10 सेंटीमीटर भुजा वाले बर्फ के घन को समान भुजा वाले आठ छोटे घनों में विभाजित किया गया । इस संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही है ?
- (a)कुल आयतन बढ़ेगा और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल घटेगा ।
- (b)कुल आयतन घटेगा और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल बढ़ेगा ।
- (c)कुल आयतन वही बना रहेगा और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल बढ़ेगा ।
- (d)कुल आयतन बढ़ेगा और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल वही बना रहेगा ।
सही उत्तर — C, (c) कुल आयतन वही बना रहेगा और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल बढ़ेगा । पहले यह देखिए कि छोटे घनों की भुजा कितनी होगी । बड़े घन का आयतन 10 × 10 × 10 = 1000 घन सेंटीमीटर है और उससे आठ बराबर घन बनने हैं, अतः प्रत्येक छोटे घन का आयतन 1000 ÷ 8 = 125 घन सेंटीमीटर हुआ, जिसका घनमूल 5 है । अर्थात् प्रत्येक छोटा घन 5 सेंटीमीटर भुजा का है — यही अपेक्षित भी था, क्योंकि बड़े घन को तीन परस्पर लंब तलों से बीचोंबीच काटने पर आठ बराबर टुकड़े बनते हैं । अब दोनों राशियाँ अलग-अलग जाँचिए । आयतन : आठ छोटे घनों का कुल आयतन 8 × 125 = 1000 घन सेंटीमीटर, अर्थात् पहले जितना ही । यह स्वाभाविक है — काटने से बर्फ़ कहीं ग़ायब नहीं होती, केवल उसी पदार्थ के टुकड़े बनते हैं । पृष्ठीय क्षेत्रफल : बड़े घन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 6 × 10² = 600 वर्ग सेंटीमीटर था । प्रत्येक छोटे घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल 6 × 5² = 150 वर्ग सेंटीमीटर है, अतः आठों का कुल 8 × 150 = 1200 वर्ग सेंटीमीटर, अर्थात् ठीक दुगुना । इस वृद्धि को दूसरी तरह से भी देख सकते हैं : तीन कटान लगाए गए और हर कटान ने 10 × 10 = 100 वर्ग सेंटीमीटर के दो नए फलक उघाड़े, अतः नया क्षेत्रफल 3 × 2 × 100 = 600 वर्ग सेंटीमीटर जुड़ा, और 600 + 600 = 1200 । जो पृष्ठ पहले घन के भीतर छिपे थे, वे अब बाहर आ गए — यही पूरी घटना है । अतः आयतन अपरिवर्तित और पृष्ठीय क्षेत्रफल दुगुना ; विकल्प (c) ही सही है । इसी से एक उपयोगी सामान्य नियम निकलता है : किसी पिंड को छोटे टुकड़ों में बाँटने पर पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन का अनुपात बढ़ जाता है ।
- (a)कुल आयतन बढ़ेगा और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल घटेगा । — इस विकल्प में दोनों बातें उलटी कही गई हैं । आयतन बढ़ नहीं सकता, क्योंकि काटने से पदार्थ न जुड़ता है न घटता — आठ टुकड़ों को फिर से जोड़ दिया जाए तो वही 1000 घन सेंटीमीटर वाला घन बन जाएगा । और पृष्ठीय क्षेत्रफल घट नहीं सकता, क्योंकि हर कटान नए फलक उघाड़ता है ; क्षेत्रफल घटने के लिए तो किसी पृष्ठ का छिपना आवश्यक होता, जो टुकड़े करने में होता ही नहीं । यह विकल्प उस अभ्यर्थी के लिए है जो 'आठ घन' शब्द पढ़कर मान लेता है कि अब वस्तु आठ गुनी हो गई ।
- (b)कुल आयतन घटेगा और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल बढ़ेगा । — इसका उत्तरार्ध सही है — पृष्ठीय क्षेत्रफल सचमुच बढ़ता है — पर पूर्वार्ध ग़लत है । आयतन घटने का अर्थ होगा कि कुछ बर्फ़ लुप्त हो गई, जबकि प्रश्न केवल विभाजन की बात कर रहा है, पिघलने या काटकर फेंकने की नहीं । आधा-सही विकल्प इसी प्रकार के प्रश्नों का सबसे आम जाल है, इसलिए दोनों राशियों को अलग-अलग जाँचकर ही विकल्प चुनना चाहिए । गणना दुहरा लीजिए : 8 × 125 = 1000, अर्थात् आयतन ज्यों का त्यों ।
- (d)कुल आयतन बढ़ेगा और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल वही बना रहेगा । — इस विकल्प में दोनों भाग ग़लत हैं । आयतन बढ़ने का कोई कारण नहीं, और पृष्ठीय क्षेत्रफल वही बना रहना तभी संभव होता जब कोई नया फलक बनता ही नहीं । वास्तव में क्षेत्रफल 600 से बढ़कर 1200 वर्ग सेंटीमीटर हो जाता है । यह विकल्प संभवतः इस भ्रम से बनाया गया है कि 'बाहरी सतह तो उतनी ही रही' — पर आठ टुकड़ों के लिए बाहरी सतह की गिनती अलग-अलग होती है, और कटान से बनी सतहें भी अब उन टुकड़ों की बाहरी सतहें हैं ।
