P, Q, R, S, T और U छह मित्र हैं । निम्नलिखित में से कौन-सा/से, S और T की लंबाइयों की तुलना करने के लिए पर्याप्त है/हैं ? 1. R, P से लंबाई में छोटा है, किन्तु अन्य मित्रों से लंबा है । 2. U, Q से लंबा है, किन्तु S से लंबाई में छोटा है, यद्यपि Q मित्रों के बीच लंबाई में सबसे छोटा नहीं है । नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- (a)एकमात्र 1 पर्याप्त है
- (b)एकमात्र 2 पर्याप्त है
- (c)1 और 2 दोनों पर्याप्त नहीं हैं
- (d)1 और 2 एक साथ मिलकर पर्याप्त हैं
सही उत्तर — D, (d) 1 और 2 एक साथ मिलकर पर्याप्त हैं । यह आँकड़ा-पर्याप्तता (data sufficiency) का प्रश्न है : यहाँ S और T की वास्तविक लंबाई नहीं, केवल यह तय करना है कि दिए गए कथन उनकी तुलना करने के लिए पर्याप्त हैं या नहीं । कथन 1 अकेले क्या देता है — 'R, P से छोटा है किन्तु अन्य मित्रों से लंबा है' का अर्थ है P > R > {Q, S, T, U} । अर्थात् P सबसे लंबा, R दूसरा, और शेष चारों R से छोटे — किन्तु उन चारों का आपसी क्रम अज्ञात । S और T दोनों इसी अविभाजित समूह में हैं, इसलिए कथन 1 अकेला पर्याप्त नहीं । कथन 2 अकेले क्या देता है — 'U, Q से लंबा किन्तु S से छोटा' अर्थात् S > U > Q, और साथ में यह कि Q सबसे छोटा नहीं है, अर्थात् कोई-न-कोई Q से भी छोटा है । किन्तु कथन 2 में T का नाम तक नहीं आता, इसलिए वह अकेला भी पर्याप्त नहीं । अब दोनों को मिलाइए । कथन 1 से P और R सबसे ऊपर के दो हैं, अतः वे 'सबसे छोटे' नहीं हो सकते ; नीचे के चार सदस्य Q, S, T और U हैं । कथन 2 से इन चारों में S > U > Q है, अर्थात् S, U और Q में सबसे छोटा Q है । किन्तु कथन 2 यह भी कहता है कि Q सबसे छोटा नहीं है — तो सबसे छोटा कौन बचा ? केवल T । इसलिए T < Q, और पूरा क्रम बन जाता है : P > R > S > U > Q > T । इससे स्पष्ट है कि S, T से लंबा है । अतः दोनों कथन अलग-अलग अपर्याप्त हैं पर एक साथ मिलकर पर्याप्त हैं — विकल्प (d) ।
- (a)एकमात्र 1 पर्याप्त है — कथन 1 केवल यह बताता है कि P सबसे लंबा है और R दूसरे स्थान पर, तथा शेष चारों — Q, S, T, U — R से छोटे हैं । उन चारों को वह एक ही अविभाजित समूह में छोड़ देता है और उनके आपसी क्रम पर कुछ नहीं कहता । S और T दोनों उसी समूह में हैं, इसलिए इस कथन से उनकी तुलना असंभव है । आँकड़ा-पर्याप्तता में 'दोनों को एक ही श्रेणी में रख देना' और 'दोनों की तुलना कर देना' बिलकुल अलग बातें हैं ।
- (b)एकमात्र 2 पर्याप्त है — कथन 2 से S > U > Q निकलता है और यह भी कि कोई-न-कोई Q से छोटा है — किन्तु इस कथन में T का उल्लेख ही नहीं है । जिस व्यक्ति का नाम कथन में आया ही नहीं, उसकी तुलना उस कथन से नहीं की जा सकती । अकेले कथन 2 के अधीन Q से छोटा व्यक्ति P, R या T कोई भी हो सकता है, और T तो S से लंबा भी हो सकता है । इसलिए यह कथन अकेला अपर्याप्त है ।
- (c)1 और 2 दोनों पर्याप्त नहीं हैं — यह विकल्प उस अभ्यर्थी का है जिसने दोनों कथनों को अलग-अलग अपर्याप्त पाकर वहीं रुक जाना उचित समझा । वास्तव में मिलाने पर निर्णायक कड़ी बन जाती है : कथन 1 P और R को शीर्ष दो स्थानों पर स्थिर कर देता है, जिससे 'सबसे छोटा' केवल Q, S, T, U में से हो सकता है ; और कथन 2 उनमें से S, U, Q का क्रम देकर तथा Q के सबसे छोटा न होने की सूचना देकर T को सबसे नीचे धकेल देता है । पूरा क्रम P > R > S > U > Q > T बनता है, इसलिए यह विकल्प ग़लत है ।
