मशीनरी की उधार खरीद को मुख्य रोजनामचे (जर्नल प्रॉपर) में दर्ज करने की जगह खरीद बही में दर्ज किया जाना किसका उदाहरण है ?
- (a)क्षतिपूरक अशुद्धि
- (b)लेख अशुद्धि
- (c)सैद्धांतिक अशुद्धि
- (d)लोप अशुद्धि
सही उत्तर — C, (c) सैद्धांतिक अशुद्धि । खरीद बही (Purchases Book) में केवल उन्हीं वस्तुओं की उधार ख़रीद लिखी जाती है जिनका व्यवसाय व्यापार करता है, अर्थात् माल की । मशीनरी माल नहीं, स्थायी परिसंपत्ति है ; उसकी उधार ख़रीद का उचित स्थान मुख्य रोजनामचा (Journal Proper) है, जहाँ वे उधार लेन-देन दर्ज होते हैं जिनके लिए कोई विशिष्ट सहायक बही नहीं होती । उसे खरीद बही में लिख देने का परिणाम यह होता है कि डेबिट मशीनरी खाते के बजाय क्रय (Purchases) खाते में चला जाता है — अर्थात् एक पूँजीगत मद को राजस्व मद की तरह लिख दिया गया । यही चूक 'सैद्धांतिक अशुद्धि' कहलाती है : वह त्रुटि जो लिपिकीय भूल नहीं, बल्कि लेखांकन के किसी मूल सिद्धांत — यहाँ पूँजीगत और राजस्व के भेद — के उल्लंघन से बनती है । इसका सबसे ख़तरनाक पक्ष यह है कि तलपट (trial balance) फिर भी मिल जाता है, क्योंकि रक़म वही है और डेबिट-क्रेडिट का जोड़ नहीं बिगड़ता ; केवल डेबिट ग़लत खाते में बैठा है । इसीलिए ऐसी अशुद्धियाँ तलपट मिलाने से नहीं पकड़ी जातीं । वित्तीय विवरणों पर असर दोहरा पड़ता है — क्रय बढ़ा हुआ दिखने से लाभ कम दिखेगा, और मशीनरी चिट्ठे में दर्ज ही न होने से परिसंपत्तियाँ कम दिखेंगी ; साथ ही उस मशीन पर मूल्यह्रास लगना भी छूट जाएगा । सुधार-प्रविष्टि सीधी है : मशीनरी खाता डेबिट, क्रय खाता क्रेडिट ।
- (a)क्षतिपूरक अशुद्धि — क्षतिपूरक अशुद्धि तब बनती है जब दो या दो से अधिक अलग-अलग त्रुटियाँ इस प्रकार हो जाएँ कि एक का प्रभाव दूसरी को काट दे और तलपट पर शुद्ध असर शून्य रह जाए — जैसे किसी खाते में ₹ 500 अधिक डेबिट हो जाए और किसी दूसरे खाते में ठीक ₹ 500 अधिक क्रेडिट । इस प्रश्न में त्रुटि केवल एक है और उसे काटने वाली कोई दूसरी त्रुटि बताई ही नहीं गई है । यह सही है कि यहाँ भी तलपट मिल जाएगा, पर वह क्षतिपूर्ति के कारण नहीं, बल्कि इस कारण कि ग़लती केवल डेबिट के पते में हुई है, रक़म या पक्ष में नहीं ।
- (b)लेख अशुद्धि — लेख अशुद्धि लिपिकीय स्तर की भूल है — रक़म ग़लत लिख देना, ग़लत पक्ष में खतौनी करना, जोड़ में चूक, या एक ही वर्ग के दूसरे खाते में खतौनी कर देना, जैसे राम के स्थान पर रहीम के खाते में डाल देना । ऐसी भूलों में खाते का वर्ग सही रहता है, केवल लिखने में गड़बड़ होती है । यहाँ स्थिति भिन्न है : रक़म ठीक है, पक्ष ठीक है, फिर भी एक स्थायी परिसंपत्ति को व्यापार के माल की तरह लिखा गया है । यह लिखने की भूल नहीं, वर्गीकरण के सिद्धांत की भूल है, इसलिए इसे सैद्धांतिक अशुद्धि कहा जाता है ।
- (d)लोप अशुद्धि — लोप अशुद्धि का अर्थ है लेन-देन का बहियों में चढ़ना ही रह जाना । यह दो प्रकार की होती है — पूर्ण लोप, जिसमें लेन-देन कहीं भी दर्ज नहीं होता और इसलिए तलपट फिर भी मिल जाता है ; और आंशिक लोप, जिसमें एक ओर की प्रविष्टि हो जाती है और दूसरी छूट जाती है, जिससे तलपट बिगड़ जाता है । प्रस्तुत प्रश्न में लेन-देन छूटा नहीं है — वह पूरा दर्ज हुआ है, बस ग़लत बही में । जो चीज़ लिखी ही न गई हो और जो ग़लत जगह लिखी गई हो, ये दो अलग श्रेणियाँ हैं ।
लेखांकन की त्रुटियों को चार श्रेणियों में बाँटा जाता है । लोप अशुद्धि — लेन-देन दर्ज ही न होना (पूर्ण या आंशिक) । लेख अशुद्धि — रक़म, पक्ष, जोड़ या खतौनी में लिपिकीय भूल । सैद्धांतिक अशुद्धि — लेखांकन के किसी सिद्धांत का उल्लंघन, विशेषतः पूँजीगत और राजस्व के भेद का, जैसे मशीन की ख़रीद को क्रय खाते में या मशीन की मरम्मत को मशीनरी खाते में डाल देना । क्षतिपूरक अशुद्धि — दो या अधिक त्रुटियाँ जो एक-दूसरे का प्रभाव काट दें । इनमें से पूर्ण लोप, सैद्धांतिक अशुद्धि, क्षतिपूरक अशुद्धि तथा मूल प्रविष्टि की कुछ भूलें तलपट से नहीं पकड़ी जातीं, जबकि एकपक्षीय भूलें तलपट का अंतर खोल देती हैं और वह अंतर अस्थायी रूप से उचंत खाते (Suspense Account) में रखा जाता है ।
