असंगठित कामगार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 2008 के उपबंधों के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में कितने सदस्य नामनिर्दिष्ट किए जाने होते हैं ?
- (a)अठारह
- (b)बीस
- (c)छब्बीस
- (d)चौंतीस
सही उत्तर — D, (d) चौंतीस । असंगठित कामगार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 2008 की धारा 5 राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड (National Social Security Board) का गठन करती है और उसकी संरचना स्पष्ट रूप से तीन भागों में देती है : (i) पदेन अध्यक्ष — श्रम और रोज़गार का केंद्रीय मंत्री ; (ii) पदेन सदस्य-सचिव — महानिदेशक (श्रम कल्याण) ; और (iii) केंद्र सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट चौंतीस सदस्य । प्रश्न ठीक इसी तीसरे भाग की संख्या पूछ रहा है, इसलिए उत्तर चौंतीस है । ये चौंतीस सदस्य इस प्रकार बँटे हैं : सात असंगठित क्षेत्र के कामगारों का प्रतिनिधित्व करने वाले, सात असंगठित क्षेत्र के नियोजकों का प्रतिनिधित्व करने वाले, सात नागरिक समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति, तीन संसद-सदस्य (लोक सभा से दो और राज्य सभा से एक), पाँच संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के प्रतिनिधि, और पाँच राज्य सरकारों के प्रतिनिधि — 7 + 7 + 7 + 3 + 5 + 5 = 34 । यह विभाजन इसलिए भी उपयोगी है कि परीक्षा में कभी-कभी संपूर्ण संख्या के बजाय किसी एक श्रेणी की संख्या पूछ ली जाती है । बोर्ड का कार्य असंगठित कामगारों के लिए उपयुक्त सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सिफ़ारिश करना, केंद्र सरकार को सलाह देना तथा उन योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करना है ।
- (a)अठारह — अठारह की संख्या इस अधिनियम में कहीं नहीं आती । अधिनियम में केवल दो सदस्य-संख्याएँ हैं — धारा 5 के अधीन राष्ट्रीय बोर्ड के लिए चौंतीस और धारा 6 के अधीन राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के लिए अट्ठाईस । इसलिए यदि विकल्पों में इन दो के अतिरिक्त कोई संख्या दिखे, तो वह भराव-विकल्प ही है । 'अठारह' यहाँ केवल इसलिए रखा गया है कि आरोही क्रम में विकल्पों की एक शृंखला बन सके ।
- (b)बीस — बीस भी अधिनियम की कोई संख्या नहीं है । यह विकल्प उस अभ्यर्थी को फँसाता है जो 'लगभग बीस-पच्चीस सदस्यों का कोई बोर्ड होगा' के अनुमान पर चलता है । त्रिपक्षीय (कामगार-नियोजक-सरकार) निकायों में संख्या प्रायः बड़ी होती है, क्योंकि प्रत्येक पक्ष को समान प्रतिनिधित्व देना होता है — यहाँ कामगार, नियोजक और नागरिक समाज तीनों को सात-सात स्थान मिले हैं, और यही जोड़ 21 पर पहुँच जाता है ।
- (c)छब्बीस — छब्बीस भी अधिनियम में नहीं है, पर यह सबसे भ्रामक विकल्प है क्योंकि यह राज्य बोर्ड की वास्तविक संख्या अट्ठाईस के निकट पड़ता है । धारा 6 के अधीन राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में राज्य सरकार अट्ठाईस सदस्य नामनिर्दिष्ट करती है — सात कामगार, सात नियोजक, दो विधान सभा सदस्य, पाँच नागरिक समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति और सात राज्य सरकार के विभाग । अतः दोनों संख्याएँ — राष्ट्रीय 34, राज्य 28 — साथ-साथ याद रखनी चाहिए ।
असंगठित कामगार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 2008 भारत का पहला केंद्रीय अधिनियम है जिसने असंगठित क्षेत्र के कामगारों — घरेलू कामगार, निर्माण मज़दूर, फेरीवाले, बीड़ी मज़दूर, कृषि श्रमिक, स्वनियोजित व्यक्ति — के लिए सामाजिक सुरक्षा का ढाँचा खड़ा किया । अधिनियम का ढाँचा तीन स्तंभों पर है : (i) केंद्र सरकार जीवन व निःशक्तता कवर, स्वास्थ्य व प्रसूति प्रसुविधा, वृद्धावस्था संरक्षण आदि विषयों पर उपयुक्त कल्याणकारी योजनाएँ बनाएगी, और ऐसी विद्यमान योजनाएँ अनुसूची I में सूचीबद्ध हैं ; (ii) संस्थागत तंत्र — धारा 5 के अधीन राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड और धारा 6 के अधीन राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड, दोनों त्रिपक्षीय निकाय ; और (iii) पंजीकरण — धारा 10 के अधीन पात्र असंगठित कामगार का पंजीकरण तथा पहचान-पत्र, जिससे वह योजनाओं का लाभ ले सके ।
