निम्नलिखित में से किस स्कीम का उद्देश्य 11–18 वर्ष आयु-वर्ग की किशोरियों का सर्वतोमुखी विकास करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है?
- (a)RGSEAG
- (b)IGMSY
- (c)NMEW
- (d)RMK
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A, (a) RGSEAG। इस संक्षेपाक्षर का पूरा रूप है 'राजीव गांधी स्कीम फ़ॉर एंपावरमेंट ऑफ़ ऐडोलेसेंट गर्ल्स', अर्थात् किशोरियों के सशक्तीकरण की राजीव गांधी योजना, जिसे 'सबला' नाम से भी जाना जाता है। यह योजना 2010 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आरंभ की और उसका लक्ष्य-समूह ठीक वही है जो प्रश्न में दिया गया है — 11 से 18 वर्ष आयु-वर्ग की किशोरियाँ। योजना का उद्देश्य इन किशोरियों का सर्वतोमुखी विकास और आत्मनिर्भरता है, और उसके अंग इस प्रकार हैं: पोषण-सहायता, स्वास्थ्य तथा स्वच्छता की जानकारी, किशोरावस्था से जुड़े प्रजनन तथा यौन स्वास्थ्य की शिक्षा, जीवन-कौशल तथा गृह-आधारित कौशल का विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण, और विद्यालय छोड़ चुकी किशोरियों को फिर से औपचारिक या अनौपचारिक शिक्षा से जोड़ना। इस दृष्टि से योजना के दो स्पष्ट घटक हैं — पोषण से जुड़ा घटक और पोषण से इतर प्रशिक्षण तथा जागरूकता का घटक — और उनका व्यय केंद्र तथा राज्यों के बीच भिन्न अनुपातों में बँटता है। संस्थागत दृष्टि से यह योजना समेकित बाल विकास सेवा के ढाँचे पर, अर्थात् आँगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से चलाई गई, जिससे उसे पहले से बना हुआ पहुँच-तंत्र मिल गया। इसकी रचना दो पुराने कार्यक्रमों — किशोरी शक्ति योजना तथा किशोरियों के लिए पोषण कार्यक्रम — को मिलाकर हुई, और आरंभ में इसे चुने हुए ज़िलों में लागू किया गया, जबकि शेष ज़िलों में किशोरी शक्ति योजना पहले की तरह चलती रही। शेष तीनों विकल्प भी महिला एवं बाल विकास से जुड़ी वास्तविक योजनाएँ या संस्थाएँ हैं, पर उनका लक्ष्य-समूह किशोरियाँ नहीं हैं। अतः विकल्प (a) ही सही है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)IGMSY — IGMSY अर्थात् इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना का लक्ष्य-समूह किशोरियाँ नहीं, बल्कि गर्भवती तथा धात्री महिलाएँ हैं। यह सशर्त मातृत्व लाभ की योजना थी, जिसमें कुछ शर्तें पूरी करने पर — जैसे प्रसव-पूर्व जाँच, संस्थागत प्रसव तथा बच्चे का टीकाकरण — नक़द सहायता दी जाती थी, ताकि गर्भावस्था तथा स्तनपान के दौरान मज़दूरी की हानि की कुछ भरपाई हो सके और माँ तथा शिशु दोनों का पोषण सुधरे। आगे चलकर इसी विचार को नए रूप में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के रूप में लागू किया गया। इस विकल्प को हटाने की कसौटी सीधी है: प्रश्न ने आयु-वर्ग 11 से 18 वर्ष स्पष्ट रूप से दिया है, और यह योजना उस आयु-वर्ग के लिए नहीं, मातृत्व से जुड़ी महिलाओं के लिए है।
- (c)NMEW — NMEW अर्थात् महिला सशक्तीकरण के लिए राष्ट्रीय मिशन एक व्यापक समन्वयकारी पहल थी, किसी एक आयु-वर्ग की लक्षित योजना नहीं। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों तथा विभागों की महिला-केंद्रित योजनाओं में तालमेल बैठाना था, ताकि आर्थिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम एक-दूसरे से जुड़कर काम करें और लाभार्थी तक समग्र सहायता पहुँचे। इसे 2010 में महिला दिवस के अवसर पर आरंभ किया गया था। अर्थात् इसका स्वरूप 'मिशन' का है — रणनीति और अभिसरण का — न कि किशोरियों को पोषण तथा प्रशिक्षण देने वाली सेवा-योजना का। इसीलिए यह प्रश्न का उत्तर नहीं है, यद्यपि विषय-क्षेत्र में वह उसी मंत्रालय के अधीन आता है।
