“ब्रिटिश साम्राज्य पूरी तरह से सड़ चुका है, हर तरह से भ्रष्ट, अत्याचारी व हीन है।” यह कथन किनके द्वारा किया गया था?
- (a)सिस्टर निवेदिता
- (b)सावित्रीबाई फुले
- (c)एनी बेसेंट
- (d)बाल गंगाधर तिलक
सही उत्तर — (a) सिस्टर निवेदिता। आयोग की उत्तर-कुंजी ब्रिटिश शासन की इस स्पष्टवादी निन्दा का श्रेय सिस्टर निवेदिता को देती है — जिनका जन्म का नाम मार्गरेट एलिज़ाबेथ नोबल था — स्वामी विवेकानन्द की आयरिश-मूल की शिष्या, जो भारत में बस गईं और भारतीय राष्ट्रवादी उद्देश्य की प्रतिबद्ध समर्थक बनीं।
- (b)सावित्रीबाई फुले — 19वीं शताब्दी की एक सामाजिक सुधारक तथा ज्योतिराव फुले के साथ महिला शिक्षा की अग्रदूत; वे जाति-विरोधी तथा शिक्षा कार्य से सम्बद्ध हैं, इस कथन से नहीं।
- (c)एनी बेसेंट — एक थियोसॉफ़िस्ट तथा होम रूल लीग नेता, जो 1917 में कांग्रेस अध्यक्ष बनीं; उत्तर-कुंजी के अनुसार यह कथन जिस व्यक्ति को श्रेय दिया गया है, उससे भिन्न व्यक्ति।
- (d)बाल गंगाधर तिलक — उग्रवादी राष्ट्रवादी, जो 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा' के लिए प्रसिद्ध हैं; उत्तर-कुंजी के अनुसार इस विशेष कथन के रचयिता नहीं।
सिस्टर निवेदिता (मार्गरेट एलिज़ाबेथ नोबल, 1867-1911) एक आयरिश-मूल की समाजसेविका तथा शिक्षिका थीं, जो स्वामी विवेकानन्द की शिष्या बनीं। उन्होंने महिला शिक्षा हेतु कार्य किया और अपने लेखन तथा भाषणों के माध्यम से, ऐसे समय में जब राज की खुली आलोचना करना साहसिक कार्य था, खुलकर भारतीय राष्ट्रवाद का समर्थन किया।
यह प्रश्न एक सुप्रसिद्ध राष्ट्रवादी उद्धरण के श्रेय की परीक्षा लेता है। सभी विकल्प सुधार तथा राष्ट्रवादी युग की महिलाएँ/नेता हैं, अतः निर्णय इस ज्ञान पर टिका है कि निवेदिता — भारतीय स्वतंत्रता की एक विदेशी-मूल की समर्थक — वही हैं जिन्हें उत्तर-कुंजी श्रेय देती है।
- सिस्टर निवेदिता का मूल नाम मार्गरेट एलिज़ाबेथ नोबल था।
- वे स्वामी विवेकानन्द की शिष्या थीं।
- वे आयरिश-मूल की थीं और भारत में महिला शिक्षा के लिए कार्य करती थीं।
- वे भारतीय राष्ट्रवादी आन्दोलन की एक सक्रिय समर्थक थीं।
- यह मान लेना कि एक तीखा ब्रिटिश-विरोधी उद्धरण किसी पुरुष उग्रवादी नेता जैसे तिलक का ही होना चाहिए
- सिस्टर निवेदिता को एनी बेसेंट से भ्रमित करना (दोनों भारत में विदेशी-मूल की महिलाएँ थीं)
MPPSC तथा UPSC 'यह किसने कहा/लिखा' उद्धरण-श्रेय प्रश्न पूछते हैं तथा सुधारकों/राष्ट्रवादियों को उनकी पहचान व गुरुओं से मिलान कराते हैं।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सिस्टर निवेदिता किस आध्यात्मिक गुरु की शिष्या थीं?
- (a)स्वामी विवेकानन्द
- (b)दयानन्द सरस्वती
- (c)श्री अरविन्द
- (d)रवीन्द्रनाथ टैगोर
उत्तर(a) स्वामी विवेकानन्द — उनके मार्गदर्शन में उन्होंने 'निवेदिता' नाम धारण किया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सिस्टर निवेदिता का मूल नाम क्या था?
- (a)मार्गरेट एलिज़ाबेथ नोबल
- (b)मेडेलिन स्लेड
- (c)एनी वुड
- (d)मीरा अल्फ़ासा
उत्तर(a) मार्गरेट एलिज़ाबेथ नोबल — शेष क्रमशः मीराबेन, एनी बेसेंट तथा 'द मदर' हैं।