निम्नलिखित में से ‘भारत रत्न’ पुरस्कार का अंतिम प्राप्तकर्ता कौन है ?
- (a)सचिन तेंदुलकर
- (b)अटल बिहारी वाजपेयी
- (c)अमर्त्य सेन
- (d)ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, (b) अटल बिहारी वाजपेयी — इस प्रश्नपत्र के समय दिए गए चारों नामों में सबसे बाद में भारत रत्न प्राप्त करने वाले अटल बिहारी वाजपेयी ही थे। उन्हें यह सम्मान 2015 में मिला, और उसी वर्ष मदन मोहन मालवीय को भी मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया; दोनों की घोषणा एक साथ हुई थी। शेष तीन नामों की तिथियाँ इससे पहले की हैं : सचिन तेंदुलकर को 2014 में — उसी वर्ष वैज्ञानिक सी.एन.आर. राव को भी — अमर्त्य सेन को 1999 में, और ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को 1997 में। इसलिए 'अंतिम प्राप्तकर्ता' की कसौटी पर वाजपेयी ही खरे उतरते हैं और उत्तर (b) है। यहाँ यह जान लेना आवश्यक है कि 'अंतिम' शब्द वाले प्रश्न का उत्तर समय के साथ बदलता है, और इस प्रश्न का उत्तर उसी वर्ष की स्थिति के अनुसार है जब यह प्रश्नपत्र पूछा गया था। इसके बाद भी भारत रत्न दिए गए हैं — 2019 में तीन व्यक्तियों को और 2024 में पाँच व्यक्तियों को — इसलिए आज की सूची इस प्रश्न के विकल्पों से आगे जा चुकी है। पुरस्कार के मूल तथ्य स्थिर हैं और वे अधिक भरोसे के हैं : भारत रत्न 2 जनवरी 1954 को स्थापित हुआ, यह देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, इसके साथ कोई धनराशि नहीं दी जाती, और प्राप्तकर्ता को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला सनद तथा पीपल के पत्ते के आकार का पदक दिया जाता है। 1954 के पहले प्राप्तकर्ता सी. राजगोपालाचारी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी.वी. रामन थे।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)सचिन तेंदुलकर — सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न 2014 में मिला, अर्थात् इस समुच्चय में वे दूसरे सबसे नए प्राप्तकर्ता हैं — और यही उन्हें सबसे प्रबल चारा बनाता है। उनका चयन इसलिए भी स्मरण में रहता है कि वे यह सम्मान पाने वाले पहले खिलाड़ी थे और सबसे कम आयु में इसे पाने वाले व्यक्ति भी; उसी वर्ष वैज्ञानिक सी.एन.आर. राव को भी यह सम्मान मिला था, और दोनों की घोषणा एक साथ हुई थी। इसके ठीक अगले वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी तथा मदन मोहन मालवीय को यह सम्मान दिया गया, इसलिए 'अंतिम' की कसौटी पर तेंदुलकर पीछे रह जाते हैं। ऐसे प्रश्नों में यही सबसे आम भूल होती है : अभ्यर्थी उस नाम को चुन लेता है जिसकी घोषणा उसे सबसे अधिक याद है, जबकि पूछा गया है सबसे बाद वाला। स्मरण की तीव्रता और तिथि का क्रम दो अलग बातें हैं।
- (c)अमर्त्य सेन — अमर्त्य सेन को भारत रत्न 1999 में मिला, अर्थात् वे इस समुच्चय के चारों नामों में लगभग सबसे पुराने प्राप्तकर्ताओं में हैं। उन्हें 1998 में अर्थशास्त्र का नोबेल स्मृति पुरस्कार मिला था और उसके ठीक बाद यह सम्मान दिया गया, इसलिए दोनों घटनाएँ स्मृति में पास-पास रहती हैं और यही भ्रम पैदा करती हैं। कल्याण-अर्थशास्त्र, अकाल तथा सामाजिक चयन के सिद्धांत में उनके योगदान की चर्चा अर्थव्यवस्था के खंड में बार-बार आती है, जिससे उनका नाम परीक्षा-तैयारी में सक्रिय रहता है — पर यह सक्रियता तिथि नहीं बदलती। इस प्रश्न की कसौटी केवल एक है, वर्ष का क्रम, और उस क्रम में 1999 सबसे पीछे की ओर है। जिन प्रश्नों में 'अंतिम', 'नवीनतम' या 'पहला' जैसे शब्द हों, वहाँ हर विकल्प के साथ वर्ष जोड़कर देखना ही एकमात्र सुरक्षित विधि है।
