निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही नहीं है ?
- (a)हाइड्रोजन आयन अकेले अस्तित्व में नहीं रह सकते ।
- (b)वे सभी यौगिक, जिनमें हाइड्रोजन होता है, अम्लीय होते हैं ।
- (c)HCl अणुओं से H+ आयनों का पृथक्करण जल के अभाव में घटित नहीं हो सकता ।
- (d)जल में घुलनशील क्षारक (बेस), क्षार (ऐल्कली) कहलाते हैं ।
सही उत्तर — B, (b) वे सभी यौगिक, जिनमें हाइड्रोजन होता है, अम्लीय होते हैं । स्टेम में 'नहीं' मोटे तिरछे अक्षरों में छपा है, अतः यहाँ ग़लत कथन खोजना है, और यही वह कथन है । यह सच है कि हर अम्ल में हाइड्रोजन होता है, पर इसका उलटा सच नहीं है — हाइड्रोजन युक्त हर यौगिक अम्ल नहीं होता । ग्लूकोस (C₆H₁₂O₆) और ऐल्कोहॉल (C₂H₅OH) दोनों में हाइड्रोजन प्रचुर मात्रा में है, फिर भी वे अम्लीय व्यवहार नहीं दिखाते ; मेथैन में चार हाइड्रोजन परमाणु हैं और वह उदासीन है ; अमोनिया में तीन हाइड्रोजन परमाणु हैं और वह जल में घुलकर क्षारकीय विलयन देती है । निर्णायक बात यह है कि यौगिक में हाइड्रोजन उपस्थित है या नहीं, बल्कि यह है कि वह जल में घुलने पर हाइड्रोजन आयन — व्यवहार में हाइड्रोनियम आयन H₃O⁺ — मुक्त करता है या नहीं । अम्ल जल में आयनित होकर ये आयन देते हैं, इसीलिए उनका विलयन विद्युत का चालन करता है और नीले लिटमस को लाल कर देता है । ग्लूकोस और ऐल्कोहॉल जल में घुलते तो हैं, पर आयनित होकर हाइड्रोजन आयन नहीं देते ; इसी कारण विद्युत-चालन की प्रसिद्ध प्रयोगशाला जाँच में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के विलयन से बल्ब जल उठता है, जबकि ग्लूकोस या ऐल्कोहॉल के विलयन से नहीं जलता । यही प्रयोग इस कथन को ग़लत सिद्ध करने का सबसे सीधा प्रमाण है । शेष तीनों कथन — हाइड्रोजन आयन का अकेले न रह पाना, जल के अभाव में HCl से H⁺ का पृथक्करण न होना, और जल में घुलनशील क्षारकों का क्षार कहलाना — तीनों सही हैं ।
- (a)हाइड्रोजन आयन अकेले अस्तित्व में नहीं रह सकते । — यह कथन सही है, इसलिए यह उत्तर नहीं हो सकता । मुक्त हाइड्रोजन आयन वस्तुतः एक नंगा प्रोटॉन है — उसमें कोई इलेक्ट्रॉन नहीं बचता — और इतना छोटा तथा इतना आवेश-सघन कण जलीय विलयन में अकेला नहीं रह सकता । वह तुरंत जल के अणु से जुड़कर हाइड्रोनियम आयन बना लेता है : H⁺ + H₂O से H₃O⁺ । इसीलिए अम्लों के गुणों की व्याख्या करते समय पाठ्यपुस्तकें H⁺ के स्थान पर H₃O⁺ लिखना अधिक सही मानती हैं ।
- (c)HCl अणुओं से H+ आयनों का पृथक्करण जल के अभाव में घटित नहीं हो सकता । — यह कथन भी सही है और इसका प्रमाण एक सरल प्रयोग है । शुष्क हाइड्रोक्लोरिक अम्ल गैस शुष्क नीले लिटमस पत्र को लाल नहीं करती, जबकि वही गैस जल में घुलते ही अम्लीय व्यवहार दिखाने लगती है और आर्द्र लिटमस को लाल कर देती है । कारण यह है कि HCl अणु से हाइड्रोजन आयन का अलग होना जल के अणुओं की उपस्थिति में ही संभव है, जो उस आयन को हाइड्रोनियम के रूप में स्थिर कर लेते हैं । जल के बिना पृथक्करण होता ही नहीं, इसलिए अम्लीय गुण भी प्रकट नहीं होते । यही कारण है कि अम्लीय व्यवहार को सदैव जलीय विलयन के संदर्भ में परिभाषित किया जाता है ।
- (d)जल में घुलनशील क्षारक (बेस), क्षार (ऐल्कली) कहलाते हैं । — यह कथन भी सही है और वस्तुतः एक परिभाषा है । वे क्षारक जो जल में घुलनशील हैं, क्षार (ऐल्कली) कहलाते हैं — जैसे सोडियम हाइड्रॉक्साइड, पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड और अमोनियम हाइड्रॉक्साइड ; कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड अल्प घुलनशील है और उसका विलयन चूने का पानी कहलाता है । इससे यह भी निकलता है कि हर क्षार क्षारक है, पर हर क्षारक क्षार नहीं — ताँबे और लोहे के हाइड्रॉक्साइड जल में लगभग अघुलनशील होने के कारण क्षारक तो हैं, क्षार नहीं । यह वही 'सभी-कुछ' वाला तर्क-ढाँचा है जिस पर विकल्प (b) टिका है, केवल वहाँ वह उलटा लगाया गया है ।
