पंडित मदन मोहन मालवीय से जुड़ी निम्नलिखित घटनाओं को, सबसे पहली घटना से शुरू करते हुए, कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए : 1. बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना 2. काँग्रेस राष्ट्रवादी दल (काँग्रेस नेशनलिस्ट पार्टी) की रचना 3. अंग्रेज़ी अखबार ‘दि लीडर’ की संस्थापना 4. इलाहाबाद में हिन्दू बोर्डिंग हाउस की संस्थापना नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- (a)3-4-1-2
- (b)4-3-1-2
- (c)4-3-2-1
- (d)3-4-2-1
सही उत्तर — B, (b) 4-3-1-2 । चारों घटनाओं के वर्ष इस प्रकार हैं : (4) इलाहाबाद में हिन्दू बोर्डिंग हाउस (हिन्दू छात्रावास) की स्थापना — 1901 ; (3) अंग्रेज़ी दैनिक 'दि लीडर' की संस्थापना — 1909, जिसके वे 1909-1911 तक संपादक और 1911-1919 तक अध्यक्ष रहे ; (1) बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना — 1916, जो 'बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी ऐक्ट, 1915' नामक संसदीय विधान के माध्यम से हुई ; और (2) काँग्रेस राष्ट्रवादी दल की रचना — 1934, जो सांप्रदायिक निर्णय (Communal Award) के विरोध में बना और उसी वर्ष केंद्रीय विधान-मंडल के चुनाव लड़कर 12 स्थान जीता । अतः सबसे पहली घटना से आरंभ करने पर क्रम 4 → 3 → 1 → 2 बनता है । हल करने की तेज़ विधि यह है कि पहले सबसे निश्चित लंगर पकड़िए — बी.एच.यू. 1916 और काँग्रेस राष्ट्रवादी दल 1934 — जिससे यह तय हो जाता है कि 1 सदैव 2 से पहले आएगा ; इससे विकल्प (c) और (d) तुरंत कट जाते हैं, क्योंकि उनमें 2 पहले है । अब केवल (a) 3-4-1-2 और (b) 4-3-1-2 बचते हैं, और निर्णय मात्र इस पर है कि छात्रावास (1901) 'दि लीडर' (1909) से पहले है या बाद — छात्रावास पहले है, इसलिए (b) ।
- (a)3-4-1-2 — इसमें केवल पहले दो पद उलटे हैं — यह 'दि लीडर' (1909) को इलाहाबाद के हिन्दू बोर्डिंग हाउस (1901) से पहले रख देता है । यही इस प्रश्न का असली विभाजक है : शेष क्रम (1 फिर 2, अर्थात् बी.एच.यू. फिर काँग्रेस राष्ट्रवादी दल) (a) में भी सही है । जो अभ्यर्थी छात्रावास का वर्ष नहीं जानता वह प्रायः यही विकल्प चुन बैठता है ; स्मरण-सूत्र यह है कि मालवीय का शैक्षणिक कार्य उनकी पत्रकारिता से पहले आरंभ हुआ ।
- (c)4-3-2-1 — इसके पहले दो पद (4 फिर 3) तो सही हैं, पर अंतिम दो उलटे हैं — यह काँग्रेस राष्ट्रवादी दल (1934) को बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (1916) से पहले रख देता है । बी.एच.यू. मालवीय के जीवन का मध्यकालीन कार्य है और काँग्रेस राष्ट्रवादी दल उनके अंतिम राजनीतिक दौर का, अतः 1 सदैव 2 से पहले आएगा ।
- (d)3-4-2-1 — इस विकल्प में दोनों जोड़े उलटे हैं — 'दि लीडर' छात्रावास से पहले, और काँग्रेस राष्ट्रवादी दल बी.एच.यू. से पहले । यह उस अभ्यर्थी के लिए बना है जो चारों में से किसी एक भी वर्ष के प्रति निश्चित नहीं है । कालानुक्रम प्रश्नों में यदि दो लंगर वर्ष भी ज्ञात हों (यहाँ 1916 और 1934), तो आधे विकल्प तुरंत कट जाते हैं ।
पंडित मदन मोहन मालवीय (1861-1946) उस पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं जिसमें शिक्षा-सुधार, पत्रकारिता और संगठनात्मक राजनीति एक ही व्यक्ति में मिलते थे । उनका जीवन-क्रम चार चरणों में बाँटकर याद रखना सुविधाजनक है : (i) इलाहाबाद में शैक्षणिक कार्य — 1901 का हिन्दू बोर्डिंग हाउस ; (ii) पत्रकारिता — 1909 में अंग्रेज़ी दैनिक 'दि लीडर' की स्थापना (संपादक 1909-1911, अध्यक्ष 1911-1919) ; (iii) संस्था-निर्माण का शिखर — 'बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी ऐक्ट, 1915' के अधीन 1916 में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना ; और (iv) अंतिम राजनीतिक चरण — 1934 में सांप्रदायिक निर्णय के विरोध में काँग्रेस राष्ट्रवादी दल का गठन, जिसने उसी वर्ष केंद्रीय विधान-मंडल के चुनाव में 12 स्थान जीते । वे 1909 के लाहौर काँग्रेस अधिवेशन के अध्यक्ष भी थे — यही इस प्रश्नपत्र के प्रश्न 23 से इसकी कड़ी है ।
