एक स्टैंडअप उद्यम कहाँ स्थापित किया जा सकता है? 1. कृषि क्षेत्र 2. विनिर्माण क्षेत्र 3. सेवा क्षेत्र 4. व्यापार क्षेत्र नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- (a)1, 2 और 4
- (b)1, 3 और 4
- (c)1, 2 और 3
- (d)2, 3 और 4
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, (d) 2, 3 और 4। यह कथन-आधारित प्रश्न है, इसलिए चारों मदों का अलग-अलग निर्णय करना ही सही रास्ता है, और उसके बाद कूट मिलाया जाए।
मद 1 — कृषि क्षेत्र: सम्मिलित नहीं। स्टैंडअप इंडिया कार्यक्रम, जो 5 अप्रैल 2016 को आरंभ हुआ, अपने मूल स्वरूप में तीन क्षेत्रों के लिए था और कृषि उनमें नहीं थी। इसका कारण यह है कि कृषि के लिए ऋण की अलग तथा पुरानी व्यवस्थाएँ पहले से मौजूद हैं — किसान क्रेडिट कार्ड, फ़सल ऋण, तथा प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र के अंतर्गत कृषि के लिए अलग लक्ष्य — इसलिए इस कार्यक्रम को नए उद्यम खड़े करने की दिशा में केंद्रित रखा गया।
मद 2 — विनिर्माण क्षेत्र: सम्मिलित। कोई भी नया विनिर्माण उद्यम इस कार्यक्रम के अंतर्गत ऋण का पात्र है।
मद 3 — सेवा क्षेत्र: सम्मिलित। सेवाओं का उद्यम भी इसी प्रकार पात्र है, और व्यवहार में इस कार्यक्रम के अंतर्गत बड़ी संख्या में ऋण इसी क्षेत्र में गए।
मद 4 — व्यापार क्षेत्र: सम्मिलित। व्यापार अर्थात् क्रय-विक्रय का उद्यम भी पात्र है, जो इस कार्यक्रम की एक उदार विशेषता है, क्योंकि अनेक ऋण-योजनाएँ व्यापार को बाहर रखती हैं।
अर्थात् तीन क्षेत्र सम्मिलित हैं और एक नहीं; कूट में यही संयोजन विकल्प (d) में है। इस कार्यक्रम की दो और शर्तें ध्यान में रखने योग्य हैं, क्योंकि उन्हीं पर इसी पेपर का प्रश्न 55 टिका है: ऋण दस लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक का होता है, और प्रत्येक बैंक शाखा से कम-से-कम एक अनुसूचित जाति या जनजाति के ऋणी तथा कम-से-कम एक महिला ऋणी को ऋण देने की अपेक्षा की जाती है। साथ ही ऋण नए, अर्थात् 'ग्रीनफ़ील्ड' उद्यम के लिए होता है — पहले से चल रहे कारोबार के विस्तार के लिए नहीं। यह भी ध्यान दीजिए कि हिन्दी स्तंभ में यह प्रश्न पूरा प्रश्न-वाक्य है और प्रश्नचिह्न पर समाप्त होता है, जबकि अंग्रेज़ी स्तंभ वहाँ वाक्य-पूर्ति के रूप में टूटता है। अतः विकल्प (d) ही सही है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)1, 2 और 4 — यह विकल्प मद 1 अर्थात् कृषि क्षेत्र को सम्मिलित करता है और मद 3 अर्थात् सेवा क्षेत्र को छोड़ देता है — दोनों निर्णय ग़लत हैं। कृषि इस कार्यक्रम के मूल दायरे में नहीं थी, क्योंकि कृषि-ऋण के लिए अलग तथा पुरानी व्यवस्थाएँ पहले से हैं। और सेवा क्षेत्र को छोड़ देना विशेष रूप से ग़लत है, क्योंकि नए उद्यमों में सेवाओं का हिस्सा सबसे बड़ा रहता है — छोटे स्तर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, मरम्मत, परिवहन, खान-पान और सूचना-प्रौद्योगिकी से जुड़े उद्यम इसी श्रेणी में आते हैं और उन्हें बाहर रखने का कोई कारण नहीं था। कथन-आधारित प्रश्न में ऐसा विकल्प इसीलिए बनाया जाता है कि एक सही मद के साथ एक ग़लत मद जोड़ दी जाए और सतही पाठक उसे स्वीकार कर ले।
- (b)1, 3 और 4 — यह विकल्प भी मद 1 को सम्मिलित करता है, और साथ ही मद 2 अर्थात् विनिर्माण क्षेत्र को छोड़ देता है। दूसरी भूल पहली से भी बड़ी है, क्योंकि इस प्रकार के उद्यम-ऋण कार्यक्रमों का सबसे स्पष्ट लक्ष्य ही नए विनिर्माण उद्यम खड़े करना होता है — वही रोज़गार भी बनाते हैं और स्थायी परिसंपत्ति भी। किसी ऐसे कार्यक्रम की कल्पना कठिन है जो सेवाओं तथा व्यापार को ले और विनिर्माण को छोड़ दे। इसलिए यह विकल्प भीतर से ही असंगत है। कथन-प्रश्नों में यह जाँच बहुत काम आती है: यदि किसी विकल्प का संयोजन नीति के उद्देश्य से ही टकराता हो, तो वह प्रायः ग़लत होता है, चाहे शेष मदें सही ही क्यों न हों।
