निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : सेल्युलर प्रौद्योगिकी चरणों में विकसित होती है, जिसको पीढ़ी (G) कहते हैं, जहाँ 1. कोई पीढ़ी उपभोक्ताओं की संख्या को निरूपित करती है; उच्चतर पीढ़ी में अधिक उपभोक्ता होते हैं । 2. 2G प्रौद्योगिकी में CDMA और GSM दो मानक होते हैं । 3. 2G प्रौद्योगिकी में CDMA मानक और 3G में GSM मानक होते हैं । उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?
- (a)केवल 1 और 3
- (b)केवल 1
- (c)केवल 3
- (d)केवल 2
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, (d) केवल 2 — तीनों कथनों को अलग-अलग परखिए; केवल एक टिकता है।
कथन 1 — कोई पीढ़ी उपभोक्ताओं की संख्या को निरूपित करती है और उच्चतर पीढ़ी में अधिक उपभोक्ता होते हैं। ग़लत, और यही इस प्रश्न की केंद्रीय भ्रांति है। ‘पीढ़ी’ प्रौद्योगिकी के चरण का नाम है, ग्राहकों की गिनती का नहीं। हर नई पीढ़ी का अर्थ है रेडियो-अभिगम की नई तकनीक, नई क्षमता और नई सेवाएँ — न कि इतने-इतने उपभोक्ता। व्यवहार में तो नई पीढ़ी आरम्भ में सबसे कम उपभोक्ताओं वाली होती है, क्योंकि जालक्रम और उपकरण धीरे-धीरे बदलते हैं।
कथन 2 — दूसरी पीढ़ी में CDMA और GSM दो मानक होते हैं। सही। दूसरी पीढ़ी वह चरण था जिसमें ध्वनि का प्रसारण अंकीय हुआ और लघु संदेश सेवा जुड़ी, और उसमें दो बड़े मानक-परिवार साथ-साथ चले — एक GSM और दूसरा CDMA पर आधारित। भारत में भी दोनों प्रकार की सेवाएँ एक ही समय में उपलब्ध रहीं।
कथन 3 — दूसरी पीढ़ी में CDMA मानक और तीसरी में GSM मानक होते हैं। ग़लत। यह कथन दोनों नामों को पीढ़ियों में बाँट देता है, जबकि GSM स्वयं दूसरी पीढ़ी का मानक है। तीसरी पीढ़ी में जो मानक आए वे इन्हीं दोनों परिवारों से विकसित हुए और उनके अपने नाम हैं; उन्हें ‘GSM’ कह देना पीढ़ी और परिवार को गड्डमड्ड करना है।
इसलिए केवल कथन 2 सही है और उत्तर (d) है।
एक व्यावहारिक बात : कथन 2 और कथन 3 आपस में टकराते हैं — एक कहता है कि दोनों मानक दूसरी पीढ़ी में हैं, दूसरा कहता है कि वे अलग-अलग पीढ़ियों में बँटे हैं। दोनों एक साथ सही नहीं हो सकते, इसलिए सूची पढ़ते ही यह जोड़ा पकड़ लेना चाहिए और तय करना चाहिए कि इनमें से कौन-सा टिकता है।
विकल्प यहाँ आयोग के छापे हुए क्रम में हैं — केवल 1 और 3, केवल 1, केवल 3, केवल 2 — इसलिए उत्तर चुनते समय क्रमांक ध्यान से मिलाना चाहिए।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)केवल 1 और 3 — यह समुच्चय दोनों ग़लत कथनों को एक साथ स्वीकार कर लेता है। कथन 1 पीढ़ी को उपभोक्ताओं की संख्या बता देता है, जो प्रौद्योगिकी की शब्दावली का सीधा उल्लंघन है; और कथन 3 GSM को तीसरी पीढ़ी में रख देता है, जबकि वह दूसरी पीढ़ी का मानक है। ध्यान दीजिए कि यह विकल्प कथन 2 को भी बाहर कर देता है, यानी वह इकलौता कथन छूट जाता है जो प्रलेखित रूप से सही है।