EPFO की परीक्षाओं में इस अधिनियम से लगभग सदैव संख्या या सूची पूछी जाती है — बोर्ड के सदस्यों की संख्या, अध्यक्ष कौन है, अनुसूची I में कौन-सी योजना है । इसलिए तैयारी में दोनों बोर्डों की संरचना समानांतर तालिका के रूप में याद कीजिए : राष्ट्रीय बोर्ड — अध्यक्ष केंद्रीय श्रम व रोज़गार मंत्री, सदस्य-सचिव महानिदेशक (श्रम कल्याण), 34 नामनिर्दिष्ट सदस्य ; राज्य बोर्ड — अध्यक्ष राज्य का श्रम मंत्री, सदस्य-सचिव प्रधान सचिव/सचिव (श्रम), 28 नामनिर्दिष्ट सदस्य । दोनों में 'सात कामगार + सात नियोजक' का त्रिपक्षीय ढाँचा समान है, अंतर विधायी प्रतिनिधित्व और सरकारी विभागों की संख्या में है । यह अधिनियम अब सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 में समाहित है, जो 21 नवंबर 2025 से प्रवृत्त हुई ।
- धारा 5 — राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में केंद्र सरकार चौंतीस सदस्य नामनिर्दिष्ट करती है ; इनके अतिरिक्त पदेन अध्यक्ष और पदेन सदस्य-सचिव होते हैं ।
- राष्ट्रीय बोर्ड के पदेन पदाधिकारी — अध्यक्ष : श्रम और रोज़गार का केंद्रीय मंत्री ; सदस्य-सचिव : महानिदेशक (श्रम कल्याण) ।
- चौंतीस का विभाजन — 7 असंगठित क्षेत्र के कामगार, 7 नियोजक, 7 नागरिक समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति, 3 संसद-सदस्य (2 लोक सभा + 1 राज्य सभा), 5 केंद्रीय मंत्रालय/विभाग, 5 राज्य सरकारें ।
- धारा 6 — राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में राज्य सरकार अट्ठाईस सदस्य नामनिर्दिष्ट करती है (7 कामगार, 7 नियोजक, 2 विधान सभा सदस्य, 5 नागरिक समाज, 7 राज्य विभाग) ।
- बोर्ड का कार्य — असंगठित कामगारों के लिए उपयुक्त सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सिफ़ारिश, केंद्र सरकार को सलाह और क्रियान्वयन की निगरानी ।
- राष्ट्रीय बोर्ड (34) और राज्य बोर्ड (28) की संख्याएँ आपस में बदल देना ।
- नामनिर्दिष्ट सदस्यों की संख्या में पदेन अध्यक्ष और सदस्य-सचिव को भी जोड़ लेना — प्रश्न 'नामनिर्दिष्ट किए जाने होते हैं' पूछ रहा है ।
- बोर्ड के अध्यक्ष को प्रधानमंत्री या श्रम सचिव मान लेना — अध्यक्ष श्रम और रोज़गार का केंद्रीय मंत्री होता है ।
EPFO प्रवर्तन अधिकारी/लेखा अधिकारी तथा सहायक भविष्य निधि आयुक्त दोनों में इस अधिनियम से संख्या-आधारित प्रश्न आते हैं, और अगला सबसे सामान्य प्रारूप अनुसूची I की योजनाओं का है — 'निम्नलिखित में से कौन-सी योजना इस अधिनियम के अधीन सामाजिक सुरक्षा योजना नहीं है' । इसी प्रश्नपत्र में वह प्रारूप ठीक अगले प्रश्न में आता है । इसलिए इस अधिनियम को दो सूचियों के रूप में तैयार कीजिए — संरचना की संख्याएँ, और अनुसूची I की योजनाएँ ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
असंगठित कामगार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 2008 के अधीन राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का पदेन अध्यक्ष कौन होता है ?
- (a)प्रधानमंत्री
- (b)श्रम और रोज़गार का केंद्रीय मंत्री
- (c)महानिदेशक (श्रम कल्याण)
- (d)केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त
उत्तर(b) श्रम और रोज़गार का केंद्रीय मंत्री — वे पदेन अध्यक्ष होते हैं, जबकि महानिदेशक (श्रम कल्याण) पदेन सदस्य-सचिव होते हैं ।
- practice — not a real PYQ
इसी अधिनियम की धारा 6 के अधीन राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में राज्य सरकार कितने सदस्य नामनिर्दिष्ट करती है ?
- (a)अट्ठाईस
- (b)चौंतीस
- (c)छब्बीस
- (d)बीस
उत्तर(a) अट्ठाईस — राज्य बोर्ड में 28 नामनिर्दिष्ट सदस्य होते हैं, जबकि राष्ट्रीय बोर्ड में 34 ।