- (c)1, 2 और 3 — यह विकल्प मद 4 अर्थात् व्यापार क्षेत्र को छोड़ देता है और मद 1 अर्थात् कृषि को सम्मिलित कर लेता है — अर्थात् दोनों निर्णय उलटे हैं। यही इस प्रश्न का सबसे प्रबल भ्रम है, क्योंकि अनेक ऋण-योजनाओं में व्यापार को सचमुच बाहर रखा जाता है, इसलिए अभ्यर्थी को लगता है कि यहाँ भी ऐसा ही होगा। पर स्टैंडअप इंडिया इस मामले में उदार है और व्यापार के उद्यम को स्पष्ट रूप से पात्र मानता है। दूसरी ओर कृषि, जो सुनने में सबसे स्वाभाविक लगती है, इस कार्यक्रम के मूल दायरे से बाहर थी। यह जोड़ा — जिसे अंदर होना चाहिए वह बाहर और जिसे बाहर वह अंदर — इस प्रकार के प्रश्नों की सबसे आम बनावट है, और उससे बचने का एक ही तरीक़ा है कि योजना के दिशा-निर्देश शब्दशः याद रखे जाएँ।
अवधारणा
स्टैंडअप इंडिया कार्यक्रम का ढाँचा चार शर्तों पर टिका है और उन्हें एक साथ याद रखना चाहिए। पहली, लाभार्थी की श्रेणी — प्रत्येक बैंक शाखा से कम-से-कम एक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के ऋणी तथा कम-से-कम एक महिला ऋणी को ऋण देने की अपेक्षा। दूसरी, ऋण की सीमा — दस लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक। तीसरी, उद्यम की प्रकृति — ऋण नए अर्थात् 'ग्रीनफ़ील्ड' उद्यम के लिए है, जिसका अर्थ है कि लाभार्थी उस क्षेत्र में पहली बार उद्यम खड़ा कर रहा हो। चौथी, क्षेत्र — विनिर्माण, सेवाएँ तथा व्यापार। इसके साथ यह भी ध्यान रखिए कि गैर-वैयक्तिक उद्यम के मामले में यह अपेक्षा की जाती है कि नियंत्रक हिस्सेदारी लक्षित श्रेणी के व्यक्ति के पास हो। इस कार्यक्रम को अन्य ऋण-कार्यक्रमों से अलग करना आवश्यक है: मुद्रा योजना छोटे ऋणों की है और उसकी सीमा अलग है, जबकि प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम अनुदान-आधारित है। परीक्षा प्रायः इन्हीं तीनों को एक विकल्प-समूह में रखकर उनकी सीमाएँ तथा लाभार्थी-श्रेणियाँ पूछती है।
यह प्रश्न 2016-17 के उस क्षण से बँधा है जब कार्यक्रम अभी नया था, और उसे उसी रूप में पढ़ना चाहिए जिस रूप में प्रश्न ने पूछा है। आगे चलकर इस कार्यक्रम में कुछ परिवर्तन हुए — 2021-22 के बजट में यह घोषित किया गया कि मार्जिन मनी की अपेक्षा पचीस प्रतिशत से घटाकर पंद्रह प्रतिशत कर दी जाएगी और कृषि से संबद्ध गतिविधियों के लिए भी ऋण इसी कार्यक्रम में शामिल किए जाएँगे। यह जानकारी पृष्ठभूमि के लिए उपयोगी है, पर इस प्रश्न का उत्तर उससे नहीं बदलता, क्योंकि प्रश्न उस समय की व्यवस्था पूछ रहा है और कुंजी उसी के अनुरूप है। यही सावधानी हर समसामयिक प्रश्न पर लागू होती है: पहले यह देखिए कि प्रश्न किस समय-बिंदु की बात कर रहा है, फिर उसी समय-बिंदु की व्यवस्था के अनुसार उत्तर दीजिए, और बाद के परिवर्तनों को अलग से याद रखिए। इसी पेपर में इसी कार्यक्रम पर प्रश्न 55 भी है, जो ऋण की राशि तथा लाभार्थी-श्रेणी पर केंद्रित है।
मुख्य तथ्य
- स्टैंडअप इंडिया कार्यक्रम 5 अप्रैल 2016 को आरंभ हुआ और उसका ऋण नए अर्थात् 'ग्रीनफ़ील्ड' उद्यम के लिए होता है।
- मूल स्वरूप में यह तीन क्षेत्रों के लिए था — विनिर्माण, सेवाएँ तथा व्यापार; कृषि क्षेत्र इसमें सम्मिलित नहीं था।
