सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए : सूची I (काँग्रेस अधिवेशन) A. लाहौर अधिवेशन, 1909 B. कलकत्ता अधिवेशन, 1911 C. बाँकीपुर अधिवेशन, 1912 D. मद्रास अधिवेशन, 1914 सूची II (अध्यक्ष) 1. मदन मोहन मालवीय 2. रघुनाथ नरसिंह मुधोलकर 3. बिशन नारायण दर 4. भूपेन्द्र नाथ बोस कूट :
- (a)A-1, B-3, C-2, D-4
- (b)A-1, B-2, C-3, D-4
- (c)A-4, B-2, C-3, D-1
- (d)A-4, B-3, C-2, D-1
सही उत्तर — A, (a) A-1, B-3, C-2, D-4 । चारों युग्म इस प्रकार बनते हैं : (A) लाहौर अधिवेशन, 1909 के अध्यक्ष पंडित मदन मोहन मालवीय थे — यही सूची II का 1 है ; (B) कलकत्ता अधिवेशन, 1911 के अध्यक्ष बिशन नारायण दर थे — 3 ; (C) बाँकीपुर अधिवेशन, 1912 के अध्यक्ष रघुनाथ नरसिंह मुधोलकर थे — 2 ; और (D) मद्रास अधिवेशन, 1914 के अध्यक्ष भूपेन्द्र नाथ बोस थे — 4 । इसलिए क्रम A-1, B-3, C-2, D-4 बनता है । इस प्रश्न को हल करने की सबसे तेज़ विधि 'लंगर युग्म' (anchor pair) की है : चारों नामों में मदन मोहन मालवीय सर्वाधिक परिचित हैं और उनका लाहौर 1909 से जुड़ाव पाठ्यपुस्तक-मानक है, अतः A-1 पकड़ते ही विकल्प (c) और (d) — जिनमें A-4 है — एक साथ कट जाते हैं । अब केवल (a) और (b) बचते हैं, और दोनों का अंतर मात्र B व C पर है : (a) में B-3, C-2 ; (b) में B-2, C-3 । जिसे यह याद है कि मुधोलकर बाँकीपुर (1912) के अध्यक्ष थे, वह तुरंत (a) चुन लेता है । ध्यान रहे कि यह वही कलकत्ता अधिवेशन (दिसंबर 1911) है जिसमें 'जन गण मन' पहली बार गाया गया था — इसी सूत्र से 1911 का कलकत्ता अधिवेशन याद रखना आसान हो जाता है ।
- (b)A-1, B-2, C-3, D-4 — इसमें A-1 और D-4 तो सही हैं, पर बीच के दोनों युग्म आपस में बदल गए हैं : यह कलकत्ता 1911 को मुधोलकर से और बाँकीपुर 1912 को बिशन नारायण दर से जोड़ता है । वास्तव में दर 1911 (कलकत्ता) के अध्यक्ष थे और मुधोलकर 1912 (बाँकीपुर) के । यही इस प्रश्न का असली विभाजक बिंदु है — जो अभ्यर्थी केवल मालवीय पहचानकर रुक जाता है, वह (a) और (b) के बीच अटक जाता है ।
- (c)A-4, B-2, C-3, D-1 — यह विकल्प लाहौर 1909 को भूपेन्द्र नाथ बोस से और मद्रास 1914 को मालवीय से जोड़ देता है — दोनों उलटे हैं । बोस मद्रास अधिवेशन, 1914 के अध्यक्ष थे और मालवीय लाहौर अधिवेशन, 1909 के । A-1 का लंगर पकड़ते ही यह विकल्प पहली ही दृष्टि में कट जाता है ।
- (d)A-4, B-3, C-2, D-1 — इसमें B-3 और C-2 तो सही हैं, किन्तु दोनों छोर उलटे हैं — लाहौर 1909 भूपेन्द्र नाथ बोस को और मद्रास 1914 मालवीय को दे दिया गया है । यह विकल्प उस अभ्यर्थी के लिए बना है जो बीच के दो युग्म ठीक जानता है पर मालवीय का वर्ष नहीं जानता ; सुमेलन प्रश्नों में सदैव सबसे पक्के युग्म से आरंभ करना चाहिए, बीच से नहीं ।
1909 से 1915 के बीच के काँग्रेस अधिवेशन उस दौर के हैं जब 1907 के सूरत विभाजन के बाद काँग्रेस पर उदारवादी (नरमपंथी) नेतृत्व का पूरा नियंत्रण था और अतिवादी (गरमपंथी) संगठन से बाहर थे । इन वर्षों की अध्यक्ष-सूची इसी उदारवादी दौर का दर्पण है : 1909 लाहौर — मदन मोहन मालवीय ; 1910 इलाहाबाद — विलियम वेडरबर्न ; 1911 कलकत्ता — बिशन नारायण दर ; 1912 बाँकीपुर — रघुनाथ नरसिंह मुधोलकर ; 1913 कराची — नवाब सैयद मुहम्मद बहादुर ; 1914 मद्रास — भूपेन्द्र नाथ बोस ; 1915 बंबई — सत्येन्द्र प्रसन्न सिन्हा । बाँकीपुर (पटना के निकट) का 1912 का अधिवेशन इसलिए भी उल्लेखनीय है कि वह उसी वर्ष हुआ जब बिहार-उड़ीसा बंगाल से अलग हुआ और राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित हुई ।
