वर्ष 2021 में, भारत की गणतंत्र दिवस परेड में, निम्नलिखित में से किस देश के त्रि-सेना दस्ते (ट्राइ-सर्विस कंटिनजेंट) ने भाग लिया ?
- (a)म्याँमार
- (b)नेपाल
- (c)भूटान
- (d)बाँग्लादेश
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, (d) बाँग्लादेश । वर्ष 2021 की गणतंत्र दिवस परेड में बाँग्लादेश के सशस्त्र बलों का त्रि-सेना दस्ता राजपथ पर मार्च करता हुआ दिखाई दिया । ‘त्रि-सेना’ का अर्थ है कि उस दस्ते में थल सेना, नौ सेना और वायु सेना तीनों के सैनिक सम्मिलित थे । यह भागीदारी अकस्मात् नहीं थी ; उसका एक स्पष्ट ऐतिहासिक कारण था । वर्ष 2021 में बाँग्लादेश के मुक्ति संग्राम के पचास वर्ष पूरे हो रहे थे, और भारत उस वर्ष को स्वर्णिम विजय वर्ष के रूप में मना रहा था । दोनों देशों के लिए यह वर्षगाँठ साझा थी, इसलिए मित्र देश के दस्ते को परेड में सम्मिलित करना उस साझी स्मृति का प्रतीकात्मक रूप बना । विदेशी दस्तों का परेड में मार्च करना भारत में कभी-कभार होने वाली बात है, इसलिए यह प्रश्न बनने लायक़ घटना बन जाती है — इससे पहले फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात के दस्ते भी परेड में सम्मिलित हो चुके थे । उस वर्ष की एक और विशेषता यह थी कि महामारी के कारण समारोह में कोई विदेशी मुख्य अतिथि उपस्थित नहीं हो सका, इसलिए मित्र देश की उपस्थिति केवल दस्ते के रूप में रही । इन सब कारणों से यह घटना समसामयिकी के प्रश्नों में लौटती है, और इसका उत्तर विकल्प (d) है । इस उत्तर तक पहुँचने का एक व्यवस्थित रास्ता यह है कि घटना को उसके कारण से जोड़ा जाए । चारों विकल्प भारत के पड़ोसी देश हैं, इसलिए भूगोल से छाँटना संभव नहीं ; निर्णायक प्रश्न यही है कि उस वर्ष कौन-सी वर्षगाँठ भारत और किसी एक पड़ोसी के लिए साझी थी । पचास वर्ष वाली वह वर्षगाँठ केवल एक देश के साथ जुड़ती है, और वही उत्तर बनता है । समसामयिकी में यह आदत बहुत काम आती है, क्योंकि नाम भूल जाते हैं पर कारण देर तक याद रहता है ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)म्याँमार — म्याँमार भारत का पड़ोसी देश है और दोनों के बीच लंबी थल सीमा तथा समुद्री सीमा दोनों हैं, पर उसका कोई त्रि-सेना दस्ता वर्ष 2021 की गणतंत्र दिवस परेड में सम्मिलित नहीं हुआ । यह विकल्प इसलिए रखा गया है कि पड़ोसी देशों के नाम एक साथ रखने पर अभ्यर्थी सामान्य निकटता के आधार पर अनुमान लगाने लगता है । पर परेड में विदेशी दस्ते की भागीदारी सामान्य पड़ोस की नहीं, किसी विशेष अवसर या वर्षगाँठ की बात होती है । इसलिए ऐसे प्रश्न में यह पूछिए कि उस वर्ष कौन-सी वर्षगाँठ या विशेष अवसर था — यहाँ वह मुक्ति संग्राम के पचास वर्ष थे, और वही देश उत्तर बना ।
- (b)नेपाल — नेपाल के साथ भारत के सैन्य संबंध पुराने और घनिष्ठ हैं, और दोनों सेनाओं के बीच कई परंपराएँ भी हैं, पर वर्ष 2021 की परेड में नेपाल का त्रि-सेना दस्ता सम्मिलित नहीं हुआ । यह विकल्प उन अभ्यर्थियों को खींचता है जो सैन्य संबंधों की घनिष्ठता को परेड की भागीदारी मान लेते हैं । दोनों बातें अलग हैं : सैन्य सहयोग निरंतर चलता रहता है, जबकि परेड में दस्ता भेजना एक विशेष प्रतीकात्मक अवसर होता है और वह प्रायः किसी बड़ी वर्षगाँठ से जुड़ा रहता है । इस प्रकार के प्रश्नों में तिथि, वर्ष और अवसर तीनों को एक साथ याद रखना ही सुरक्षित है ।