- ऋण की राशि दस लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक होती है, और यही सीमा इस कार्यक्रम को मुद्रा योजना जैसे छोटे ऋणों की योजनाओं से अलग करती है।
- प्रत्येक बैंक शाखा से कम-से-कम एक अनुसूचित जाति या जनजाति के ऋणी तथा कम-से-कम एक महिला ऋणी को ऋण देने की अपेक्षा की जाती है।
- कृषि को बाहर रखने का कारण यह है कि कृषि-ऋण के लिए किसान क्रेडिट कार्ड तथा प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र के लक्ष्यों जैसी अलग व्यवस्थाएँ पहले से मौजूद हैं।
- गैर-वैयक्तिक उद्यम के मामले में यह अपेक्षा की जाती है कि नियंत्रक हिस्सेदारी लक्षित श्रेणी के व्यक्ति के पास हो।
- 2021-22 के बजट में मार्जिन मनी की अपेक्षा पचीस प्रतिशत से घटाकर पंद्रह प्रतिशत करने तथा कृषि से संबद्ध गतिविधियों को सम्मिलित करने की घोषणा हुई — यह बाद का परिवर्तन है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- कृषि को इस कार्यक्रम में सम्मिलित मान लेना; वह सुनने में स्वाभाविक लगती है, पर मूल दायरे में तीन ही क्षेत्र थे — विनिर्माण, सेवाएँ तथा व्यापार।
- व्यापार क्षेत्र को बाहर मान लेना, क्योंकि अनेक अन्य ऋण-योजनाएँ व्यापार को बाहर रखती हैं; यहाँ वह स्पष्ट रूप से पात्र है।
- बाद के परिवर्तनों को इस प्रश्न पर लागू कर देना; 2021-22 में कृषि से संबद्ध गतिविधियाँ जोड़ी गईं, पर प्रश्न उससे पहले की व्यवस्था पूछ रहा है।
- कूट पहले पढ़ लेना और फिर उसी के अनुसार मदों को तौलना; सही क्रम यह है कि पहले हर मद पर स्वतंत्र निर्णय लिया जाए, तभी कूट देखा जाए।
सरकारी योजनाओं पर बने कथन-आधारित प्रश्न इस परीक्षा का सबसे दुहराया जाने वाला प्रकार है, और उनकी बनावट में एक निश्चित चाल रहती है: सूची में एक ऐसी मद रख दी जाती है जो योजना के उद्देश्य से जुड़ी हुई लगती है पर उसके दायरे में नहीं आती — यहाँ वह मद कृषि है — और एक ऐसी मद रखी जाती है जिसे अभ्यर्थी सामान्यतः बाहर मान लेता है — यहाँ वह व्यापार है। इसलिए तैयारी में योजना के दिशा-निर्देशों की भाषा को शब्दशः याद रखना ही सबसे कारगर है, विशेषतः पात्रता, राशि की सीमा और क्षेत्रों की सूची। परीक्षा-कक्ष में पद्धति यह हो कि कूट को पहले न देखा जाए; प्रत्येक मद के आगे 'हाँ' या 'नहीं' लिख लिया जाए, और तभी विकल्प देखे जाएँ। जिस मद पर निश्चय हो उसी से आरंभ कीजिए — यहाँ यदि कृषि बाहर है तो केवल एक विकल्प बचता है और शेष तीनों तुरंत कट जाते हैं।
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- (a) 1 only
- (b) 2 only
- (c) Both 1 and 2
- (d) Neither 1 nor 2
उत्तर(b) 2 only
EPFO APFC 2023 में स्टार्टअप तथा 'यूनिकॉर्न' से जुड़े कथनों पर प्रश्न है — उद्यमिता-नीति के इसी क्षेत्र का दूसरा कथन-आधारित प्रश्न।
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- practice — not a real PYQ
स्टैंडअप इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक बैंक शाखा से कितनी राशि तक का ऋण देने की अपेक्षा की जाती है?
- (a)एक लाख से दस लाख रुपये
- (b)दस लाख से एक करोड़ रुपये
- (c)पचास हज़ार से पाँच लाख रुपये
- (d)एक करोड़ से पाँच करोड़ रुपये
उत्तर(b) दस लाख से एक करोड़ रुपये
- practice — not a real PYQ
स्टैंडअप इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत दिया जाने वाला ऋण किस प्रकार के उद्यम के लिए होता है?
- (a)पहले से चल रहे उद्यम के विस्तार के लिए
- (b)नए अर्थात् 'ग्रीनफ़ील्ड' उद्यम के लिए
- (c)केवल निर्यात करने वाले उद्यम के लिए
- (d)केवल सहकारी समितियों के लिए
उत्तर(b) नए अर्थात् 'ग्रीनफ़ील्ड' उद्यम के लिए