- (b)केवल 1 — यह विकल्प केवल कथन 1 को सही मानता है, जो तीनों में सबसे स्पष्ट रूप से ग़लत है। पीढ़ी का अर्थ प्रौद्योगिकी का चरण है — पहली पीढ़ी अनुरूप ध्वनि, दूसरी अंकीय ध्वनि और संदेश, तीसरी आँकड़ा-सेवाएँ, आगे की पीढ़ियाँ पूर्णतः आँकड़ा-आधारित जालक्रम। उपभोक्ताओं की संख्या बाज़ार का आँकड़ा है, मानक की परिभाषा नहीं। यदि ‘उच्चतर पीढ़ी में अधिक उपभोक्ता’ वाली बात परिभाषा होती, तो किसी नई पीढ़ी की शुरुआत ही असंभव हो जाती।
- (c)केवल 3 — यह विकल्प कथन 3 को अकेला सही मानता है, पर वही कथन दो नामों को ग़लत पीढ़ियों में बाँटता है। GSM दूसरी पीढ़ी का मानक है और CDMA भी उसी पीढ़ी में उपलब्ध था; तीसरी पीढ़ी में इन दोनों परिवारों से आगे बढ़ी हुई प्रौद्योगिकियाँ आईं, जिनके अपने अलग नाम हैं। यहाँ भी वही सावधानी काम आती है : कथन 2 और कथन 3 परस्पर विरोधी हैं, इसलिए दोनों में से केवल एक ही टिक सकता है, और वह कथन 2 है।
अवधारणा
सचल दूरसंचार की पीढ़ियाँ प्रौद्योगिकी के चरणों के नाम हैं, और हर चरण की पहचान इस बात से होती है कि वह क्या नई क्षमता लेकर आया।
पहली पीढ़ी अनुरूप थी और केवल ध्वनि ले जाती थी। दूसरी पीढ़ी में प्रसारण अंकीय हुआ, जिससे ध्वनि की गुणवत्ता और क्षमता बढ़ी, कूटलेखन संभव हुआ और लघु संदेश सेवा जुड़ी। इसी चरण में दो बड़े मानक-परिवार साथ-साथ विकसित हुए — एक यूरोप से निकलकर विश्व भर में फैला GSM, और दूसरा कोड-विभाजन बहु-अभिगम पर आधारित परिवार। दोनों के बीच मुख्य अंतर यह है कि उपयोगकर्ताओं को माध्यम कैसे बाँटा जाता है : समय और आवृत्ति के खंडों में, या एक ही आवृत्ति पर अलग-अलग कोड देकर।
तीसरी पीढ़ी का ज़ोर आँकड़ा-सेवाओं पर था — इंटरनेट, चलचित्र-कॉल और तेज़ आँकड़ा-दर। चौथी पीढ़ी में जालक्रम पूरी तरह आँकड़ा-आधारित हो गया, यहाँ तक कि ध्वनि भी आँकड़ा-सेवा के रूप में चलने लगी। इसके बाद की पीढ़ी में और अधिक गति, कम विलंब तथा बड़ी संख्या में युक्तियों को जोड़ने की क्षमता पर बल है।
दो पदों को अलग रखना उपयोगी है : ‘पीढ़ी’ चरण है और ‘मानक’ उस चरण के भीतर की विशिष्ट प्रौद्योगिकी। एक ही पीढ़ी में एक से अधिक मानक हो सकते हैं, और यही बात कथन 2 कहता है।
भारत का अनुभव इस प्रश्न को समझने में सीधे काम आता है। यहाँ दूसरी पीढ़ी के दौर में दोनों प्रकार की सेवाएँ उपलब्ध रहीं, और उपभोक्ता के लिए इसका अर्थ यह था कि हस्त-उपकरण भी उसी मानक का चाहिए होता था। इसके बाद तीसरी पीढ़ी में आँकड़ा-सेवाओं का विस्तार हुआ और स्पेक्ट्रम के आवंटन तथा नीलामी की चर्चाएँ सार्वजनिक बहस में आईं।
परीक्षा में इस विषय पर प्रश्न प्रायः तीन रूपों में आते हैं : पीढ़ियों की विशेषताओं का मिलान, मानकों के पूरे नाम, और स्पेक्ट्रम तथा नियामक से जुड़े प्रश्न। इस प्रश्न में पहला और दूसरा रूप एक साथ हैं।
बनावट की एक बात : इस प्रश्न के स्टेम में ‘निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :’ के बाद एक अतिरिक्त प्रस्तावना-पंक्ति है, जो अंकित सूची से पहले अलग अनुच्छेद के रूप में छपी है और जिसमें पीढ़ी की अवधारणा समझाई गई है। वह पंक्ति भी प्रश्न का अंग है, इसलिए उसे पढ़े बिना कथनों का अर्थ अधूरा रह जाता है।