इस प्रकार के सुमेलन प्रश्न में परीक्षक चार अध्यक्षों में से एक अत्यंत प्रसिद्ध नाम (मालवीय) और तीन अपेक्षाकृत कम परिचित नाम रखता है, और फिर कूट इस तरह बनाता है कि केवल प्रसिद्ध नाम जानने से काम न चले । यही कारण है कि विकल्प (a) और (b) दोनों में A-1 तथा D-4 समान हैं । रणनीति यह है : पहले वह युग्म खोजिए जिस पर आपको संदेह नहीं, उसके आधार पर विकल्प काटिए, फिर बचे हुए विकल्पों के बीच जो एक ही अंतर हो उसी पर निर्णय लीजिए — पूरे चार युग्म याद रखने की आवश्यकता प्रायः नहीं पड़ती । सूची I और सूची II पुस्तिका में अगल-बगल छपी हैं और कूट एक छोटी तालिका के रूप में है जिसकी शीर्ष पंक्ति 'A B C D' है ।
- लाहौर अधिवेशन, 1909 के काँग्रेस अध्यक्ष पंडित मदन मोहन मालवीय थे ; यही वह वर्ष है जिसमें मॉर्ले-मिंटो सुधार (भारतीय परिषद अधिनियम, 1909) पारित हुए और पृथक निर्वाचक-मंडल आरंभ हुए ।
- कलकत्ता अधिवेशन, 1911 के अध्यक्ष बिशन नारायण दर थे ; इसी अधिवेशन में दिसंबर 1911 को रवीन्द्रनाथ ठाकुर का 'जन गण मन' पहली बार गाया गया ।
- बाँकीपुर अधिवेशन, 1912 के अध्यक्ष रघुनाथ नरसिंह मुधोलकर थे — बाँकीपुर आज पटना का एक भाग है ।
- मद्रास अधिवेशन, 1914 के अध्यक्ष भूपेन्द्र नाथ बोस थे ; इसी अधिवेशन के आसपास प्रथम विश्वयुद्ध आरंभ हुआ, जिसने आगे के राष्ट्रीय आंदोलन की दिशा बदल दी ।
- इनके निकटवर्ती वर्ष : 1910 इलाहाबाद — विलियम वेडरबर्न ; 1913 कराची — नवाब सैयद मुहम्मद बहादुर ; 1915 बंबई — सत्येन्द्र प्रसन्न सिन्हा ।
- बिशन नारायण दर और रघुनाथ नरसिंह मुधोलकर के वर्ष आपस में बदल देना — दर 1911 (कलकत्ता), मुधोलकर 1912 (बाँकीपुर) ।
- अधिवेशन-स्थल और अध्यक्ष को उस वर्ष की किसी अन्य घटना से जोड़कर अनुमान लगाना ; अधिवेशन-सूची रटने का ही विषय है ।
- बाँकीपुर को बंगाल का स्थान मान लेना — यह पटना (बिहार) में है ।
अधिवेशन-अध्यक्ष का सुमेलन EPFO, UPSC तथा राज्य आयोगों का सबसे पुराना और सबसे नियमित प्रारूप है । इसे कभी सूची-सुमेलन के रूप में, कभी 'निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है' के रूप में, और कभी 'किस अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ' के रूप में पूछा जाता है । इसलिए अधिवेशनों की सूची केवल नाम-वर्ष के रूप में नहीं, बल्कि 'वर्ष + स्थान + अध्यक्ष + उस अधिवेशन की एक विशिष्ट घटना' के चार-स्तंभ रूप में याद कीजिए ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के किस अधिवेशन में 'जन गण मन' पहली बार गाया गया था ?
- (a)लाहौर अधिवेशन, 1909
- (b)कलकत्ता अधिवेशन, 1911
- (c)बाँकीपुर अधिवेशन, 1912
- (d)मद्रास अधिवेशन, 1914
उत्तर(b) कलकत्ता अधिवेशन, 1911 — दिसंबर 1911 के इसी अधिवेशन में यह गीत पहली बार गाया गया ; अधिवेशन के अध्यक्ष बिशन नारायण दर थे ।
- practice — not a real PYQ
1912 के बाँकीपुर अधिवेशन के काँग्रेस अध्यक्ष कौन थे ?
- (a)बिशन नारायण दर
- (b)भूपेन्द्र नाथ बोस
- (c)रघुनाथ नरसिंह मुधोलकर
- (d)विलियम वेडरबर्न
उत्तर(c) रघुनाथ नरसिंह मुधोलकर — बाँकीपुर (पटना) अधिवेशन, 1912 के अध्यक्ष ; वेडरबर्न 1910 (इलाहाबाद) के अध्यक्ष थे ।