- (d)RMK — RMK अर्थात् राष्ट्रीय महिला कोष एक योजना नहीं, वित्तीय संस्था है। इसकी स्थापना निर्धन महिलाओं तक लघु ऋण पहुँचाने के लिए की गई थी, और उसका तरीक़ा यह है कि वह स्वयंसेवी संगठनों तथा मध्यवर्ती संस्थाओं को धन देता है, जो आगे स्वयं-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को छोटे ऋण उपलब्ध कराती हैं — मुख्यतः आय-अर्जक गतिविधियों, आवास तथा पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए। अर्थात् उसका उद्देश्य ऋण तक पहुँच बनाना है, किशोरियों का सर्वतोमुखी विकास नहीं। इस विकल्प को पहचानने का सरल तरीक़ा यह है कि 'कोष' शब्द पर ध्यान दिया जाए — जहाँ नाम में निधि या कोष हो, वहाँ प्रायः वित्तीय व्यवस्था होती है, सेवा-योजना नहीं।
अवधारणा
किशोरावस्था को नीति में अलग से लक्षित करने का कारण यह है कि यह आयु-वर्ग बचपन तथा वयस्कता के बीच में पड़ता है और प्रायः दोनों प्रकार के कार्यक्रमों से छूट जाता है। बालिकाओं के लिए यह अवधि विशेष रूप से नाज़ुक होती है — यही वह समय है जब विद्यालय छूटने, कम आयु में विवाह, रक्ताल्पता तथा कुपोषण, और घरेलू श्रम के बोझ का जोखिम सबसे अधिक होता है। इसलिए इस आयु-वर्ग के कार्यक्रम प्रायः चार दिशाओं में एक साथ काम करते हैं: पोषण-सहायता, स्वास्थ्य तथा प्रजनन-स्वास्थ्य की जानकारी, शिक्षा से पुनः जोड़ना, और कौशल तथा आत्मनिर्भरता। भारत में इस दिशा के कार्यक्रम समेकित बाल विकास सेवा के ढाँचे पर चलाए जाते रहे हैं, क्योंकि आँगनवाड़ी केंद्र गाँव-स्तर पर पहले से मौजूद हैं और उनके माध्यम से पहुँच बनाना सरल है। परीक्षा में इस विषय पर प्रश्न प्रायः आयु-वर्ग, क्रियान्वयन-मंत्रालय और योजना के घटकों पर बनते हैं, इसलिए इन तीनों को साथ याद रखना उपयोगी है। यही तीनों सूचनाएँ प्रायः प्रश्न के भीतर ही एक-दो के रूप में दे दी जाती हैं।
इस योजना की रचना को समझने के लिए उसका पूर्व-इतिहास देखना उपयोगी है। किशोरियों के लिए पहले दो अलग कार्यक्रम चल रहे थे — एक किशोरी शक्ति योजना, जिसका ज़ोर जागरूकता तथा कौशल पर था, और दूसरा किशोरियों के लिए पोषण कार्यक्रम, जिसका ज़ोर पोषण-सहायता पर। 2010 में इन्हें मिलाकर एक व्यापक योजना बनाई गई, ताकि एक ही मंच से पोषण और प्रशिक्षण दोनों मिल सकें; आरंभ में इसे चुने हुए ज़िलों में लागू किया गया और शेष ज़िलों में पुरानी योजना चलती रही। परीक्षा-दृष्टि से यह भी ध्यान रखने योग्य है कि इसी परिवार की योजनाओं के नाम आगे चलकर बदलते तथा पुनर्गठित होते रहे हैं, इसलिए किसी योजना के बारे में प्रश्न पढ़ते समय यह देखना चाहिए कि प्रश्न किस काल की बात कर रहा है। हिन्दी स्तंभ में यहाँ चारों विकल्प रोमन लिपि के संक्षेपाक्षर ही हैं, देवनागरी में नहीं, और आयु-सीमा '11–18 वर्ष' अंतरराष्ट्रीय अंकों में एन-डैश के साथ छपी है।
मुख्य तथ्य
- RGSEAG का पूरा रूप है किशोरियों के सशक्तीकरण की राजीव गांधी योजना, जिसे 'सबला' भी कहा जाता है; इसका लक्ष्य-समूह 11 से 18 वर्ष आयु-वर्ग की किशोरियाँ हैं।
- यह योजना 2010 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आरंभ की गई और समेकित बाल विकास सेवा के ढाँचे पर, आँगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से चलाई गई।
- इसके उद्देश्य हैं — पोषण तथा स्वास्थ्य में सुधार, स्वच्छता तथा प्रजनन-स्वास्थ्य की जानकारी, जीवन-कौशल तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण, और विद्यालय छोड़ चुकी किशोरियों को शिक्षा से पुनः जोड़ना।
