कौन-सी OSI परत किसी जालक्रम में कम्प्यूटरों के बीच संचार के प्रबंधन के लिए उत्तरदायी है ?
- (a)जालक्रम परत
- (b)परिवहन परत
- (c)सत्र (सेशन) परत
- (d)डेटा लिंक परत
सही उत्तर — C, (c) सत्र (सेशन) परत । OSI संदर्भ मॉडल की सात परतों में सत्र परत पाँचवीं है, और उसका काम नाम में ही छिपा है : दो कंप्यूटरों के बीच चलने वाली बातचीत — अर्थात् सत्र — को स्थापित करना, उसका प्रबंधन करना और अंत में उसे विधिवत समाप्त करना । इस परत के तीन प्रमुख कार्य गिनाए जाते हैं । पहला, सत्र की स्थापना और समाप्ति — कब संवाद आरंभ होगा और कब बंद । दूसरा, संवाद नियंत्रण (dialogue control) — यह तय करना कि दोनों पक्ष बारी-बारी से बोलेंगे (अर्ध द्वैध) या एक साथ (पूर्ण द्वैध), और किस समय किसकी बारी है । तीसरा, तुल्यकालन (synchronization) — लंबे स्थानांतरण के बीच-बीच में जाँच-बिंदु (checkpoints) रखना, ताकि संबंध टूट जाने पर पूरा काम फिर से आरंभ न करना पड़े और अंतिम जाँच-बिंदु से ही आगे बढ़ा जा सके । एक उदाहरण से यह बात साफ़ हो जाती है : यदि दो सौ पृष्ठ की फ़ाइल भेजते समय संबंध सौवें पृष्ठ पर टूट जाए, तो सत्र परत के जाँच-बिंदुओं के कारण शेष सौ पृष्ठ ही दोबारा भेजने पड़ते हैं । यही 'कंप्यूटरों के बीच संचार का प्रबंधन' है, जिसकी बात प्रश्न कर रहा है । सत्र परत को इसी कारण नेटवर्क का 'संवाद नियंत्रक' भी कहा जाता है । ध्यान रखिए कि व्यावहारिक इंटरनेट जिस TCP/IP मॉडल पर चलता है, उसमें सत्र, प्रस्तुति और अनुप्रयोग — तीनों परतें एक ही अनुप्रयोग परत में समेट दी गई हैं ; किन्तु परीक्षा में परतों के कार्य OSI मॉडल के अनुसार ही पूछे जाते हैं ।
- (a)जालक्रम परत — जालक्रम परत (network layer) तीसरी परत है और उसका काम संवाद का प्रबंधन नहीं, बल्कि पते और मार्ग का निर्धारण है । वह प्रत्येक पैकेट पर तार्किक पता (IP पता) लगाती है और यह तय करती है कि पैकेट किस मार्ग से, किन राउटरों से होता हुआ गंतव्य तक जाएगा — अर्थात् मार्गनिर्देशन (routing) । वह अलग-अलग नेटवर्कों को जोड़ने का काम भी करती है, इसलिए एक नेटवर्क से दूसरे तक पहुँचना उसी की ज़िम्मेदारी है । किन्तु दो पक्षों की बातचीत कब आरंभ हो, किसकी बारी है और कहाँ से फिर शुरू किया जाए — इन प्रश्नों से उसका कोई सरोकार नहीं ।
- (b)परिवहन परत — परिवहन परत (transport layer) चौथी परत है और यही सबसे नज़दीकी ग़लत विकल्प है, क्योंकि वह भी 'सिरे से सिरे तक' का संबंध बनाती है । पर उसका दायित्व आँकड़ों की विश्वसनीय सुपुर्दगी है, संवाद का प्रबंधन नहीं : वह संदेश को खंडों (segments) में बाँटती है, उन्हें क्रम में जोड़ती है, त्रुटि और प्रवाह का नियंत्रण करती है और पोर्ट संख्या के द्वारा सही प्रक्रिया तक आँकड़े पहुँचाती है ; TCP और UDP इसी परत के प्रोटोकॉल हैं । सरल भेद यह है कि परिवहन परत यह सुनिश्चित करती है कि जो भेजा गया वह पूरा और सही क्रम में पहुँचे, जबकि सत्र परत यह तय करती है कि बातचीत कब शुरू हो, कैसे चले और टूटने पर कहाँ से जुड़े ।
- (d)डेटा लिंक परत — डेटा लिंक परत दूसरी परत है और उसका क्षेत्र एक ही कड़ी तक सीमित है — आपस में सीधे जुड़े दो नोडों के बीच आँकड़ों का आवागमन । वह बिट्स को फ़्रेम में बाँधती है, भौतिक पता अर्थात् MAC पता जोड़ती है, त्रुटि का पता लगाती है और एक ही माध्यम पर कई उपकरणों की पहुँच नियंत्रित करती है (MAC उपपरत) । यह सब एक ही नेटवर्क खंड के भीतर की व्यवस्था है । दो दूरस्थ कंप्यूटरों के बीच पूरे संवाद का प्रबंधन इससे कहीं ऊपर की परत का काम है ।
