किसी वेबपेज में ई-मेल हाइपरलिंक बनाने के लिए निम्नलिखित में से किस एक का प्रयोग किया जाता है ?
- (a)mail:
- (b)mailto:
- (c)tomail:
- (d)to_mail:
सही उत्तर — B, (b) mailto: । वेबपेज पर कोई भी कड़ी (hyperlink) एंकर तत्त्व <a> और उसकी href विशेषता से बनती है, और href में जो पता लिखा जाता है वह किसी न किसी योजना (URI scheme) से आरंभ होता है — साधारण पृष्ठ के लिए http: या https:, फ़ाइल के लिए file:, दूरभाष के लिए tel: और ई-मेल के लिए mailto: । अतः ई-मेल कड़ी का पूरा रूप इस प्रकार लिखा जाता है : <a href="mailto:someone@example.com">हमें लिखिए</a> । ऐसी कड़ी पर क्लिक करते ही ब्राउज़र उपयोगकर्ता के तयशुदा ई-मेल कार्यक्रम को खोल देता है और प्राप्तकर्ता का पता उसमें पहले से भरा मिलता है । यह योजना केवल पता भरने तक सीमित नहीं है — उसमें प्रश्नचिह्न के बाद अतिरिक्त क्षेत्र भी जोड़े जा सकते हैं, जैसे mailto:someone@example.com?subject=शिकायत&cc=दूसरा@example.com — जिससे विषय, प्रतिलिपि और संदेश का आरंभिक पाठ भी पहले से भरा आ जाता है । mailto योजना इंटरनेट के मानक दस्तावेज़ RFC 6068 में परिभाषित है (उससे पहले RFC 2368 में), और यही एकमात्र रूप है जिसे ब्राउज़र ई-मेल कड़ी के रूप में पहचानते हैं । एक व्यावहारिक सावधानी भी जान लीजिए : पृष्ठ के स्रोत में खुला पड़ा ई-मेल पता स्वचालित कार्यक्रमों द्वारा एकत्र कर लिया जाता है और उस पर अवांछित संदेश आने लगते हैं, इसलिए बड़ी वेबसाइटें प्रायः सीधी mailto कड़ी के स्थान पर संपर्क-प्रपत्र (contact form) रखती हैं ।
- (a)mail: — यह वैध रूप का अधूरा टुकड़ा है और इसीलिए सबसे भ्रामक विकल्प — शब्द 'mail' परिचित लगता है, पर योजना का नाम 'mail' नहीं, 'mailto' है । योजना के नाम में उस क्रिया का संकेत रहता है जो कड़ी पर क्लिक करने पर होगी, अर्थात् 'किसी को भेजना' ; यही 'to' उसमें जुड़ा हुआ है । href में अपंजीकृत योजना लिखने पर ब्राउज़र या तो कुछ नहीं करता या पते को साधारण सापेक्ष कड़ी मानकर वहीं पृष्ठ पर ढूँढ़ने लगता है, और ई-मेल कार्यक्रम खुलता ही नहीं ।
- (c)tomail: — 'tomail' नाम की कोई योजना है ही नहीं — यह mailto के दोनों भागों को उलटकर बनाया गया विकल्प है । इंटरनेट पर प्रयुक्त होने वाली योजनाओं का पंजीकरण IANA करती है और ब्राउज़र केवल पंजीकृत या स्वयं में संरचित योजनाओं को ही समझते हैं ; उनमें mailto है, tomail नहीं । ऐसे विकल्प केवल यह जाँचने के लिए रखे जाते हैं कि अभ्यर्थी ने रूप वास्तव में देखा है या केवल शब्दों की पहचान से काम चला रहा है ।
- (d)to_mail: — यह भी कोई मान्य योजना नहीं है, और इसमें एक अतिरिक्त संकेत भी छिपा है : योजनाओं के नाम में अधोरेखा (underscore) नहीं चलती । उनके नाम अंग्रेज़ी अक्षर से आरंभ होते हैं और उनमें अक्षर, अंक तथा जोड़, बिंदु और हाइफ़न भर आ सकते हैं । इसलिए 'to_mail:' देखते ही उसे छाँटा जा सकता है, भले ही अभ्यर्थी को सही उत्तर याद न हो ।
