इन्टरट्रॉपिकल कन्वरजेंस ज़ोन (आइ० टी० सी० जेड०), एक निम्न वायुदाब पेटी, स्थित है
- (a)व्यापारिक एवं पछुआ हवाओं की पेटी के मध्य
- (b)पछुआ एवं ध्रुवीय हवाओं की पेटी के मध्य
- (c)ध्रुवों के समीपवर्ती क्षेत्र में
- (d)भूमध्यरेखा पर
सही उत्तर — (d) भूमध्यरेखा पर। इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस ज़ोन (आइ० टी० सी० जेड०) भूमध्यरेखा के निकट वह निम्न वायुदाब पेटी है जहाँ उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाएँ मिलती और अभिसरित होती हैं। वहाँ तीव्र सौर तापन गर्म, नम हवा को ऊपर उठाता है, जिससे उठती हुई हवा और भारी संवहनीय वर्षा वाला एक भूमध्यरेखीय निम्न ('डोलड्रम्स') बनता है। इसकी औसत स्थिति भूमध्यरेखा पर है, यद्यपि यह सूर्य की लम्बवत स्थिति के अनुसार थोड़ा उत्तर व दक्षिण में खिसकती है।
- (a)व्यापारिक एवं पछुआ हवाओं की पेटी के मध्य — वह संधि-स्थल (लगभग 30° उ० व द०) उपोष्ण उच्च-वायुदाब पेटी (अश्व अक्षांश) है, न कि भूमध्यरेखीय निम्न आइ० टी० सी० जेड०।
- (b)पछुआ एवं ध्रुवीय हवाओं की पेटी के मध्य — पछुआ और ध्रुवीय पूर्वी हवाओं का मिलन (लगभग 60° उ० व द०) उपध्रुवीय निम्न है, जो आइ० टी० सी० जेड० से भिन्न वायुदाब पेटी है।
- (c)ध्रुवों के समीपवर्ती क्षेत्र में — ध्रुवों में ठण्डी, सघन, अवतलित हवा होती है — ध्रुवीय उच्च-वायुदाब क्षेत्र, जो भूमध्यरेखीय आइ० टी० सी० जेड० के विपरीत है।
पृथ्वी में अक्षांश के अनुसार चार व्यापक वायुदाब पेटियाँ व्यवस्थित हैं: 0° पर भूमध्यरेखीय निम्न (आइ० टी० सी० जेड०), लगभग 30° पर उपोष्ण उच्च, लगभग 60° पर उपध्रुवीय निम्न, और लगभग 90° पर ध्रुवीय उच्च। आइ० टी० सी० जेड० इसलिए बनता है क्योंकि भूमध्यरेखा को सबसे सीधी धूप मिलती है, इसलिए हवा गर्म होकर फैलती और ऊपर उठती है, जिससे सतही वायुदाब घटता है। जहाँ दोनों व्यापारिक-पवन तंत्र अभिसरित होकर ऊपर उठते हैं, वहाँ बादल और वर्षा प्रचुर होती है।
शब्द-रचना ही उत्तर बता देती है: 'अभिसरण' से बना एक 'निम्न वायुदाब क्षेत्र' भूमध्यरेखा की ओर संकेत करता है। अन्य विकल्प उन तंत्रों की सीमाओं का वर्णन करते हैं जो वास्तव में उच्च (30° पर) या दूसरी निम्न (60° पर) हैं — 'निम्न वायुदाब + अभिसरण + भूमध्यरेखा' को एक साथ पढ़ें।
- आइ० टी० सी० जेड० = भूमध्यरेखीय निम्न-वायुदाब पेटी जहाँ उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाएँ अभिसरित होती हैं।
- यह भूमध्यरेखा (0°) पर स्थित है, अधिकतम सौर तापन का क्षेत्र।
- उठती हुई नम हवा इसे एक वर्षा-युक्त, शांत पेटी बनाती है जिसे 'डोलड्रम्स' कहा जाता है।
