प्रथम बार 1985 में द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्तकर्ता कौन थे?
- (a)ओ० एम० नाम्बियार
- (b)ओम प्रकाश भारद्वाज
- (c)बी० बी० भागवत
- (d)उपर्युक्त सभी
सही उत्तर — (d) उपर्युक्त सभी। द्रोणाचार्य पुरस्कार — प्रशिक्षकों हेतु भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान — 1985 में स्थापित किया गया, और नामित तीनों प्रशिक्षक उस उद्घाटन 1985 के प्राप्तकर्ताओं में शामिल थे: भालचंद्र भास्कर भागवत (कुश्ती), ओम प्रकाश भारद्वाज (मुक्केबाजी) तथा ओ॰ एम॰ नाम्बियार (एथलेटिक्स, धाविका पी॰ टी॰ उषा के प्रशिक्षक)। चूंकि प्रत्येक नाम एक वास्तविक प्रथम-वर्ष प्राप्तकर्ता है, 'उपर्युक्त सभी' सही विकल्प है।
- (a)ओ० एम० नाम्बियार — वास्तविक 1985 प्राप्तकर्ता (एथलेटिक्स), परन्तु एकमात्र प्रथम प्राप्तकर्ता नहीं — केवल उनका नाम चुनना अधूरा है।
- (b)ओम प्रकाश भारद्वाज — यह भी 1985 के वास्तविक प्राप्तकर्ता हैं (मुक्केबाजी), फिर भी उस प्रथम वर्ष में केवल वे ही सम्मानित नहीं हुए थे।
- (c)बी० बी० भागवत — इसी प्रकार 1985 के तीन प्राप्तकर्ताओं में से एक (कुश्ती), अतः केवल उनका नाम लेने से शेष दो छूट जाते हैं।
द्रोणाचार्य पुरस्कार, जिसकी स्थापना 1985 में हुई, उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षकों को सम्मानित करता है। इसका नाम महाभारत के गुरु द्रोणाचार्य के नाम पर है, जो पांडवों व कौरवों के धनुर्विद्या गुरु थे। इसके प्रथम वर्ष में यह एथलेटिक्स, मुक्केबाजी व कुश्ती के तीन प्रशिक्षकों में साझा किया गया था।
'प्रथम प्राप्तकर्ता' शब्द आपको एकल विजेता खोजने के लिए ललचाता है, परन्तु 1985 में एक साथ तीन उद्घाटन प्राप्तकर्ता थे — अतः जब प्रत्येक विकल्प स्वयं एक वास्तविक 1985 विजेता है, तो 'उपर्युक्त सभी' सही हो जाता है।
- द्रोणाचार्य पुरस्कार 1985 में स्थापित — प्रशिक्षकों हेतु भारत का सर्वोच्च सम्मान।
- महाभारत के गुरु द्रोणाचार्य के नाम पर रखा गया।
- प्रथम (1985) प्राप्तकर्ता: बी॰ बी॰ भागवत (कुश्ती), ओ॰ पी॰ भारद्वाज (मुक्केबाजी), ओ॰ एम॰ नाम्बियार (एथलेटिक्स)।
- ओ॰ एम॰ नाम्बियार ने प्रसिद्ध धाविका पी॰ टी॰ उषा को प्रशिक्षित किया।
तीनों ने उद्घाटन 1985 द्रोणाचार्य पुरस्कार साझा किया — इसलिए 'उपर्युक्त सभी' सही है।
- यह मान लेना कि 'प्रथम प्राप्तकर्ता' केवल एक व्यक्ति हो सकता है जबकि यह कई लोगों द्वारा साझा किया गया था
- द्रोणाचार्य पुरस्कार (प्रशिक्षकों हेतु) को अर्जुन पुरस्कार (खिलाड़ियों हेतु) से गड्डमड्ड करना
'प्रथम प्राप्तकर्ता/स्थापना वर्ष' की स्मृति, तथा प्रत्येक पुरस्कार को उससे सम्मानित किए जाने वालों (खिलाड़ी बनाम प्रशिक्षक) से मिलाना।
खेल पुरस्कारों से सम्बन्धित निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार : किसी खिलाड़ी द्वारा विगत चार वर्षों की अवधि में सर्वाधिक शानदार व असाधारण प्रदर्शन हेतु 2. अर्जुन पुरस्कार : किसी खिलाड़ी की आजीवन उपलब्धि हेतु 3. द्रोणाचार्य पुरस्कार : उन प्रतिष्ठित प्रशिक्षकों को सम्मानित करने हेतु जिन्होंने खिलाड़ियों या टीमों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया है 4. राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार : सेवानिवृत्ति के पश्चात भी खिलाड़ियों द्वारा दिए गए योगदान को मान्यता देने हेतु उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
- (a) केवल एक
- (b) केवल दो
- (c) केवल तीन
- (d) सभी चार
उत्तर(b) केवल दो
UPSC 2023 ने वही पुरस्कार-परिवार परखा, जिसमें द्रोणाचार्य पुरस्कार को प्रतिष्ठित प्रशिक्षकों को सम्मानित करने के रूप में सही युग्मित किया गया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
द्रोणाचार्य पुरस्कार किन्हें प्रदान किया जाता है?
- (a)उत्कृष्ट खिलाड़ी
- (b)उत्कृष्ट प्रशिक्षक
- (c)खेल प्रशासक
- (d)खेल पत्रकार
उत्तर(b) उत्कृष्ट प्रशिक्षक।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
द्रोणाचार्य पुरस्कार का नाम किस महाकाव्य के गुरु के नाम पर रखा गया है?
- (a)रामायण
- (b)महाभारत
- (c)ऋग्वेद
- (d)पुराण
उत्तर(b) महाभारत — गुरु द्रोणाचार्य ने पांडवों व कौरवों को धनुर्विद्या सिखाई थी।