कंपनियों से होने वाले तीन प्रकार के कार्बन उत्सर्जनों के सन्दर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए : उत्सर्जन उदाहरण 1. स्कोप 1 उत्सर्जन : कर्मचारियों के आने-जाने, व्यापार-यात्रा और उत्पादित अपशिष्ट के परिणामस्वरूप उत्सर्जन 2. स्कोप 2 उत्सर्जन : अपने उपयोग के लिए क्रय की गई विद्युत, भाप, तापन और शीतन के परिणामस्वरूप उत्सर्जन 3. स्कोप 3 उत्सर्जन : कंपनी के अपने स्वामित्व के और लीज पर लिए गए वाहनों से हुए उत्सर्जन उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं ?
- (a)1 और 2
- (b)केवल 2
- (c)1 और 3
- (d)केवल 3
सही उत्तर — B, (b) केवल 2 — तीनों युग्मों को अलग करने वाली कसौटी एक ही है : उत्सर्जन का स्रोत किसके स्वामित्व या नियंत्रण में है । इसी कसौटी से स्कोप 1 में वे प्रत्यक्ष उत्सर्जन आते हैं जो कंपनी के अपने अथवा उसके नियंत्रण वाले स्रोतों से होते हैं — अपने बॉयलर और भट्ठियों में जलने वाला ईंधन, अपने तथा लीज पर लिए गए वाहनों का ईंधन, और शीतलक जैसी गैसों का रिसाव । स्कोप 2 में वे अप्रत्यक्ष उत्सर्जन आते हैं जो कंपनी द्वारा अपने उपयोग के लिए ख़रीदी गई विद्युत, भाप, तापन और शीतन के उत्पादन में कहीं और होते हैं । स्कोप 3 में मूल्य शृंखला के शेष सभी अप्रत्यक्ष उत्सर्जन आते हैं — कर्मचारियों का आना-जाना, व्यापार-यात्रा, प्रचालन में उत्पन्न अपशिष्ट, क्रय की गई वस्तुएँ और सेवाएँ, तथा बेचे गए उत्पादों का उपयोग । अब युग्मों को परखिए । युग्म 2 ठीक बैठता है, क्योंकि ख़रीदी गई विद्युत, भाप, तापन और शीतन स्कोप 2 की परिभाषा ही है । युग्म 1 और युग्म 3 आपस में बदल दिए गए हैं : कर्मचारियों का आना-जाना, व्यापार-यात्रा और अपशिष्ट स्कोप 3 के उदाहरण हैं, स्कोप 1 के नहीं ; और कंपनी के अपने तथा लीज पर लिए गए वाहनों के उत्सर्जन स्कोप 1 के उदाहरण हैं, स्कोप 3 के नहीं । इसलिए केवल युग्म 2 सही सुमेलित है और उत्तर विकल्प (b) है ।
- (a)1 और 2 — यह विकल्प युग्म 2 के साथ युग्म 1 को भी सही मान लेता है, और वहीं गिर जाता है । कर्मचारियों का घर से कार्यालय आना-जाना, व्यापार-यात्रा और प्रचालन में उत्पन्न अपशिष्ट — तीनों स्कोप 3 के मानक उदाहरण हैं, क्योंकि उनका स्रोत कंपनी के स्वामित्व या नियंत्रण में नहीं होता । कर्मचारी अपनी गाड़ी या सार्वजनिक वाहन से आता है, विमान किसी विमान कंपनी का होता है, और अपशिष्ट का निपटान किसी और का काम है । यह भूल इस तर्क से होती है कि ये सब कंपनी की गतिविधि के कारण हो रहे हैं, इसलिए प्रत्यक्ष हुए — पर कसौटी गतिविधि की नहीं, स्रोत के स्वामित्व की है ।
- (c)1 और 3 — यह विकल्प ठीक उन्हीं दो युग्मों को चुन लेता है जो आपस में बदले हुए हैं, और सही युग्म को छोड़ देता है । वस्तुतः युग्म 1 का उदाहरण युग्म 3 के शीर्षक के नीचे बैठता है और युग्म 3 का उदाहरण युग्म 1 के शीर्षक के नीचे । सुमेलन वाले प्रश्नों में यह परीक्षक की सबसे प्रिय रचना है, क्योंकि दोनों उदाहरण अलग-अलग देखने पर परिचित लगते हैं और यही परिचय भ्रम पैदा करता है । इससे बचने का उपाय यह है कि प्रत्येक युग्म को पढ़ते ही यह पूछा जाए कि यह उत्सर्जन किसके उपकरण से निकला — यदि कंपनी के अपने उपकरण से, तो स्कोप 1 ; यदि किसी और के, तो स्कोप 2 या स्कोप 3 ।