घन के दो सूत्र इस प्रश्न की धुरी हैं : आयतन = भुजा³ और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6 × भुजा² । भुजा आधी करने पर आयतन आठवाँ भाग रह जाता है, जबकि क्षेत्रफल चौथाई ; इसीलिए आठ टुकड़े मिलकर आयतन में तो मूल के बराबर बैठते हैं, पर क्षेत्रफल में दुगुने हो जाते हैं । सामान्य नियम यह है कि किसी ठोस को n बराबर भागों में बाँटने पर कुल आयतन अपरिवर्तित रहता है और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल बढ़ जाता है, क्योंकि प्रत्येक कटान दो नए पृष्ठ उत्पन्न करता है । इसका दूसरा रूप है पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन का अनुपात, जो टुकड़े छोटे होने पर बढ़ता जाता है — यहाँ यह अनुपात 600/1000 से बढ़कर 1200/1000 हो गया, अर्थात् दुगुना ।
प्रश्न में बर्फ़ का घन लेने का कारण भी यही अनुपात है । जिस पदार्थ का पृष्ठीय क्षेत्रफल अधिक होता है, वह वातावरण से अधिक तेज़ी से क्रिया करता है ; इसीलिए कुचली हुई बर्फ़ एक बड़े टुकड़े की तुलना में जल्दी पिघलती है, चूर्ण के रूप में दवा या चीनी जल्दी घुलती है, और लकड़ी का बुरादा लट्ठे की तुलना में जल्दी जलता है । जीव विज्ञान में यही तर्क कोशिकाओं के छोटे रहने की व्याख्या करता है, क्योंकि छोटी कोशिका अपने आयतन की तुलना में अधिक सतह रखती है और आदान-प्रदान तेज़ी से कर पाती है । परीक्षा की दृष्टि से इस प्रकार के प्रश्न में सुरक्षित तरीक़ा यह है कि दोनों राशियों की गणना अलग-अलग करके पहले दो निर्णय लिख लिए जाएँ, और तभी विकल्पों को पढ़ा जाए ।
- घन का आयतन = भुजा³ और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6 × भुजा² ।
- 10 सेंटीमीटर भुजा के घन से आठ बराबर घन बनाने पर प्रत्येक की भुजा 5 सेंटीमीटर होती है ।
- आयतन — पहले 1000 घन सेंटीमीटर, बाद में 8 × 125 = 1000 घन सेंटीमीटर, अर्थात् अपरिवर्तित ।
- पृष्ठीय क्षेत्रफल — पहले 600 वर्ग सेंटीमीटर, बाद में 8 × 150 = 1200 वर्ग सेंटीमीटर, अर्थात् दुगुना ।
- जाँच का दूसरा तरीक़ा — तीन कटान, प्रत्येक से 100 वर्ग सेंटीमीटर के दो नए फलक, कुल 600 वर्ग सेंटीमीटर की वृद्धि ।
- टुकड़े करने पर पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन का अनुपात बढ़ता है ; इसीलिए कुचली बर्फ़ जल्दी पिघलती है और चूर्ण जल्दी घुलता है ।
- आधा-सही विकल्प चुन लेना — पृष्ठीय क्षेत्रफल की बात सही देखकर आयतन की ग़लत बात पर ध्यान न देना ।
- 'आठ घन' पढ़कर यह मान लेना कि कुल आयतन आठ गुना हो गया ।
- छोटे घन की भुजा 2·5 सेंटीमीटर मान लेना ; आठ भागों के लिए भुजा आधी होती है, चौथाई नहीं ।
क्षेत्रमिति का यह प्रकार EPFO और अन्य परीक्षाओं में प्रायः गुणात्मक रूप में आता है — संख्या पूछने के बजाय यह पूछा जाता है कि कौन-सी राशि बढ़ेगी, घटेगी या वही रहेगी । कभी यही प्रश्न ठोस को गलाकर छोटे गोले या तार बनाने के रूप में आता है, जहाँ आयतन स्थिर रहता है और शेष राशियाँ बदलती हैं । इसलिए ऐसे प्रश्नों में सबसे पहले यह पहचानिए कि पदार्थ की मात्रा स्थिर है या नहीं ; उसके बाद सूत्र लगाकर दूसरी राशि निकालना यांत्रिक भर रह जाता है ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
10 सेंटीमीटर भुजा वाले एक घन को समान भुजा वाले आठ छोटे घनों में बाँटा जाए तो कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल में कितनी वृद्धि होगी ?
- (a)300 वर्ग सेंटीमीटर
- (b)600 वर्ग सेंटीमीटर
- (c)900 वर्ग सेंटीमीटर
- (d)1200 वर्ग सेंटीमीटर
उत्तर(b) 600 वर्ग सेंटीमीटर — क्षेत्रफल 600 से बढ़कर 1200 वर्ग सेंटीमीटर हो जाता है, अर्थात् 600 वर्ग सेंटीमीटर की वृद्धि ।
- practice — not a real PYQ
कुचली हुई बर्फ़ एक बड़े टुकड़े की तुलना में जल्दी क्यों पिघलती है ?
- (a)क्योंकि उसका आयतन कम हो जाता है
- (b)क्योंकि उसका ताप बढ़ जाता है
- (c)क्योंकि उसका पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन का अनुपात बढ़ जाता है
- (d)क्योंकि उसका द्रव्यमान घट जाता है
उत्तर(c) क्योंकि उसका पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन का अनुपात बढ़ जाता है — अधिक सतह वातावरण के संपर्क में आती है, इसलिए ऊष्मा तेज़ी से पहुँचती है ।