संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा विकसित वैश्विक बहुआयामी ग़रीबी इंडेक्स किसका माप है ? 1. पोषण का 2. भोजन पकाने वाले ईंधन का 3. परिसंपत्तियों का 4. विद्यालय में उपस्थिति का नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- (a)1, 2, 3 और 4
- (b)केवल 1, 2 और 3
- (c)केवल 2, 3 और 4
- (d)केवल 1 और 4
सही उत्तर — A, (a) 1, 2, 3 और 4 । वैश्विक बहुआयामी ग़रीबी इंडेक्स संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय की ऑक्सफ़र्ड ग़रीबी एवं मानव विकास पहल (OPHI) मिलकर प्रकाशित करते हैं, और यह 2010 से हर वर्ष आ रहा है । इसका मूल विचार यह है कि ग़रीबी केवल आय की कमी नहीं है ; एक ही परिवार एक साथ कई अभावों में जी सकता है, और उन्हीं अभावों को गिनकर ग़रीबी नापी जानी चाहिए । इसलिए यह इंडेक्स तीन आयामों में दस संकेतकों को देखता है । स्वास्थ्य आयाम में दो संकेतक हैं — पोषण और बाल मृत्यु । शिक्षा आयाम में भी दो — विद्यालयी शिक्षा के वर्ष और विद्यालय में उपस्थिति । जीवन-स्तर आयाम में छह — भोजन पकाने वाला ईंधन, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास और परिसंपत्तियाँ । अब प्रश्न के चारों मदों को इस सूची पर रखिए : पोषण स्वास्थ्य आयाम का संकेतक है, विद्यालय में उपस्थिति शिक्षा आयाम का, तथा भोजन पकाने वाला ईंधन और परिसंपत्तियाँ दोनों जीवन-स्तर आयाम के । अर्थात् चारों इस इंडेक्स के संकेतक हैं और कोई भी बाहर नहीं है, इसलिए उत्तर 'सभी' ही बनता है । भारांक की व्यवस्था भी जान लीजिए, क्योंकि उससे प्रश्न बनते हैं : तीनों आयामों को बराबर एक-तिहाई भार मिलता है, अतः स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रत्येक संकेतक का भार एक-बटा-छह और जीवन-स्तर के प्रत्येक संकेतक का भार एक-बटा-अठारह होता है । कोई व्यक्ति तब बहुआयामी रूप से ग़रीब गिना जाता है जब वह भारित संकेतकों के कम से कम एक-तिहाई में अभावग्रस्त हो, और अंतिम इंडेक्स ग़रीबों के अनुपात तथा उनके अभावों की तीव्रता — दोनों का गुणनफल होता है ।
- (b)केवल 1, 2 और 3 — यह विकल्प विद्यालय में उपस्थिति को बाहर कर देता है, जबकि वह शिक्षा आयाम के दो संकेतकों में से एक है । शिक्षा को इस इंडेक्स में दो कोणों से देखा जाता है — परिवार के किसी वयस्क सदस्य ने कितने वर्ष विद्यालयी शिक्षा पाई, और क्या घर का कोई विद्यालय-आयु का बच्चा विद्यालय से बाहर है । दूसरा संकेतक इसलिए महत्त्वपूर्ण है कि वह वर्तमान अभाव बताता है, जबकि पहला बीते समय का । इसलिए इसे छोड़कर बनी कोई भी सूची अधूरी है ।
- (c)केवल 2, 3 और 4 — यह विकल्प पोषण को बाहर कर देता है, जो स्वास्थ्य आयाम का पहला संकेतक है और वस्तुतः इस इंडेक्स के सबसे भारी संकेतकों में से एक — क्योंकि स्वास्थ्य आयाम में केवल दो संकेतक हैं, इसलिए प्रत्येक का भार एक-बटा-छह बैठता है, जो जीवन-स्तर के किसी संकेतक से तीन गुना है । पोषण में परिवार के किसी भी सदस्य का अल्पपोषित होना देखा जाता है । इसे छोड़ देना इंडेक्स की संरचना को ही ग़लत समझ लेना है ।
- (d)केवल 1 और 4 — यह सबसे संकीर्ण विकल्प है, जो केवल पोषण और विद्यालय उपस्थिति को स्वीकार करता है और भोजन पकाने वाले ईंधन तथा परिसंपत्तियों को बाहर कर देता है । यह उस भ्रम से बनता है कि यह इंडेक्स केवल स्वास्थ्य और शिक्षा नापता है । वास्तव में उसका तीसरा आयाम — जीवन-स्तर — अकेले छह संकेतक रखता है, और उन्हीं में स्वच्छ ईंधन तक पहुँच तथा घर की बुनियादी परिसंपत्तियाँ आती हैं । यही आयाम इंडेक्स को आय-आधारित मापों से अलग करता है, क्योंकि वह घर के भीतर की वास्तविक स्थिति देखता है, न कि केवल कमाई ।