- (d)केवल 3 — यह विकल्प केवल युग्म 3 को सही मानता है, जबकि वही सबसे स्पष्ट रूप से ग़लत है । कंपनी के अपने स्वामित्व वाले और लीज पर लिए गए वाहनों से हुआ उत्सर्जन प्रत्यक्ष उत्सर्जन है और वह स्कोप 1 में गिना जाता है — यह उस श्रेणी का पाठ्यपुस्तकीय उदाहरण है । साथ ही यह विकल्प युग्म 2 को भी छोड़ देता है, जो निर्विवाद रूप से सही है । एक बारीकी यहाँ जोड़ लेना उचित है : लीज पर ली गई संपत्तियों का वर्गीकरण लेखांकन के उस उपागम पर निर्भर करता है जिसे कंपनी ने अपनाया है, इसलिए कुछ स्थितियों में वे स्कोप 3 में भी जा सकती हैं ; पर 'अपने और लीज पर लिए गए कंपनी-वाहन' वाली मानक भाषा स्कोप 1 की ही है ।
कंपनियों के कार्बन उत्सर्जन को तीन स्कोप में बाँटने की व्यवस्था ग्रीनहाउस गैस प्रोटोकॉल के कॉर्पोरेट मानक से आती है, और वही आज विश्व भर में उत्सर्जन-लेखांकन की सामान्य भाषा है । स्कोप 1 प्रत्यक्ष उत्सर्जन है — कंपनी के अपने या उसके नियंत्रण वाले स्रोतों से निकलने वाला, जैसे अपने बॉयलर, भट्ठी, जनित्र और वाहन, तथा शीतलक गैसों का रिसाव । स्कोप 2 ख़रीदी गई ऊर्जा से जुड़ा अप्रत्यक्ष उत्सर्जन है — विद्युत, भाप, तापन और शीतन, जिनका उत्पादन कहीं और होता है पर उपभोग कंपनी करती है । स्कोप 3 मूल्य शृंखला के शेष सभी अप्रत्यक्ष उत्सर्जन हैं, जिन्हें प्रोटोकॉल पंद्रह श्रेणियों में बाँटता है — क्रय की गई वस्तुएँ और सेवाएँ, परिवहन और वितरण, व्यापार-यात्रा, कर्मचारियों का आना-जाना, प्रचालन में उत्पन्न अपशिष्ट, तथा बेचे गए उत्पादों का उपयोग । अधिकांश कंपनियों में स्कोप 3 ही सबसे बड़ा हिस्सा होता है और उसे मापना सबसे कठिन भी, क्योंकि उसके आँकड़े दूसरों के पास होते हैं ।
यह भाग B के अंतिम खंड का प्रश्न है और समसामयिकी को पर्यावरण की ओर मोड़ देता है । ऐसे प्रश्न कर्मचारी भविष्य निधि संगठन जैसी भर्ती के लिए भी प्रासंगिक हैं, क्योंकि सतत वित्त और कॉर्पोरेट प्रकटीकरण अब लेखा और अंकेक्षण की मुख्यधारा में आ चुके हैं । भारत में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने बाज़ार पूँजीकरण की दृष्टि से शीर्ष एक हज़ार सूचीबद्ध कंपनियों के लिए व्यावसायिक उत्तरदायित्व एवं संधारणीयता रिपोर्ट वित्त वर्ष 2022-23 से अनिवार्य की है, जिसमें ग्रीनहाउस गैस से जुड़े प्रकटीकरण सम्मिलित हैं ; और भारत ने नवंबर 2021 में ग्लासगो में हुए COP26 में 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य घोषित किया था । रचना की दृष्टि से यह 'निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए' वाला प्रश्न है, सूची I और सूची II वाला सुमेलन नहीं — पुस्तिका ने तिरछे अक्षरों में 'उत्सर्जन' और 'उदाहरण' के दो स्तंभ-शीर्षक देकर प्रत्येक युग्म को एक ही पंक्ति में कोलन से जोड़कर छापा है । एक छोटा अंतर दोनों स्तंभों में है : अंग्रेज़ी युग्म 3 में 'कंपनी-वाहनों में खपत हुए ईंधन' से उत्सर्जन कहा गया है, जबकि हिन्दी सीधे 'वाहनों से हुए उत्सर्जन' कहती है — अर्थ और उत्तर, दोनों वही रहते हैं ।
- स्कोप 1 — प्रत्यक्ष उत्सर्जन, जो कंपनी के अपने अथवा उसके नियंत्रण वाले स्रोतों से होते हैं : अपने बॉयलर, भट्ठी, जनित्र, अपने तथा लीज पर लिए गए वाहन, और शीतलक गैसों का रिसाव ।
- स्कोप 2 — ख़रीदी गई ऊर्जा से जुड़ा अप्रत्यक्ष उत्सर्जन : अपने उपयोग के लिए क्रय की गई विद्युत, भाप, तापन और शीतन, जिनका उत्पादन कहीं और होता है ।
