HTML सोर्स कोड में कमेन्ट डालने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा टैग प्रयुक्त होता है ?
- (a)</-- -->
- (b)<!-- -->
- (c)<-- ! -->
- (d)</-- --/>
सही उत्तर — B, (b) <!-- --> । HTML में टिप्पणी (comment) लिखने का एकमात्र वैध रूप यही है : आरंभ में कोणीय कोष्ठक, विस्मयादिबोधक चिह्न और दो हाइफ़न — अर्थात् <!-- — और अंत में दो हाइफ़न तथा कोणीय कोष्ठक, अर्थात् --> । इन दोनों के बीच जो कुछ लिखा जाए उसे ब्राउज़र पढ़ता तो है पर पृष्ठ पर प्रदर्शित नहीं करता । यह वाक्य-रचना HTML ने अपने पूर्वज SGML से ली है, जहाँ विस्मयादिबोधक चिह्न यह बताता है कि आगे कोई साधारण तत्त्व नहीं, बल्कि एक घोषणा आ रही है — इसी कारण दस्तावेज़ के आरंभ में लिखा जाने वाला <!DOCTYPE html> भी उसी विस्मयादिबोधक चिह्न से शुरू होता है । ध्यान देने योग्य बात यह है कि टिप्पणी कोई युग्म-टैग नहीं है : उसका कोई नाम नहीं होता और वह </comment> जैसे किसी समापन टैग से बंद नहीं होती, इसलिए आरंभ में तिरछी रेखा (/) का कोई स्थान नहीं है । टिप्पणियों के दो व्यावहारिक उपयोग हैं — कोड में अपने या दूसरे डेवलपर के लिए व्याख्या लिखना, और किसी अंश को मिटाए बिना अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर देना । एक सावधानी भी याद रखिए : टिप्पणी का पाठ पृष्ठ पर नहीं दिखता, पर 'view source' करने पर हर पाठक को दिख जाता है, इसलिए उसमें कोई गोपनीय सूचना नहीं लिखनी चाहिए । प्रश्न के चारों विकल्पों में आरंभिक और अंतिम खंड के बीच जो लंबा रिक्त स्थान छपा है, वह वही जगह है जहाँ टिप्पणी का पाठ आएगा ; निर्णय केवल दोनों सिरों के चिह्नों से होता है ।
- (a)</-- --> — इसका समापन खंड --> तो ठीक है, पर आरंभ ग़लत है । </ से किसी भी टैग का समापन रूप बनता है — जैसे </p> या </div> — इसलिए </-- पढ़ते ही ब्राउज़र किसी टैग के बंद होने की अपेक्षा करता है, टिप्पणी के खुलने की नहीं । टिप्पणी सदैव <!-- से आरंभ होती है, जिसमें तिरछी रेखा के स्थान पर विस्मयादिबोधक चिह्न आता है । यह विकल्प इसी एक चिह्न की अदला-बदली पर बना है ।
- (c)<-- ! --> — यहाँ विस्मयादिबोधक चिह्न मौजूद तो है, पर अपनी जगह पर नहीं । वैध रूप में क्रम निश्चित है — पहले कोणीय कोष्ठक, फिर विस्मयादिबोधक चिह्न, फिर दो हाइफ़न (<!--) । इस विकल्प में आरंभ <-- से हो रहा है और विस्मयादिबोधक चिह्न बीच के रिक्त स्थान के बाद, समापन खंड से ठीक पहले रख दिया गया है । इस प्रकार आरंभिक खंड टिप्पणी खोलता ही नहीं और भटका हुआ विस्मयादिबोधक चिह्न साधारण पाठ बनकर पृष्ठ पर दिख सकता है । चिह्नों का क्रम इस प्रश्न में उतना ही महत्त्वपूर्ण है जितने स्वयं चिह्न ।
- (d)</-- --/> — इस विकल्प में दोनों सिरे ग़लत हैं । आरंभ </-- से हो रहा है, जो समापन टैग का रूप है, और अंत --/> से, जिसमें XML की स्व-समापन (self-closing) शैली की तिरछी रेखा घुसा दी गई है । HTML की टिप्पणी न समापन टैग से खुलती है और न स्व-समापन चिह्न से बंद होती है ; उसका अंत केवल --> है । जो अभ्यर्थी <br /> जैसे स्व-समापन टैगों की तिरछी रेखा को याद रखकर उसे यहाँ भी लगा देता है, वही इस विकल्प में फँसता है ।
