वह न्यूनतम और अधिकतम आयु कितने वर्ष है, जिसमें कोई अभिदाता अटल पेंशन योजना में सम्मिलित हो सकता है ?
- (a)क्रमश: 21 वर्ष और 58 वर्ष
- (b)क्रमश: 18 वर्ष और 40 वर्ष
- (c)क्रमश: 18 वर्ष और 50 वर्ष
- (d)क्रमश: 21 वर्ष और 60 वर्ष
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, (b) क्रमश: 18 वर्ष और 40 वर्ष । अटल पेंशन योजना में अभिदाता बनने के लिए न्यूनतम आयु अठारह वर्ष और अधिकतम आयु चालीस वर्ष है । ये दोनों संख्याएँ मनमानी नहीं हैं, बल्कि योजना के अपने गणित से निकलती हैं, और यही बात इस प्रश्न को केवल याद रखने का नहीं, समझने का प्रश्न बना देती है । योजना साठ वर्ष की आयु से मासिक पेंशन देने का वचन देती है — एक हज़ार, दो हज़ार, तीन हज़ार, चार हज़ार या पाँच हज़ार रुपये प्रति माह, जो अभिदाता स्वयं चुनता है, और जिसकी गारंटी भारत सरकार देती है । अब यदि प्रवेश की अंतिम आयु चालीस वर्ष है और पेंशन साठ वर्ष से मिलनी है, तो हर अभिदाता कम से कम बीस वर्ष अंशदान करेगा । बीस वर्ष का यह न्यूनतम अंशदान-काल ही वह आधार है जिस पर गारंटीशुदा पेंशन का पूरा हिसाब टिका है ; प्रवेश की आयु बढ़ाते ही वह आधार टूट जाता है । इसीलिए ऊपरी सीमा चालीस पर रुकती है, पचास पर नहीं । अठारह वर्ष की निचली सीमा का कारण सीधा है — योजना में खाता खोलने के लिए वयस्क होना आवश्यक है । योजना का शेष ढाँचा भी इसी तर्क से चलता है । यह पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के ढाँचे पर संचालित होती है और 9 मई 2015 को स्वावलंबन योजना के स्थान पर आरंभ की गई थी । अभिदाता की मृत्यु पर पेंशन उसके जीवनसाथी को मिलती है, और जीवनसाथी की मृत्यु पर संचित निधि नामनिर्देशिती को दे दी जाती है । आरंभ के वर्षों में सरकार का सह-अंशदान भी था — अभिदाता के अंशदान का पचास प्रतिशत या एक हज़ार रुपये वार्षिक, जो भी कम हो — किंतु वह केवल पाँच वर्ष के लिए और केवल उन अभिदाताओं के लिए था जो 1 जून 2015 से 31 मार्च 2016 के बीच जुड़े, आयकर नहीं देते थे और किसी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत नहीं आते थे ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)क्रमश: 21 वर्ष और 58 वर्ष — इस विकल्प के दोनों अंक ग़लत हैं, पर दूसरा अंक ऐसा है जिसकी जड़ EPFO के अपने कामकाज में है — और यही इसे पढ़ने योग्य बनाता है । अट्ठावन वर्ष कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 में अधिवर्षिता पेंशन की आयु है । उसी योजना में पचास वर्ष से अट्ठावन वर्ष के बीच लघु पेंशन ली जा सकती है, जिसमें अट्ठावन से जितने वर्ष कम, उतने चार प्रतिशत की कटौती होती है, और अट्ठावन के बाद साठ तक टालने पर प्रति वर्ष चार प्रतिशत की वृद्धि मिलती है । अभ्यर्थी ने ये दोनों योजनाएँ एक ही अध्याय में पढ़ी होती हैं, इसलिए अट्ठावन यहाँ आकर बैठ जाता है । दोनों को अलग रखिए : अट्ठावन उस योजना में पेंशन शुरू होने की आयु है, जबकि यहाँ प्रश्न योजना में सम्मिलित होने की आयु का है । इक्कीस वर्ष का तो अटल पेंशन योजना में कोई आधार ही नहीं ।
