सूची– I को सूची– II से सुमेलित कर नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिये : सूची – I (प्राकृतिक आपदा): 1. बाढ़, 2. भूकम्प, 3. सूखा, 4. सुनामी सूची – II (प्रभावित क्षेत्र/प्रदेश): i. हिमालय क्षेत्र, ii. उत्तरप्रदेश व बिहार के मैदान, iii. पश्चिम व मध्य भारत के क्षेत्र, iv. भारत का दक्षिणी तटीय क्षेत्र
- (a)1-ii, 2-i, 3-iii, 4-iv
- (b)1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv
- (c)1-iv, 2-i, 3-ii, 4-iii
- (d)1-iii, 2-i, 3-ii, 4-iv
सही उत्तर — (a), अर्थात् 1-ii, 2-i, 3-iii, 4-iv। बाढ़ सर्वाधिक बार उत्तरप्रदेश व बिहार के निचले गंगा मैदानों में आती है, जो हिमालयी नदियों के भारी मानसूनी प्रवाह से पोषित होते हैं (1-ii)। बड़े भूकम्प भूकम्पीय रूप से सक्रिय हिमालय क्षेत्र में केंद्रित होते हैं, जहाँ प्लेट-टकराव के कारण यह भूकम्पीय क्षेत्र IV-V में आता है (2-i)। दीर्घकालिक सूखा पश्चिम व मध्य भारत के अर्ध-शुष्क पट्टी को प्रभावित करता है — राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र के भाग (3-iii)। सुनामी भारत के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों पर प्रहार करती है, जैसा 2004 की हिन्द महासागरीय सुनामी ने तमिलनाडु तट तथा अंडमान व निकोबार द्वीप समूह पर किया (4-iv)। प्रत्येक युग्म सुसंगत है, जिससे विकल्प (a) प्राप्त होता है।
- (b)1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv — यह बाढ़ व भूकम्प की अदला-बदली करता है: यह बाढ़ को हिमालय क्षेत्र में तथा भूकम्प को उत्तरप्रदेश-बिहार के मैदानों में रखता है, जबकि बड़े भूकम्प हिमालय पर आते हैं तथा सबसे भीषण बाढ़ मैदानों में आती है।
- (c)1-iv, 2-i, 3-ii, 4-iii — यह बाढ़ को गलत ढंग से दक्षिणी तट पर, सूखे को मैदानों में तथा सुनामी को पश्चिम/मध्य भारत में रखता है — तीन गलत युग्म।
- (d)1-iii, 2-i, 3-ii, 4-iv — यह भूकम्प-हिमालय तथा सुनामी-तट का युग्म सही बनाता है, किंतु बाढ़ को गलत ढंग से पश्चिम/मध्य भारत से तथा सूखे को उत्तरप्रदेश-बिहार के मैदानों से जोड़ता है।
प्रत्येक प्राकृतिक आपदा उस भू-आकृति से जुड़ी होती है जो उसे जन्म देती है। भूकम्प → युवा, वलित हिमालय (एक सक्रिय प्लेट सीमा, भूकम्पीय क्षेत्र IV व V); बाढ़ → हिमालयी बारहमासी नदियों से पोषित न्यून-प्रवणता वाले जलोढ़ गंगा मैदान; सूखा → पश्चिम व मध्य भारत की वर्षाछाया/अर्ध-शुष्क पट्टी; सुनामी → भूकम्पीय समुद्री स्रोतों (बंगाल की खाड़ी/हिन्द महासागर) के सम्मुख खुले तट।
पहले दो स्पष्ट युग्मों को स्थिर करें — भूकम्प को हिमालय से तथा सुनामी को दक्षिणी तट से — जो पहले ही गलत विकल्पों को हटा देता है; फिर बाढ़ को मैदानों से तथा सूखे को पश्चिम/मध्य भारत से जोड़ने पर शेष तय हो जाता है। केवल विकल्प (a) ही चारों को सुसंगत रखता है।
- भूकम्प: हिमालयी पट्टी भारत का सर्वाधिक भूकम्पीय रूप से सक्रिय क्षेत्र है (भूकम्पीय क्षेत्र IV-V)
- बाढ़: उत्तरप्रदेश व बिहार के गंगा मैदान सबसे बाढ़-प्रवण हैं (कोसी, घाघरा एवं अन्य नदियाँ)
- सूखा: पश्चिम व मध्य भारत की अर्ध-शुष्क पट्टी (राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र का मराठवाड़ा)
- सुनामी: दक्षिणी तट — दिसम्बर 2004 की हिन्द महासागरीय सुनामी ने तमिलनाडु तथा अंडमान व निकोबार द्वीप समूह पर प्रहार किया
विकल्प (a) प्रत्येक आपदा को उस भू-आकृति से जोड़ता है जो उसका कारण बनती है।
- बाढ़ (मैदान) व भूकम्प (पर्वत) क्षेत्रों की अदला-बदली करना।
- सुनामी को खुले दक्षिणी तट के अतिरिक्त कहीं और रखना।
MPPSC व UPSC आपदा-क्षेत्र सुमेलन सूचियाँ देते हैं, अथवा पूछते हैं कि किसी दी गई आपदा के लिए कौन-सा क्षेत्र सर्वाधिक प्रवण है।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत का कौन-सा क्षेत्र सर्वाधिक भूकम्प-प्रवण है, जो भूकम्पीय क्षेत्र IV व V में स्थित है ?
- (a)दक्कन का पठार
- (b)हिमालयी पट्टी
- (c)थार मरुस्थल
- (d)कोरोमंडल तट
उत्तर(b) हिमालयी पट्टी — भूकम्पीय क्षेत्र IV-V में एक सक्रिय प्लेट-टकराव सीमा।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
दिसम्बर 2004 की सुनामी, जिसने भारत के तट पर प्रहार किया, किस क्षेत्र में आए भूकम्प से उत्पन्न हुई थी ?
- (a)अरब सागर
- (b)सुमात्रा के निकट बंगाल की खाड़ी (हिन्द महासागर)
- (c)भूमध्य सागर
- (d)दक्षिण चीन सागर
उत्तर(b) सुमात्रा के निकट बंगाल की खाड़ी — 2004 का हिन्द महासागरीय भूकम्प व सुनामी।