- (d)ए.पी.जे. अब्दुल कलाम — ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को भारत रत्न 1997 में मिला था, अर्थात् राष्ट्रपति बनने से बहुत पहले — वे 2002 में राष्ट्रपति बने। यही क्रम इस विकल्प को चारा बनाता है : बहुत से अभ्यर्थी मान लेते हैं कि यह सम्मान उन्हें राष्ट्रपति-काल के बाद मिला होगा, और चूँकि उनका निधन इस प्रश्नपत्र से कुछ ही समय पहले हुआ था, उनका नाम स्मृति में सबसे ऊपर रहता है। किन्तु प्रश्न सम्मान की तिथि पूछ रहा है, किसी अन्य घटना की नहीं। यह अंतर ध्यान रखने योग्य है, क्योंकि परीक्षा प्रायः ऐसे नाम चुनती है जिनके साथ कोई हाल की घटना जुड़ी हो, ताकि स्मृति की ताज़गी तिथि के क्रम पर भारी पड़ जाए। बचाव वही है — हर नाम के आगे उसका वर्ष लिखिए और फिर सबसे बड़ा वर्ष चुनिए।
अवधारणा
भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और इसकी स्थापना 2 जनवरी 1954 को हुई। यह कला, साहित्य, विज्ञान तथा लोक-सेवा के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता था और बाद में इसका दायरा किसी भी क्षेत्र के असाधारण कार्य तक बढ़ा दिया गया। इसके साथ कोई धनराशि नहीं दी जाती; प्राप्तकर्ता को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला सनद और पीपल के पत्ते के आकार का पदक मिलता है, और यह कोई उपाधि नहीं है, इसलिए इसे नाम के आगे या पीछे नहीं लिखा जा सकता। 1954 के पहले प्राप्तकर्ता सी. राजगोपालाचारी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी.वी. रामन थे। सम्मान देने का क्रम दो बार स्थगित भी रहा — एक बार 1977 से 1980 तक और फिर 1992 से 1995 तक। नागरिक सम्मानों का पूरा क्रम याद रखना चाहिए : भारत रत्न, फिर पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री, जिनकी घोषणा प्रायः गणतंत्र दिवस के अवसर पर होती है। मरणोपरांत सम्मान भी दिया जाता है, जिसका उदाहरण मदन मोहन मालवीय हैं। ये सभी तथ्य समय के साथ नहीं बदलते, इसलिए परीक्षा की दृष्टि से वे 'अंतिम प्राप्तकर्ता' जैसे बदलते तथ्यों से अधिक भरोसेमंद हैं।
यह सामयिकी का प्रश्न है और उसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उसका उत्तर उसी समय के लिए सही है जब प्रश्नपत्र पूछा गया था। इस पुस्तिका के समय अंतिम प्राप्तकर्ता वाजपेयी थे; उसके बाद भी यह सम्मान दिया गया है — 2019 में तीन व्यक्तियों को और 2024 में पाँच व्यक्तियों को — इसलिए आज कोई ऐसा ही प्रश्न पूछा जाए तो उत्तर भिन्न होगा। पुराने प्रश्नपत्रों से तैयारी करते समय ऐसे प्रश्नों को अलग श्रेणी में रखना चाहिए और उनसे केवल विधि सीखनी चाहिए, तथ्य नहीं : विधि यह है कि हर विकल्प के आगे उसका वर्ष लिखिए और फिर प्रश्न के शब्द — 'अंतिम', 'प्रथम', 'नवीनतम' — के अनुसार चुनिए। इस प्रश्न में हिन्दी स्तंभ ने अंग्रेज़ी के 'latest recipient' के लिए 'अंतिम प्राप्तकर्ता' लिखा है, और नाम देवनागरी में लिप्यन्तरित हैं। 'भारत रत्न' एकल उद्धरण-चिह्नों में छपा है, जैसा इस पुस्तिका में पारिभाषिक नामों के साथ बार-बार दिखता है।
मुख्य तथ्य
- भारत रत्न की स्थापना 2 जनवरी 1954 को हुई; यह देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और इसके साथ कोई धनराशि नहीं दी जाती।
- प्राप्तकर्ता को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला सनद तथा पीपल के पत्ते के आकार का पदक दिया जाता है; यह उपाधि नहीं है, इसलिए इसे नाम के साथ नहीं लिखा जा सकता।
- 1954 के पहले प्राप्तकर्ता सी. राजगोपालाचारी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी.वी. रामन थे; सम्मान देने का क्रम 1977 से 1980 तक और 1992 से 1995 तक स्थगित रहा।
- इस प्रश्नपत्र के विकल्पों की तिथियाँ इस प्रकार हैं — ए.पी.जे. अब्दुल कलाम 1997, अमर्त्य सेन 1999, सचिन तेंदुलकर 2014, तथा अटल बिहारी वाजपेयी 2015; उसी वर्ष मदन मोहन मालवीय को मरणोपरांत यह सम्मान मिला।