- (c)क्रमश: 18 वर्ष और 50 वर्ष — यह चारों में सबसे कठिन विकल्प है, क्योंकि इसका आधा हिस्सा ठीक है । निचली आयु अठारह वर्ष सही दी गई है और केवल ऊपरी आयु बदल दी गई है — चालीस के स्थान पर पचास । ऐसे विकल्प उसी अभ्यर्थी को फँसाते हैं जिसे एक सिरा याद है और दूसरा नहीं, और वह पहले सिरे को देखकर आश्वस्त हो जाता है । यहाँ जाँच का तरीक़ा योजना का गणित है । पेंशन साठ वर्ष से देय है ; यदि प्रवेश पचास वर्ष तक हो सकता, तो किसी अभिदाता के पास केवल दस वर्ष का अंशदान-काल होता, जबकि गारंटीशुदा पेंशन की गणना कम से कम बीस वर्ष के अंशदान पर टिकी है । अर्थात् पचास वाली सीमा योजना के अपने ढाँचे से टकराती है । इसीलिए दोनों सिरे साथ याद कीजिए, और उनके बीच का अंतर भी ।
- (d)क्रमश: 21 वर्ष और 60 वर्ष — यहाँ साठ वर्ष का अंक सही है, पर वह प्रश्न के उत्तर की जगह पर नहीं बैठता — और यही इस विकल्प की चाल है । साठ वर्ष अटल पेंशन योजना में वह आयु है जिससे मासिक पेंशन मिलनी शुरू होती है, न कि वह आयु जिस तक योजना में सम्मिलित हुआ जा सकता है । अभ्यर्थी को साठ का अंक परिचित लगता है, इसलिए वह उसे किसी भी रिक्त स्थान में रख देता है । योजना की तीन आयु-संख्याओं को अलग-अलग खाने में रखिए : अठारह वर्ष प्रवेश की न्यूनतम आयु, चालीस वर्ष प्रवेश की अधिकतम आयु, और साठ वर्ष पेंशन आरंभ होने की आयु । इक्कीस वर्ष इनमें कहीं नहीं है । जहाँ भी किसी योजना में एक से अधिक आयु-संख्याएँ हों, वहाँ हर संख्या के साथ यह लिखिए कि वह किस घटना की आयु है ।
अवधारणा
अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए बनाई गई अंशदायी पेंशन योजना है, जिसे 9 मई 2015 को स्वावलंबन योजना के स्थान पर आरंभ किया गया । इसे पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण संचालित करता है और यह राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के ढाँचे पर चलती है । कोई भी बैंक या डाकघर बचत खाता रखने वाला नागरिक अठारह वर्ष से चालीस वर्ष की आयु के बीच इसमें सम्मिलित हो सकता है । अभिदाता स्वयं चुनता है कि उसे साठ वर्ष की आयु से एक हज़ार, दो हज़ार, तीन हज़ार, चार हज़ार या पाँच हज़ार रुपये में से कौन-सी मासिक पेंशन चाहिए, और उसी चुनाव तथा प्रवेश की आयु से उसका मासिक अंशदान तय होता है — जितनी देर से जुड़िए, अंशदान उतना अधिक । न्यूनतम पेंशन की गारंटी भारत सरकार देती है, अर्थात् निवेश पर प्रतिफल कम रहा तो अंतर सरकार भरती है । अभिदाता की मृत्यु पर वही पेंशन जीवनसाथी को मिलती रहती है, और जीवनसाथी की मृत्यु पर संचित निधि नामनिर्देशिती को लौटा दी जाती है । आरंभिक वर्षों में सरकार का सह-अंशदान भी उपलब्ध था — अभिदाता के अंशदान का पचास प्रतिशत या एक हज़ार रुपये वार्षिक, जो भी कम हो — किंतु वह पाँच वर्ष के लिए और केवल उन्हीं अभिदाताओं के लिए था जो 1 जून 2015 से 31 मार्च 2016 के बीच जुड़े, आयकरदाता नहीं थे और किसी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत नहीं आते थे ।
जन सुरक्षा की तीन योजनाएँ — प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना — एक साथ घोषित हुई थीं और परीक्षा में भी प्राय: एक साथ पूछी जाती हैं, इसलिए उनके आँकड़े आपस में गड्डमड्ड होना सबसे आम चूक है । उन्हें अलग रखने का सरल तरीक़ा यह है कि हर योजना के लिए तीन बातें अलग-अलग लिखी जाएँ — पात्रता की आयु, देय अंशदान या प्रीमियम, और मिलने वाला लाभ । अटल पेंशन योजना में पात्रता की आयु अठारह से चालीस है, अंशदान अभिदाता की चुनी हुई पेंशन तथा प्रवेश-आयु से