वैश्विक बहुआयामी ग़रीबी इंडेक्स ऐल्काइअर-फ़ॉस्टर पद्धति पर बना है । इसमें पहले प्रत्येक परिवार के लिए दस संकेतकों पर अभाव देखे जाते हैं, फिर उन्हें भार देकर जोड़ा जाता है । जिस व्यक्ति का भारित अभाव-अंक एक-तिहाई या उससे अधिक हो, वह बहुआयामी रूप से ग़रीब माना जाता है । अंतिम इंडेक्स दो राशियों का गुणनफल है — ग़रीबों का अनुपात (headcount ratio) और उनके अभावों की औसत तीव्रता । इसका लाभ यह है कि एक ही संख्या यह भी बताती है कि कितने लोग ग़रीब हैं और यह भी कि उनकी ग़रीबी कितनी गहरी है, और संकेतकों के आँकड़े नीति बनाने वालों को यह दिखा देते हैं कि अभाव किस क्षेत्र में सबसे अधिक है ।
यह इंडेक्स आय-आधारित ग़रीबी रेखा की सीमाओं के उत्तर में विकसित हुआ । आय की एक रेखा यह नहीं बताती कि परिवार के बच्चे विद्यालय जाते हैं या नहीं, घर में शौचालय है या नहीं, या भोजन किस ईंधन पर पकता है । बहुआयामी माप इन्हीं प्रश्नों को सीधे पूछता है, इसलिए वह नीति के लिए अधिक उपयोगी माना जाता है । भारत ने इसी पद्धति पर नीति आयोग के माध्यम से राष्ट्रीय बहुआयामी ग़रीबी इंडेक्स बनाया है, जो उन्हीं तीन आयामों में कुछ अतिरिक्त संकेतक जोड़कर राज्य और ज़िला स्तर पर ग़रीबी दिखाता है । प्रश्न का स्टेम इंडेक्स को केवल संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम से जोड़ता है ; वस्तुतः वह उसका और OPHI का संयुक्त प्रकाशन है, और उत्तर पर इससे कोई अंतर नहीं पड़ता ।
- वैश्विक बहुआयामी ग़रीबी इंडेक्स संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम तथा ऑक्सफ़र्ड ग़रीबी एवं मानव विकास पहल (OPHI) द्वारा 2010 से प्रकाशित किया जा रहा है ।
- तीन आयाम — स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन-स्तर ; कुल दस संकेतक ।
- स्वास्थ्य के संकेतक — पोषण और बाल मृत्यु ; शिक्षा के — विद्यालयी शिक्षा के वर्ष और विद्यालय में उपस्थिति ।
- जीवन-स्तर के छह संकेतक — भोजन पकाने वाला ईंधन, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास और परिसंपत्तियाँ ।
- तीनों आयामों का भार बराबर एक-तिहाई है ; इसलिए स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रत्येक संकेतक का भार एक-बटा-छह तथा जीवन-स्तर के प्रत्येक संकेतक का एक-बटा-अठारह ।
- जो व्यक्ति भारित संकेतकों के कम से कम एक-तिहाई में अभावग्रस्त हो, वह बहुआयामी रूप से ग़रीब माना जाता है ।
- इंडेक्स ग़रीबों के अनुपात और उनके अभावों की तीव्रता का गुणनफल होता है ; भारत में इसी पद्धति पर नीति आयोग का राष्ट्रीय बहुआयामी ग़रीबी इंडेक्स बना है ।
- इसे केवल स्वास्थ्य और शिक्षा का माप मान लेना ; जीवन-स्तर के छह संकेतक इसका सबसे बड़ा भाग हैं ।
- इसे आय-आधारित ग़रीबी रेखा का ही दूसरा नाम समझ लेना ।
- वैश्विक इंडेक्स और नीति आयोग के राष्ट्रीय इंडेक्स के संकेतकों को आपस में मिला देना ।
इस विषय पर प्रश्न प्रायः दो रूपों में आते हैं — कौन-कौन से संकेतक इसमें सम्मिलित हैं, जैसे यहाँ, अथवा यह कि इंडेक्स कौन प्रकाशित करता है और उसके कितने आयाम तथा संकेतक हैं । कभी-कभी किसी संकेतक को हटाकर या कोई बाहरी मद जोड़कर परखा जाता है, जैसे प्रति व्यक्ति आय या बेरोज़गारी दर, जो इस इंडेक्स के संकेतक नहीं हैं । इसलिए तीन आयाम और दस संकेतक क्रम से याद रखना इस प्रश्न-प्रकार के लिए पर्याप्त तैयारी है ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
वैश्विक बहुआयामी ग़रीबी इंडेक्स में कुल कितने आयाम और कितने संकेतक होते हैं ?
- (a)दो आयाम और आठ संकेतक
- (b)तीन आयाम और दस संकेतक
- (c)तीन आयाम और बारह संकेतक
- (d)चार आयाम और दस संकेतक
उत्तर(b) तीन आयाम और दस संकेतक — स्वास्थ्य में दो, शिक्षा में दो और जीवन-स्तर में छह संकेतक होते हैं ।
- practice — not a real PYQ
निम्नलिखित में से कौन-सा वैश्विक बहुआयामी ग़रीबी इंडेक्स का संकेतक नहीं है ?
- (a)स्वच्छता
- (b)बिजली
- (c)प्रति व्यक्ति आय
- (d)बाल मृत्यु
उत्तर(c) प्रति व्यक्ति आय — यह इंडेक्स जान-बूझकर आय के बजाय घर-स्तर के वास्तविक अभावों को नापता है ।