निम्नलिखित में से कौन-सी साइबर अपराध की दो आवश्यक विशेषताएँ हैं?
- (a)कार्य-प्रणाली की रूप में कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण की अखण्डता
- (b)अपराधी कम्प्यूटर दक्षता तथा कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी की शिकार अनभिज्ञता
- (c)हार्डवेयर (Hardware) तथा सॉफ्टवेयर (software)
- (d)हैकर्स (Hackers) तथा क्रैकर्स (crackers)
सही उत्तर — (b) अपराधी कम्प्यूटर दक्षता तथा कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी की शिकार अनभिज्ञता। आयोग की उत्तर-कुंजी साइबर अपराध को दो व्यक्तियों के बीच की अन्तःक्रिया मानती है: एक अपराधी, जिसके पास किसी सिस्टम का दुरुपयोग करने के लिए पर्याप्त तकनीकी/कम्प्यूटर दक्षता होती है, तथा एक शिकार, जो सामान्यतः स्वयं की सुरक्षा के लिए प्रौद्योगिकी को पर्याप्त रूप से नहीं समझता। फ़िशिंग, ओ०टी०पी० धोखाधड़ी तथा पहचान-चोरी (identity theft) जैसी धोखाधड़ियाँ ठीक इसी असमानता के कारण सफल होती हैं — एक दक्ष अपराधी एक अनभिज्ञ शिकार का शिकार करता है। इसलिए ये दोनों — अपराधी की दक्षता तथा शिकार की अनभिज्ञता — वह जोड़ी है, जिसे उत्तर-कुंजी आवश्यक विशेषताओं के रूप में चिह्नित करती है।
- (a)कार्य-प्रणाली की रूप में कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण की अखण्डता — यह साइबर अपराध की पृष्ठभूमि का वर्णन करता है — एक उपकरण के रूप में कम्प्यूटर तथा एक आभासी, अमूर्त परिवेश — न कि अपराधी-बनाम-शिकार की वह जोड़ी, जिसे आयोग की उत्तर-कुंजी दो आवश्यक विशेषताओं के रूप में नामित करती है। यह अकादमिक भाषा वाला जाल है, किन्तु अंकित उत्तर नहीं।
- (c)हार्डवेयर (Hardware) तथा सॉफ्टवेयर (software) — ये कम्प्यूटर को बनाने वाले घटक हैं, न कि किसी अपराध को परिभाषित करने वाली विशेषताएँ।
- (d)हैकर्स (Hackers) तथा क्रैकर्स (crackers) — ये व्यक्तियों/कर्ताओं के प्रकार हैं, न कि स्वयं अपराध की 'विशेषताएँ'।
साइबर अपराध कम्प्यूटर, नेटवर्क या इंटरनेट का उपयोग करके किया गया कोई भी अपराध है — हैकिंग तथा डेटा-चोरी से लेकर ऑनलाइन धोखाधड़ी व मानहानि तक। इसे विशिष्ट बनाने वाली बात है दोनों पक्षों के बीच का अन्तर: अपराधी तकनीकी रूप से सक्षम होता है, जबकि शिकार प्रायः यह नहीं जानता कि प्रौद्योगिकी का दुरुपयोग कैसे किया जा सकता है। यही असन्तुलन — न कि कोई भौतिक हथियार या स्थान — इस अपराध को सम्भव बनाता है।
विकल्प (a) तथा (b) दोनों ही युक्तिसंगत प्रतीत होते हैं, और यही पूरा जाल है। विकल्प (a), 'कार्य-प्रणाली (modus operandi)' तथा 'अमूर्त परिवेश (intangible environment)' जैसी पाठ्यपुस्तकीय भाषा का प्रयोग करता है; किन्तु आयोग की उत्तर-कुंजी दो आवश्यक विशेषताओं को कर्ताओं के सन्दर्भ में परिभाषित करती है — दक्ष अपराधी तथा अनभिज्ञ शिकार — इसलिए (b) चुनने योग्य उत्तर है।
- साइबर अपराध, अपराध के उपकरण या लक्ष्य के रूप में कम्प्यूटर/नेटवर्क/इंटरनेट का प्रयोग करता है।
- आयोग की उत्तर-कुंजी इसकी दो आवश्यक विशेषताएँ बताती है: अपराधी की कम्प्यूटर दक्षता तथा शिकार की कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी सम्बन्धी अनभिज्ञता।
- दक्षता-बनाम-अनभिज्ञता का यही अन्तर अधिकतर ऑनलाइन धोखाधड़ियों (फ़िशिंग, ओ०टी०पी० धोखाधड़ी) द्वारा प्रयोग किया जाता है।
- भारत में साइबर अपराध मुख्यतः सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000) के अधीन निपटाया जाता है।
- अपराधी के पास कम्प्यूटर दक्षता है (सिस्टम का दुरुपयोग करने की तकनीकी जानकारी)
- शिकार कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी से अनभिज्ञ है (अनजान, आसानी से धोखा खाने वाला)
- = साइबर अपराध सम्भव हो जाता है
विकल्प (b): एक दक्ष अपराधी एक अनभिज्ञ शिकार का शिकार करता है — वह असमानता जिसे उत्तर-कुंजी दो आवश्यक विशेषताओं के रूप में चिह्नित करती है।
- (b) की कर्ता-आधारित परिभाषा के स्थान पर 'परिष्कृत' प्रतीत होने वाला विकल्प (a) चुन लेना
- अपराध की विशेषताओं (b) को कम्प्यूटर के घटकों (c) या अपराधी के प्रकारों (d) के साथ गड्डमड्ड करना
MPPSC साइबर अपराध की परिभाषाएँ, विशेषताएँ व प्रकार तथा सम्बन्धित IT-अधिनियम उपबन्ध पूछता है; UPSC साइबर अपराध को साइबर सुरक्षा नीति व रिपोर्टिंग दायित्वों के ढाँचे में प्रस्तुत करता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा साइबर-हमले का एक प्रकार है, जिसमें उपयोगकर्ताओं को संवेदनशील जानकारी उजागर करने हेतु छल किया जाता है?
- (a) फ़िशिंग हमला
- (b) SQL इंजेक्शन हमला
- (c) DOS हमला
- (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर(a) फ़िशिंग हमला — उपयोगकर्ता को संवेदनशील डेटा सौंपने हेतु छलना।
वही विचार व्यवहार में — फ़िशिंग ठीक शिकार की अनभिज्ञता का दुरुपयोग करके काम करती है, जो साइबर अपराध की वही विशेषता है, जिसे यहाँ सही चिह्नित किया गया है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत में साइबर अपराधों से निपटने का प्राथमिक कानूनी ढाँचा कौन-सा है?
- (a)सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
- (b)भारतीय तार अधिनियम, 1885
- (c)कम्पनी अधिनियम, 2013
- (d)सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
उत्तर(a) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
एक साइबर धोखाधड़ी, जो मुख्यतः इसलिए सफल होती है क्योंकि शिकार यह नहीं जानता कि प्रौद्योगिकी का दुरुपयोग कैसे किया जा सकता है, साइबर अपराध की किस आवश्यक विशेषता को सर्वोत्तम रूप से दर्शाती है?
- (a)शिकार की कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी सम्बन्धी अनभिज्ञता
- (b)उच्च हार्डवेयर लागत
- (c)धीमी इंटरनेट गति
- (d)बिजली की कमी
उत्तर(a) शिकार की कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी सम्बन्धी अनभिज्ञता।