कभी-कभी समाचारों में वर्णित 'लार्ज लैंग्वेज मॉडल', निम्नलिखित में से किनमें प्रयुक्त किए जा सकते हैं ? 1. पुनर्कल्पित खोज इंजन (रीइमैजिंड सर्च इंजिन्स) का सृजन 2. स्वास्थ्य देखभाल 3. सॉफ्टवेयर विकसित करना 4. किसी भाषा का अनुवाद करना नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- (a)केवल 1 और 3
- (b)केवल 1, 2 और 4
- (c)केवल 2, 3 और 4
- (d)1, 2, 3 और 4
सही उत्तर — D, (d) 1, 2, 3 और 4 — लार्ज लैंग्वेज मॉडल विशाल मात्रा में पाठ पर प्रशिक्षित किए गए तंत्रिका जाल हैं, जो अगला शब्द या शब्दांश पहचानने की क्षमता से भाषा के सांख्यिकीय प्रतिरूप सीख लेते हैं । इसी एक क्षमता से चारों उपयोग निकल आते हैं, इसलिए सूची में से कोई भी मद हटाई नहीं जा सकती । पहली मद — पुनर्कल्पित खोज इंजन : परंपरागत खोज कड़ियों की सूची देती थी, जबकि भाषा-मॉडल वाली खोज प्रश्न को समझकर संवाद के रूप में उत्तर गढ़ती है, और 2023 में यही सबसे चर्चित उपयोग था । दूसरी मद — स्वास्थ्य देखभाल : चिकित्सकीय अभिलेखों का सारांश बनाना, नैदानिक टिप्पणियों का प्रलेखन, रोगी को सामान्य जानकारी देना और शोध-साहित्य को छाँटना, यद्यपि इस क्षेत्र में उत्तर की जाँच किसी विशेषज्ञ से कराना अनिवार्य माना जाता है । तीसरी मद — सॉफ्टवेयर विकसित करना : ये मॉडल प्रोग्रामिंग की भाषाओं के पाठ पर भी प्रशिक्षित होते हैं, इसलिए कूट लिखने, पूरा करने, समझाने और त्रुटि खोजने में सहायक होते हैं । चौथी मद — अनुवाद : यह भाषा-मॉडल का सबसे पुराना और सबसे स्वाभाविक उपयोग है, क्योंकि अनुवाद स्वयं एक भाषा के पाठ से दूसरी भाषा का पाठ बनाने का काम है । चारों सही हैं, इसलिए उत्तर विकल्प (d) है ।
- (a)केवल 1 और 3 — यह विकल्प स्वास्थ्य देखभाल और अनुवाद — दोनों को छोड़ देता है, और दोनों का छूटना कठिनाई से समझाया जा सकता है । अनुवाद तो भाषा-मॉडल का सबसे स्वाभाविक उपयोग है, क्योंकि एक भाषा के पाठ से दूसरी भाषा का पाठ बनाना ठीक वही काम है जिसके लिए ये मॉडल बने हैं । स्वास्थ्य देखभाल में उनका उपयोग अभिलेखों के सारांश, नैदानिक प्रलेखन और सामान्य जानकारी देने में हो रहा है । यह विकल्प संभवतः उन अभ्यर्थियों के लिए रखा गया है जो भाषा-मॉडल को केवल कंप्यूटर से जुड़े कामों तक सीमित मानते हैं और चिकित्सा जैसे क्षेत्र को उससे बाहर समझ लेते हैं ।
- (b)केवल 1, 2 और 4 — यह विकल्प केवल सॉफ्टवेयर विकास को बाहर रखता है, और यही इसे सबसे कपटी बनाता है, क्योंकि पहली दृष्टि में लगता है कि भाषा का मॉडल कूट क्यों लिखेगा । उत्तर सीधा है : प्रोग्रामिंग की भाषाएँ भी पाठ ही हैं, और प्रशिक्षण के आँकड़ों में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कूट का बड़ा भंडार सम्मिलित रहता है । इसीलिए ये मॉडल कूट पूरा करने, समझाने, दूसरी भाषा में बदलने और त्रुटि खोजने में काम आते हैं, और यही उनके सबसे व्यापक व्यावसायिक उपयोगों में से एक बन चुका है । किसी मद को केवल इसलिए हटाना कि वह अटपटी लगती है, ऐसे प्रश्नों में सबसे आम भूल है ।