इस प्रश्न की धुरी सहायक बहियों का विभाजन है । खरीद बही केवल माल की उधार ख़रीद के लिए है, विक्रय बही केवल माल की उधार बिक्री के लिए ; नक़द लेन-देन रोकड़ बही में जाते हैं ; और जो उधार लेन-देन किसी विशिष्ट सहायक बही में नहीं समाते — जैसे स्थायी परिसंपत्ति की उधार ख़रीद या बिक्री, प्रारंभिक प्रविष्टि, समापन प्रविष्टि, समायोजन प्रविष्टि और सुधार प्रविष्टि — वे मुख्य रोजनामचे में लिखे जाते हैं । परीक्षक इसी विभाजन को त्रुटि-वर्गीकरण के साथ जोड़कर एक ही प्रश्न में दो अध्याय जाँच लेता है । उत्तर तक पहुँचने का छोटा रास्ता यह है कि पहले पूछिए — क्या रक़म या पक्ष में भूल है ? नहीं । क्या लेन-देन छूटा है ? नहीं । तो शेष यही बचता है कि किसी मद को उसके वर्ग से बाहर लिखा गया है, अर्थात् सैद्धांतिक अशुद्धि ।
- खरीद बही में केवल माल की उधार ख़रीद दर्ज होती है ; स्थायी परिसंपत्ति की उधार ख़रीद मुख्य रोजनामचे में जाती है ।
- सैद्धांतिक अशुद्धि लेखांकन के किसी सिद्धांत के उल्लंघन से बनती है, विशेषतः पूँजीगत और राजस्व मदों की अदला-बदली से ।
- सैद्धांतिक अशुद्धि से तलपट का मिलान नहीं बिगड़ता, इसलिए वह तलपट मिलाने भर से नहीं पकड़ी जाती ।
- इस भूल का असर : क्रय बढ़ा हुआ दिखने से लाभ कम, मशीनरी दर्ज न होने से परिसंपत्तियाँ कम, और उस पर मूल्यह्रास भी छूट जाएगा ।
- सुधार-प्रविष्टि — मशीनरी खाता डेबिट, क्रय खाता क्रेडिट ।
- तलपट का अंतर जब तक न मिले, उसे उचंत खाते (Suspense Account) में रखा जाता है ; सैद्धांतिक अशुद्धि की सुधार-प्रविष्टि में उचंत खाता नहीं आता ।
- इसे लेख अशुद्धि मान लेना — लेख अशुद्धि में खाते का वर्ग सही रहता है, यहाँ वर्ग ही ग़लत है ।
- यह सोच लेना कि तलपट मिल जाने का अर्थ बहियाँ निर्दोष हैं ; सैद्धांतिक अशुद्धि तलपट को छूती ही नहीं ।
- खरीद बही और मुख्य रोजनामचे के क्षेत्र को गड्डमड्ड करना — खरीद बही केवल माल के लिए है ।
यह अध्याय दो रूपों में पूछा जाता है — एक उदाहरण देकर उसकी श्रेणी पूछना, जैसे यहाँ, या यह पूछना कि कौन-सी त्रुटि तलपट के मिलान को प्रभावित नहीं करती । उदाहरण प्रायः वही चार-पाँच लौटते हैं : मशीनरी की ख़रीद क्रय खाते में, मशीन की मरम्मत मशीनरी खाते में, मालिक के निजी व्यय व्यवसाय के व्यय में, और राम के स्थान पर रहीम के खाते में खतौनी । पहले तीन सैद्धांतिक अशुद्धि हैं और अंतिम लेख अशुद्धि — यही भेद याद रखने पर अधिकांश प्रश्न हल हो जाते हैं ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
मशीन की मरम्मत पर किया गया व्यय मशीनरी खाते में डेबिट कर दिया गया । यह किस प्रकार की अशुद्धि है ?
- (a)लोप अशुद्धि
- (b)क्षतिपूरक अशुद्धि
- (c)सैद्धांतिक अशुद्धि
- (d)आंशिक लोप
उत्तर(c) सैद्धांतिक अशुद्धि — मरम्मत राजस्व व्यय है, उसे परिसंपत्ति खाते में डालना पूँजीगत और राजस्व के भेद का उल्लंघन है ।
- practice — not a real PYQ
निम्नलिखित में से कौन-सी अशुद्धि तलपट के मिलान को प्रभावित करती है ?
- (a)किसी लेन-देन का बहियों में पूर्णतः छूट जाना
- (b)किसी खाते की खतौनी में केवल एक पक्ष लिखा जाना
- (c)मशीनरी की ख़रीद क्रय खाते में लिखा जाना
- (d)दो त्रुटियों का एक-दूसरे को काट देना
उत्तर(b) किसी खाते की खतौनी में केवल एक पक्ष लिखा जाना — एकपक्षीय भूल से डेबिट और क्रेडिट का जोड़ बराबर नहीं रहता ; शेष तीनों दशाओं में तलपट मिल जाता है ।