यदि x लघुतम धनपूर्ण संख्या है जो 24 और 30 दोनों से विभाज्य है, जबकि y महत्तम धनपूर्ण संख्या है जो 36 और 100 दोनों को विभाजित करती है, तो x – y का मान क्या है ?
- (a)116
- (b)124
- (c)128
- (d)132
सही उत्तर — A, (a) 116 । प्रश्न दो अलग-अलग राशियाँ माँगता है और उनकी दिशा उलटी है, इसलिए पहले यही पढ़ना ज़रूरी है कि किसे किससे विभाजित होना है । x वह लघुतम संख्या है जो 24 और 30 दोनों से विभाजित होती है — अर्थात् 24 और 30 का लघुत्तम समापवर्त्य । अभाज्य गुणनखंड लीजिए : 24 = 2³ × 3 और 30 = 2 × 3 × 5 । लघुत्तम समापवर्त्य में हर अभाज्य की सबसे बड़ी घात लेते हैं, इसलिए वह 2³ × 3 × 5 = 120 है । जाँच सीधी है — 120 ÷ 24 = 5 और 120 ÷ 30 = 4, और इससे छोटी कोई साझा गुणज संख्या नहीं । अब y वह महत्तम संख्या है जो 36 और 100 दोनों को विभाजित करती है — अर्थात् इनका महत्तम समापवर्तक । 36 = 2² × 3² और 100 = 2² × 5² ; साझा अभाज्य केवल 2 है और उसकी सबसे छोटी साझा घात 2² है, इसलिए y = 4 । अतः x – y = 120 – 4 = 116 । यहाँ चूकने की असली जगह यह है कि पहली राशि में संख्या 24 और 30 से विभाजित होती है, जबकि दूसरी में संख्या स्वयं 36 और 100 को विभाजित करती है ; जो अभ्यर्थी दोनों को एक-सा पढ़ लेता है वह 24 और 30 का महत्तम समापवर्तक 6 तथा 36 और 100 का लघुत्तम समापवर्त्य 900 निकालकर 894 पर पहुँच जाता है, जो विकल्पों में है ही नहीं । हिन्दी स्तंभ की एक बात सराहने योग्य है : उसने 'धनपूर्ण संख्या' लिखा है, अर्थात् धनात्मक पूर्णांक । यह अंग्रेज़ी के 'natural number' से अधिक सतर्क शब्द है, क्योंकि शून्य हर संख्या से विभाज्य होता है और उसे बाहर रखना यहाँ आवश्यक था ।
- (b)124 — 124 वही उत्तर है जो चिह्न की एक भूल से निकलता है — 120 + 4 । अर्थात् दोनों राशियाँ ठीक निकालने के बाद भी घटाने के बजाय जोड़ देना । इस चूक से बचने का सरल तरीक़ा यह है कि उत्तर लिखने से पहले प्रश्न-वाक्य का चिह्न दोबारा देख लिया जाए, विशेषकर तब जब दोनों राशियाँ अलग-अलग परिभाषाओं से आई हों । एक जाँच और है : x सदैव 24 और 30 से बड़ा या बराबर होगा और y सदैव 36 तथा 100 से छोटा या बराबर, इसलिए x – y का मान 120 के आसपास ही रहना चाहिए ; 124 उससे ऊपर जाता है, और ऊपर जाने का एक ही रास्ता है — घटाने के बजाय जोड़ देना ।
- (c)128 — 128 पर पहुँचने के लिए y = 4 रखते हुए x को 132 मानना पड़ेगा । पर 132 न तो 24 का गुणज है — 132 ÷ 24 = 5·5 — और न ही वह 24 तथा 30 का कोई साझा गुणज है । अर्थात् इस मान तक कोई शुद्ध गणना पहुँचती ही नहीं । यही जाँच ऐसे प्रश्नों में सबसे तेज़ काम करती है : विकल्प में y जोड़ दीजिए और देखिए कि जो x निकलता है, वह दोनों दी गई संख्याओं का गुणज है या नहीं । यदि नहीं, तो विकल्प बिना आगे सोचे कट जाता है ।
- (d)132 — 132 के लिए y = 4 रखने पर x को 136 होना पड़ेगा, और 136 भी 24 का गुणज नहीं है — 136 ÷ 24 का भाग पूरा नहीं पड़ता । ध्यान दीजिए कि 132 स्वयं भी 24 का गुणज नहीं है, इसलिए इसे किसी भी रूप में 24 और 30 का लघुत्तम समापवर्त्य नहीं माना जा सकता । 24 और 30 के साझा गुणज 120, 240, 360 इस क्रम में चलते हैं, और उनमें सबसे छोटा 120 है ; इस श्रेणी को एक बार लिख लेने पर ऐसे तीनों विकल्प एक साथ कट जाते हैं ।