OSI (Open Systems Interconnection) संदर्भ मॉडल संचार के काम को सात परतों में बाँटता है — नीचे से ऊपर : भौतिक, डेटा लिंक, जालक्रम, परिवहन, सत्र, प्रस्तुति और अनुप्रयोग । प्रत्येक परत नीचे वाली से सेवा लेती है और ऊपर वाली को सेवा देती है, जिससे किसी एक परत की तकनीक बदलने पर शेष अछूती रहती हैं । ऊपरी तीन परतें अनुप्रयोग से जुड़ी हैं — प्रस्तुति परत सांकेतिकरण, संपीड़न और कूटलेखन (encryption) देखती है, अनुप्रयोग परत उपयोगकर्ता तक सेवा पहुँचाती है, और सत्र परत उन दोनों के नीचे रहकर संवाद का ढाँचा सँभालती है । नीचे की चार परतें आँकड़ों के वास्तविक आवागमन से जुड़ी हैं । सत्र परत से संबंधित प्रचलित उदाहरणों में दूरस्थ प्रक्रिया आह्वान (RPC) और NetBIOS गिनाए जाते हैं ।
इस प्रश्न की सारी कठिनाई परिवहन परत और सत्र परत के बीच रेखा खींचने में है, क्योंकि दोनों 'सिरे से सिरे तक' काम करती हैं । एक वाक्य में भेद यह है : परिवहन परत आँकड़ों की सुपुर्दगी की गारंटी देती है, सत्र परत बातचीत के अनुशासन की । परीक्षा में परतों के कार्य याद रखने के लिए नीचे से ऊपर का क्रम — भौतिक, डेटा लिंक, जालक्रम, परिवहन, सत्र, प्रस्तुति, अनुप्रयोग — और प्रत्येक परत की एक पहचान-वस्तु याद रखना उपयोगी है : भौतिक पर बिट, डेटा लिंक पर फ़्रेम और MAC पता, जालक्रम पर पैकेट और IP पता, परिवहन पर खंड तथा पोर्ट, सत्र पर जाँच-बिंदु । पुस्तिका का हिन्दी स्तंभ network के लिए 'जालक्रम' शब्द प्रयोग करता है, जो कम प्रचलित है ; अर्थ वही नेटवर्क है और स्टेम में भी वही शब्द आया है ।
- OSI मॉडल की सात परतें नीचे से ऊपर — भौतिक, डेटा लिंक, जालक्रम, परिवहन, सत्र, प्रस्तुति, अनुप्रयोग ।
- सत्र परत पाँचवीं है ; वह सत्र की स्थापना, संवाद नियंत्रण और तुल्यकालन (जाँच-बिंदु) का काम करती है ।
- जाँच-बिंदुओं के कारण संबंध टूटने पर स्थानांतरण अंतिम जाँच-बिंदु से फिर आरंभ हो सकता है, आरंभ से नहीं ।
- परिवहन परत (चौथी) खंडीकरण, क्रम-निर्धारण, त्रुटि तथा प्रवाह नियंत्रण और पोर्ट पते के लिए उत्तरदायी है ; TCP और UDP इसी के प्रोटोकॉल हैं ।
- जालक्रम परत (तीसरी) IP पता और मार्गनिर्देशन देखती है ; डेटा लिंक परत (दूसरी) फ़्रेम और MAC पता ।
- व्यावहारिक TCP/IP मॉडल में सत्र, प्रस्तुति और अनुप्रयोग परतें एक ही अनुप्रयोग परत में समाहित हैं ।
- परिवहन परत को उत्तर मान लेना ; वह सुपुर्दगी सँभालती है, संवाद का प्रबंधन नहीं ।
- परतों का क्रम उलट देना — गिनती भौतिक परत से आरंभ होती है, अनुप्रयोग परत से नहीं ।
- TCP/IP मॉडल के आधार पर उत्तर देना, जबकि प्रश्न OSI मॉडल का है ।
OSI मॉडल EPFO और अन्य भर्ती परीक्षाओं के कंप्यूटर खंड का सबसे नियमित विषय है । प्रश्न प्रायः तीन रूप लेते हैं — किसी कार्य के लिए उत्तरदायी परत पूछना, किसी परत की क्रम-संख्या पूछना, या किसी उपकरण अथवा प्रोटोकॉल की परत पूछना (राउटर तीसरी, स्विच दूसरी, TCP चौथी) । इसलिए सातों परतों को क्रम, एक-एक पहचान-वस्तु और एक-एक उदाहरण के साथ याद रखना सबसे उपयोगी तैयारी है ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
OSI मॉडल की किस परत पर मार्गनिर्देशन (routing) और तार्किक पते का निर्धारण होता है ?
- (a)डेटा लिंक परत
- (b)जालक्रम परत
- (c)परिवहन परत
- (d)प्रस्तुति परत
उत्तर(b) जालक्रम परत — वही IP पता लगाती है और पैकेट का मार्ग तय करती है ; डेटा लिंक परत केवल एक कड़ी तक सीमित रहती है ।
- practice — not a real PYQ
OSI मॉडल में आँकड़ों के कूटलेखन (encryption) और संपीड़न का काम किस परत का है ?
- (a)सत्र परत
- (b)अनुप्रयोग परत
- (c)प्रस्तुति परत
- (d)परिवहन परत
उत्तर(c) प्रस्तुति परत — वह आँकड़ों के प्रारूप, सांकेतिकरण, संपीड़न और कूटलेखन के लिए उत्तरदायी है ।