मेमरी क्षेत्र या डिस्क में बफर के सन्दर्भ में, स्पूल (Spool) किसे निर्दिष्ट करता है ?
- (a)सिंपल पेरिफेरल ऑपरेशन ऑन-लाइन
- (b)सिंपल पेरिफेरल ऑपरेशन ऑफ़-लाइन
- (c)साइमल्टेनियस पेरिफेरल ऑपरेशन ऑन-लाइन
- (d)साइमल्टेनियस पेरिफेरल ऑपरेशन ऑफ़-लाइन
सही उत्तर — C, (c) साइमल्टेनियस पेरिफेरल ऑपरेशन ऑन-लाइन । SPOOL अंग्रेज़ी पद Simultaneous Peripheral Operation On-Line का संक्षिप्त रूप है, और उसका हर शब्द उस समस्या की ओर संकेत करता है जिसे यह तकनीक हल करती है । केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई (CPU) अत्यंत तेज़ है, जबकि प्रिंटर जैसे परिधीय उपकरण (peripheral) उसकी तुलना में हज़ारों गुना धीमे हैं । यदि प्रोसेसर हर पंक्ति छपने की प्रतीक्षा करता रहे तो उसका अधिकांश समय व्यर्थ जाएगा । इसलिए छपने वाला पूरा काम पहले मेमरी या डिस्क के एक निर्धारित क्षेत्र — बफ़र अथवा स्पूल — में लिख दिया जाता है, प्रोसेसर तुरंत मुक्त होकर अगला काम उठा लेता है, और प्रिंटर उसी संचित सामग्री को अपनी गति से पढ़कर छापता रहता है । इसी कारण 'साइमल्टेनियस' अर्थात् एक साथ — परिधीय उपकरण का काम और प्रोसेसर की गणना एक ही समय में चलते हैं । 'ऑन-लाइन' शब्द इतिहास से आया है : स्पूलिंग से पहले बड़े कंप्यूटरों में परिधीय कार्य ऑफ़-लाइन होते थे — आँकड़े पहले टेप पर लिखे जाते, फिर टेप उठाकर एक अलग मशीन पर ले जाया जाता और वहाँ छपाई होती । स्पूलिंग ने यही काम उसी तंत्र से जुड़े रहते हुए, अर्थात् ऑन-लाइन, करना संभव बनाया । आज इसका सबसे परिचित रूप प्रिंट कतार (print queue) है, जिसमें कई उपयोगकर्ताओं के काम क्रम से लगे रहते हैं और एक-एक कर छपते हैं ; कोई काम रोका, हटाया या क्रम में आगे-पीछे भी किया जा सकता है, क्योंकि वह डिस्क पर सुरक्षित पड़ा है ।
- (a)सिंपल पेरिफेरल ऑपरेशन ऑन-लाइन — इसमें दूसरा भाग तो ठीक है — परिधीय संक्रिया ऑन-लाइन — पर पहला शब्द ग़लत है । S का अर्थ 'Simple' नहीं, 'Simultaneous' है, और यही शब्द इस तकनीक का पूरा उद्देश्य बताता है : धीमे उपकरण का काम प्रोसेसर की गणना के साथ-साथ चले । यदि S केवल 'सरल' होता तो संक्षिप्त रूप से यह पता ही न चलता कि तकनीक करती क्या है । इस विकल्प में कोई ऐतिहासिक या तकनीकी आधार नहीं है ; यह केवल एक शब्द बदलकर बनाया गया है ।
- (b)सिंपल पेरिफेरल ऑपरेशन ऑफ़-लाइन — इस विकल्प में दोनों भाग ग़लत हैं — 'Simple' और 'off-line' । ऑफ़-लाइन संक्रिया वस्तुतः स्पूलिंग से पहले वाली व्यवस्था थी, जिसमें आँकड़े टेप पर लिखकर किसी अलग मशीन पर ले जाकर छापे जाते थे, अर्थात् परिधीय उपकरण मुख्य कंप्यूटर से जुड़ा नहीं रहता था । स्पूलिंग ने ठीक इसी सीमा को हटाया । इसलिए 'ऑफ़-लाइन' शब्द स्पूल के अर्थ को उलट देता है ।
- (d)साइमल्टेनियस पेरिफेरल ऑपरेशन ऑफ़-लाइन — यह सबसे नज़दीकी और इसीलिए सबसे ख़तरनाक विकल्प है — पहला शब्द 'साइमल्टेनियस' सही है, केवल अंतिम भाग 'ऑफ़-लाइन' ग़लत है । स्पूलिंग की पूरी विशेषता यही है कि परिधीय उपकरण तंत्र से जुड़ा रहते हुए, उसी के नियंत्रण में काम करता है और प्रोसेसर बिना रुके दूसरा काम करता रहता है । यदि संक्रिया ऑफ़-लाइन होती तो कोई कतार, कोई प्राथमिकता और कोई काम रद्द करने की सुविधा संभव ही न होती । अंतिम अक्षर L का अर्थ Line है, और उसके पहले On आता है, Off नहीं ।
