किसी क्षेत्र को भारत के संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अधीन ‘अनुसूचित क्षेत्र’ घोषित करने के लिए क्या पूर्वापेक्षाएँ हैं ? 1. जनजाति जनसंख्या का बाहुल्य 2. उस क्षेत्र की सघनता और यथोचित आमाप 3. उस क्षेत्र का आर्थिक पिछड़ापन 4. इसकी अधिसूचना संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा जारी होनी आवश्यक है नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- (a)केवल 2 और 4
- (b)केवल 1, 2 और 3
- (c)केवल 1 और 3
- (d)1, 2, 3 और 4
सही उत्तर — B, (b) केवल 1, 2 और 3 । किसी क्षेत्र को पाँचवीं अनुसूची के अधीन 'अनुसूचित क्षेत्र' घोषित करने के लिए जो कसौटियाँ मानी जाती हैं वे संविधान के पाठ में नहीं लिखी हैं ; वे प्रशासनिक परंपरा से बनी हैं और अनुसूचित क्षेत्र तथा अनुसूचित जनजाति आयोग की सिफ़ारिशों से आगे बढ़ी हैं । वे चार हैं — जनजाति जनसंख्या का बाहुल्य ; क्षेत्र की सघनता और यथोचित आमाप ; उस क्षेत्र का अविकसित अथवा पिछड़ा होना ; और वहाँ के लोगों के आर्थिक स्तर में स्पष्ट असमानता । कथन 1, 2 और 3 इन्हीं में से हैं, इसलिए तीनों सही हैं । कथन 4 वहीं टूटता है जहाँ इस प्रकरण की सबसे बड़ी चूक होती है : अधिसूचना राज्यपाल नहीं, राष्ट्रपति जारी करते हैं । पाँचवीं अनुसूची का पैरा 6 यही कहता है — 'अनुसूचित क्षेत्र' से वे क्षेत्र अभिप्रेत हैं जिन्हें राष्ट्रपति आदेश द्वारा अनुसूचित क्षेत्र घोषित करें ; और किसी क्षेत्र को बढ़ाने, घटाने, बदलने या उस घोषणा को वापस लेने का काम भी राष्ट्रपति ही, संबंधित राज्य के राज्यपाल से परामर्श करके, करते हैं । राज्यपाल की भूमिका बड़ी है, पर वह घोषणा की नहीं, प्रशासन की है — वे राष्ट्रपति को वार्षिक प्रतिवेदन भेजते हैं, जनजाति सलाहकार परिषद् के माध्यम से काम करते हैं, और यह निर्देश दे सकते हैं कि संसद या राज्य विधानमंडल का कोई अधिनियम उस क्षेत्र पर लागू न हो या संशोधनों सहित लागू हो । इसी विभाजन को न पकड़ पाने पर अभ्यर्थी कथन 4 को सही मान बैठता है, और तभी वह विकल्प (d) की ओर चला जाता है ।
- (a)केवल 2 और 4 — 'केवल 2 और 4' दो कारणों से गलत है । पहला, यह कथन 4 को सम्मिलित करता है, जबकि अधिसूचना राज्यपाल की नहीं, राष्ट्रपति की होती है । दूसरा, यह कथन 1 और 3 को छोड़ देता है, जबकि जनजाति जनसंख्या का बाहुल्य तो इस पूरी व्यवस्था की पहली और सबसे आधारभूत शर्त है — पाँचवीं अनुसूची का उद्देश्य ही जनजातीय बहुल क्षेत्रों को विशेष प्रशासनिक संरक्षण देना है । आर्थिक पिछड़ापन भी मान्य कसौटियों में है ।
- (c)केवल 1 और 3 — 'केवल 1 और 3' में सम्मिलित दोनों कथन तो सही हैं, पर यह कथन 2 को छोड़ देता है और वहीं चूक जाता है । क्षेत्र की सघनता और यथोचित आमाप स्वतंत्र कसौटी है, और उसका व्यावहारिक कारण है : यदि जनजातीय बस्तियाँ दूर-दूर बिखरी हों तो उन पर अलग प्रशासनिक व्यवस्था चलाना संभव नहीं होता । इसीलिए क्षेत्र का एक जुड़ा हुआ और उचित आकार का होना आवश्यक माना गया है । केवल जनसंख्या और पिछड़ापन पर्याप्त कसौटी नहीं हैं ।
- (d)1, 2, 3 और 4 — '1, 2, 3 और 4' सबसे लुभावना विकल्प है, क्योंकि उसमें से तीन कथन वास्तव में सही हैं और चौथा भी सुनने में ठीक लगता है — पाँचवीं अनुसूची के प्रशासन में राज्यपाल का नाम बार-बार आता है । पर घोषणा की शक्ति उनके पास नहीं है । यहीं यह भेद स्मरण रखने योग्य है : क्षेत्र को अनुसूचित घोषित करना राष्ट्रपति का काम है, और उस क्षेत्र का प्रशासन तथा वहाँ विधियों का अनुकूलन राज्यपाल का । एक कथन के गलत होने पर 'सब सही' वाला विकल्प अपने आप बाहर हो जाता है ।
अनुच्छेद 244(1) के अनुसार पाँचवीं अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम को छोड़कर किसी भी राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों तथा अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण पर लागू होती है ; उन चार राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के लिए अनुच्छेद 244(2) के अधीन छठी अनुसूची है, जो स्वायत्त ज़िला परिषदों की व्यवस्था करती है । पाँचवीं अनुसूची के मुख्य अंग ये हैं — पैरा 3, जिसके अधीन राज्यपाल राष्ट्रपति को वार्षिक प्रतिवेदन भेजते हैं ; पैरा 4, जिसके अधीन जनजाति सलाहकार परिषद् बनती है ; पैरा 5, जिसके अधीन राज्यपाल विधियों के लागू होने में छूट या संशोधन कर सकते हैं तथा शांति और सुशासन के लिए विनियम बना सकते हैं ; और पैरा 6, जो घोषणा की शक्ति राष्ट्रपति को देता है ।
जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन इस प्रश्नपत्र के राजव्यवस्था खंड का नियमित विषय है और उसकी सबसे अधिक पूछी जाने वाली कड़ी यही है कि कौन-सी शक्ति किसके पास है । इस समय दस राज्यों में पाँचवीं अनुसूची वाले अनुसूचित क्षेत्र हैं — आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान । प्रश्न का ढाँचा कथन-आधारित है, जिसमें एक ही गलत कथन दो विकल्पों को बाहर कर देता है, इसलिए सबसे पहले उसी को खोजना चाहिए । हिन्दी स्तंभ की शब्दावली विधि-हिन्दी की है : 'बाहुल्य' का अर्थ प्रधानता, 'सघनता' का अर्थ जुड़ा हुआ होना, और 'यथोचित आमाप' का अर्थ उचित आकार — 'आमाप' साधारण हिन्दी में कम मिलने वाला शब्द है, जो यहाँ size के लिए आया है ।
- पाँचवीं अनुसूची का पैरा 6 कहता है कि 'अनुसूचित क्षेत्र' वे हैं जिन्हें राष्ट्रपति आदेश द्वारा ऐसा घोषित करें ।
- क्षेत्र को बढ़ाने, बदलने या घोषणा वापस लेने का काम भी राष्ट्रपति, राज्यपाल से परामर्श करके, करते हैं ।
- मान्य कसौटियाँ — जनजाति जनसंख्या का बाहुल्य, क्षेत्र की सघनता और यथोचित आमाप, क्षेत्र का अविकसित होना, तथा लोगों के आर्थिक स्तर में स्पष्ट असमानता ; ये संविधान के पाठ में नहीं लिखी हैं ।
- अनुच्छेद 244(1) — पाँचवीं अनुसूची ; अनुच्छेद 244(2) — छठी अनुसूची, जो असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्रों पर लागू होती है ।
- पैरा 4 के अधीन जनजाति सलाहकार परिषद् बनती है और पैरा 5 के अधीन राज्यपाल विधियों के लागू होने में छूट या संशोधन कर सकते हैं ।
- इस समय दस राज्यों में पाँचवीं अनुसूची वाले अनुसूचित क्षेत्र हैं ।
- अधिसूचना की शक्ति राज्यपाल को दे देना ; वह राष्ट्रपति के पास है ।
- सघनता और यथोचित आमाप वाली कसौटी को छोड़ देना ।
- पाँचवीं और छठी अनुसूची के राज्यों को आपस में बदल देना ।
इस प्रकरण पर प्रश्न प्रायः शक्तियों के बँटवारे पर आते हैं — घोषणा कौन करता है, प्रतिवेदन कौन भेजता है, विधि के लागू होने में छूट कौन दे सकता है । दूसरी शैली सूची पूछने की है : कौन-से राज्य पाँचवीं अनुसूची में आते हैं और कौन-से छठी में । तीसरी शैली, जो यहाँ प्रयुक्त हुई है, कथनों का समुच्चय देकर सही संयोजन पूछने की है । ऐसे प्रश्न में सबसे तेज़ रास्ता यह है कि पहले उस एक कथन को खोज लिया जाए जिस पर संदेह हो, क्योंकि उसके तय होते ही आधे विकल्प अपने आप बाहर हो जाते हैं ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
पाँचवीं अनुसूची के अधीन किसी क्षेत्र को 'अनुसूचित क्षेत्र' घोषित करने का आदेश कौन जारी करता है ?
- (a)संबंधित राज्य का राज्यपाल
- (b)राष्ट्रपति
- (c)संसद
- (d)राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
उत्तर(b) राष्ट्रपति — पाँचवीं अनुसूची का पैरा 6 यह शक्ति राष्ट्रपति को देता है ; राज्यपाल से केवल परामर्श लिया जाता है ।
- practice — not a real PYQ
संविधान की छठी अनुसूची निम्नलिखित में से किन राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों पर लागू होती है ?
- (a)झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश
- (b)असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम
- (c)नागालैंड, मणिपुर, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश
- (d)राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना
उत्तर(b) असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम — इन्हीं चार राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के लिए अनुच्छेद 244(2) के अधीन छठी अनुसूची है ; शेष राज्यों में पाँचवीं अनुसूची लागू होती है ।