तय होता है, और लाभ साठ वर्ष से मिलने वाली गारंटीशुदा मासिक पेंशन है । EPFO की परीक्षा के लिए यह योजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि उसका कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 से सीधा विरोधाभास बनता है — वह नियोजन-आधारित और नियोजक के अंशदान से चलने वाली योजना है, जबकि यह किसी भी नागरिक के लिए खुली और स्वयं अभिदाता के अंशदान से चलने वाली योजना है । इसी प्रश्नपत्र में पिछला प्रश्न सुकन्या समृद्धि योजना की जमा-सीमा पर है, अर्थात् आयोग ने सामाजिक सुरक्षा की दो योजनाओं को लगातार दो प्रश्नों में रखा है ।
मुख्य तथ्य
- अटल पेंशन योजना में सम्मिलित होने की न्यूनतम आयु अठारह वर्ष और अधिकतम आयु चालीस वर्ष है ; पेंशन साठ वर्ष की आयु से देय होती है ।
- प्रवेश की अधिकतम आयु चालीस होने से हर अभिदाता के लिए कम से कम बीस वर्ष का अंशदान-काल सुनिश्चित हो जाता है, जिस पर गारंटीशुदा पेंशन का हिसाब टिका है ।
- अभिदाता एक हज़ार, दो हज़ार, तीन हज़ार, चार हज़ार या पाँच हज़ार रुपये प्रति माह में से अपनी पेंशन चुनता है, और उसी चुनाव तथा प्रवेश-आयु से अंशदान तय होता है ।
- न्यूनतम पेंशन की गारंटी भारत सरकार देती है ; योजना पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के ढाँचे पर संचालित होती है ।
- योजना 9 मई 2015 को स्वावलंबन योजना के स्थान पर आरंभ की गई थी और मुख्यत: असंगठित क्षेत्र के कामगारों को लक्ष्य करती है ।
- अभिदाता की मृत्यु पर वही पेंशन जीवनसाथी को मिलती है, और जीवनसाथी की मृत्यु पर संचित निधि नामनिर्देशिती को दे दी जाती है ।
- सरकार का सह-अंशदान अभिदाता के अंशदान का पचास प्रतिशत या एक हज़ार रुपये वार्षिक, जो भी कम हो, था — पाँच वर्ष के लिए और केवल 1 जून 2015 से 31 मार्च 2016 के बीच जुड़ने वालों के लिए ।
- सह-अंशदान उन्हीं को मिला जो आयकरदाता नहीं थे और किसी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत नहीं आते थे ।
- कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 में अधिवर्षिता पेंशन की आयु अट्ठावन वर्ष है ; पचास से अट्ठावन के बीच लघु पेंशन पर प्रति वर्ष चार प्रतिशत की कटौती और अट्ठावन के बाद साठ तक टालने पर प्रति वर्ष चार प्रतिशत की वृद्धि होती है ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- साठ वर्ष को प्रवेश की अधिकतम आयु मान लेना । साठ वह आयु है जिससे पेंशन मिलनी शुरू होती है, प्रवेश की सीमा चालीस है ।
- कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 की अट्ठावन वर्ष वाली अधिवर्षिता आयु को इस योजना पर लगा देना — दोनों अलग योजनाएँ हैं ।
- आधा सही विकल्प देखकर संतुष्ट हो जाना । अठारह वर्ष तीन विकल्पों में से दो में सही है ; भेद ऊपरी सीमा से बनता है ।
- यह भूल जाना कि सह-अंशदान अब सबके लिए नहीं है — वह पाँच वर्ष के लिए और एक निश्चित अवधि में जुड़ने वालों के लिए था ।
- अंशदान की राशि को निश्चित मान लेना । वह चुनी हुई पेंशन और प्रवेश की आयु दोनों से बदलती है ।