- (c)केवल 2, 3 और 4 — यह विकल्प पुनर्कल्पित खोज इंजन वाली पहली मद को छोड़ देता है, जबकि 2023 में समाचारों में सबसे अधिक चर्चा उसी की थी — बड़ी खोज सेवाओं में संवादपरक उत्तर जोड़े जाने की । परंपरागत खोज कड़ियों की सूची लौटाती है और उपयोगकर्ता को स्वयं पढ़ना पड़ता है, जबकि भाषा-मॉडल वाली खोज प्रश्न को समझकर सारांश के रूप में उत्तर देती है । प्रश्न का पद 'पुनर्कल्पित' इसी अंतर की ओर संकेत करता है । ध्यान रखिए कि सूची वाले ऐसे प्रश्नों में सबसे तेज़ विधि यह है कि पहले कोई एक स्पष्ट रूप से ग़लत मद खोजी जाए ; न मिले तो सब कुछ सम्मिलित करने वाला विकल्प ही बचता है ।
लार्ज लैंग्वेज मॉडल वे तंत्रिका जाल हैं जिन्हें विशाल मात्रा में पाठ पर इस उद्देश्य से प्रशिक्षित किया जाता है कि वे किसी अनुक्रम में अगला शब्दांश पहचान सकें । इस एक ही सरल लक्ष्य से भाषा के व्याकरणिक, अर्थगत और तथ्यात्मक प्रतिरूप उनके प्राचलों में उतर आते हैं, और तब वही मॉडल कई अलग-अलग कामों में लगाया जा सकता है — सारांश बनाना, प्रश्नों के उत्तर देना, अनुवाद करना, कूट लिखना, वर्गीकरण करना । यही 'एक ही मॉडल, अनेक उपयोग' वाला गुण उन्हें पहले के उन तंत्रों से अलग करता है जो एक-एक काम के लिए अलग-अलग बनाए जाते थे । उनकी सीमाएँ भी उतनी ही स्पष्ट हैं और उन्हें साथ ही याद रखना चाहिए : वे आत्मविश्वास के साथ ग़लत सूचना गढ़ सकते हैं, प्रशिक्षण के आँकड़ों का पूर्वग्रह उनके उत्तरों में लौट आता है, और वे स्वयं यह नहीं जानते कि उनका उत्तर सही है या नहीं । इसीलिए चिकित्सा, विधि और वित्त जैसे क्षेत्रों में उनके उत्तर को किसी विशेषज्ञ से जँचवाना अनिवार्य माना जाता है ।
यह प्रश्न भाग B के अंतिम खंड का है और शुद्ध समसामयिकी का है । 2023 के आरंभ में संवादपरक भाषा-मॉडल सार्वजनिक चर्चा के केन्द्र में आ गए थे, इसलिए उस वर्ष के प्रश्नपत्रों में इस विषय का आना स्वाभाविक था । रचना की दृष्टि से यह 'सूची में से चुनिए' वाला वह रूप है जिसमें चारों मदें सही होती हैं, और उसका उद्देश्य यह देखना होता है कि अभ्यर्थी किसी सही मद को केवल अपरिचित लगने के कारण हटा तो नहीं देता । उस समय के बाद से इस क्षेत्र में बहुत कुछ बदला है : भारत ने फरवरी 2026 में नई दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इंपैक्ट समिट का आयोजन किया, और भारतीय संस्थाओं तथा कंपनियों की ओर से अनेक भाषाओं में काम करने वाले अपने भाषा-मॉडल भी सामने आए हैं । प्रश्न जिस स्थिति को परखता है वह इन सबसे पहले की है और वह आज भी वैसी ही सही है — भाषा-मॉडल इन चारों कामों में लगाए जा सकते हैं । छपाई की बात यह है कि हिन्दी स्तंभ पारिभाषिक पदों को अनूदित रूप में देकर कोष्ठक में उनका लिप्यंतरण भी रखता है ।
- लार्ज लैंग्वेज मॉडल विशाल मात्रा में पाठ पर प्रशिक्षित तंत्रिका जाल हैं, जिनका प्रशिक्षण-लक्ष्य अनुक्रम में अगला शब्दांश पहचानना होता है ; इसी से भाषा के प्रतिरूप उनके प्राचलों में उतरते हैं ।
- एक ही प्रशिक्षित मॉडल कई अलग-अलग कामों में लगाया जा सकता है — सारांश, प्रश्नोत्तर, अनुवाद, कूट-लेखन और वर्गीकरण — और यही उसे पहले के एकल-कार्य तंत्रों से अलग करता है ।
- प्रश्न की चारों मदें सही हैं : पुनर्कल्पित खोज इंजन, स्वास्थ्य देखभाल, सॉफ्टवेयर विकास और अनुवाद — इसलिए उत्तर सब कुछ सम्मिलित करने वाला विकल्प है ।