कालानुक्रम (chronology) प्रश्न EPFO और UPSC दोनों में इसलिए लोकप्रिय हैं कि उनमें आंशिक ज्ञान से भी पूरा अंक मिल सकता है — बशर्ते अभ्यर्थी 'लंगर और छँटनी' की विधि जानता हो । यहाँ चार में से दो वर्ष (1916 और 1934) लगभग हर अभ्यर्थी को ज्ञात होते हैं, और केवल इन दोनों के सापेक्ष क्रम से आधे विकल्प कट जाते हैं । शेष निर्णय 1901 बनाम 1909 पर टिकता है । एक और सहायक सूत्र : बी.एच.यू. की स्थापना उसी दौर की है जब गांधीजी भारत लौटे थे — फ़रवरी 1916 के बी.एच.यू. उद्घाटन समारोह में गांधीजी का भाषण उनकी भारत में पहली बड़ी सार्वजनिक उपस्थिति मानी जाती है ; इस जोड़ी से 1916 कभी नहीं भूलता ।
- 1901 — मालवीय ने इलाहाबाद में बालकों के लिए हिन्दू छात्रावास (हिन्दू बोर्डिंग हाउस) की स्थापना की ; यह चारों घटनाओं में सबसे पहली है ।
- 1909 — उन्होंने अंग्रेज़ी दैनिक 'दि लीडर' आरंभ किया ; वे 1909-1911 तक उसके संपादक और 1911-1919 तक अध्यक्ष रहे । इसी वर्ष वे काँग्रेस के लाहौर अधिवेशन के अध्यक्ष भी थे ।
- 1916 — बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, जो 'बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी ऐक्ट, 1915' नामक संसदीय विधान के माध्यम से संभव हुई ।
- 1934 — सांप्रदायिक निर्णय (Communal Award) के विरोध में काँग्रेस राष्ट्रवादी दल बना, जिसने उसी वर्ष केंद्रीय विधान-मंडल के चुनाव में 12 स्थान जीते ।
- अधिनियम का वर्ष और विश्वविद्यालय की स्थापना का वर्ष अलग-अलग हैं — अधिनियम 1915, स्थापना 1916 ; परीक्षा में दोनों में से कोई भी पूछा जा सकता है ।
- बी.एच.यू. अधिनियम (1915) और विश्वविद्यालय की स्थापना (1916) को एक मान लेना ।
- 'दि लीडर' को हिन्दू बोर्डिंग हाउस से पहले रख देना — छात्रावास 1901 का है, अखबार 1909 का ।
- काँग्रेस राष्ट्रवादी दल (1934) को स्वराज दल (1923) या राष्ट्रीय काँग्रेस के किसी गुट से गड्डमड्ड कर देना ।
कालानुक्रम प्रश्न EPFO के आधुनिक इतिहास खंड में लगभग हर वर्ष आते हैं, प्रायः किसी एक व्यक्ति या एक आंदोलन से जुड़ी चार घटनाओं के रूप में । रणनीति सदैव यही रहनी चाहिए : दो सबसे निश्चित वर्षों को लंगर बनाइए, उनके सापेक्ष क्रम से विकल्प काटिए, और अंत में केवल एक संदिग्ध जोड़ी पर निर्णय लीजिए । सभी चार वर्ष याद रखने की आवश्यकता प्रायः नहीं पड़ती ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना जिस संसदीय विधान के माध्यम से हुई, वह किस वर्ष का है ?
- (a)1904
- (b)1909
- (c)1915
- (d)1916
उत्तर(c) 1915 — 'बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी ऐक्ट, 1915' के अधीन विश्वविद्यालय 1916 में स्थापित हुआ ; अधिनियम और स्थापना के वर्ष अलग-अलग हैं ।
- practice — not a real PYQ
काँग्रेस राष्ट्रवादी दल (काँग्रेस नेशनलिस्ट पार्टी) मुख्यतः किसके विरोध में बनाया गया था ?
- (a)रौलट अधिनियम
- (b)सांप्रदायिक निर्णय
- (c)बंगाल विभाजन
- (d)साइमन कमीशन
उत्तर(b) सांप्रदायिक निर्णय — 1934 में सांप्रदायिक निर्णय के विरोध में यह दल बना और उसी वर्ष केंद्रीय विधान-मंडल के चुनाव में 12 स्थान जीते ।