आयु-सीमा पूछने वाले प्रश्न सामाजिक सुरक्षा के खंड में सबसे अधिक आते हैं, और उनमें आयोग की पसंदीदा चाल यह है कि दो सिरों में से एक सही रख दिया जाए और दूसरा बदल दिया जाए । इस प्रश्न में तीन विकल्पों में से दो अठारह वर्ष से शुरू होते हैं, इसलिए निचला सिरा देखकर उत्तर तय करने वाला अभ्यर्थी आधे रास्ते में फँस जाता है । उपाय यह है कि योजना की हर आयु-संख्या के साथ यह भी याद रखा जाए कि वह किस घटना की आयु है — प्रवेश की, पेंशन आरंभ की, या किसी लाभ की पात्रता की । दूसरी बात इस प्रश्न की छपाई से जुड़ी है । चारों विकल्प क्रमश: शब्द से शुरू होते हैं, और वह शब्द बताता है कि पहली संख्या न्यूनतम आयु है और दूसरी अधिकतम — यदि इसे छोड़कर पढ़ा जाए तो दो संख्याओं का अर्थ ही उलट सकता है । जोड़ी में उत्तर देने वाले विकल्पों में हमेशा पहले यह तय कीजिए कि किस स्थान पर कौन-सी राशि आनी है, तभी विकल्प मिलाइए । और अंत में, इस प्रकार की योजनाओं को उनके गणित के साथ याद कीजिए : चालीस और साठ के बीच का बीस वर्ष का अंतर ही बताता है कि ऊपरी सीमा चालीस ही क्यों है ।
संबंधित PYQ
EPFO_EOAO_2020_Q104खोलें व हल करें →Under Sukanya Samriddhi Yojana, what is the maximum amount that can be deposited during a financial year ?
- (a) ₹ 1·5 lakh
- (b) ₹ 1 lakh
- (c) ₹ 2 lakh
- (d) ₹ 2·5 lakh
उत्तर(a) ₹ 1·5 lakh
इसी खंड का पिछला प्रश्न — सुकन्या समृद्धि योजना की वार्षिक जमा-सीमा, सामाजिक सुरक्षा का दूसरा आँकड़ा-प्रश्न ।
EPFO_EOAO_2017_Q89Which one of the following statements is not correct for Atal Pension Yojana?
- (a) There is guaranteed minimum monthly pension for the subscribers ranging between ₹ 1,000 and ₹ 5,000 per month.
- (b) The benefit of minimum pension would be guaranteed by the Government of India.
- (c) Government of India co-contributes 50% of the subscriber’s contribution or ₹ 1,000 per annum, whichever is lower.
- (d) It is applicable to all citizens of India aged above 40 years.
उत्तर(d) It is applicable to all citizens of India aged above 40 years.
अटल पेंशन योजना के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है — इसी योजना पर 2017 के प्रश्नपत्र का कथन-आधारित प्रश्न ।
EPFO_EOAO_2017_Q90Which one of the following is the amount of annual premium of the Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana (PMSBY) for accident and disability cover up to ₹ 2,00,000?
- (a) ₹ 100
- (b) ₹ 50
- (c) ₹ 20
- (d) ₹ 12
उत्तर(d) ₹ 12
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का वार्षिक प्रीमियम — जन सुरक्षा की उसी तिकड़ी की दूसरी योजना ।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
अटल पेंशन योजना के अधीन कोई अभिदाता साठ वर्ष की आयु के बाद निम्नलिखित में से किस मासिक पेंशन को नहीं चुन सकता ?
- (a)₹ 1,000 प्रति माह
- (b)₹ 3,000 प्रति माह
- (c)₹ 5,000 प्रति माह
- (d)₹ 7,000 प्रति माह
उत्तर(d) ₹ 7,000 प्रति माह — योजना में विकल्प एक हज़ार से पाँच हज़ार रुपये तक ही हैं ।
- practice — not a real PYQ
अटल पेंशन योजना में प्रवेश की अधिकतम आयु और पेंशन आरंभ होने की आयु को देखते हुए, किसी अभिदाता के लिए न्यूनतम अंशदान-काल कितने वर्ष का होता है ?
- (a)10 वर्ष
- (b)15 वर्ष
- (c)20 वर्ष
- (d)25 वर्ष
उत्तर(c) 20 वर्ष — प्रवेश की अधिकतम आयु चालीस और पेंशन साठ वर्ष से, अर्थात् कम से कम बीस वर्ष का अंशदान ।