संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-कौन से कथन सही हैं ? 1. इस योजना के लिए नोडल मंत्रालय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय होता है । 2. इस योजना के अधीन जारी निधि व्यपगत नहीं होती । 3. संसद सदस्य की भूमिका निर्माण कार्यों को अनुशंसित करने तक सीमित होती है । 4. यह योजना उस राज्य तक सीमित होती है जहाँ से वह संसद सदस्य निर्वाचित हुआ है (लोक सभा) । तथापि, राज्य सभा का संसद सदस्य देश में कहीं भी निर्माण कार्यों की अनुशंसा कर सकता है । नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- (a)केवल 1 और 4
- (b)केवल 1, 2 और 3
- (c)केवल 2, 3 और 4
- (d)1, 2, 3 और 4
सही उत्तर — B, (b) केवल 1, 2 और 3 । एक-एक कथन जाँचिए । कथन 1 सही है : यह योजना 1993 में आरंभ हुई थी और आरंभ में ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन थी, किन्तु 1994 से उसका नोडल मंत्रालय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय है, जो आज तक इसकी मार्गदर्शिका जारी करता और निधि जारी करता है । कथन 2 भी सही है : इस योजना की निधि व्यपगत नहीं होती । सामान्य बजटीय नियम यह है कि वर्ष के अंत तक ख़र्च न हुई रक़म समाप्त हो जाती है, पर यहाँ किसी वर्ष की अव्ययित राशि अगले वर्ष के लिए बनी रहती है, ताकि लंबी अवधि में पूरे होने वाले निर्माण कार्य बीच में न रुकें । कथन 3 भी सही है और यही योजना का सबसे महत्त्वपूर्ण संरचनात्मक तथ्य है : संसद सदस्य केवल कार्यों की अनुशंसा करता है । न वह निविदा निकालता है, न ठेका देता है, न भुगतान करता है । अनुशंसा मिलने पर ज़िला प्राधिकारी उसकी पात्रता जाँचता है, कार्य स्वीकृत करता है, कार्यान्वयन एजेंसी नियुक्त करता है और लेखे रखता है । इस विभाजन का उद्देश्य निर्वाचित प्रतिनिधि की स्थानीय समझ को प्रशासनिक जवाबदेही के साथ जोड़ना है । कथन 4 ग़लत है, और वह दो जगह ग़लत है । लोक सभा का सदस्य पूरे राज्य में नहीं, केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र में कार्यों की अनुशंसा कर सकता है । और राज्य सभा का सदस्य देश में कहीं भी नहीं, बल्कि उस राज्य में कहीं भी अनुशंसा कर सकता है जहाँ से वह निर्वाचित हुआ है । देश में कहीं भी अनुशंसा करने की छूट दोनों सदनों के नामनिर्देशित सदस्यों को है, क्योंकि उनका कोई निर्वाचन क्षेत्र या राज्य नहीं होता । इसके अतिरिक्त मार्गदर्शिका गंभीर प्रकृति की आपदा की दशा में अपने क्षेत्र से बाहर सीमित अनुशंसा की भी अनुमति देती है । अतः सही कथन 1, 2 और 3 हैं ।
- (a)केवल 1 और 4 — इस विकल्प में कथन 4 सम्मिलित है, जो ग़लत है, और कथन 2 तथा 3 छूट गए हैं, जो दोनों सही हैं । कथन 4 की भूल यह है कि वह लोक सभा सदस्य का क्षेत्र 'राज्य' बता देता है, जबकि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र तक सीमित है, और राज्य सभा सदस्य को पूरे देश की छूट दे देता है, जबकि वह अपने निर्वाचित राज्य तक सीमित है । योजना की निधि का व्यपगत न होना और सदस्य की भूमिका का केवल अनुशंसा तक सीमित रहना — ये दोनों इस योजना की पहचान हैं और इन्हें छोड़कर बना कोई भी युग्म अधूरा है ।
- (c)केवल 2, 3 और 4 — इसमें कथन 2 और 3 तो सही हैं, पर कथन 4 ग़लत होने के कारण पूरा समुच्चय गिर जाता है ; साथ ही कथन 1 छोड़ दिया गया है, जो पूरी तरह सही है । नोडल मंत्रालय का प्रश्न इस योजना पर पूछे जाने वाले सबसे नियमित तथ्यों में है — आरंभ ग्रामीण विकास मंत्रालय से हुआ था, पर 1994 से यह सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के पास है । इस विकल्प को चुनने वाला अभ्यर्थी प्रायः वही होता है जो आरंभिक व्यवस्था को वर्तमान व्यवस्था मान बैठता है ।
- (d)1, 2, 3 और 4 — यह 'सभी कथन सही हैं' वाला विकल्प है, जो कथन 4 के कारण नहीं चल सकता । ऐसे विकल्प तब आकर्षक लगते हैं जब तीन कथन स्पष्ट रूप से सही दिख रहे हों और चौथा भी परिचित-सा लगे । यहाँ चौथा कथन परिचित इसीलिए लगता है कि उसमें लोक सभा और राज्य सभा का भेद सचमुच मौजूद है — केवल उसकी दिशा बदल दी गई है । सही नियम यह है : लोक सभा सदस्य अपने निर्वाचन क्षेत्र में, राज्य सभा सदस्य अपने राज्य में कहीं भी, और नामनिर्देशित सदस्य देश में कहीं भी ।
संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना 1993 में आरंभ की गई थी । इसका उद्देश्य यह है कि प्रत्येक संसद सदस्य अपने क्षेत्र में स्थायी सामुदायिक परिसंपत्तियों — पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सड़क और सामुदायिक भवन जैसी — के निर्माण की अनुशंसा कर सके । प्रत्येक सदस्य को प्रति वर्ष पाँच करोड़ रुपये की पात्रता है, जो दो किस्तों में जारी होती है । निधि सीधे सदस्य को नहीं मिलती ; वह ज़िला प्राधिकारी के पास जाती है, जो कार्य स्वीकृत करता है और कार्यान्वयन एजेंसी से काम कराता है । मार्गदर्शिका कुछ कार्यों को स्पष्ट रूप से वर्जित करती है — जैसे व्यक्तिगत लाभ की परिसंपत्तियाँ, कार्यालय भवन और स्मारक — ताकि व्यय सामुदायिक ही रहे ।
इस योजना पर परीक्षा में तीन बातें बार-बार पूछी जाती हैं : नोडल मंत्रालय, निधि की अव्यपगत प्रकृति, और सदस्य की भूमिका की सीमा । चौथा तथ्य — क्षेत्रीय विस्तार — प्रायः उलटकर पूछा जाता है, जैसे इस प्रश्न में । उसे ठीक-ठीक याद रखने का सूत्र यह है कि प्रत्येक सदस्य वहीं अनुशंसा कर सकता है जहाँ से वह उत्तरदायी है : लोक सभा सदस्य निर्वाचन क्षेत्र के प्रति उत्तरदायी है, राज्य सभा सदस्य राज्य के प्रति, और नामनिर्देशित सदस्य किसी क्षेत्र विशेष के प्रति नहीं, इसलिए उसे पूरे देश की छूट है । योजना के इतिहास से एक और तथ्य जुड़ा है : कोविड-19 महामारी के समय 2020 में इसे अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया था और बाद में पुनः चालू किया गया । योजना की संवैधानिक आलोचना यह रही है कि इसमें विधायी कार्य करने वाले सदस्य कार्यपालिका जैसे काम में आ जाते हैं ; इसी प्रश्न पर उच्चतम न्यायालय ने 2010 में योजना की वैधता को यह कहते हुए बनाए रखा था कि सदस्य की भूमिका अनुशंसात्मक ही है ।
- योजना 1993 में आरंभ हुई ; नोडल मंत्रालय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय है, जिसके पास यह 1994 से है ।
- प्रति संसद सदस्य वार्षिक पात्रता पाँच करोड़ रुपये है, जो दो किस्तों में जारी होती है ।
- निधि व्यपगत नहीं होती — किसी वर्ष की अव्ययित राशि अगले वर्ष के लिए बनी रहती है ।
- संसद सदस्य की भूमिका केवल कार्यों की अनुशंसा तक सीमित है ; स्वीकृति, कार्यान्वयन और लेखे ज़िला प्राधिकारी के पास हैं ।
- लोक सभा सदस्य अपने निर्वाचन क्षेत्र में, राज्य सभा सदस्य अपने निर्वाचित राज्य में कहीं भी, और नामनिर्देशित सदस्य देश में कहीं भी अनुशंसा कर सकता है ।
- गंभीर प्रकृति की आपदा की दशा में मार्गदर्शिका अपने क्षेत्र से बाहर सीमित अनुशंसा की अनुमति देती है ।
- निधि स्थायी सामुदायिक परिसंपत्तियों के लिए है ; व्यक्तिगत लाभ की परिसंपत्तियाँ और कार्यालय भवन जैसे कार्य वर्जित हैं ।
- लोक सभा सदस्य का क्षेत्र पूरे राज्य को मान लेना ; वह अपने निर्वाचन क्षेत्र तक सीमित है ।
- राज्य सभा सदस्य को देश भर की छूट दे देना ; वह छूट नामनिर्देशित सदस्यों के पास है ।
- आरंभिक नोडल मंत्रालय (ग्रामीण विकास) को वर्तमान नोडल मंत्रालय मान लेना ।
सरकारी योजनाओं वाले खंड में MPLADS एक नियमित विषय है और प्रश्न प्रायः कथन-आधारित होते हैं, जिनमें एक कथन क्षेत्रीय सीमा को उलट देता है । सीधे तथ्यात्मक रूप में भी पूछा जाता है — नोडल मंत्रालय कौन-सा है, वार्षिक पात्रता कितनी है, निधि व्यपगत होती है या नहीं, और कार्य स्वीकृत कौन करता है । इसलिए योजना को चार बिंदुओं में याद रखिए : मंत्रालय, राशि, अव्यपगत प्रकृति और भूमिका का विभाजन ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अधीन कार्य स्वीकृत करने और उन्हें कार्यान्वित कराने का उत्तरदायित्व किसका है ?
- (a)संबंधित संसद सदस्य का
- (b)ज़िला प्राधिकारी का
- (c)राज्य के मुख्य सचिव का
- (d)सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय का
उत्तर(b) ज़िला प्राधिकारी का — संसद सदस्य केवल अनुशंसा करता है, जबकि पात्रता की जाँच, स्वीकृति, कार्यान्वयन और लेखे ज़िला प्राधिकारी के पास रहते हैं ।
- practice — not a real PYQ
इस योजना के अधीन नामनिर्देशित संसद सदस्य कहाँ कार्यों की अनुशंसा कर सकता है ?
- (a)केवल दिल्ली में
- (b)केवल अपने जन्म-राज्य में
- (c)देश में कहीं भी
- (d)वह अनुशंसा नहीं कर सकता
उत्तर(c) देश में कहीं भी — नामनिर्देशित सदस्य का कोई निर्वाचन क्षेत्र या निर्वाचित राज्य नहीं होता, इसलिए उसे यह छूट दी गई है ।