मुख्य तथ्य
- ‘पीढ़ी’ सचल दूरसंचार की प्रौद्योगिकी के चरण का नाम है, उपभोक्ताओं की संख्या का नहीं।
- पहली पीढ़ी अनुरूप ध्वनि; दूसरी पीढ़ी अंकीय ध्वनि तथा लघु संदेश सेवा; तीसरी पीढ़ी आँकड़ा-सेवाएँ; आगे की पीढ़ियाँ पूर्णतः आँकड़ा-आधारित जालक्रम।
- दूसरी पीढ़ी में दो बड़े मानक-परिवार साथ-साथ चले — GSM और CDMA पर आधारित परिवार।
- GSM दूसरी पीढ़ी का मानक है; तीसरी पीढ़ी में इन्हीं परिवारों से विकसित मानक आए, जिनके अपने अलग नाम हैं।
- दोनों परिवारों का मूल अंतर यह है कि उपयोगकर्ताओं को माध्यम कैसे बाँटा जाता है — समय और आवृत्ति के खंडों से, या एक ही आवृत्ति पर अलग-अलग कोड देकर।
- भारत में दूसरी पीढ़ी के दौर में दोनों प्रकार की सेवाएँ एक साथ उपलब्ध रहीं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- पीढ़ी को उपभोक्ताओं की संख्या से जोड़ लेना, जबकि वह प्रौद्योगिकी के चरण का नाम है।
- GSM को तीसरी पीढ़ी का मानक मान लेना, जबकि वह दूसरी पीढ़ी का है।
- सूची में परस्पर विरोधी दो कथनों को एक साथ सही मान लेना; ऐसे जोड़े में केवल एक ही टिक सकता है।
कथन-सूची में जब दो कथन एक-दूसरे का खंडन करते हों, तब वही जोड़ा सबसे पहले उठाइए — दोनों एक साथ सही नहीं हो सकते, इसलिए वहीं से आधा प्रश्न तय हो जाता है। इसके बाद बचे हुए कथन को स्वतंत्र रूप से जाँचिए। प्रौद्योगिकी की पीढ़ियों पर प्रश्न प्रायः परिभाषा की भ्रांति पर बनाए जाते हैं, जैसे यहाँ ‘पीढ़ी बराबर उपभोक्ताओं की संख्या’ — ऐसी परिभाषाएँ पढ़ते ही सतर्क हो जाइए, क्योंकि तकनीकी पद प्रायः क्षमता और मानक बताते हैं, बाज़ार के आँकड़े नहीं। विकल्प चुनते समय उनके छापे हुए क्रम पर ध्यान दीजिए।
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EPFO_APFC_2016_Q79खोलें व हल करें →Consider the following statements on Global Positioning System (GPS) : 1. GPS allows accurate time-stamping on ATM transactions. 2. GPS relies on a set of satellites for transferring signals worldwide. Which of the above statements is/are correct ?
- (a) 1 only
- (b) 2 only
- (c) Both 1 and 2
- (d) Neither 1 nor 2
उत्तर(c) Both 1 and 2
इसी प्रश्नपत्र का उपग्रह-आधारित स्थान-निर्धारण प्रणाली वाला कथन-प्रश्न — संचार-प्रौद्योगिकी की उसी कड़ी से।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
सचल दूरसंचार की दूसरी पीढ़ी की मुख्य विशेषता क्या थी ?
- (a)अनुरूप ध्वनि प्रसारण
- (b)अंकीय ध्वनि प्रसारण और लघु संदेश सेवा
- (c)पूर्णतः आँकड़ा-आधारित जालक्रम
- (d)उपग्रह से सीधा संपर्क
उत्तर(b) अंकीय ध्वनि प्रसारण और लघु संदेश सेवा
- practice — not a real PYQ
सचल दूरसंचार में ‘पीढ़ी’ शब्द किसका सूचक है ?
- (a)ग्राहकों की संख्या
- (b)प्रौद्योगिकी के चरण
- (c)शुल्क-दर
- (d)जालक्रम के स्वामित्व
उत्तर(b) प्रौद्योगिकी के चरण