- प्रोग्रामिंग की भाषाएँ भी पाठ हैं, इसलिए कूट लिखने, पूरा करने, समझाने और त्रुटि खोजने में इन मॉडलों का उपयोग उनके सबसे व्यापक व्यावसायिक उपयोगों में से एक है ।
- मुख्य सीमाएँ — आत्मविश्वास के साथ ग़लत सूचना गढ़ देना, प्रशिक्षण-आँकड़ों के पूर्वग्रह का लौट आना, और अपने उत्तर की सत्यता स्वयं न जान पाना ; इसीलिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेषज्ञ की जाँच अनिवार्य मानी जाती है ।
- प्रश्नपत्र के बाद का घटनाक्रम : भारत ने फरवरी 2026 में नई दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इंपैक्ट समिट का आयोजन किया, जो फरवरी 2025 के पेरिस एआई एक्शन समिट की उत्तरवर्ती बैठक थी ।
- किसी सही मद को केवल इसलिए हटा देना कि वह अटपटी लगती है । सॉफ्टवेयर विकास इसी कारण सबसे अधिक छूटता है, जबकि कूट भी पाठ ही है ।
- 'सब कुछ सम्मिलित' वाले विकल्प से बचना । ऐसे प्रश्नों में वह प्रायः सही होता है ; उसे हटाने का आधार तभी बनता है जब कोई एक मद निश्चित रूप से ग़लत सिद्ध हो ।
- उपयोग और विश्वसनीयता को एक मान लेना । प्रश्न पूछता है कि इनका उपयोग किन कामों में हो सकता है, यह नहीं कि उनके उत्तर हर जगह भरोसे लायक़ हैं ।
- भाषा-मॉडल को खोज इंजन का पर्याय समझ लेना । खोज इंजन कड़ियाँ लौटाता है, भाषा-मॉडल पाठ गढ़ता है ; दोनों को जोड़कर ही 'पुनर्कल्पित खोज' बनती है ।
प्रौद्योगिकी की समसामयिकी पर प्रश्न प्रायः तीन रूपों में आते हैं । पहला — 'यह पद क्या है' वाला रूप, जिसमें किसी चर्चित शब्द की सबसे अच्छी परिभाषा चुननी होती है । दूसरा — 'इसका उपयोग किन-किन में हो सकता है' वाला सूची-रूप, जैसा यहाँ है ; ऐसे प्रश्नों में परीक्षक प्रायः सभी मदें सही रखता है और परीक्षा केवल यह होती है कि अभ्यर्थी अनावश्यक रूप से किसी मद को काट तो नहीं देता । तीसरा — चिंता या सीमा वाला रूप, जिसमें प्रौद्योगिकी के जोखिम पूछे जाते हैं । उत्तर देने की सुरक्षित विधि यह है कि हर मद को अलग-अलग परखिए और उसे तभी हटाइए जब उसके ग़लत होने का कोई ठोस कारण बता सकें । यदि तीन मदें स्पष्ट रूप से सही हों और चौथी केवल अपरिचित लगे, तो प्रायः वह भी सही ही होती है ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
लार्ज लैंग्वेज मॉडल मुख्यतः किस प्रकार के आँकड़ों पर प्रशिक्षित किए जाते हैं ?
- (a)उपग्रह से प्राप्त चित्रों पर
- (b)विशाल मात्रा में पाठ पर
- (c)भूकंपीय तरंगों के अभिलेखों पर
- (d)केवल संख्यात्मक वित्तीय लेनदेन पर
उत्तर(b) विशाल मात्रा में पाठ पर — इन्हें पाठ के अनुक्रम में अगला शब्दांश पहचानने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, और इसी से भाषा के प्रतिरूप उनके प्राचलों में उतर आते हैं ।
- practice — not a real PYQ
लार्ज लैंग्वेज मॉडल के उपयोग से जुड़ी सबसे अधिक चर्चित सीमा निम्नलिखित में से कौन-सी है ?
- (a)वे केवल एक ही भाषा में काम कर सकते हैं
- (b)वे आत्मविश्वास के साथ ग़लत सूचना गढ़ सकते हैं
- (c)वे इंटरनेट से जुड़े बिना बिल्कुल काम नहीं कर सकते
- (d)वे केवल संख्यात्मक गणना ही कर सकते हैं
उत्तर(b) वे आत्मविश्वास के साथ ग़लत सूचना गढ़ सकते हैं — यही कारण है कि चिकित्सा, विधि और वित्त जैसे क्षेत्रों में उनके उत्तर को किसी विशेषज्ञ से जँचवाना अनिवार्य माना जाता है ।