भारत सरकार अधिनियम, 1935 के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही नहीं है ?
- (a)यह गोल मेज़ परिषदों का परिणाम था ।
- (b)इसमें ऑल इण्डिया फेडरेशन की स्थापना का उपबंध किया गया था ।
- (c)इसने सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट के प्राधिकार को भारत सरकार से ऊपर बनाए रखा ।
- (d)इसमें प्रांतीय स्वायत्तता का उपबंध समाविष्ट किया गया ।
सही उत्तर — C, (c) ‘इसने सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट के प्राधिकार को भारत सरकार से ऊपर बनाए रखा’ । स्टेम में 'नहीं' मोटे तिरछे अक्षरों में छपा है, अर्थात् वह कथन खोजना है जो ग़लत हो । 1935 का अधिनियम भारत के सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट (Secretary of State for India) के प्राधिकार को 'भारत सरकार से ऊपर बनाए रखने' वाला अधिनियम नहीं था — उलटे, उसने उस प्राधिकार को दो ठोस तरीक़ों से काटा । पहला, इसने 1858 के भारत शासन अधिनियम से चली आ रही 'भारत परिषद' (Council of India) को समाप्त कर दिया, जो सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट का वैधानिक परामर्शदात्री निकाय थी ; उसके स्थान पर उसे केवल सलाहकारों का एक दल दिया गया । दूसरा, प्रांतीय स्वायत्तता (provincial autonomy) लागू करके इसने प्रांतों को अपने निर्धारित क्षेत्र में स्वायत्त इकाई बना दिया — प्रांत अब सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट के पर्यवेक्षण, निदेशन और नियंत्रण के अधीन उस रूप में नहीं रहे जिस रूप में 1919 की व्यवस्था में थे, और प्रांतीय विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी मंत्रिपरिषद की सलाह पर काम करना गवर्नर का सामान्य नियम बना । इसीलिए 'सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट के प्राधिकार को बनाए रखा' — यह कथन 1935 के अधिनियम के बारे में सही नहीं है, और यही उत्तर है । शेष तीनों कथन पाठ्यपुस्तक-मानक हैं और सही हैं ।
- (a)यह गोल मेज़ परिषदों का परिणाम था । — यह सही कथन है, अतः 'सही नहीं है' वाले प्रश्न का उत्तर नहीं । अधिनियम की वंशावली स्पष्ट है : साइमन कमीशन की रिपोर्ट (1930) → लंदन के तीन गोल मेज़ सम्मेलन (Round Table Conferences, 1930-32) → श्वेत-पत्र (White Paper, 1933) → लॉर्ड लिनलिथगो की अध्यक्षता वाली संयुक्त प्रवर समिति → भारत सरकार अधिनियम, 1935 । विकल्प में छपा 'गोल मेज़ परिषदों' वही सम्मेलन हैं ।
- (b)इसमें ऑल इण्डिया फेडरेशन की स्थापना का उपबंध किया गया था । — यह भी सही कथन है । अधिनियम ने ब्रिटिश भारत के प्रांतों तथा देशी रियासतों को इकाई बनाकर एक अखिल भारतीय संघ (All India Federation) का उपबंध किया और शक्तियों को संघीय सूची, प्रांतीय सूची व समवर्ती सूची में बाँटा (अवशिष्ट शक्तियाँ वायसराय के पास) । जाल यह है कि संघ कभी अस्तित्व में नहीं आया, क्योंकि अपेक्षित संख्या में रियासतें सम्मिलित नहीं हुईं — पर 'उपबंध किया गया था' कथन फिर भी सही है ।
- (d)इसमें प्रांतीय स्वायत्तता का उपबंध समाविष्ट किया गया । — यह सही कथन है । अधिनियम ने प्रांतों में 1919 वाली द्वैध शासन-व्यवस्था (dyarchy) समाप्त कर प्रांतीय स्वायत्तता दी और उत्तरदायी शासन शुरू किया ; यह व्यवस्था 1937 में लागू हुई और 1939 में कांग्रेस मंत्रिमंडलों के त्यागपत्र के बाद बंद हो गई । उलटफेर याद रखिए : 1935 ने द्वैध शासन प्रांतों से हटाकर केंद्र में लागू करने का उपबंध किया ।
भारत सरकार अधिनियम, 1935 भारत का अब तक का सबसे लंबा ब्रिटिश अधिनियम था और स्वतंत्र भारत के संविधान का सबसे बड़ा एकल स्रोत । उसकी मुख्य विशेषताएँ : अखिल भारतीय संघ का उपबंध (जो कभी बना नहीं) ; तीन सूचियों में शक्ति-विभाजन ; प्रांतों में द्वैध शासन का अंत और प्रांतीय स्वायत्तता ; केंद्र में द्वैध शासन का उपबंध (जो लागू नहीं हुआ) ; ग्यारह में से छह प्रांतों में द्विसदनीय विधानमंडल ; पृथक निर्वाचक-मंडलों का विस्तार (दलित वर्ग, महिलाएँ, श्रमिक) ; भारत परिषद का उन्मूलन ; मताधिकार का विस्तार (लगभग 10% जनसंख्या) ; भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना का उपबंध ; संघीय, प्रांतीय तथा संयुक्त लोक सेवा आयोग ; और संघीय न्यायालय (Federal Court), जो 1937 में स्थापित हुआ ।