लघुत्तम समापवर्त्य और महत्तम समापवर्तक एक ही सिक्के के दो पहलू हैं । लघुत्तम समापवर्त्य वह सबसे छोटी संख्या है जो दी गई सभी संख्याओं से विभाजित होती है ; अभाज्य गुणनखंडन में उसे निकालने का नियम है — हर अभाज्य की सबसे बड़ी घात लीजिए । महत्तम समापवर्तक वह सबसे बड़ी संख्या है जो दी गई सभी संख्याओं को विभाजित करती है ; उसका नियम है — केवल साझा अभाज्य लीजिए, और उनकी सबसे छोटी घात । दो संख्याओं के लिए एक उपयोगी संबंध और है : लघुत्तम समापवर्त्य और महत्तम समापवर्तक का गुणनफल उन दोनों संख्याओं के गुणनफल के बराबर होता है । यहाँ 24 × 30 = 720 और 120 × 6 = 720 — संबंध मिलता है । यह नियम दो से अधिक संख्याओं पर लागू नहीं होता ।
इस प्रश्न की सारी कठिनाई भाषा में है, गणना में नहीं । 'जो 24 और 30 दोनों से विभाज्य है' और 'जो 36 और 100 दोनों को विभाजित करती है' — ये दो उलटी दिशाएँ हैं, और उनके साथ 'लघुतम' तथा 'महत्तम' विशेषण भी उलटे लगे हैं । अभ्यास का सबसे अच्छा तरीक़ा यह है कि पढ़ते ही हाशिये पर दो अक्षर लिख लिए जाएँ — पहली राशि के सामने ल.स. और दूसरी के सामने म.स. — और उसके बाद ही गणना शुरू की जाए । गणना स्वयं दस सेकंड की है : 120 और 4 ।
- 24 = 2³ × 3 और 30 = 2 × 3 × 5 ; इनका लघुत्तम समापवर्त्य 2³ × 3 × 5 = 120 है ।
- 36 = 2² × 3² और 100 = 2² × 5² ; इनका महत्तम समापवर्तक 2² = 4 है ।
- अतः x – y = 120 – 4 = 116 ।
- 'से विभाज्य' और 'को विभाजित करती है' उलटी दिशाएँ हैं — पहली लघुत्तम समापवर्त्य की ओर ले जाती है, दूसरी महत्तम समापवर्तक की ओर ।
- दो संख्याओं के लिए लघुत्तम समापवर्त्य × महत्तम समापवर्तक = दोनों संख्याओं का गुणनफल ; यह नियम दो से अधिक संख्याओं पर लागू नहीं होता ।
- महत्तम समापवर्तक सदैव दोनों संख्याओं से छोटा या उनके बराबर होता है, और लघुत्तम समापवर्त्य सदैव उनसे बड़ा या बराबर ।
- 'से विभाज्य' और 'को विभाजित करती है' को एक ही पढ़ लेना ; इससे दोनों राशियाँ आपस में बदल जाती हैं ।
- अंत में घटाने के बजाय जोड़ देना ।
- लघुत्तम समापवर्त्य × महत्तम समापवर्तक वाले नियम को दो से अधिक संख्याओं पर लगा देना ।
- यह भूल जाना कि प्रश्न धनात्मक पूर्णांक माँगता है, इसलिए शून्य विचारणीय नहीं ।
EPFO के संख्यात्मक खंड में यह अध्याय दो रूपों में लौटता है — सीधी गणना, जैसा यह प्रश्न है, और अनुप्रयोग, जिसमें घंटियाँ एक साथ बजने, खम्भे एक साथ खड़े मिलने या तीन व्यक्तियों के एक ही बिंदु पर लौटने की बात होती है । दोनों में निर्णय एक ही जगह होता है : प्रश्न लघुत्तम समापवर्त्य माँग रहा है या महत्तम समापवर्तक । संकेत सरल है — जब कोई घटना दोबारा एक साथ घटे, तब लघुत्तम समापवर्त्य ; और जब कुछ बराबर और अधिकतम टुकड़ों में बाँटना हो, तब महत्तम समापवर्तक ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
दो संख्याओं का महत्तम समापवर्तक 12 और लघुत्तम समापवर्त्य 180 है । यदि उनमें से एक संख्या 36 है, तो दूसरी संख्या क्या है ?
- (a)48
- (b)60
- (c)72
- (d)90
उत्तर(b) 60 — दो संख्याओं का गुणनफल उनके महत्तम समापवर्तक और लघुत्तम समापवर्त्य के गुणनफल के बराबर होता है, अतः दूसरी संख्या = (12 × 180) ÷ 36 = 60 ।
- practice — not a real PYQ
दो संख्याओं के महत्तम समापवर्तक और लघुत्तम समापवर्त्य के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ?
- (a)दोनों का गुणनफल उन संख्याओं के योग के बराबर होता है
- (b)दोनों का गुणनफल उन दोनों संख्याओं के गुणनफल के बराबर होता है
- (c)महत्तम समापवर्तक सदैव लघुत्तम समापवर्त्य से बड़ा होता है
- (d)लघुत्तम समापवर्त्य सदैव दोनों में से छोटी संख्या का गुणनखंड होता है
उत्तर(b) दोनों का गुणनफल उन दोनों संख्याओं के गुणनफल के बराबर होता है — यह संबंध केवल दो संख्याओं के लिए सत्य है ।