अम्ल वे पदार्थ हैं जो जलीय विलयन में हाइड्रोजन आयन देते हैं, और क्षारक वे हैं जो हाइड्रॉक्साइड आयन देते हैं या प्रोटॉन ग्रहण करते हैं । अम्ल का स्वाद खट्टा होता है, वह नीले लिटमस को लाल करता है, सक्रिय धातुओं से क्रिया कर हाइड्रोजन गैस देता है और कार्बोनेटों से कार्बन डाइऑक्साइड मुक्त करता है । क्षारक स्वाद में कड़वा और स्पर्श में साबुन जैसा होता है तथा लाल लिटमस को नीला कर देता है । अम्ल और क्षारक की क्रिया से लवण और जल बनते हैं — उदासीनीकरण । विलयन की अम्लीयता pH मापक्रम पर नापी जाती है, जिसमें 7 उदासीन है, 7 से कम अम्लीय और 7 से अधिक क्षारीय ; यह मापक्रम हाइड्रोजन आयन की सांद्रता पर आधारित है ।
यह प्रश्न सीधे विद्यालय स्तर के रसायन विज्ञान से आया है और उसकी सबसे प्रसिद्ध सावधानी को जाँचता है : 'सभी अम्लों में हाइड्रोजन होता है' और 'हाइड्रोजन वाले सभी यौगिक अम्ल होते हैं' — इन दो वाक्यों में से पहला सही है और दूसरा ग़लत । तर्कशास्त्र की भाषा में यह किसी कथन का विलोम मान लेने की भूल है, और परीक्षक इसी भूल पर विकल्प बनाता है । ऐसे 'सभी' वाले कथनों को परखने का सबसे तेज़ तरीक़ा एक प्रति-उदाहरण खोजना है : यहाँ ग्लूकोस या ऐल्कोहॉल का नाम याद आते ही कथन गिर जाता है । शेष तीनों कथन भी उसी अध्याय की परिचित पंक्तियाँ हैं, इसलिए यह प्रश्न ध्यान से पढ़ने भर की माँग करता है । विकल्प (c) में हाइड्रोजन आयन का धन चिह्न पुस्तिका में ऊपर उठे हुए अक्षर के रूप में छपा है ।
- सभी अम्लों में हाइड्रोजन होता है, पर हाइड्रोजन युक्त सभी यौगिक अम्ल नहीं होते — ग्लूकोस, ऐल्कोहॉल और मेथैन इसके उदाहरण हैं ।
- अम्लीय व्यवहार की कसौटी यह है कि यौगिक जल में आयनित होकर हाइड्रोजन आयन दे ; ग्लूकोस और ऐल्कोहॉल ऐसा नहीं करते ।
- मुक्त H⁺ एक नंगा प्रोटॉन है ; वह जल के अणु से जुड़कर हाइड्रोनियम आयन H₃O⁺ के रूप में रहता है ।
- शुष्क HCl गैस शुष्क लिटमस को लाल नहीं करती, क्योंकि जल के बिना H⁺ का पृथक्करण नहीं होता ।
- जल में घुलनशील क्षारक क्षार (ऐल्कली) कहलाते हैं — सोडियम हाइड्रॉक्साइड, पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड, अमोनियम हाइड्रॉक्साइड ।
- अम्ल के विलयन विद्युत का चालन करते हैं, इसीलिए विद्युत-चालन की जाँच में तनु HCl से बल्ब जलता है और ग्लूकोस के विलयन से नहीं ।
- 'सभी अम्लों में हाइड्रोजन होता है' का विलोम मान लेना कि हाइड्रोजन वाला हर यौगिक अम्ल है ।
- हर क्षारक को क्षार समझ लेना ; क्षार वही क्षारक है जो जल में घुलनशील हो ।
- नकारात्मक स्टेम में सही कथन चुन बैठना — यहाँ खोजना ग़लत कथन है ।
इस अध्याय से प्रश्न प्रायः कथन-परीक्षण के रूप में आते हैं, जिनमें एक कथन जान-बूझकर 'सभी' या 'कोई नहीं' जैसे निरपेक्ष शब्द के साथ रखा जाता है । इसके अतिरिक्त सीधे तथ्य भी पूछे जाते हैं — शुष्क HCl गैस और शुष्क लिटमस का प्रयोग, हाइड्रोनियम आयन का सूत्र, क्षार और क्षारक का भेद, और किसी पदार्थ का pH । निरपेक्ष शब्द वाला कथन दिखते ही उसके विरुद्ध एक उदाहरण खोजने की आदत इस खंड में सबसे उपयोगी है ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
निम्नलिखित में से किस यौगिक में हाइड्रोजन होने पर भी वह अम्लीय व्यवहार नहीं दिखाता ?
- (a)हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- (b)सल्फ़्यूरिक अम्ल
- (c)ग्लूकोस
- (d)नाइट्रिक अम्ल
उत्तर(c) ग्लूकोस — उसमें हाइड्रोजन प्रचुर है, पर वह जल में आयनित होकर हाइड्रोजन आयन नहीं देता, इसलिए उसका विलयन विद्युत का चालन भी नहीं करता ।
- practice — not a real PYQ
शुष्क हाइड्रोक्लोरिक अम्ल गैस शुष्क नीले लिटमस पत्र को लाल क्यों नहीं करती ?
- (a)क्योंकि गैस में हाइड्रोजन नहीं होता
- (b)क्योंकि जल के अभाव में H⁺ आयनों का पृथक्करण नहीं होता
- (c)क्योंकि लिटमस केवल क्षारकों से क्रिया करता है
- (d)क्योंकि गैस उदासीन होती है
उत्तर(b) क्योंकि जल के अभाव में H⁺ आयनों का पृथक्करण नहीं होता — जल में घुलते ही वही गैस अम्लीय गुण दिखाने लगती है ।