कड़ी बनाने का ढाँचा एक ही है — <a href="गंतव्य">दिखाई देने वाला पाठ</a> — और उसका व्यवहार href में लिखी योजना से तय होता है । https: लिखने पर ब्राउज़र दूसरा पृष्ठ लाता है, mailto: लिखने पर ई-मेल कार्यक्रम खुलता है, tel: लिखने पर मोबाइल उपकरण डायलर खोल देता है, और # से आरंभ होने वाला पता उसी पृष्ठ के भीतर किसी स्थान पर ले जाता है । इस प्रकार एक ही टैग अलग-अलग योजनाओं के साथ अलग-अलग काम करता है, और परीक्षा में प्रश्न प्रायः योजना के नाम पर ही केंद्रित रहता है । mailto कड़ी में प्रश्नचिह्न के बाद subject, body, cc और bcc जैसे क्षेत्र जोड़े जा सकते हैं ।
इस प्रश्न के चारों विकल्प एक ही शब्द के चार रूप हैं, इसलिए यह याद रखने का प्रश्न है, समझने का नहीं । दो सहारे उपयोगी हैं । पहला — योजना का नाम उस वाक्य से बनता है जो क्रिया वह करती है : 'mail to somebody' अर्थात् mailto । दूसरा — योजनाओं के नाम में अधोरेखा नहीं होती, इसलिए 'to_mail:' पहली नज़र में ही बाहर हो जाता है । शेष दोनों में 'mail:' अधूरा है और 'tomail:' उलटा । यह भी ध्यान रखिए कि योजना के नाम के बाद का विरामचिह्न कोलन है, और उसके तुरंत बाद बिना किसी रिक्त स्थान के पता आता है ।
- ई-मेल कड़ी का रूप — <a href="mailto:someone@example.com">पाठ</a> ; क्लिक करने पर उपयोगकर्ता का तयशुदा ई-मेल कार्यक्रम खुलता है ।
- mailto योजना RFC 6068 में परिभाषित है ; इससे पहले यह RFC 2368 में थी ।
- पते के बाद प्रश्नचिह्न लगाकर subject, body, cc और bcc जैसे क्षेत्र पहले से भरे जा सकते हैं ।
- अन्य प्रचलित योजनाएँ — http:, https:, file:, ftp:, tel: तथा sms: ; इनका पंजीकरण IANA करती है ।
- योजना के नाम अक्षर से आरंभ होते हैं और उनमें अधोरेखा नहीं चलती ।
- पृष्ठ में खुला लिखा ई-मेल पता स्वचालित संग्राहकों की पकड़ में आ जाता है, इसलिए बड़ी वेबसाइटें प्रायः संपर्क-प्रपत्र रखती हैं ।
- 'mail:' को पूरा रूप मान लेना ; सही नाम 'mailto' है ।
- योजना के बाद का कोलन छोड़ देना या उसके बाद रिक्त स्थान दे देना ।
- यह मान लेना कि mailto कड़ी स्वयं संदेश भेज देती है ; वह केवल ई-मेल कार्यक्रम खोलकर पता भरती है ।
कड़ियों पर प्रश्न तीन रूपों में आते हैं — कौन-सा टैग कड़ी बनाता है, कौन-सी विशेषता गंतव्य रखती है, और किसी विशेष प्रकार की कड़ी के लिए कौन-सी योजना प्रयुक्त होती है । अंतिम रूप में ई-मेल के अतिरिक्त दूरभाष कड़ी (tel:) भी पूछी जाती है । विकल्प सदैव एक ही शब्द के मिलते-जुलते रूप होते हैं, इसलिए उत्तर वही दे पाता है जिसने रूप वास्तव में लिखकर देखा हो ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
किसी वेबपेज में दूरभाष संख्या पर कड़ी बनाने के लिए किस योजना का प्रयोग किया जाता है ?
- (a)phone:
- (b)call:
- (c)tel:
- (d)dial:
उत्तर(c) tel: — <a href="tel:+911234567890">फ़ोन कीजिए</a> लिखने पर मोबाइल उपकरण पर डायलर खुल जाता है ।
- practice — not a real PYQ
एंकर तत्त्व <a> की कौन-सी विशेषता कड़ी का गंतव्य पता रखती है ?
- (a)src
- (b)href
- (c)link
- (d)alt
उत्तर(b) href — src चित्र या स्क्रिप्ट का स्रोत बताती है और alt चित्र का वैकल्पिक पाठ ।