जब किसी वेब साइट के ग्राहक नकली नेटवर्क यातायात के बाढ़ के कारण इसे एक्सेस करने में असमर्थ होते हैं, तो इसे निम्नलिखित में से किस प्रकार से जाना जाता है?
- (a)वायरस (Virus)
- (b)ट्रोजन हॉर्स (Trojan horse)
- (c)क्रैकिंग (Cracking)
- (d)डिनायल ऑफ सर्विस ऐटाक (Denial of service attack)
सही उत्तर — (d) डिनायल ऑफ सर्विस ऐटाक (Denial of service attack) यानी सेवा-निषेध हमला। यहाँ लक्ष्य के सर्वर या नेटवर्क को जानबूझकर बड़ी मात्रा में नकली या रद्दी अनुरोधों से पाट दिया जाता है, जिससे उसकी बैंडविड्थ, मेमोरी या प्रोसेसिंग क्षमता समाप्त हो जाती है और वास्तविक उपयोगकर्ता वेब साइट तक नहीं पहुँच पाते। जब यह बाढ़ एक साथ कई अपहृत मशीनों से भेजी जाती है, तो यह वितरित सेवा-निषेध (Distributed Denial of Service, DDoS) हमला बन जाता है।
- (a)वायरस (Virus) — वायरस एक दुर्भावनापूर्ण कोड है, जो किसी फाइल या प्रोग्राम से जुड़ जाता है तथा उस फाइल के चलाए जाने पर फैलता है; यह होस्ट मशीन पर हानि पहुँचाता या स्वयं की प्रतिलिपियाँ बनाता है — यह किसी वेब साइट को यातायात से पाटकर पहुँच रोकने की क्रिया नहीं है।
- (b)ट्रोजन हॉर्स (Trojan horse) — ट्रोजन एक ऐसा मैलवेयर है, जो वैध सॉफ्टवेयर का रूप धारण करके उपयोगकर्ता को इसे स्थापित करने हेतु छलता है (प्रायः एक बैकडोर खोलता है); यह किसी साइट को यातायात से अभिभूत करने के बजाय उपयोगकर्ता को धोखा देता है।
- (c)क्रैकिंग (Cracking) — क्रैकिंग किसी सिस्टम में सेंध लगाने या अनधिकृत पहुँच के लिए उसकी सुरक्षा/पासवर्ड को भंग करने की क्रिया है; यहाँ वर्णित हमला सेंध लगाकर नहीं, बल्कि साइट को अधिभारित करके सेवा से वंचित करता है।
एक सेवा-निषेध हमला 'उपलब्धता (availability)' को लक्षित करता है — जो सूचना सुरक्षा के CIA त्रिक (गोपनीयता, अखण्डता, उपलब्धता — Confidentiality, Integrity, Availability) का एक स्तम्भ है। डेटा चुराने या बदलने के बजाय, आक्रमणकारी सेवा को नकली अनुरोधों में डुबोकर अनुपयोगी बना देता है। इसका वितरित संस्करण (DDoS) बाढ़ को बढ़ाने के लिए अनेक समझौता किए गए कम्प्यूटरों के 'बॉटनेट' का उपयोग करता है।
संकेत शब्द हैं 'बाढ़' तथा 'एक्सेस करने में असमर्थ' — यहाँ उपलब्धता पर आक्रमण हो रहा है, डेटा की गोपनीयता पर नहीं। वायरस तथा ट्रोजन यह बताते हैं कि मैलवेयर किसी मशीन को कैसे संक्रमित करता है; क्रैकिंग अनधिकृत प्रवेश है। केवल DoS ही 'साइट को यातायात से पाटना ताकि उपयोगकर्ता प्रवेश न कर सकें' से मेल खाता है।
- एक DoS हमला किसी सर्वर या नेटवर्क को नकली यातायात से अभिभूत कर देता है, जिससे वास्तविक उपयोगकर्ताओं को पहुँच से वंचित कर दिया जाता है।
