‘बोधन दौआ’ किसका सेनापति था ?
- (a)शाहगढ़ के राजा बखतवली का
- (b)बानपुर के राजा मर्दन सिंह का
- (c)हीरापुर के राजा हिरदेशाह का
- (d)झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई का
सही उत्तर — (a) शाहगढ़ के राजा बखत बली (प्रश्नपत्र में ‘बखतवली’ छपा है)। बोधन दौआ, 1857 के विद्रोह के दौरान वर्तमान मध्यप्रदेश के सागर-बुंदेलखंड क्षेत्र की एक रियासत शाहगढ़ के राजा बखत बली का सेनापति एवं प्रमुख सलाहकार था। सागर-दमोह क्षेत्र में अंग्रेजों के विरुद्ध शाहगढ़ की सेना का नेतृत्व करने के कारण उसे स्थानीय रूप से ‘सागर का तात्या टोपे’ कहा जाता है।
- (b)बानपुर के राजा मर्दन सिंह का — बानपुर के राजा मर्दन सिंह स्वयं 1857 के बुंदेलखंड के एक प्रमुख विद्रोही थे, जिन्होंने उसी क्षेत्र में संघर्ष किया, किंतु उन्होंने अपनी स्वयं की सेना का नेतृत्व किया — बोधन दौआ शाहगढ़ के शासक की सेना का सेनापति था, इनकी नहीं।
- (c)हीरापुर के राजा हिरदेशाह का — स्थानीय शासक राजा हिरदेशाह ने भी क्षेत्र में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह किया, किंतु बोधन दौआ इनका सेनापति नहीं था।
- (d)झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई का — झाँसी की रानी ने स्वयं की सेना का नेतृत्व किया और कल्पी व ग्वालियर में तात्या टोपे जैसे सेनापतियों के साथ लड़ीं; बोधन दौआ ने शाहगढ़ की सेवा की, झाँसी की नहीं।
1857 में बुंदेलखंड तथा सागर-नर्मदा क्षेत्र (वर्तमान मध्यप्रदेश में) के कई स्थानीय राजाओं ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह किया। शाहगढ़ के राजा बखत बली और बानपुर के राजा मर्दन सिंह बुंदेलखंड के दो प्रमुख विद्रोही सरदार थे; बोधन दौआ बखत बली का सेनापति तथा शाहगढ़ के विद्रोह का मैदानी नेता था।
विकल्पों में दिए गए सभी नाम 1857 के वास्तविक व्यक्तित्व हैं, यही बात प्रश्न को कठिन बनाती है। सबसे प्रसिद्ध नाम (रानी लक्ष्मीबाई) की ओर झुकने के बजाय विशिष्ट जोड़ी को स्थिर करें — बोधन दौआ ने शाहगढ़ के बखत बली की सेवा की।
- बोधन दौआ = 1857 के विद्रोह में शाहगढ़ (सागर क्षेत्र) के राजा बखत बली का सेनापति व सलाहकार।
- विद्रोह में उनकी भूमिका के कारण उन्हें ‘सागर का तात्या टोपे’ उपनाम दिया गया।
- शाहगढ़ (बखत बली) और बानपुर (मर्दन सिंह) बुंदेलखंड की प्रमुख विद्रोही रियासतें थीं; अंग्रेजों ने दोनों राजाओं को जंगलों में खदेड़ दिया।
- इस पट्टी में विद्रोह सागर-दमोह-बुंदेलखंड क्षेत्र पर केंद्रित था।
बोधन दौआ ने राजा बखत बली की शाहगढ़ सेना का नेतृत्व किया।
- शाहगढ़ (बखत बली) और बानपुर (मर्दन सिंह) के विद्रोहियों तथा उनके सेनापतियों को गड्डमड्ड करना
- यह मान लेना कि मध्य भारत का हर विद्रोही रानी लक्ष्मीबाई के अधीन था
MPPSC को ‘1857 में शासक/स्थान X से जुड़ा सेनापति/नेता कौन था’ पूछना पसंद है; UPSC विद्रोह के नेताओं व भूगोल की परीक्षा लेता है।
1857 के विद्रोह के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किसे एक मित्र ने धोखा दिया, अंग्रेजों द्वारा पकड़ा गया और मृत्युदंड दिया गया ?
- (a) नाना साहेब
- (b) कुँवर सिंह
- (c) खान बहादुर खान
- (d) तात्या टोपे
उत्तर(d) तात्या टोपे
वही विषय — मध्य भारत में 1857 के विद्रोह का एक सेनापति; बोधन दौआ को तो ‘सागर का तात्या टोपे’ तक कहा जाता था।
1857 के विद्रोह के एक प्रमुख नेता कुँवर सिंह निम्नलिखित में से किस स्थान से संबंधित थे ?
- (a) बिहार
- (b) मध्यप्रदेश
- (c) राजस्थान
- (d) उत्तरप्रदेश
उत्तर(a) बिहार
वही कौशल — 1857 के किसी नामित नेता/सेनापति को उस क्षेत्र व शासक से जोड़ना जिससे वह जुड़ा था।
आदिवासी नेता सीताराम कंवर तथा रघुआ सिंह मंडलोई ने मंडला जिले में अंग्रेज-विरोधी क्रांति में कब भाग लिया ?
- (a) 1842 ई.
- (b) 1857 ई.
- (c) 1927 ई.
- (d) 1942 ई.
उत्तर(b) 1857 ई.
वही युग व क्षेत्र — वर्तमान मध्यप्रदेश के गोंड/मध्य-भारत पट्टी में 1857 के विद्रोह के नेता।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1857 के एक प्रमुख विद्रोही राजा मर्दन सिंह, बुंदेलखंड की किस रियासत के शासक थे ?
- (a)बानपुर
- (b)शाहगढ़
- (c)हीरापुर
- (d)झाँसी
उत्तर(a) बानपुर — उन्होंने शाहगढ़ के शासक के साथ मिलकर विद्रोह किया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
बुंदेलखंड की किस रियासत-जोड़ी ने सागर क्षेत्र में 1857 के विद्रोह के प्रमुख नेता दिए ?
- (a)शाहगढ़ और बानपुर
- (b)दतिया और ओरछा
- (c)पन्ना और अजयगढ़
- (d)रीवा और नागोद
उत्तर(a) शाहगढ़ और बानपुर।