- यह मौसमी रूप से उत्तर/दक्षिण खिसकती है, सूर्य की लम्बवत स्थिति का अनुसरण करते हुए।
आइ० टी० सी० जेड०, जहाँ व्यापारिक हवाएँ अभिसरित होती हैं, वह निम्न-वायुदाब पेटी है जो भूमध्यरेखा पर स्थित है।
- आइ० टी० सी० जेड० को 30° या 60° पर रख देना — वे उपोष्ण उच्च और उपध्रुवीय निम्न हैं
- यह सोचना कि आइ० टी० सी० जेड० स्थिर है — यह सूर्य के साथ उत्तर व दक्षिण में खिसकता है
'आइ० टी० सी० जेड०/भूमध्यरेखीय निम्न कहाँ है' के रूप में, या वायुदाब-पेटी क्रम और मानसून के माध्यम से पूछा जाता है। स्मरण-बिंदु: आइ० टी० सी० जेड० = भूमध्यरेखीय निम्न, 0° पर अभिसरित होने वाली व्यापारिक हवाएँ।
अभिकथन (A): भूमध्यरेखा के दोनों ओर पाँच से आठ डिग्री अक्षांश के भीतर स्थित क्षेत्रों में वर्षभर वर्षा होती है। कारण (R): उच्च तापमान और उच्च आर्द्रता के कारण भूमध्यरेखा के निकट संवहनीय वर्षा प्रायः दोपहर बाद होती है।
- (a) A और R दोनों व्यक्तिगत रूप से सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- (b) A और R दोनों व्यक्तिगत रूप से सत्य हैं किन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है
- (c) A सत्य है किन्तु R असत्य है
- (d) A असत्य है किन्तु R सत्य है
उत्तर(a) A और R दोनों व्यक्तिगत रूप से सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
वही अवधारणा — वह भूमध्यरेखीय पेटी जहाँ आइ० टी० सी० जेड० सिर के ऊपर बना रहता है, जिससे वर्षभर उठती हुई हवा और संवहनीय वर्षा होती है।
दक्षिण अटलांटिक और दक्षिण-पूर्वी प्रशांत क्षेत्रों में उष्णकटिबंधीय अक्षांशों पर चक्रवात उत्पन्न नहीं होता। इसका क्या कारण है?
- (a) समुद्र सतह का तापमान कम है
- (b) इंटर-ट्रॉपिकल कन्वर्जेंस ज़ोन विरले ही होता है
- (c) कोरिओलिस बल बहुत कमज़ोर है
- (d) उन क्षेत्रों में भूमि का अभाव है
उत्तर(b) इंटर-ट्रॉपिकल कन्वर्जेंस ज़ोन विरले ही होता है
वही अवधारणा — भूमध्यरेखा के निकट आइ० टी० सी० जेड० की स्थिति/व्यवहार, यहाँ यह समझाते हुए कि उष्णकटिबंधीय चक्रवात कहाँ बन सकते हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भूमध्यरेखा के निकट अभिसरित होने वाली व्यापारिक हवाओं की शांत, वर्षा-युक्त पेटी को लोकप्रिय रूप से क्या कहा जाता है?
- (a)अश्व अक्षांश
- (b)डोलड्रम्स
- (c)रोअरिंग फॉर्टीज़
- (d)ध्रुवीय अग्र
उत्तर(b) डोलड्रम्स — भूमध्यरेखीय निम्न/आइ० टी० सी० जेड०।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
पृथ्वी की उपोष्ण उच्च-वायुदाब पेटियाँ लगभग किस अक्षांश पर स्थित हैं?
- (a)0° अक्षांश
- (b)30° उ० व द०
- (c)60° उ० व द०
- (d)90° (ध्रुव)
उत्तर(b) 30° उ० व द० — अश्व अक्षांश।