निम्नलिखित में से “तारीख-ए-फिरोजशाही” के रचनाकार कौन है ?
- (a)शम्स-ए-सिराज अफीफ
- (b)जियाउद्दीन बरनी
- (c)ख्वाजा अब्दुल समद इसामी
- (d)सिराजुद्दीन अली यज़दी
(a) व (b) दोनों को स्वीकार्य (ग्रेस) माना गया है। दो भिन्न फ़ारसी इतिवृत्त (chronicles) 'तारीख-ए-फिरोज़शाही' शीर्षक धारण करते हैं। एक जियाउद्दीन बरनी (b) द्वारा रचित है, जो लगभग 1357 में पूर्ण हुआ, तथा जो दिल्ली सल्तनत का वर्णन बलबन के राज्यारोहण (1266) से लेकर फिरोज़ शाह तुगलक के प्रारंभिक वर्षों तक करता है। दूसरा शम्स-ए-सिराज अफ़ीफ़ (a) द्वारा रचित है, जो थोड़ा बाद में लिखा गया, तथा जो फिरोज़ शाह तुगलक के शासनकाल का विस्तृत विवरण देता है। चूँकि एक ही शीर्षक दोनों रचनाकारों पर लागू होता है, आयोग की उत्तर-कुंजी a या b दोनों में से किसी को भी सही मानती है।
- (c)ख्वाजा अब्दुल समद इसामी — इतिहासकार इसामी ने 'फुतूह-उस-सलातीन' लिखी — भारत में मुस्लिम शासन का एक पद्यबद्ध (versified) इतिहास, जो बहमनी राज्य के संस्थापक को समर्पित है — न कि कोई तारीख-ए-फिरोज़शाही।
- (d)सिराजुद्दीन अली यज़दी — यहाँ अभिप्रेत नाम शराफुद्दीन अली यज़दी है, जो 'ज़फ़रनामा' के रचनाकार हैं — तैमूर की एक जीवनी — जो फिरोज़ शाह के इतिवृत्त से असंबद्ध रचना है।
मध्यकालीन भारतीय इतिहास का पुनर्निर्माण मुख्यतः फ़ारसी दरबारी इतिवृत्तों से होता है, तथा उनके शीर्षक प्रायः दोहराए गए। 'तारीख-ए-फिरोज़शाही' ('फिरोज़ शाह का इतिहास') वह शीर्षक था जिसे दो तुगलक-कालीन रचनाकारों, जियाउद्दीन बरनी तथा शम्स-ए-सिराज अफ़ीफ़ ने, स्वतंत्र रूप से चुना, जो दोनों ही सुल्तान फिरोज़ शाह तुगलक के सम्मान में लिख रहे थे। यही साझा शीर्षक इस प्रश्न को दो-उत्तर वाला प्रश्न बनाता है।
यह एक प्रचलित 'दो वैध उत्तर' का जाल है। यदि आपने केवल बरनी को पढ़ा है तो आप b अंकित करेंगे; यदि आप केवल अफ़ीफ़ को जानते हैं तो a — और यहाँ दोनों ही सही हैं। दोनों को विवरण-क्षेत्र (coverage) से अलग पहचानें: बरनी का विवरण फिरोज़ शाह के शासनकाल के प्रारंभिक वर्षों में रुक जाता है, जबकि अफ़ीफ़ का विवरण उस शासनकाल का पूर्ण वृत्तांत है।
- बरनी की तारीख-ए-फिरोज़शाही बलबन (1266) से फिरोज़ शाह तुगलक के प्रारंभिक वर्षों (लगभग 1357) तक को समेटती है।
- अफ़ीफ़ की तारीख-ए-फिरोज़शाही फिरोज़ शाह तुगलक के शासनकाल का विस्तृत वृत्तांत है।
- इसामी ने फुतूह-उस-सलातीन लिखी; शराफुद्दीन अली यज़दी ने ज़फ़रनामा (तैमूर का जीवन-वृत्तांत) लिखा।
- बरनी ने राजनीतिक ग्रंथ फ़तवा-ए-जहाँदारी भी रचा।
यह शीर्षक बरनी व अफ़ीफ़ दोनों पर लागू होता है — इसीलिए दोनों उत्तर स्वीकार्य हैं।
- जब बरनी व अफ़ीफ़ दोनों सही हों तब केवल एक रचनाकार को अंकित करना
- फुतूह-उस-सलातीन (इसामी) या ज़फ़रनामा (यज़दी) को तारीख-ए-फिरोज़शाही से गड्डमड्ड करना
MPPSC व UPSC सामान्यतः मध्यकालीन इतिवृत्तों के लिए 'रचनाकार-रचना' जोड़ी पूछते हैं; यह प्रश्न एक दुर्लभ 'दोनों सही' का मामला है क्योंकि शीर्षक दो रचनाकारों में साझा है।
भारतीय इतिहास में अब्दुल हमीद लाहौरी कौन थे ?
- (a) अकबर के शासनकाल के एक महत्त्वपूर्ण सैन्य कमांडर
- (b) शाहजहाँ के शासनकाल के एक आधिकारिक इतिहासकार
- (c) औरंगज़ेब के एक महत्त्वपूर्ण रईस व विश्वासपात्र
- (d) मुहम्मद शाह के शासनकाल के एक इतिवृत्तकार व कवि
उत्तर(b) शाहजहाँ के शासनकाल के एक आधिकारिक इतिहासकार
वही अवधारणा — किसी मध्यकालीन फ़ारसी दरबारी इतिवृत्तकार को उस शासनकाल व रचना से पहचानना जिसे उसने अभिलिखित किया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत में मुस्लिम शासन के पद्यबद्ध इतिहास 'फुतूह-उस-सलातीन' के रचनाकार थे:
- (a)इसामी
- (b)जियाउद्दीन बरनी
- (c)शम्स-ए-सिराज अफ़ीफ़
- (d)मिन्हाज-उस-सिराज
उत्तर(a) इसामी — जो बहमनी राज्य के संस्थापक को समर्पित है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
तैमूर की जीवनी 'ज़फ़रनामा' के रचनाकार थे:
- (a)शराफुद्दीन अली यज़दी
- (b)जियाउद्दीन बरनी
- (c)अबुल फ़ज़ल
- (d)फ़रिश्ता
उत्तर(a) शराफुद्दीन अली यज़दी।