चित्तौड़ के ‘त्रिभुवन नारायण मंदिर’ को किसने बनवाया ?
- (a)राणा प्रताप ने
- (b)राजा धंग ने
- (c)परमार राजा भोज ने
- (d)पृथ्वीराज चौहान ने
सही उत्तर — (c) परमार राजा भोज। चित्तौड़ का त्रिभुवन नारायण मन्दिर — जिसे आज चित्तौड़गढ़ किले में समिधेश्वर (समाधीश्वर) मन्दिर के नाम से जाना जाता है — मूल रूप से 11वीं शताब्दी में मालवा के परमार राजा भोज द्वारा बनवाया गया था; इसे भोज-स्वामी / त्रिभुवन नारायण मन्दिर भी कहा जाता है। बाद में इसे मेवाड़ के महाराणा मोकल ने 15वीं शताब्दी में पुनर्निर्मित करवाया।
- (a)राणा प्रताप ने — गलत — राणा प्रताप 16वीं शताब्दी के सिसोदिया शासक थे, इस मन्दिर के निर्माण के शताब्दियों बाद; उनका इस निर्माण से कोई सम्बन्ध नहीं है।
- (b)राजा धंग ने — गलत — धंग (Dhanga) चन्देल राजा थे जो खजुराहो के मन्दिरों (जैसे विश्वनाथ मन्दिर) के लिए विख्यात हैं, न कि इस चित्तौड़ मन्दिर के लिए। यह एक आकर्षक जाल है क्योंकि वे भी एक मन्दिर-निर्माता राजा थे।
- (d)पृथ्वीराज चौहान ने — गलत — पृथ्वीराज चौहान अजमेर व दिल्ली के चाहमान शासक थे; उनका त्रिभुवन नारायण मन्दिर से कोई सम्बन्ध नहीं है।
मालवा के परमार राजवंश के राजा भोज (शासनकाल लगभग 1010–1055) एक महान निर्माता और विद्वान-संरक्षक थे जिनकी कृतियाँ मध्य व पश्चिम भारत में फैली हुई हैं — भोजपुर शिव मन्दिर, धार का भोजशाला, विशाल जलाशय, तथा चित्तौड़ जैसे दूरस्थ स्थानों के मन्दिर। चित्तौड़गढ़ का त्रिभुवन नारायण / समिधेश्वर मन्दिर ऐसी ही एक स्थापना है।
चूँकि यह मन्दिर चित्तौड़गढ़ में स्थित है, विद्यार्थी स्वाभाविक रूप से किसी मेवाड़ शासक (राणा प्रताप या मोकल) को श्रेय दे देते हैं। युक्ति यह याद रखने में है कि राजा भोज का संरक्षण मालवा से आगे तक फैला था, और यह चित्तौड़ मन्दिर उनकी 11वीं शताब्दी की स्थापना है।
- त्रिभुवन नारायण मन्दिर = चित्तौड़गढ़ किले में स्थित समिधेश्वर (समाधीश्वर) मन्दिर
- 11वीं शताब्दी में परमार राजा भोज द्वारा निर्मित; शिव को समर्पित
- बाद में मेवाड़ के महाराणा मोकल द्वारा 15वीं शताब्दी में पुनर्निर्मित
- राजा भोज की अन्य कृतियों में भोजपुर (भोजेश्वर) मन्दिर तथा धार का भोजशाला शामिल है
- मन्दिर को केवल चित्तौड़ में स्थित होने के कारण मेवाड़ शासक (राणा प्रताप / मोकल) को श्रेय देना
- राजा धंग (चन्देल, खजुराहो) को परमार राजा भोज से भ्रमित करना
MPPSC 'स्मारक X किसने बनवाया' पूछता है; विश्वसनीय आधार राजा भोज को उनके विशिष्ट भवनों (भोजपुर, भोजशाला, चित्तौड़ मन्दिर) से जोड़ना है।
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: राजा — राजवंश 1. नन्नुक — चन्देल 2. जयशक्ति — परमार 3. नागभट्ट द्वितीय — गुर्जर-प्रतिहार 4. भोज — राष्ट्रकूट। उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
- (a) केवल एक युग्म
- (b) केवल दो युग्म
- (c) केवल तीन युग्म
- (d) सभी चार युग्म
उत्तर(b) केवल दो युग्म
समान राजा व राजवंश — यह UPSC प्रश्न भोज को सही रूप से परमारों के अन्तर्गत रखने पर निर्भर करता है, जो चित्तौड़ मन्दिर के निर्माता थे।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मध्यप्रदेश में भोजेश्वर (भोजपुर) शिव मन्दिर का निर्माण किसने करवाया था?
- (a)राजा भोज (परमार)
- (b)धंग (चन्देल)
- (c)राणा कुम्भा
- (d)कृष्ण प्रथम (राष्ट्रकूट)
उत्तर(a) परमार राजवंश के राजा भोज, जिनके नाम पर भोजपुर का नामकरण हुआ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
विश्वनाथ मन्दिर से सम्बद्ध राजा धंग किस राजवंश के थे?
- (a)परमार
- (b)चन्देल
- (c)चाहमान
- (d)सिसोदिया
उत्तर(b) चन्देल — खजुराहो के मन्दिर-निर्माताओं का राजवंश।