आँकड़ा-पर्याप्तता के प्रश्न में उत्तर 'क्या है' नहीं, 'क्या पता चल सकता है' होता है । पद्धति चार चरणों की है : (i) पहले तय कीजिए कि निकालना क्या है — यहाँ केवल S और T का सापेक्ष क्रम, उनकी लंबाई नहीं ; (ii) कथन 1 को अकेले लेकर देखिए कि वह लक्ष्य तय करता है या नहीं ; (iii) कथन 2 को अकेले लेकर वही जाँच कीजिए, और इस चरण में कथन 1 की जानकारी बिलकुल भूल जाइए — यही सबसे आम भूल है ; (iv) यदि दोनों अकेले अपर्याप्त हों, तभी उन्हें मिलाकर देखिए । क्रम-निर्धारण (ranking) के प्रश्नों में सहायक तकनीक यह है कि व्यक्तियों को एक ऊर्ध्वाधर रेखा पर रखा जाए और प्रत्येक कथन से केवल उतना ही खींचा जाए जितना वह वास्तव में कहता है — अनुमान से कोई कड़ी न जोड़ी जाए ।
इस प्रश्न की चतुराई कथन 2 के अंतिम उपवाक्य में छिपी है — 'यद्यपि Q मित्रों के बीच लंबाई में सबसे छोटा नहीं है' । अकेले यह उपवाक्य लगभग बेकार लगता है, क्योंकि वह किसी नाम की ओर संकेत नहीं करता । पर कथन 1 के साथ मिलते ही वह निर्णायक हो जाता है : कथन 1 पहले ही P और R को ऊपर स्थिर कर चुका होता है, इसलिए 'Q से छोटा कोई' केवल T ही हो सकता है । यही कारण है कि उत्तर (c) नहीं, (d) है । ऐसे प्रश्नों में जो उपवाक्य अकेले निरर्थक लगे, प्रायः वही जोड़ने पर कुंजी बनता है — इसलिए किसी कथन के किसी भी हिस्से को 'अतिरिक्त सूचना' मानकर छोड़िए मत ।
- कथन 1 का अर्थ : P > R > {Q, S, T, U} — P सबसे लंबा, R दूसरा, शेष चार का आपसी क्रम अज्ञात ।
- कथन 2 का अर्थ : S > U > Q, तथा कोई-न-कोई Q से छोटा है ; इस कथन में T का उल्लेख ही नहीं ।
- दोनों को मिलाने पर : सबसे नीचे के चार Q, S, T, U हैं, उनमें S > U > Q है, और Q सबसे छोटा नहीं — अतः सबसे छोटा T ही हो सकता है ।
- अंतिम क्रम : P > R > S > U > Q > T ; इससे S, T से लंबा सिद्ध होता है ।
- आँकड़ा-पर्याप्तता में प्रत्येक कथन की जाँच अलग-अलग, दूसरे की सूचना को पूरी तरह भुलाकर करनी चाहिए ; मिलाना अंतिम चरण है ।
- कथन 2 की जाँच करते समय कथन 1 की सूचना अनजाने में साथ ले लेना — इससे 2 अकेला भी 'पर्याप्त' लगने लगता है ।
- 'दोनों अकेले अपर्याप्त' से सीधे यह निष्कर्ष निकाल लेना कि दोनों मिलकर भी अपर्याप्त होंगे ।
- किसी कथन के अंतिम, निरर्थक-से दिखने वाले उपवाक्य ('Q सबसे छोटा नहीं है') की उपेक्षा कर देना ।
EPFO के तार्किक विवेचन खंड में आँकड़ा-पर्याप्तता प्रायः दो कथनों और चार निश्चित कूटों के साथ आती है : केवल 1, केवल 2, दोनों मिलकर, अथवा दोनों अपर्याप्त । कठिनाई सदैव तीसरे और चौथे कूट के बीच रखी जाती है, क्योंकि उन्हीं में यह जाँचा जाता है कि अभ्यर्थी कथनों को मिलाकर देख पाता है या नहीं । अभ्यास का सही तरीक़ा यह है कि प्रत्येक कथन के लिए अलग-अलग आरेख बनाया जाए और तीसरा आरेख दोनों को मिलाकर ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
उपर्युक्त दोनों कथनों को मिलाकर देखने पर, छह मित्रों में सबसे छोटा कौन है ?
- (a)Q
- (b)T
- (c)U
- (d)निर्धारित नहीं किया जा सकता
उत्तर(b) T — क्रम P > R > S > U > Q > T बनता है, क्योंकि Q के सबसे छोटा न होने की सूचना के बाद केवल T ही सबसे नीचे बच सकता है ।
- practice — not a real PYQ
आँकड़ा-पर्याप्तता के प्रश्न में यदि कथन 1 अकेला अपर्याप्त हो और कथन 2 अकेला भी अपर्याप्त हो, तो अगला सही चरण क्या है ?
- (a)तुरंत यह निष्कर्ष निकालना कि दोनों अपर्याप्त हैं
- (b)दोनों कथनों को मिलाकर जाँचना
- (c)केवल अधिक जानकारी वाले कथन को चुनना
- (d)प्रश्न छोड़ देना
उत्तर(b) दोनों कथनों को मिलाकर जाँचना — 'दोनों अपर्याप्त' वाला निष्कर्ष तभी निकाला जा सकता है जब मिलाकर देखने पर भी उत्तर तय न हो ।