- एक DDoS (वितरित DoS) यह बाढ़ एक साथ अनेक समझौता किए गए मशीनों (एक बॉटनेट) से चलाता है।
- यह CIA त्रिक में 'उपलब्धता' पर आक्रमण करता है — गोपनीयता या अखण्डता पर नहीं।
- यह वायरस (स्वयं-प्रतिकृति कोड), ट्रोजन (छद्म मैलवेयर) तथा क्रैकिंग (अनधिकृत सेंध) से भिन्न है।
- आक्रमणकारी अपहृत कम्प्यूटरों के एक बॉटनेट को नियन्त्रित करता है
- बॉटनेट लक्ष्य साइट पर नकली अनुरोधों की बाढ़ भेजता है
- सर्वर की बैंडविड्थ / मेमोरी / प्रोसेसिंग क्षमता समाप्त हो जाती है
- वास्तविक ग्राहक अब वेब साइट तक नहीं पहुँच पाते
उपलब्धता ही लक्ष्य है — साइट में सेंध नहीं लगाई जाती, बल्कि उसे रद्दी यातायात से पाट दिया जाता है।
- ट्रोजन (छद्म मैलवेयर) को DoS (यातायात बाढ़) के साथ गड्डमड्ड करना
- किसी साइट को अवरुद्ध करने वाले किसी भी साइबर-हमले को सामान्य 'हैकिंग/क्रैकिंग' मान लेना
MPPSC बार-बार किसी साइबर-खतरे का एक-पंक्ति विवरण देकर उसका नाम पूछता है (फ़िशिंग, ट्रोजन, स्पूफिंग, DoS); UPSC साइबर-सुरक्षा को IT अधिनियम तथा डेटा संरक्षण के इर्द-गिर्द प्रस्तुत करता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा साइबर-हमले का एक प्रकार है, जिसमें उपयोगकर्ताओं को संवेदनशील जानकारी उजागर करने हेतु छल किया जाता है?
- (a) फ़िशिंग हमला
- (b) SQL इंजेक्शन हमला
- (c) DOS हमला
- (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर(a) फ़िशिंग हमला — उपयोगकर्ताओं को संवेदनशील डेटा सौंपने हेतु छलना।
वही कौशल — किसी वर्णित साइबर-हमले का उसके सही नाम से मिलान करना; यहाँ तक कि एक 'DOS हमला' भी इस प्रश्न में एक विकल्प के रूप में प्रकट होता है।
एक मैलवेयर, जो वैध सॉफ्टवेयर जैसा दिखता है और उपयोगकर्ता को इसे स्थापित करने हेतु छलने के बाद वायरस या वर्म की भाँति व्यवहार करता है, क्या कहलाता है?
- (a) की-लॉगर
- (b) रैनसमवेयर
- (c) ट्रोजन
- (d) स्पाइवेयर
उत्तर(c) ट्रोजन — वैध सॉफ्टवेयर के रूप में छद्म मैलवेयर।
वही कौशल — किसी साइबर-खतरे को उसके व्यवहार से नाम देना; यहाँ 'ट्रोजन' उत्तर ठीक इसी प्रश्न का विकर्षक (b) है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
एक DoS/DDoS हमला मुख्यतः सूचना सुरक्षा के किस लक्ष्य से समझौता करता है?
- (a)गोपनीयता
- (b)अखण्डता
- (c)उपलब्धता
- (d)अस्वीकृति-निषेध (non-repudiation)
उत्तर(c) उपलब्धता — अधिभार के कारण सेवा अनुपयोगी बना दी जाती है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
दूर से नियन्त्रित, मैलवेयर-संक्रमित कम्प्यूटरों का वह नेटवर्क, जिसका उपयोग DDoS जैसे हमले चलाने के लिए किया जाता है, क्या कहलाता है?
- (a)फ़ायरवॉल
- (b)बॉटनेट
- (c)हनीपॉट
- (d)VPN
उत्तर(b) बॉटनेट — DDoS बाढ़ के पीछे अपहृत मशीनों की सेना।