कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 के अधीन, निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही नहीं है ?
- (a)इसमें परिवार पेंशन समेत पेंशन योजना के लिए उपबंध किया गया है ।
- (b)इसमें कर्मचारी निक्षेप सहबद्ध बीमा योजना के लिए उपबंध किया गया है ।
- (c)इस अधिनियम के उपबंध शक्ति की सहायता के बिना काम करने वाले पचास या उससे अधिक व्यक्ति नियोजित करने वाली सहकारी सोसायटियों पर लागू नहीं होंगे ।
- (d)इस निधि में नियोक्ता द्वारा अभिदाय कर्मचारी की मूल मज़दूरी, महँगाई भत्ता और प्रतिधारण भत्ता (यदि कोई है) के आधार पर होगा ।
सही उत्तर — C, (c) । स्टेम में 'नहीं' मोटे तिरछे अक्षरों में छपा है — खोजना वह कथन है जो ग़लत हो । कथन (c) अधिनियम की धारा 16(1)(क) को ठीक उलट देता है । धारा 16(1)(क) कहती है कि यह अधिनियम सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1912 अथवा सहकारी सोसायटियों से संबंधित किसी राज्य-विधि के अधीन रजिस्ट्रीकृत ऐसे प्रतिष्ठान पर लागू नहीं होगा जो पचास से कम व्यक्ति नियोजित करता हो और शक्ति (power) की सहायता के बिना काम करता हो । ध्यान दीजिए कि छूट के लिए दोनों शर्तें एक साथ पूरी होनी चाहिए — पचास से कम कर्मचारी और शक्ति की सहायता के बिना कार्य । विकल्प में 'पचास से कम' के स्थान पर 'पचास या उससे अधिक' छपा है, जो उपबंध का उलटा है : पचास या अधिक व्यक्ति नियोजित करने वाली सहकारी सोसायटी छूट के दायरे से बाहर हो जाती है, अर्थात् अधिनियम उस पर लागू होगा । इसीलिए यही कथन 'सही नहीं है' और वही उत्तर है । शेष तीनों कथन अधिनियम के पाठ से सीधे मेल खाते हैं — धारा 6A की पेंशन योजना, धारा 6C की निक्षेप सहबद्ध बीमा योजना, और धारा 6 का अभिदाय-आधार । इस प्रकार के प्रश्न में सबसे कारगर तकनीक यह है कि प्रत्येक कथन में संख्या, 'से कम/से अधिक' और 'और/या' जैसे शब्दों को अलग से जाँचा जाए, क्योंकि परीक्षक प्रायः पूरा वाक्य नहीं बदलता — केवल एक शब्द उलट देता है ।
- (a)इसमें परिवार पेंशन समेत पेंशन योजना के लिए उपबंध किया गया है । — यह कथन सही है, इसलिए उत्तर नहीं । अधिनियम की धारा 6A केंद्र सरकार को कर्मचारी पेंशन योजना बनाने की शक्ति देती है, और उसी के अधीन कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 बनी । उस योजना में अधिवर्षिता पेंशन और निवृत्ति पेंशन के साथ-साथ विधवा/विधुर पेंशन, बाल पेंशन और अनाथ पेंशन भी सम्मिलित हैं — अर्थात् परिवार पेंशन का उपबंध अधिनियम की योजना में स्पष्ट रूप से है ।
- (b)इसमें कर्मचारी निक्षेप सहबद्ध बीमा योजना के लिए उपबंध किया गया है । — यह भी सही कथन है । अधिनियम की धारा 6C कर्मचारी निक्षेप सहबद्ध बीमा योजना (Employees' Deposit-Linked Insurance Scheme) का उपबंध करती है, और उसी के अधीन 1976 की योजना बनी । इस योजना में अंशदान केवल नियोक्ता देता है और सदस्य की सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर उसके नामनिर्देशिती को एकमुश्त बीमा राशि मिलती है । इस प्रकार अधिनियम की तीन योजनाएँ हुईं — भविष्य निधि (धारा 5), पेंशन (धारा 6A) और निक्षेप सहबद्ध बीमा (धारा 6C) ।