- (c)भूटान — भूटान भारत का निकट मित्र देश है और दोनों के बीच गहरे संबंध हैं, पर वर्ष 2021 की गणतंत्र दिवस परेड में उसका त्रि-सेना दस्ता सम्मिलित नहीं हुआ । यहाँ एक और बात ध्यान देने योग्य है : परेड में विदेशी दस्ते की भागीदारी और परेड में मुख्य अतिथि का आना दो अलग-अलग बातें हैं, और प्रश्न स्पष्ट रूप से दस्ते की बात कर रहा है । कई बार किसी देश का राष्ट्राध्यक्ष मुख्य अतिथि होता है पर उसका कोई दस्ता नहीं आता, और कभी दस्ता आता है । इसलिए ऐसे प्रश्न पढ़ते समय यह देखिए कि पूछा गया क्या है — अतिथि, दस्ता, या झाँकी — क्योंकि तीनों के उत्तर अलग-अलग होते हैं ।
अवधारणा
गणतंत्र दिवस की परेड भारत का सबसे बड़ा राजकीय समारोह है और वह हर वर्ष छब्बीस जनवरी को होती है, क्योंकि उसी दिन वर्ष 1950 में संविधान लागू हुआ था । परेड में तीनों सेनाओं की टुकड़ियाँ, अर्ध-सैनिक बल, राज्यों तथा मंत्रालयों की झाँकियाँ और विद्यालयों के दल सम्मिलित होते हैं । परंपरा यह भी है कि किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है, और यह निमंत्रण उस वर्ष की विदेश नीति की प्राथमिकताओं का संकेत माना जाता है । कुछ अवसरों पर किसी मित्र देश की सेना का दस्ता भी परेड में मार्च करता है, और यह सामान्य नहीं, विशेष बात होती है — इसीलिए वह समाचारों में और परीक्षा में दोनों जगह आती है । वर्ष 2021 का प्रसंग बाँग्लादेश के मुक्ति संग्राम की पचासवीं वर्षगाँठ से जुड़ा था, जिसे भारत में स्वर्णिम विजय वर्ष कहा गया । यह भी याद रखिए कि गणतंत्र दिवस से जुड़े समारोहों का समापन उनतीस जनवरी को होने वाले बीटिंग रिट्रीट से होता है ।
समसामयिकी के प्रश्न प्रायः एक विशिष्ट वर्ष की विशिष्ट घटना पर टिके होते हैं, और उन्हें हल करने का सबसे भरोसेमंद तरीक़ा घटना को उसके कारण से जोड़ना है । केवल यह याद रखना कि किसी वर्ष कौन आया, कठिन है ; पर यह याद रखना कि उस वर्ष कौन-सी वर्षगाँठ थी, कहीं सरल है और वही उत्तर तक पहुँचा देता है । यहाँ चारों विकल्प भारत के पड़ोसी देश हैं, इसलिए भूगोल के आधार पर छाँटना संभव नहीं ; निर्णायक बात केवल यह है कि उस वर्ष कौन-सी वर्षगाँठ भारत और किस देश के लिए साझी थी । एक और सावधानी शब्दों की है : प्रश्न ‘त्रि-सेना दस्ते’ की बात कर रहा है, मुख्य अतिथि की नहीं, और परीक्षा में दोनों पर अलग-अलग प्रश्न बनते हैं । हिन्दी स्तंभ में अंग्रेज़ी पद का देवनागरी लिप्यंतरण कोष्ठक में साथ दिया गया है, जो अंग्रेज़ी स्तंभ में नहीं है ; इससे अर्थ नहीं बदलता, केवल पद पहचानने में सुविधा होती है ।
मुख्य तथ्य
- वर्ष 2021 की गणतंत्र दिवस परेड में बाँग्लादेश के सशस्त्र बलों का त्रि-सेना दस्ता सम्मिलित हुआ, जिसमें थल, नौ तथा वायु तीनों सेनाओं के सैनिक थे ।
- उस वर्ष बाँग्लादेश के मुक्ति संग्राम के पचास वर्ष पूरे हो रहे थे, और भारत उस अवधि को स्वर्णिम विजय वर्ष के रूप में मना रहा था ।
- विदेशी दस्तों का परेड में मार्च करना कभी-कभार होने वाली बात है ; इससे पहले फ्रांस तथा संयुक्त अरब अमीरात के दस्ते भी परेड में सम्मिलित हो चुके हैं ।
- वर्ष 2021 के समारोह में महामारी के कारण कोई विदेशी मुख्य अतिथि उपस्थित नहीं हो सका, इसलिए मित्र देश की उपस्थिति केवल दस्ते के रूप में रही ।
- गणतंत्र दिवस छब्बीस जनवरी को मनाया जाता है, क्योंकि उसी दिन वर्ष 1950 में संविधान लागू हुआ था ; समारोहों का समापन उनतीस जनवरी के बीटिंग रिट्रीट से होता है ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- पड़ोसी होने को भागीदारी मान लेना । चारों विकल्प पड़ोसी देश हैं, इसलिए भूगोल के आधार पर छाँटना यहाँ संभव नहीं ।
