी, 2018
- (c)26 फरवरी, 2018
- (d)23 फरवरी, 2018
सही उत्तर — (d), 23 फरवरी 2018। भारतीय रिजर्व बैंक ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के लिए लोकपाल योजना, 2018 को 23 फरवरी 2018 से प्रभावी रूप से लागू किया, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45L के अंतर्गत बनाया गया था, ताकि NBFC के ग्राहकों को निःशुल्क व त्वरित शिकायत-निवारण तंत्र मिल सके। इसने शुरुआत में जमा-स्वीकार करने वाली NBFC को शामिल किया और 2019 में इसे बड़ी गैर-जमा-स्वीकार करने वाली NBFC तक विस्तारित किया गया।
- (a)26 जनवरी, 2018 — यह वह तिथि नहीं है जब योजना प्रभावी हुई (26 जनवरी गणतंत्र दिवस है) — यह 23 फरवरी 2018 से आरंभ हुई।
- (b)23 जनवरी, 2018 — महीने का दिन सही है, पर महीना गलत है; योजना जनवरी नहीं, फरवरी 2018 में लागू हुई।
- (c)26 फरवरी, 2018 — महीना सही है पर दिन गलत है — प्रभावी तिथि फरवरी 2018 की 26 नहीं, 23 तारीख थी।
रिजर्व बैंक वित्तीय उपभोक्ताओं के लिए निःशुल्क, अर्ध-न्यायिक शिकायत-निवारण तंत्र के रूप में लोकपाल योजनाएँ चलाता है। बैंकिंग लोकपाल (1995) के बाद इसने NBFC लोकपाल (2018) व डिजिटल लेनदेन लोकपाल (2019) जोड़े, और फिर 'एक राष्ट्र एक लोकपाल' दृष्टिकोण के अंतर्गत तीनों को रिजर्व बैंक - एकीकृत लोकपाल योजना (RB-IOS), 2021 में विलय कर दिया।
यह एक तिथि-स्मरण प्रश्न है, और भ्रामक विकल्प केवल 23 को 26 से तथा जनवरी को फरवरी से बदल देते हैं। सटीक तिथि स्थिर रखें: 23 फरवरी 2018।
- NBFC लोकपाल योजना, 2018, 23 फरवरी 2018 से प्रभावी हुई।
- भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45L के अंतर्गत बनाई गई।
- पहले जमा-स्वीकार करने वाली NBFC को शामिल किया; 2019 में 100 करोड़ रुपये या अधिक परिसंपत्ति आकार वाली गैर-जमा-स्वीकार करने वाली NBFC तक विस्तारित।
- रिजर्व बैंक - एकीकृत लोकपाल योजना (RB-IOS), 2021 के अंतर्गत समाहित, जो 12 नवंबर 2021 को शुरू हुई।
- 1995 - बैंकिंग लोकपाल योजना
- 23 फरवरी 2018 - NBFC लोकपाल योजना
- 2019 - डिजिटल लेनदेन लोकपाल
- 2021 - रिजर्व बैंक एकीकृत लोकपाल योजना (सभी का विलय)
NBFC लोकपाल योजना 23 फरवरी 2018 से प्रभावी हुई और 2021 में RB-IOS में समाहित कर दी गई।
- रिजर्व बैंक के NBFC लोकपाल (वित्तीय शिकायतें) को लोकपाल (भ्रष्टाचार-विरोधी लोकपाल) से गड्डमड्ड करना
- तिथि में 23वीं/26वीं या जनवरी/फरवरी को अदल-बदल करना
प्रायः सीधा तिथि या योजना-स्मरण प्रश्न — 'NBFC लोकपाल = 23 फरवरी 2018, बाद में RB-IOS 2021 में विलीन' स्थिर रखें।
भारत में बैंकिंग लोकपाल की संस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
- (a) बैंकिंग लोकपाल की नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा की जाती है
- (b) बैंकिंग लोकपाल भारत में खाता रखने वाले अनिवासी भारतीयों की शिकायतों पर विचार कर सकता है
- (c) बैंकिंग लोकपाल द्वारा पारित आदेश अंतिम होते हैं तथा संबंधित पक्षों पर बाध्यकारी होते हैं
- (d) बैंकिंग लोकपाल की सेवा किसी भी शुल्क से मुक्त है
उत्तर(c) बैंकिंग लोकपाल द्वारा पारित आदेश अंतिम होते हैं तथा संबंधित पक्षों पर बाध्यकारी होते हैं
UPSC 2010 का प्रश्न रिजर्व बैंक की बैंकिंग लोकपाल व्यवस्था पर है — वही रिजर्व बैंक शिकायत-निवारण तंत्र, जिसे NBFC लोकपाल योजना, 2018 ने NBFC ग्राहकों तक विस्तारित किया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
रिजर्व बैंक ने किस अधिनियम के अंतर्गत गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए लोकपाल योजना, 2018 बनाई ?
- (a)बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949
- (b)भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934
- (c)उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986
- (d)सरफेसी अधिनियम, 2002
उत्तर(b) भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (धारा 45L)।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
2021 में रिजर्व बैंक ने अपनी बैंकिंग, NBFC व डिजिटल-लेनदेन लोकपाल योजनाओं को एक ही योजना में मिला दिया, जिसे कहा जाता है :
- (a)रिजर्व बैंक - एकीकृत लोकपाल योजना (RB-IOS)
- (b)राष्ट्रीय वित्तीय लोकपाल योजना
- (c)एकीकृत शिकायत-निवारण योजना
- (d)एक राष्ट्र बैंकिंग लोकपाल
उत्तर(a) रिजर्व बैंक - एकीकृत लोकपाल योजना (RB-IOS), 2021।