- नागरिक सम्मानों का क्रम है — भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री; पद्म सम्मानों की घोषणा प्रायः गणतंत्र दिवस के अवसर पर होती है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- पुराने प्रश्नपत्र के 'अंतिम प्राप्तकर्ता' को आज का उत्तर मान लेना; ऐसे प्रश्न का उत्तर उसी वर्ष के लिए सही होता है।
- उस नाम को चुन लेना जिसकी घोषणा सबसे अधिक याद है — यहाँ सचिन तेंदुलकर — जबकि पूछा गया है सबसे बाद वाला।
- सम्मान की तिथि को किसी अन्य घटना से जोड़ देना; ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को यह सम्मान राष्ट्रपति बनने से पहले मिला था।
- 'अंतिम', 'प्रथम' और 'नवीनतम' जैसे शब्दों को सरसरी नज़र से पढ़ जाना, जबकि पूरा प्रश्न उन्हीं पर टिका होता है।
पुरस्कारों से जुड़े प्रश्न इस परिवार की परीक्षाओं में तीन रूपों में आते हैं। पहला, 'नवीनतम' या 'अंतिम' प्राप्तकर्ता वाला रूप, जैसा यह प्रश्न है; इसका उत्तर प्रश्नपत्र के वर्ष से बँधा होता है, इसलिए इससे केवल विधि सीखनी चाहिए। दूसरा, सुमेलन या सूची का रूप — किस वर्ष किसे कौन-सा पुरस्कार मिला, अथवा किन-किन व्यक्तियों को किसी एक वर्ष में कोई पुरस्कार मिला; इसी परिवार के एक अन्य प्रश्नपत्र में एक ही वर्ष के खेल-पुरस्कार पाने वालों की सूची पूछी गई है। तीसरा, पुरस्कार की संस्थागत जानकारी — स्थापना का वर्ष, क्या उसके साथ धनराशि है, कौन प्रदान करता है, क्या वह उपाधि है। तीसरा रूप सबसे स्थिर है और उसी की तैयारी सबसे अधिक फल देती है, क्योंकि वह हर वर्ष बदलता नहीं। इसलिए सामयिकी की तैयारी में स्थिर तथ्यों और बदलते तथ्यों की दो अलग सूचियाँ बनाना उपयोगी रहता है।
संबंधित PYQ
EPFO_EOAO_2017_Q52Who among the following were conferred with Rajiv Gandhi Khel Ratna Award for the year 2016? 1. Jitu Rai 2. Dipa Karmakar 3. P. V. Sindhu 4. Sakshi Malik Select the correct answer using the code given below.
- (a) 2 and 3 only
- (b) 2, 3 and 4 only
- (c) 1 and 4 only
- (d) 1, 2, 3 and 4
उत्तर(d) 1, 2, 3 and 4
इसी परिवार का पुरस्कार-प्रश्न, जिसमें एक ही वर्ष के खेल-पुरस्कार पाने वालों की सूची छाँटनी है — सामयिकी की वही श्रेणी, जिसका उत्तर प्रश्नपत्र के वर्ष से बँधा होता है।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
भारत रत्न सम्मान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ?
- (a)इसकी स्थापना 1954 में हुई और इसके साथ कोई धनराशि नहीं दी जाती
- (b)इसकी स्थापना 1972 में हुई और इसके साथ एक निश्चित धनराशि दी जाती है
- (c)यह केवल मरणोपरांत दिया जाता है
- (d)यह एक उपाधि है, जिसे प्राप्तकर्ता अपने नाम के साथ लिख सकता है
उत्तर(a) इसकी स्थापना 1954 में हुई और इसके साथ कोई धनराशि नहीं दी जाती — प्राप्तकर्ता को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला सनद तथा पीपल के पत्ते के आकार का पदक मिलता है। यह केवल मरणोपरांत नहीं दिया जाता, यद्यपि मरणोपरांत भी दिया जा सकता है, और यह उपाधि नहीं है।
- practice — not a real PYQ
1954 में भारत रत्न पाने वाले प्रथम व्यक्तियों में निम्नलिखित में से कौन सम्मिलित थे ?
- (a)जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल और मौलाना आज़ाद
- (b)सी. राजगोपालाचारी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी.वी. रामन
- (c)राजेन्द्र प्रसाद, बी.आर. अम्बेडकर और जे.आर.डी. टाटा
- (d)एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी, सत्यजित राय और मदर टेरेसा
उत्तर(b) सी. राजगोपालाचारी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी.वी. रामन — ये तीनों 1954 के प्रथम प्राप्तकर्ता थे। शेष विकल्पों में गिनाए गए नाम भी भारत रत्न से सम्मानित हैं, पर वे बाद के वर्षों के हैं।