स्पूलिंग का मूल विचार यह है कि तेज़ और धीमे उपकरणों के बीच गति का अंतर एक मध्यवर्ती भंडार रखकर पाटा जाए । प्रोसेसर अपना परिणाम डिस्क या मेमरी के स्पूल क्षेत्र में लिख देता है और आगे बढ़ जाता है ; धीमा उपकरण वहीं से पढ़ता रहता है । इसे बफ़रिंग से अलग समझना चाहिए । बफ़रिंग में एक ही काम के इनपुट-आउटपुट को उसी काम की गणना के साथ ओवरलैप किया जाता है और भंडार प्रायः मुख्य मेमरी में छोटा-सा होता है । स्पूलिंग में एक काम का इनपुट-आउटपुट दूसरे काम की गणना के साथ ओवरलैप होता है और भंडार के रूप में डिस्क प्रयुक्त होती है, जो बहुत बड़ी होने के कारण कई कामों की कतार रख सकती है । यही कारण है कि स्पूलिंग बहु-प्रोग्रामिंग (multiprogramming) की दिशा में पहला व्यावहारिक कदम माना जाता है ।
यह प्रश्न शुद्ध रूप से संक्षिप्त रूप के विस्तार का है, और चारों विकल्प केवल दो स्थानों पर भिन्न हैं — पहला शब्द Simple या Simultaneous, और अंतिम भाग on-line या off-line । इसलिए उत्तर तक पहुँचने का सबसे भरोसेमंद रास्ता अर्थ से है, स्मृति से नहीं : तकनीक का उद्देश्य ही 'एक साथ' काम कराना है, अतः Simultaneous ; और उपकरण तंत्र से जुड़ा रहता है, अतः on-line । सबसे परिचित उदाहरण प्रिंटर है, पर वही सिद्धांत कतार में लगने वाले हर धीमे काम पर लागू होता है । यह भी ध्यान रखिए कि स्पूल की सामग्री डिस्क पर होती है, इसलिए तंत्र बंद होकर फिर चालू हो जाए तब भी अधूरे काम कतार में बचे रह सकते हैं ।
- SPOOL = Simultaneous Peripheral Operation On-Line ; इसे हिन्दी में साइमल्टेनियस पेरिफेरल ऑपरेशन ऑन-लाइन लिखा गया है ।
- उद्देश्य — तेज़ प्रोसेसर और धीमे परिधीय उपकरण के बीच गति के अंतर को मध्यवर्ती भंडार से पाटना ।
- सबसे प्रचलित उदाहरण प्रिंट कतार है, जिसमें कई काम क्रम से लगते हैं और एक-एक कर छपते हैं ।
- बफ़रिंग एक ही काम के इनपुट-आउटपुट को उसी की गणना से ओवरलैप करती है ; स्पूलिंग एक काम के इनपुट-आउटपुट को दूसरे काम की गणना से ओवरलैप करती है ।
- स्पूल का भंडार प्रायः डिस्क पर होता है, इसलिए वह बड़ा होता है और उसमें कतार, प्राथमिकता तथा काम रद्द करने की सुविधा संभव होती है ।
- 'ऑन-लाइन' शब्द उस पुरानी ऑफ़-लाइन व्यवस्था के विरोध में आया, जिसमें टेप को अलग मशीन पर ले जाकर छपाई की जाती थी ।
- S को 'Simple' पढ़ लेना ; वह 'Simultaneous' है ।
- अंतिम भाग को 'off-line' चुन लेना, जबकि स्पूलिंग की विशेषता ही जुड़े रहकर काम करना है ।
- स्पूलिंग और बफ़रिंग को एक मान लेना ; भंडार का आकार और ओवरलैप की प्रकृति दोनों भिन्न हैं ।
कंप्यूटर खंड में संक्षिप्त रूपों का विस्तार लगभग हर प्रश्नपत्र में आता है, और विकल्प इसी शैली में एक-दो शब्द बदलकर बनाए जाते हैं । स्पूलिंग पर दूसरा प्रचलित रूप यह है कि किसी उपकरण का नाम देकर पूछा जाए कि स्पूलिंग का सर्वाधिक प्रयोग कहाँ होता है, अथवा बफ़रिंग से उसका अंतर पूछा जाए । उत्तर याद रखने के बजाय संक्षिप्त रूप के हर अक्षर को उस तकनीक के उद्देश्य से जोड़कर देखिए — तब विकल्पों में से ग़लत अपने आप छँट जाते हैं ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
स्पूलिंग का सर्वाधिक प्रचलित उपयोग किस उपकरण के साथ होता है ?
- (a)कीबोर्ड
- (b)प्रिंटर
- (c)माउस
- (d)मॉनीटर
उत्तर(b) प्रिंटर — प्रिंटर प्रोसेसर की तुलना में बहुत धीमा है, इसलिए छपने वाले काम पहले डिस्क की कतार में रखे जाते हैं ।
- practice — not a real PYQ
बफ़रिंग और स्पूलिंग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही है ?
- (a)दोनों में भंडार सदैव मुख्य मेमरी में ही होता है ।
- (b)स्पूलिंग प्रायः डिस्क का उपयोग करती है और एक काम के इनपुट-आउटपुट को दूसरे काम की गणना से ओवरलैप करती है ।
- (c)बफ़रिंग केवल प्रिंटर के लिए प्रयुक्त होती है ।
- (d)स्पूलिंग में परिधीय उपकरण तंत्र से जुड़ा नहीं रहता ।
उत्तर(b) स्पूलिंग प्रायः डिस्क का उपयोग करती है और एक काम के इनपुट-आउटपुट को दूसरे काम की गणना से ओवरलैप करती है — बफ़रिंग में यह ओवरलैप एक ही काम के भीतर होता है ।