- मुख्य अतिथि और दस्ते को एक मान लेना । दोनों अलग-अलग बातें हैं और परीक्षा में दोनों पर अलग-अलग प्रश्न बनते हैं ।
- घटना को कारण से न जोड़ना । उस वर्ष की वर्षगाँठ याद रखने पर उत्तर स्वयं निकल आता है, केवल नाम याद रखने से नहीं ।
गणतंत्र दिवस और राष्ट्रीय समारोहों पर प्रश्न चार साँचों में आते हैं । पहला साँचा यही है — किसी वर्ष कौन-सा देश या दस्ता सम्मिलित हुआ, जहाँ उत्तर उस वर्ष की किसी वर्षगाँठ से जुड़ा रहता है । दूसरा साँचा मुख्य अतिथि का है : किस वर्ष कौन मुख्य अतिथि था, और उससे विदेश नीति की दिशा कैसे पढ़ी जाती है । तीसरा साँचा तिथियों का है — गणतंत्र दिवस, बीटिंग रिट्रीट, सेना दिवस तथा अन्य राष्ट्रीय दिवस और उनका कारण । चौथा साँचा प्रतीकों का है, जिसमें झाँकियों का विषय, पुरस्कारों के नाम या समारोह की किसी परंपरा पर प्रश्न बनता है । चारों की तैयारी के लिए हर वर्ष की एक छोटी सूची बनाइए जिसमें मुख्य अतिथि, कोई विशेष भागीदारी और उस वर्ष की प्रमुख वर्षगाँठ लिखी हो । कारण के साथ याद रखी गई घटना बहुत लंबे समय तक टिकती है ।
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EPFO_EOAO_2020_Q98खोलें व हल करें →UNESCO has been observing February 21 as the International Mother Language Day since 2000. The idea to celebrate the International Mother Language Day was the initiative of which of the following nations ?
- (a) Sri Lanka
- (b) Bangladesh
- (c) India
- (d) Nepal
उत्तर(b) Bangladesh
इसी प्रश्नपत्र का दूसरा प्रश्न, जिसका उत्तर भी बाँग्लादेश है — अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने का प्रस्ताव किस देश से आया, अर्थात् वही भाषा-आंदोलन जो मुक्ति संग्राम की पृष्ठभूमि बना ।
EPFO_EOAO_2020_Q112खोलें व हल करें →Which day has been declared by the Government of India to be celebrated every year as “Parakram Diwas” ?
- (a) 23 January
- (b) 14 April
- (c) 28 May
- (d) 25 December
उत्तर(a) 23 January
उसी दौर की समसामयिकी का एक और प्रश्न — वह तिथि जिसे सरकार ने प्रतिवर्ष पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की, और जो गणतंत्र दिवस से कुछ ही दिन पहले पड़ती है ।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
वर्ष 2021 का गणतंत्र दिवस भारत तथा बाँग्लादेश दोनों देशों के लिए विशेष क्यों माना गया था ?
- (a)उस वर्ष बाँग्लादेश की स्थापना की शताब्दी पूरी हो रही थी
- (b)उस वर्ष वर्ष 1971 के मुक्ति संग्राम के पचास वर्ष पूरे हो रहे थे
- (c)उसी वर्ष दोनों देशों के बीच पहली संधि पर हस्ताक्षर हुए थे
- (d)उसी वर्ष दोनों देशों के बीच पहला सैन्य अभ्यास आरंभ हुआ था
उत्तर(b) उस वर्ष वर्ष 1971 के मुक्ति संग्राम के पचास वर्ष पूरे हो रहे थे — भारत में इसी अवधि को स्वर्णिम विजय वर्ष के रूप में मनाया गया ।
- practice — not a real PYQ
भारत में गणतंत्र दिवस से जुड़े राजकीय समारोहों का औपचारिक समापन निम्नलिखित में से किस आयोजन से होता है ?
- (a)बीटिंग रिट्रीट समारोह से
- (b)सेना दिवस की परेड से
- (c)राष्ट्रीय एकता दिवस से
- (d)स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण से
उत्तर(a) बीटिंग रिट्रीट समारोह से — वह उनतीस जनवरी को होता है और उसी के साथ गणतंत्र दिवस के समारोहों की शृंखला समाप्त मानी जाती है ।