HTML दस्तावेज़ तत्त्वों (elements) से बनता है और अधिकांश तत्त्वों के दो टैग होते हैं — आरंभिक और समापन, जैसे <p> और </p> । टिप्पणी इस ढाँचे से बाहर की वस्तु है : वह कोई तत्त्व नहीं, बल्कि एक विशेष चिह्न-युग्म <!-- और --> के बीच रखा गया पाठ है, जिसे विश्लेषक (parser) पढ़कर छोड़ देता है । यही कारण है कि टिप्पणी में कोई नाम, कोई विशेषता (attribute) और कोई समापन टैग नहीं होता । अन्य भाषाओं में यही काम अलग चिह्नों से होता है — CSS में /* … */, JavaScript में // (एक पंक्ति के लिए) और /* … */ (कई पंक्तियों के लिए) — इसलिए एक ही वेब पृष्ठ की तीन भाषाओं में तीन अलग टिप्पणी-शैलियाँ चलती हैं ।
यह प्रश्न शुद्ध रूप से चिह्न-पहचान का है : चारों विकल्पों में वही चार चिह्न — कोणीय कोष्ठक, विस्मयादिबोधक चिह्न, हाइफ़न और तिरछी रेखा — आगे-पीछे करके रख दिए गए हैं । ऐसे प्रश्न में सुरक्षित तरीक़ा यह है कि पहले सही रूप स्मृति से लिखिए और फिर विकल्पों से मिलाइए, अन्यथा चारों एक जैसे दिखने लगते हैं । टिप्पणी से जुड़े दो नियम भी जानने योग्य हैं — टिप्पणी के भीतर दूसरी टिप्पणी नहीं रखी जा सकती, और उसके पाठ में दो लगातार हाइफ़न नहीं आने चाहिए, क्योंकि विश्लेषक उन्हें समापन का संकेत समझ सकता है । पुस्तिका का हिन्दी स्टेम 'कमेन्ट' शब्द ज्यों का त्यों देवनागरी में लिखता है, और अंग्रेज़ी पृष्ठ पर स्टेम एकवचन 'tag' के साथ छपा है ; अर्थ दोनों में एक ही है ।
- HTML टिप्पणी का वैध रूप <!-- पाठ --> है ; आरंभ में विस्मयादिबोधक चिह्न और दोनों सिरों पर दो-दो हाइफ़न अनिवार्य हैं ।
- टिप्पणी ब्राउज़र पृष्ठ पर प्रदर्शित नहीं करता, पर वह पृष्ठ के स्रोत (view source) में हर पाठक को दिखती है ।
- टिप्पणी कोई तत्त्व नहीं है — उसका न कोई नाम होता है, न विशेषताएँ, न कोई समापन टैग ।
- यही SGML शैली <!DOCTYPE html> में भी दिखती है, जहाँ विस्मयादिबोधक चिह्न एक घोषणा का संकेत देता है ।
- टिप्पणियाँ एक-दूसरे के भीतर नहीं रखी जा सकतीं, और टिप्पणी-पाठ में दो लगातार हाइफ़न नहीं होने चाहिए ।
- CSS में टिप्पणी /* … */ से और JavaScript में // या /* … */ से लिखी जाती है ।
- टिप्पणी को युग्म टैग मानकर आरंभ में तिरछी रेखा लगा देना ।
- विस्मयादिबोधक चिह्न को भूल जाना या उसे ग़लत स्थान पर रख देना ।
- XML की स्व-समापन शैली की तिरछी रेखा को समापन खंड में जोड़ देना ।
EPFO के कंप्यूटर खंड में HTML से प्रायः वाक्य-रचना पहचानने वाले प्रश्न आते हैं — टिप्पणी का रूप, किसी विशेष प्रभाव का टैग, या किसी टैग की सही विशेषता । विकल्प जान-बूझकर एक-दूसरे से केवल एक चिह्न भर भिन्न रखे जाते हैं, इसलिए अंतर आँख से नहीं, नियम से पकड़ना पड़ता है । इसी शैली में आगे यह भी पूछा जाता है कि कौन-सा टैग युग्म है और कौन-सा एकल, तथा किस भाषा में टिप्पणी किस चिह्न से लिखी जाती है ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
CSS में टिप्पणी लिखने का सही रूप कौन-सा है ?
- (a)<!-- टिप्पणी -->
- (b)// टिप्पणी //
- (c)/* टिप्पणी */
- (d)# टिप्पणी #
उत्तर(c) /* टिप्पणी */ — HTML में <!-- --> चलता है, जबकि CSS में केवल /* */ मान्य है ।
- practice — not a real PYQ
HTML टिप्पणी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही है ?
- (a)वह पृष्ठ पर तो नहीं दिखती, पर पृष्ठ के स्रोत में दिखाई देती है ।
- (b)वह पृष्ठ के स्रोत में भी छिपी रहती है ।
- (c)उसे बंद करने के लिए </comment> लिखना पड़ता है ।
- (d)वह केवल <head> भाग में ही लिखी जा सकती है ।
उत्तर(a) वह पृष्ठ पर तो नहीं दिखती, पर पृष्ठ के स्रोत में दिखाई देती है — इसीलिए टिप्पणी में कोई गोपनीय सूचना नहीं रखनी चाहिए ।