यह प्रश्न इस बात की परीक्षा है कि अभ्यर्थी 1935 के अधिनियम की दिशा जानता है या नहीं — यह अधिनियम विकेंद्रीकरण और भारतीयकरण की दिशा में जाता है, केंद्रीकरण की दिशा में नहीं । जो अभ्यर्थी केवल यह याद रखता है कि 'ब्रिटिश नियंत्रण अंत तक बना रहा' वह (c) को सही मान बैठता है और चूक जाता है । सूक्ष्म तथ्य यह है कि संघ न बनने के कारण केंद्र में पुरानी व्यवस्था ही चलती रही, फिर भी अधिनियम का अपना पाठ सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट की वैधानिक संरचना घटाता है — भारत परिषद समाप्त, प्रांत उसके नियंत्रण से बाहर । परीक्षा की दृष्टि से 1935 के अधिनियम को दो सूचियों में याद कीजिए : 'जो उपबंधित हुआ' और 'जो वास्तव में लागू हुआ' ; अधिकांश नकारात्मक प्रश्न इन्हीं दोनों के बीच की खाई में बनते हैं ।
- 1935 का अधिनियम साइमन कमीशन रिपोर्ट, तीन गोल मेज़ सम्मेलनों (1930-32), 1933 के श्वेत-पत्र और लिनलिथगो की संयुक्त प्रवर समिति की श्रृंखला का अंतिम उत्पाद था ।
- इसने 1858 के अधिनियम द्वारा बनाई गई 'भारत परिषद' (Council of India) को समाप्त कर दिया ; सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट को उसके स्थान पर केवल सलाहकारों का दल मिला ।
- प्रांतों में द्वैध शासन समाप्त कर प्रांतीय स्वायत्तता दी गई ; व्यवस्था 1937 में लागू हुई और 1939 में कांग्रेस मंत्रिमंडलों के त्यागपत्र के साथ समाप्त हो गई ।
- अखिल भारतीय संघ का उपबंध था, किन्तु पर्याप्त देशी रियासतों के सम्मिलित न होने से वह संघ कभी अस्तित्व में नहीं आया ; केंद्र में द्वैध शासन भी लागू नहीं हो सका ।
- अधिनियम ने संघीय न्यायालय (1937 में स्थापित), संघीय/प्रांतीय/संयुक्त लोक सेवा आयोग तथा भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना का उपबंध किया ।
- 'उपबंध किया गया' और 'लागू हुआ' को एक मान लेना — अखिल भारतीय संघ तथा केंद्रीय द्वैध शासन उपबंधित थे, पर कभी लागू नहीं हुए ।
- द्वैध शासन की दिशा उलट देना — 1919 ने उसे प्रांतों में लागू किया, 1935 ने प्रांतों से हटाकर केंद्र के लिए उपबंधित किया ।
- भारत परिषद (Council of India) को भारतीय विधान परिषद समझ लेना — 1935 ने पहली वाली को समाप्त किया, दूसरी को नहीं ।
1935 का अधिनियम EPFO, UPSC व राज्य आयोगों में प्रायः 'कौन-सा कथन सही नहीं है' या 'निम्नलिखित में से कौन-से उपबंध इसमें थे' के रूप में आता है, और कभी-कभी 'संविधान की कौन-सी विशेषता 1935 के अधिनियम से ली गई' के रूप में । सबसे सुरक्षित तैयारी यह है कि अधिनियम की आठ-दस विशेषताएँ क्रम से याद हों, और साथ में यह भी कि उनमें से कौन-सी कभी क्रियान्वित नहीं हुई ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
भारत सरकार अधिनियम, 1935 ने निम्नलिखित में से किस निकाय को समाप्त कर दिया था ?
- (a)भारत परिषद (Council of India)
- (b)केंद्रीय विधान सभा
- (c)संघीय न्यायालय
- (d)बोर्ड ऑफ़ कंट्रोल
उत्तर(a) भारत परिषद (Council of India) — 1858 के अधिनियम से चली आ रही सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट की परामर्शदात्री परिषद, जिसे 1935 ने समाप्त कर दिया । बोर्ड ऑफ़ कंट्रोल 1858 में ही समाप्त हो चुका था ।
- practice — not a real PYQ
भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अधीन उपबंधित संघीय न्यायालय (Federal Court) की स्थापना किस वर्ष हुई ?
- (a)1935
- (b)1937
- (c)1939
- (d)1947
उत्तर(b) 1937 — संघीय न्यायालय 1937 में स्थापित हुआ और 1950 में उच्चतम न्यायालय के गठन तक कार्य करता रहा ।