- स्कोप 3 — मूल्य शृंखला के शेष सभी अप्रत्यक्ष उत्सर्जन, पंद्रह श्रेणियों में : क्रय की गई वस्तुएँ और सेवाएँ, परिवहन और वितरण, व्यापार-यात्रा, कर्मचारियों का आना-जाना, प्रचालन का अपशिष्ट, और बेचे गए उत्पादों का उपयोग ।
- भेद करने की कसौटी स्रोत के स्वामित्व या नियंत्रण की है, इस बात की नहीं कि उत्सर्जन किसकी गतिविधि से हुआ । यही एक वाक्य इस प्रश्न के तीनों युग्मों को छाँट देता है ।
- इस प्रश्न में युग्म 1 और युग्म 3 आपस में बदल दिए गए हैं और युग्म 2 ठीक छोड़ा गया है, इसलिए केवल एक ही युग्म सही सुमेलित है ।
- भारत का संदर्भ : शीर्ष एक हज़ार सूचीबद्ध कंपनियों के लिए व्यावसायिक उत्तरदायित्व एवं संधारणीयता रिपोर्ट वित्त वर्ष 2022-23 से अनिवार्य है, और भारत ने नवंबर 2021 में ग्लासगो के COP26 में 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य घोषित किया ।
- गतिविधि के कारण से श्रेणी तय कर देना । कसौटी यह है कि उत्सर्जन करने वाला स्रोत किसके स्वामित्व या नियंत्रण में है, यह नहीं कि गतिविधि किसके कारण हुई ।
- आपस में बदले हुए युग्मों को अलग-अलग देखकर दोनों सही मान लेना । दोनों उदाहरण परिचित लगते हैं, और वही परिचय जाल है ।
- ख़रीदी गई विद्युत को प्रत्यक्ष उत्सर्जन मान लेना । कंपनी बिजली जलाती नहीं, ख़रीदती है ; इसलिए वह स्कोप 2 है, स्कोप 1 नहीं ।
- यह मान लेना कि स्कोप 3 छोटा और गौण होता है । अधिकांश कंपनियों में वही सबसे बड़ा हिस्सा है और उसे मापना सबसे कठिन ।
इस प्रकरण पर प्रश्न प्रायः तीन रूपों में आते हैं । पहला — युग्म या सुमेलन वाला रूप, जैसा यहाँ है, जिसमें दो श्रेणियों के उदाहरण आपस में बदल दिए जाते हैं और एक को ठीक छोड़ दिया जाता है ; ऐसा प्रश्न पूरी सूची पढ़े बिना हल नहीं होता । दूसरा — एकल-पंक्ति वाला रूप, जिसमें किसी एक उदाहरण की श्रेणी पूछी जाती है, जैसे कर्मचारियों का आना-जाना किस स्कोप में आता है । तीसरा — नीतिगत रूप, जिसमें प्रकटीकरण की अनिवार्यता, शुद्ध शून्य के लक्ष्य अथवा जलवायु सम्मेलनों से जुड़े तथ्य पूछे जाते हैं । उत्तर देने की विधि सरल है : तीनों स्कोप की एक-एक पंक्ति की परिभाषा और दो-दो उदाहरण याद रखिए, और हर उदाहरण पर यही एक प्रश्न लगाइए कि यह उत्सर्जन किसके उपकरण से निकला । सुमेलन वाले प्रश्नों में एक और उपाय काम आता है — जिस युग्म के बारे में आप सबसे अधिक निश्चित हों उसी से आरंभ कीजिए और उसके आधार पर विकल्प काटते जाइए ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
किसी कंपनी द्वारा अपने उपयोग के लिए क्रय की गई विद्युत के उत्पादन से हुए उत्सर्जन किस श्रेणी में गिने जाते हैं ?
- (a)स्कोप 1 उत्सर्जन
- (b)स्कोप 2 उत्सर्जन
- (c)स्कोप 3 उत्सर्जन
- (d)इनमें से किसी में नहीं
उत्तर(b) स्कोप 2 उत्सर्जन — यह ख़रीदी गई ऊर्जा से जुड़ा अप्रत्यक्ष उत्सर्जन है ; विद्युत का उत्पादन कहीं और होता है, पर उसका उपभोग कंपनी करती है ।
- practice — not a real PYQ
कर्मचारियों के घर से कार्यालय आने-जाने तथा व्यापार-यात्रा से हुए उत्सर्जन किस श्रेणी में आते हैं ?
- (a)स्कोप 1 उत्सर्जन
- (b)स्कोप 2 उत्सर्जन
- (c)स्कोप 3 उत्सर्जन
- (d)इन्हें किसी भी श्रेणी में नहीं गिना जाता
उत्तर(c) स्कोप 3 उत्सर्जन — इनका स्रोत कंपनी के स्वामित्व या नियंत्रण में नहीं होता, इसलिए ये मूल्य शृंखला के अप्रत्यक्ष उत्सर्जनों में गिने जाते हैं ।