यदि कोई व्यक्ति अस्पृश्यता के आधार पर किसी व्यक्ति को किसी अस्पताल, औषधालय या शिक्षा संस्थान में प्रवेश से इन्कार करता है, तब वह सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 की किस धारा के अन्तर्गत दण्डनीय है ?
- (a)धारा – 4
- (b)धारा – 5
- (c)धारा – 6
- (d)धारा – 7
सही उत्तर — (b) धारा – 5। सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 की धारा 5 उस व्यक्ति को दण्डित करती है जो 'अस्पृश्यता' के आधार पर किसी व्यक्ति को किसी अस्पताल, औषधालय, शिक्षा संस्थान अथवा जनता के लाभ हेतु अनुरक्षित किसी छात्रावास में प्रवेश से इन्कार करता है (अथवा प्रवेश के पश्चात् ऐसे व्यक्ति के साथ विभेद करता है)। इस आधार पर अस्पताल या विद्यालय में प्रवेश से इन्कार करना अतः धारा 5 का अपराध है।
- (a)धारा – 4 — धारा 4 सामाजिक निर्योग्यताएँ लागू करने को दण्डित करती है — दुकानों, सार्वजनिक भोजनालयों, होटलों, कुओं, तालाबों, सड़कों, सार्वजनिक परिवहन, व्यवसायों आदि तक पहुँच रोकना। यह अस्पताल या शिक्षा संस्थान में प्रवेश से इन्कार को कवर नहीं करती, जिससे पृथक रूप से धारा 5 में निपटा गया है।
- (c)धारा – 6 — धारा 6 अस्पृश्यता के आधार पर किसी व्यक्ति को माल बेचने या सेवाएँ देने से इन्कार करने को दण्डित करती है — एक वाणिज्यिक इन्कार, न कि संस्थागत प्रवेश से इन्कार।
- (d)धारा – 7 — धारा 7 अस्पृश्यता से उत्पन्न अन्य अपराधों (अधिकारों के प्रयोग में बाधा, अपमान, बहिष्कार आदि) हेतु अवशिष्ट खण्ड है, अस्पताल या शिक्षा-प्रवेश इन्कार करने का विशिष्ट कृत्य नहीं।
PCR अधिनियम, 1955 क्रमबद्ध, क्षेत्र-वार अपराधों की सूची देता है। धारा 3 धार्मिक निर्योग्यताएँ कवर करती है, धारा 4 सामान्य सामाजिक/सार्वजनिक निर्योग्यताएँ, धारा 5 अस्पताल व शिक्षा संस्थानों में प्रवेश से इन्कार, धारा 6 माल बेचने या सेवाएँ देने से इन्कार, तथा धारा 7 अस्पृश्यता से उत्पन्न अन्य अपराधों हेतु एक व्यापक-खण्ड है। अस्पृश्यता के आधार पर पहुँच का प्रत्येक इन्कार अपनी विशिष्ट धारा में रखा गया है।
जाल धारा 4 है, क्योंकि अस्पताल व विद्यालय 'सामाजिक' सुविधाएँ प्रतीत होते हैं। किंतु अधिनियम जान-बूझकर संस्थागत प्रवेश (अस्पताल, औषधालय, शिक्षा संस्थान, छात्रावास) को धारा 5 के अंतर्गत अलग रखता है। क्रम याद रखें: 3 धार्मिक, 4 सामाजिक, 5 संस्थान, 6 माल/सेवाएँ, 7 अवशिष्ट।
- धारा 5 अस्पृश्यता के आधार पर किसी अस्पताल, औषधालय, शिक्षा संस्थान या छात्रावास में प्रवेश से इन्कार को दण्डित करती है।
- धारा 3 = धार्मिक निर्योग्यताएँ; धारा 4 = सामाजिक निर्योग्यताएँ; धारा 6 = माल/सेवाओं से इन्कार; धारा 7 = अन्य अपराध।
- यह अधिनियम अनुच्छेद 17 को प्रवर्तित करता है; इसके अंतर्गत अपराध संज्ञेय हैं।
- इसे अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955 से 1976 के संशोधन द्वारा सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम नाम दिया गया।
अस्पृश्यता के आधार पर अस्पताल या शिक्षा-प्रवेश से इन्कार धारा 5 के अंतर्गत दण्डनीय है।
- अस्पताल/विद्यालय प्रवेश हेतु धारा 4 (सामाजिक निर्योग्यताएँ) चुन लेना — यह धारा 5 है।
- PCR अधिनियम की धारा-योजना को अत्याचार अधिनियम की धाराओं के साथ गड्डमड्ड करना।
MPPSC PCR तथा अत्याचार अधिनियमों में बार-बार 'कौन-सी धारा अपराध X को दण्डित करती है' पूछता है; सुरक्षित रणनीति है धारा-से-अपराध मानचित्र को तर्क करने के बजाय याद कर लेना।
मौलिक अधिकारों की निम्नलिखित श्रेणियों में से कौन-सी भेदभाव के एक रूप के रूप में अस्पृश्यता के विरुद्ध संरक्षण को सम्मिलित करती है ?
- (a) शोषण के विरुद्ध अधिकार
- (b) स्वतंत्रता का अधिकार
- (c) संवैधानिक उपचारों का अधिकार
- (d) समता का अधिकार
उत्तर(d) समता का अधिकार — अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का उन्मूलन करता है।
वही विषय — अस्पृश्यता समता के अधिकार (अनुच्छेद 17) में निहित है; PCR अधिनियम की धारा 5 इसके एक रूप (अस्पताल/शिक्षा-प्रवेश से इन्कार) को दण्डित करती है।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद अस्पृश्यता का उन्मूलन करता है ?
- (a) अनुच्छेद 14
- (b) अनुच्छेद 15
- (c) अनुच्छेद 17
- (d) अनुच्छेद 19
उत्तर(c) अनुच्छेद 17 — अस्पृश्यता का उन्मूलन।
MPPSC ने संवैधानिक आधार (अनुच्छेद 17) परीक्षित किया, जिन अस्पृश्यता-अपराधों को PCR अधिनियम की धाराएँ, जिसमें धारा 5 भी सम्मिलित है, दण्डित करती हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 के अंतर्गत, अस्पृश्यता के आधार पर माल बेचने या सेवाएँ देने से इन्कार करना किस धारा के अंतर्गत दण्डनीय है ?
- (a)धारा 4
- (b)धारा 5
- (c)धारा 6
- (d)धारा 7
उत्तर(c) धारा 6 — माल बेचने या सेवाएँ देने से इन्कार।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 को मूलतः किस नाम से अधिनियमित किया गया था ?
- (a)अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम
- (b)अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955
- (c)सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम
- (d)भेदभाव-विरोधी अधिनियम
उत्तर(b) अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955 — 1976 में सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम नाम दिया गया।