औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946 के अधीन बनाए गए आदर्श स्थायी आदेश, किस राज्य की समुचित सरकार के अधीन नियंत्रण वाले प्रतिष्ठान पर लागू नहीं होते हैं ?
- (a)मध्य प्रदेश
- (b)गुजरात
- (c)केरल
- (d)पश्चिम बंगाल
सही उत्तर — B, (b) गुजरात । यह प्रश्न औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946 की धारा 12A पर टिका है, जो 1963 के संशोधन से जोड़ी गई और जिसका शीर्षक ही है — आदर्श स्थायी आदेशों का अस्थायी प्रयोग । धारा 12A(1) कहती है कि जिस दिन से यह अधिनियम किसी औद्योगिक स्थापन पर लागू होता है, उस दिन से लेकर उसके अपने स्थायी आदेशों के अंतिम रूप से प्रमाणित होकर प्रवृत्त होने के दिन तक, विहित आदर्श स्थायी आदेश उस स्थापन में अपनाए गए समझे जाएँगे । अर्थात् बीच के अंतराल में कर्मकार बिना किसी लिखित सेवा-शर्त के नहीं छोड़े जाते । इसके ठीक बाद धारा 12A(2) एक अपवाद बनाती है : उपधारा (1) उन औद्योगिक स्थापनों पर लागू नहीं होगी जिनके संबंध में समुचित सरकार गुजरात राज्य की सरकार या महाराष्ट्र राज्य की सरकार है । चारों विकल्पों में इन दो नामों में से केवल गुजरात रखा गया है, इसलिए उत्तर वही है । अपवाद का कारण भी सीधा है — गुजरात और महाराष्ट्र, दोनों पुराने बंबई राज्य से निकले हैं, और वहाँ बंबई औद्योगिक संबंध अधिनियम, 1946 के रूप में सेवा-शर्तें तय करने की अपनी अलग व्यवस्था पहले से चली आ रही है ; उस पर केंद्र के आदर्श स्थायी आदेश थोपने की आवश्यकता नहीं समझी गई । एक शब्द-सावधानी : हिन्दी प्रश्न-वाक्य में 'नियंत्रण' शब्द आया है, पर धारा की कसौटी नियंत्रण नहीं है — कसौटी यह है कि उस स्थापन के लिए समुचित सरकार कौन-सी है ।
- (a)मध्य प्रदेश — मध्य प्रदेश धारा 12A(2) की सूची में नहीं है, इसलिए वहाँ आदर्श स्थायी आदेशों का अस्थायी प्रयोग पूरी तरह चलता है — अधिनियम लागू होने के दिन से लेकर उस स्थापन के अपने स्थायी आदेश प्रमाणित होकर प्रवृत्त होने तक विहित आदर्श स्थायी आदेश अपनाए गए माने जाएँगे । यह ध्यान रखिए कि अपवाद का आधार राज्य का आकार, उसका औद्योगीकरण या उसका क्षेत्र नहीं है ; आधार यह है कि उस राज्य में सेवा-शर्तों का अपना पूर्ववर्ती क़ानून पहले से मौजूद है । मध्य प्रदेश के साथ ऐसी कोई विशेष स्थिति नहीं जुड़ी ।
- (c)केरल — केरल भी उन दो राज्यों में नहीं है जिन्हें धारा 12A(2) बाहर रखती है । यहाँ 'समुचित सरकार' पद का अर्थ साफ़ कर लेना उपयोगी है : अधिनियम की धारा 2(b) के अनुसार समुचित सरकार वह है जिसके प्राधिकार-क्षेत्र में वह स्थापन आता है — रेल, खान, तेल-क्षेत्र, बड़े बंदरगाह तथा केंद्रीय उपक्रम जैसे विषयों में केंद्रीय सरकार, और शेष में राज्य सरकार । इसलिए प्रश्न यह नहीं पूछ रहा कि कारखाना किस भूगोल में है, बल्कि यह कि उसके लिए समुचित सरकार कौन-सी है । केरल की स्थिति में इस उपधारा का अपवाद कहीं नहीं आता ।
- (d)पश्चिम बंगाल — पश्चिम बंगाल भी इस अपवाद में नहीं आता । यहाँ एक बात साफ़ समझ लीजिए, क्योंकि परीक्षा में यही चूक होती है : धारा 12A(2) दो राज्यों को बाहर रखती है — गुजरात और महाराष्ट्र । इस प्रश्नपत्र ने उन दो में से केवल एक नाम विकल्पों में रखा है, इसलिए इस पृष्ठ पर उत्तर एक ही है ; पर यदि किसी दूसरी परीक्षा में महाराष्ट्र भी विकल्पों में दिख जाए तो वह भी उतना ही सही होगा । दोनों नाम एक साथ याद रखिए, अकेला गुजरात नहीं ।
औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946 का उद्देश्य यह है कि औद्योगिक स्थापनों में नियोजन की शर्तें लिखित, प्रमाणित और सबको ज्ञात हों — वर्गीकरण, काम के घंटे, पालियाँ, हाज़िरी, छुट्टी, बंदी, निलंबन, बर्ख़ास्तगी और कदाचार जैसे विषय अनुसूची में गिनाए गए हैं । नियोजक को अधिनियम लागू होने के छह मास के भीतर प्रारूप स्थायी आदेश प्रमाणकारी अधिकारी के पास देने होते हैं (धारा 3), जिन्हें प्रमाणित किया जाता है (धारा 5) और जिनके विरुद्ध अपील होती है (धारा 6) । बीच की अवधि के लिए धारा 12A आदर्श स्थायी आदेशों को अपनाया हुआ मान लेती है, और उसकी उपधारा (2) गुजरात तथा महाराष्ट्र की समुचित सरकार वाले स्थापनों को इस व्यवस्था से बाहर रखती है ।