- (d)इस निधि में नियोक्ता द्वारा अभिदाय कर्मचारी की मूल मज़दूरी, महँगाई भत्ता और प्रतिधारण भत्ता (यदि कोई है) के आधार पर होगा । — यह कथन अधिनियम की धारा 6 की भाषा का ही सार है और इसलिए सही है । धारा 6 के अनुसार नियोक्ता का अभिदाय कर्मचारी की मूल मज़दूरी, महँगाई भत्ते और प्रतिधारण भत्ते (यदि कोई हो) पर परिकलित होता है ; वैधानिक दर दस प्रतिशत है, जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा बारह प्रतिशत कर सकती है और अधिसूचित वर्गों के लिए व्यवहार में बारह प्रतिशत ही लागू है । कर्मचारी का अभिदाय भी सामान्यतः इतना ही होता है । अभिदाय-आधार में मूल मज़दूरी के साथ महँगाई भत्ता जोड़ना ही इस उपबंध की पहचान है ।
कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 संगठित क्षेत्र की सामाजिक सुरक्षा का मूल अधिनियम है और उसके तीन स्तंभ तीन योजनाएँ हैं : कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 (धारा 5), कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (धारा 6A) और कर्मचारी निक्षेप सहबद्ध बीमा योजना, 1976 (धारा 6C) । धारा 1(3) अधिनियम का विस्तार बताती है — अनुसूची I में गिनाए गए उद्योगों के ऐसे कारखाने जिनमें बीस या अधिक व्यक्ति नियोजित हों, तथा अन्य ऐसे प्रतिष्ठान जिन्हें केंद्र सरकार अधिसूचित करे । धारा 6 अभिदाय की दर और आधार तय करती है । धारा 16 उन प्रतिष्ठानों की सूची देती है जिन पर अधिनियम लागू नहीं होगा : पचास से कम व्यक्ति नियोजित करने वाली और शक्ति की सहायता के बिना काम करने वाली सहकारी सोसायटियाँ ; केंद्र/राज्य सरकार के या उनके नियंत्रणाधीन ऐसे प्रतिष्ठान जिनके कर्मचारी अंशदायी भविष्य निधि या वृद्धावस्था पेंशन के हक़दार हैं ; और किसी राज्य अधिनियम के अधीन स्थापित ऐसे प्रतिष्ठान जिनके कर्मचारियों को वैसे ही लाभ प्राप्त हैं ।
यह प्रश्न 'एक शब्द उलटकर कथन ग़लत बना देना' वाले प्रारूप का उत्कृष्ट उदाहरण है । चारों कथन अधिनियम की भाषा में लिखे गए हैं, तीनों अक्षरशः सही हैं, और चौथे में केवल 'से कम' को 'या उससे अधिक' कर दिया गया है । ऐसे प्रश्नों में पूरा वाक्य पढ़कर 'यह तो अधिनियम जैसा ही लगता है' कहकर आगे बढ़ जाना सबसे बड़ी भूल है । पढ़ने की सही विधि यह है : प्रत्येक कथन में तीन चीज़ें रेखांकित कीजिए — संख्या, तुलनात्मक शब्द (से कम / से अधिक / से अनधिक), और संयोजक (और / या) । यही तीन स्थान हैं जहाँ परीक्षक हेर-फेर करता है । यह अधिनियम अब सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 में समाहित है, जो 21 नवंबर 2025 से प्रवृत्त हुई ; प्रश्नपत्र 2023 का है और उसे मूल अधिनियम के अनुसार हल किया जाना चाहिए ।