- योजना के दो घटक हैं — पोषण से जुड़ा घटक और पोषण से इतर प्रशिक्षण तथा जागरूकता का घटक — जिनका व्यय केंद्र तथा राज्यों के बीच भिन्न अनुपातों में बँटता है।
- इसकी रचना दो पुराने कार्यक्रमों — किशोरी शक्ति योजना तथा किशोरियों के लिए पोषण कार्यक्रम — को मिलाकर हुई।
- IGMSY गर्भवती तथा धात्री महिलाओं के लिए सशर्त मातृत्व लाभ की योजना थी, जिसे आगे चलकर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के रूप में पुनर्गठित किया गया।
- NMEW महिला-केंद्रित योजनाओं में अभिसरण के लिए बना मिशन था, और RMK निर्धन महिलाओं तक लघु ऋण पहुँचाने वाली वित्तीय संस्था है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- आयु-वर्ग की उपेक्षा करके किसी भी महिला-केंद्रित योजना का संक्षेपाक्षर चुन लेना; '11 से 18 वर्ष' प्रश्न की सबसे निर्णायक सूचना है।
- IGMSY को किशोरियों की योजना मान लेना; उसका लक्ष्य-समूह गर्भवती तथा धात्री महिलाएँ हैं, किशोरियाँ नहीं।
- 'मिशन' और 'योजना' के अंतर को अनदेखा करना; NMEW अभिसरण के लिए बना मिशन था, सीधे सेवा देने वाली योजना नहीं।
- RMK को योजना समझ लेना; वह एक कोष अर्थात् वित्तीय संस्था है, जो स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से लघु ऋण उपलब्ध कराती है।
योजनाओं पर बने प्रश्नों में इस परीक्षा की सबसे आम बनावट यही है कि प्रश्न में योजना का लक्ष्य-समूह या उद्देश्य देकर उसका संक्षेपाक्षर पूछ लिया जाए, और चारों विकल्प एक ही मंत्रालय की योजनाओं के संक्षेपाक्षर रख दिए जाएँ। इससे सामान्य ज्ञान या अनुमान काम नहीं करता; काम आती है एक तालिका जिसमें प्रत्येक योजना के आगे चार सूचनाएँ हों — पूरा नाम, मंत्रालय, आरंभ का वर्ष, और लक्ष्य-समूह। इस प्रश्न में जैसे ही लक्ष्य-समूह 'किशोरियाँ, 11 से 18 वर्ष' पढ़ा जाता है, वैसे ही शेष तीन विकल्प — जिनके लक्ष्य-समूह क्रमशः गर्भवती महिलाएँ, समस्त महिलाएँ और निर्धन महिला ऋणी हैं — बाहर हो जाते हैं। दूसरी उपयोगी आदत यह है कि संक्षेपाक्षर का पूरा रूप हमेशा साथ याद रखा जाए, क्योंकि प्रायः पूरा रूप ही उत्तर का संकेत दे देता है — यहाँ नाम में ही 'ऐडोलेसेंट गर्ल्स' शब्द है।
संबंधित PYQ
EPFO_EOAO_2023_Q106The beneficiaries under the Integrated Child Development Services (ICDS) Scheme are children in the age group of :
- (a) 0 - 6 years
- (b) 0 - 3 years
- (c) 3 - 6 years
- (d) 6 - 15 years
उत्तर(a) 0 - 6 years
EPFO EO/AO 2023 में समेकित बाल विकास सेवा के लाभार्थी बच्चों का आयु-वर्ग पूछा गया है — वही मंत्रालय, वही ढाँचा, आयु-वर्ग पर आधारित प्रश्न।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
किशोरियों के सशक्तीकरण की राजीव गांधी योजना (सबला) किन दो पुराने कार्यक्रमों को मिलाकर बनाई गई थी?
- (a)किशोरी शक्ति योजना तथा किशोरियों के लिए पोषण कार्यक्रम
- (b)इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना तथा जननी सुरक्षा योजना
- (c)राष्ट्रीय महिला कोष तथा स्वाधार गृह
- (d)समेकित बाल विकास सेवा तथा मध्याह्न भोजन योजना
उत्तर(a) किशोरी शक्ति योजना तथा किशोरियों के लिए पोषण कार्यक्रम
- practice — not a real PYQ
निर्धन महिलाओं तक स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से लघु ऋण पहुँचाने के लिए स्थापित संस्था का नाम निम्नलिखित में से क्या है?
- (a)राष्ट्रीय महिला आयोग
- (b)राष्ट्रीय महिला कोष
- (c)महिला सशक्तीकरण के लिए राष्ट्रीय मिशन
- (d)केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड
उत्तर(b) राष्ट्रीय महिला कोष