यह अपवाद इतिहास की देन है । गुजरात और महाराष्ट्र दोनों पुराने बंबई राज्य के उत्तराधिकारी हैं, और वहाँ बंबई औद्योगिक संबंध अधिनियम, 1946 पहले से सेवा-शर्तों तथा औद्योगिक संबंधों की अपनी व्यवस्था चलाता आया है ; इसीलिए 1963 के संशोधन ने इन दो राज्यों को आदर्श स्थायी आदेशों के अस्थायी प्रयोग से अलग रखा । पद-शब्दावली पर भी ध्यान दीजिए — इस प्रश्नपत्र ने establishment को इस प्रश्न में 'प्रतिष्ठान' लिखा है और आगे ठेका श्रम वाले प्रश्न में 'स्थापन' ; दोनों एक ही अंग्रेज़ी पद के अनुवाद हैं । इसी तरह हिन्दी वाक्य में 'नियंत्रण' शब्द जुड़ गया है, जो धारा की भाषा में नहीं है : धारा की कसौटी यही है कि उस स्थापन के लिए समुचित सरकार कौन-सी है ।
- धारा 12A 1963 के संशोधन से जोड़ी गई और आदर्श स्थायी आदेशों के अस्थायी प्रयोग से संबंधित है ।
- धारा 12A(1) — अधिनियम के लागू होने के दिन से स्वयं के स्थायी आदेश प्रवृत्त होने तक विहित आदर्श स्थायी आदेश अपनाए गए समझे जाएँगे ।
- धारा 12A(2) — यह व्यवस्था उन स्थापनों पर लागू नहीं होगी जिनके लिए समुचित सरकार गुजरात या महाराष्ट्र राज्य की सरकार है ।
- अपवाद का कारण — इन दोनों राज्यों में बंबई औद्योगिक संबंध अधिनियम, 1946 की अपनी व्यवस्था पहले से चली आ रही है ।
- धारा 3 के अनुसार नियोजक को अधिनियम लागू होने के छह मास के भीतर प्रारूप स्थायी आदेश प्रमाणकारी अधिकारी को देने होते हैं ।
- अधिनियम सामान्यतः उन औद्योगिक स्थापनों पर लागू होता है जिनमें एक सौ या अधिक कर्मकार नियोजित हैं ; समुचित सरकार इसे इससे कम संख्या वाले स्थापनों तक भी बढ़ा सकती है ।
- अपवाद को एक ही राज्य का मान लेना ; धारा 12A(2) में गुजरात और महाराष्ट्र, दोनों हैं ।
- आदर्श स्थायी आदेश और प्रमाणित स्थायी आदेश को एक मान लेना ; आदर्श आदेश केवल बीच की अवधि के लिए हैं ।
- 'समुचित सरकार' को स्थापन के भूगोल से जोड़ देना ; वह विषय-सूची से तय होती है ।
- धारा 12A को मूल 1946 के अधिनियम का हिस्सा मान लेना ; वह 1963 के संशोधन से आई है ।
श्रम विधि के प्रश्नों में EPFO की सबसे प्रिय चाल यही है — किसी धारा में छिपे अपवाद को पकड़ना । इसलिए हर अधिनियम पढ़ते समय तीन बातें अलग से लिखिए : वह किन पर लागू होता है, किन पर लागू नहीं होता, और कौन-सा प्राधिकारी क्या करता है । इस अधिनियम में यही तीनों क्रमशः धारा 1(3), धारा 12A(2) और धारा 3 से 6 में मिलते हैं । संख्याओं और समय-सीमाओं की एक अलग सूची भी बनाइए — छह मास, तीस दिन, सात दिन — क्योंकि प्रश्नपत्र इन्हीं को आपस में बदलकर विकल्प बनाता है ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946 की धारा 12A(2) के अधीन आदर्श स्थायी आदेशों का अस्थायी प्रयोग किन दो राज्यों की समुचित सरकार वाले स्थापनों पर लागू नहीं होता ?
- (a)गुजरात और महाराष्ट्र
- (b)गुजरात और केरल
- (c)महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल
- (d)मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र
उत्तर(a) गुजरात और महाराष्ट्र — दोनों पुराने बंबई राज्य के उत्तराधिकारी हैं, जहाँ बंबई औद्योगिक संबंध अधिनियम, 1946 की अपनी व्यवस्था पहले से चलती है ।
- practice — not a real PYQ
औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946 के अधीन नियोजक को प्रारूप स्थायी आदेश प्रमाणकारी अधिकारी के पास कितनी अवधि के भीतर प्रस्तुत करने होते हैं ?
- (a)तीस दिन
- (b)तीन मास
- (c)छह मास
- (d)एक वर्ष
उत्तर(c) छह मास — धारा 3 के अनुसार अधिनियम के उस स्थापन पर लागू होने की तिथि से छह मास के भीतर ।