- धारा 16(1)(क) — अधिनियम उस सहकारी सोसाइटी पर लागू नहीं होता जो पचास से कम व्यक्ति नियोजित करती हो और शक्ति की सहायता के बिना काम करती हो ; दोनों शर्तें एक साथ पूरी होनी चाहिए ।
- धारा 5 — कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 ; धारा 6A — कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (जिसमें विधवा/विधुर, बाल तथा अनाथ पेंशन सम्मिलित हैं) ; धारा 6C — कर्मचारी निक्षेप सहबद्ध बीमा योजना, 1976 ।
- धारा 6 — नियोक्ता का अभिदाय मूल मज़दूरी, महँगाई भत्ता और प्रतिधारण भत्ते (यदि कोई हो) पर परिकलित होता है ; वैधानिक दर दस प्रतिशत, जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा बारह प्रतिशत कर सकती है ।
- धारा 1(3) — अधिनियम अनुसूची I के उद्योगों के उन कारखानों पर लागू होता है जिनमें बीस या अधिक व्यक्ति नियोजित हों, तथा अन्य अधिसूचित प्रतिष्ठानों पर ।
- निक्षेप सहबद्ध बीमा योजना में अंशदान केवल नियोक्ता देता है ; सेवा में रहते हुए सदस्य की मृत्यु पर नामनिर्देशिती को एकमुश्त बीमा राशि देय होती है ।
- 'पचास से कम' और 'पचास या उससे अधिक' का उलटफेर — यही इस प्रश्न का पूरा आधार है ।
- सहकारी सोसायटी की छूट की दोनों शर्तों में से केवल एक याद रखना — छूट के लिए 'पचास से कम कर्मचारी' और 'शक्ति की सहायता के बिना कार्य' दोनों आवश्यक हैं ।
- अभिदाय के आधार में से महँगाई भत्ता या प्रतिधारण भत्ता छोड़ देना — धारा 6 तीनों को जोड़ती है ।
EPFO इस अधिनियम से हर वर्ष कई प्रश्न पूछता है, और नकारात्मक कथन-प्रश्न उसका सबसे प्रिय रूप है । ऐसे प्रश्नों में विकल्प अधिनियम की भाषा में लिखे जाते हैं और केवल एक शब्द बदला जाता है — संख्या, तुलनात्मक शब्द या संयोजक । इसलिए ईपीएफ अधिनियम की धाराओं को केवल सारांश रूप में नहीं, बल्कि उनकी सटीक शब्दावली के साथ पढ़ना चाहिए, विशेषकर धारा 1(3), धारा 6, धारा 16 और धारा 17 को ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 की धारा 6C किस योजना का उपबंध करती है ?
- (a)कर्मचारी भविष्य निधि योजना
- (b)कर्मचारी पेंशन योजना
- (c)कर्मचारी निक्षेप सहबद्ध बीमा योजना
- (d)कर्मचारी राज्य बीमा योजना
उत्तर(c) कर्मचारी निक्षेप सहबद्ध बीमा योजना — धारा 5 भविष्य निधि योजना की, धारा 6A पेंशन योजना की और धारा 6C निक्षेप सहबद्ध बीमा योजना की व्यवस्था करती है ।
- practice — not a real PYQ
धारा 16 के अधीन किसी सहकारी सोसायटी को ईपीएफ अधिनियम से छूट कब मिलती है ?
- (a)जब वह पचास से कम व्यक्ति नियोजित करती हो और शक्ति की सहायता के बिना काम करती हो
- (b)जब वह पचास से कम व्यक्ति नियोजित करती हो, चाहे शक्ति का प्रयोग करे
- (c)जब वह शक्ति की सहायता के बिना काम करती हो, चाहे कितने भी व्यक्ति नियोजित करे
- (d)जब वह बीस से कम व्यक्ति नियोजित करती हो
उत्तर(a) जब वह पचास से कम व्यक्ति नियोजित करती हो और शक्ति की सहायता के बिना काम करती हो — दोनों शर्तें एक साथ पूरी होनी चाहिए ।