मध्य प्रदेश की निम्नलिखित में से कौन-सी घाटी, भ्रंश घाटी नहीं है?
- (a)सोन घाटी
- (b)नर्मदा घाटी
- (c)ताप्ती घाटी
- (d)चम्बल घाटी
सही उत्तर — (d) चम्बल घाटी। चम्बल भ्रंश घाटी (rift valley) नहीं है: यह विंध्य कगार से निकलती है और मालवा पठार को काटते हुए बहती है, अपनी प्रसिद्ध बीहड़ों की उत्खात भू-आकृति बनाते हुए यमुना से मिलती है। इसके विपरीत, नर्मदा, ताप्ती (तापी) व सोन घाटियाँ — सभी मध्य भारत के महान सोन-नर्मदा-ताप्ती (SONATA) भ्रंश-क्षेत्र में स्थित हैं, इसलिए ये वास्तविक भ्रंश घाटियाँ हैं।
- (a)सोन घाटी — यह भ्रंश घाटी है — सोन नर्मदा-सोन भ्रंश (SONATA रेखा) की पूर्वी भुजा के साथ बहती है, इसलिए यह उत्तर नहीं है।
- (b)नर्मदा घाटी — यह भारत की प्रारूपिक भ्रंश घाटी है — नर्मदा विंध्य व सतपुड़ा श्रेणियों के बीच धँसे हुए गर्त से होकर पश्चिम की ओर बहती है।
- (c)ताप्ती घाटी — यह भी भ्रंश घाटी है — ताप्ती (तापी) सतपुड़ा के ठीक दक्षिण में एक समानांतर भ्रंश-गर्त में बहती है और नर्मदा की भाँति पश्चिम की ओर अरब सागर में गिरती है।
भ्रंश घाटी एक लम्बा गर्त होता है जो दो लगभग समानांतर भ्रंशों के बीच भूमि के एक खंड के धँसने (down-fault) से बनता है। मध्य भारत में नर्मदा, सोन व ताप्ती SONATA (सोन-नर्मदा-ताप्ती) विवर्तनिक क्षेत्र के साथ ऐसे ही भ्रंशों में स्थित हैं, यही कारण है कि नर्मदा व ताप्ती प्रायद्वीप की सामान्य पूर्ववर्ती ढाल के विपरीत पश्चिम की ओर बहकर अरब सागर में गिरती हैं। चम्बल की ऐसी कोई भ्रंश संरचना नहीं है — यह मालवा पठार की एक सामान्य नदी है, जो अपने बीहड़ों के लिए प्रसिद्ध है।
चारों में से तीन भ्रंश घाटियाँ हैं, इसलिए कार्य यह है कि विषम को पहचाना जाए। चम्बल का पठार-व-बीहड़ चरित्र — न कि भ्रंश-सीमित गर्त — इसे अपवाद बनाता है।
- भ्रंश घाटी = दो समानांतर भ्रंशों के बीच धँसा हुआ गर्त।
- नर्मदा व ताप्ती विंध्य-सतपुड़ा श्रेणियों के बीच व आसपास भ्रंश घाटियों से होकर पश्चिम की ओर बहती हैं।
- सोन भी नर्मदा-सोन भ्रंश (SONATA क्षेत्र) के साथ स्थित है।
- चम्बल मालवा पठार का जल निकास करती है और बीहड़/उत्खात भू-आकृति बनाती है — यह भ्रंश घाटी नहीं है।
केवल चम्बल भ्रंश घाटी नहीं है, इसलिए यही उत्तर है।
- यह मान लेना कि मध्य प्रदेश की हर प्रमुख नदी-घाटी भ्रंश है — चम्बल नहीं है
- यह भूल जाना कि नर्मदा व ताप्ती भ्रंश/संरचनात्मक नियंत्रण के कारण पश्चिम की ओर बहती हैं
'कौन-सी है/नहीं है भ्रंश घाटी' या 'नर्मदा पश्चिम की ओर क्यों बहती है' के रूप में पूछा जाता है — SONATA भ्रंश (सोन-नर्मदा-ताप्ती) याद रखें और चम्बल को बाहर रखें।
नर्मदा नदी पश्चिम की ओर बहती है, जबकि अधिकांश अन्य बड़ी प्रायद्वीपीय नदियाँ पूर्व की ओर बहती हैं। ऐसा क्यों है? 1. यह एक रेखीय भ्रंश घाटी में स्थित है। 2. यह विंध्य व सतपुड़ा के बीच बहती है। 3. मध्य भारत से भूमि पश्चिम की ओर ढाल रखती है। नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए:
- (a) केवल 1
- (b) 2 और 3
- (c) 1 और 3
- (d) कोई नहीं
उत्तर(a) केवल 1
समान अवधारणा — नर्मदा का पश्चिमी प्रवाह उसकी रेखीय भ्रंश घाटी से समझाया जाता है, ठीक वही भ्रंश संरचना जिस पर यह मध्य प्रदेश प्रश्न आधारित है।
भारत की निम्नलिखित पूर्व की ओर बहने वाली नदियों में से किसकी भ्रंश घाटी अधोनमन (down-warping) के कारण है?
- (a) दामोदर
- (b) महानदी
- (c) सोन
- (d) यमुना
उत्तर(a) दामोदर
समान विचार — यह पहचानना कि कौन-सी नदी भ्रंश घाटी (एक धँसा हुआ गर्त) में स्थित है, वही भेद जो यहाँ परखा गया है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
नर्मदा व ताप्ती नदियाँ मुख्यतः इसलिए पश्चिम की ओर बहती हैं क्योंकि वे किसमें स्थित हैं:
- (a)भ्रंश घाटियाँ
- (b)विसर्प चिह्न (मियेंडर स्कार)
- (c)हिमानी गर्त
- (d)डेल्टा मैदान
उत्तर(a) भ्रंश घाटियाँ — अरब सागर की ओर खुलने वाले संरचनात्मक गर्त।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
नर्मदा के विपरीत, चम्बल नदी मुख्यतः किसके लिए जानी जाती है:
- (a)भ्रंश घाटी
- (b)बीहड़/उत्खात भू-आकृति
- (c)बड़ा डेल्टा
- (d)अरब सागर की ओर पश्चिमी प्रवाह
उत्तर(b) मालवा पठार पर बीहड़/उत्खात भू-आकृति।