हाल ही में, निम्नलिखित में से किस एक ने प्रधान मंत्री गति शक्ति पहल के अधीन भारत की आधारिक संरचना के सृजन के वित्तपोषण और साथ ही सामाजिक विकास और जलवायु क्रिया के वित्तपोषण के निमित्त, इस प्रकार भारत की हरित संवृद्धि की आकांक्षाओं में योगदान हेतु, अगले पाँच वर्षों के लिए $ 25 बिलियन तक की वचनबद्धता की है ?
- (a)एशियाई विकास बैंक
- (b)अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम
- (c)नव विकास बैंक (न्यू डेवलपमेंट बैंक)
- (d)विश्व बैंक
सही उत्तर — A, (a) एशियाई विकास बैंक — यह घोषणा 2023 की शुरुआत में सामने आई थी, जब एशियाई विकास बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष ने भारत के लिए अगले पाँच वर्षों में 25 अरब डॉलर तक की सहायता की बात कही । बैंक की अपनी विज्ञप्ति इसे अध्यक्ष के प्रस्ताव के रूप में रखती है, और वह उसी समय बन रही भारत के लिए 2023 से 2027 तक की पाँच-वर्षीय देश भागीदारी रणनीति के साथ जुड़ी थी । उसमें जिन प्राथमिकताओं का नाम लिया गया वे ठीक वही हैं जो प्रश्न में गिनाई गई हैं — प्रधानमंत्री गति शक्ति पहल के अधीन आधारिक संरचना का निर्माण, सामाजिक विकास, और जलवायु क्रिया, जिससे भारत की हरित संवृद्धि की आकांक्षाओं को सहारा मिले ; इनके साथ भविष्य के नगर, घरेलू संसाधनों का संग्रहण और पिछड़े ज़िलों में बुनियादी सेवाएँ भी गिनाई गई थीं । एशियाई विकास बैंक 1966 में स्थापित हुआ था, उसका मुख्यालय मनीला में है और वह एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विकास के लिए वित्त देता है ; भारत उसका संस्थापक सदस्य तथा सबसे बड़े उधारकर्ताओं में से एक है । प्रधानमंत्री गति शक्ति स्वयं अक्टूबर 2021 में आरंभ हुई बहु-विध संपर्क की राष्ट्रीय मास्टर प्लान है, जो अनेक मंत्रालयों को एक ही भौगोलिक सूचना-आधारित मंच पर लाकर आधारिक संरचना का एकीकृत नियोजन कराती है । यही संदर्भ इस उत्तर को अन्य तीनों से अलग करता है ।
- (b)अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम — अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम विश्व बैंक समूह की वह संस्था है जो विकासशील देशों में निजी क्षेत्र को ऋण और इक्विटी देती है । उसका ग्राहक कंपनी होती है, सरकार नहीं, और वह सरकारी गारंटी के बिना काम करती है — यही उसकी पहचान है । इसीलिए किसी सरकारी आधारिक संरचना कार्यक्रम के लिए पाँच वर्ष की देश-स्तरीय वचनबद्धता उसकी शैली में आती ही नहीं । वह भारत में सक्रिय अवश्य है, पर उसकी सक्रियता निजी उद्यमों, बैंकों और अवसंरचना कंपनियों में निवेश के रूप में दिखती है । प्रश्न में गिनाई गई प्राथमिकताएँ — गति शक्ति, सामाजिक विकास और जलवायु क्रिया — सरकार के साथ काम करने वाली संस्था की भाषा हैं ।
- (c)नव विकास बैंक (न्यू डेवलपमेंट बैंक) — नव विकास बैंक ब्रिक्स देशों का बहुपक्षीय बैंक है, जिसका मुख्यालय शंघाई में है और जिसमें भारत संस्थापक सदस्य है । वह आधारिक संरचना और सतत विकास की परियोजनाओं को वित्त देता है, इसलिए विषय की दृष्टि से यह विकल्प पास लगता है । पर यह विशेष घोषणा उसकी नहीं थी । इसके अतिरिक्त उसका आकार और उसकी वार्षिक ऋण-क्षमता एशियाई विकास बैंक या विश्व बैंक की तुलना में छोटी है, इसलिए किसी एक देश के लिए पाँच वर्ष में 25 अरब डॉलर तक की वचनबद्धता उसके प्रचलन में नहीं आती । बहुपक्षीय संस्थाओं के प्रश्नों में मुख्यालय, सदस्यता और आकार — तीनों को अलग-अलग याद रखिए ।
- (d)विश्व बैंक — विश्व बैंक भारत के सबसे पुराने और सबसे बड़े विकास-भागीदारों में है, इसलिए यह विकल्प सबसे आकर्षक जाल है — बड़ी राशि सुनते ही मन उसी की ओर जाता है । पर प्रश्न में जिस घोषणा का वर्णन है वह एशियाई विकास बैंक की थी, और उसकी पहचान करने वाला सूत्र प्रश्न के भीतर ही है : पाँच वर्ष की अवधि, गति शक्ति का नाम और हरित संवृद्धि का उल्लेख, जो उसी देश भागीदारी रणनीति की शब्दावली है । समसामयिकी के ऐसे प्रश्नों में सुरक्षित विधि यही है कि घोषणा को संस्था, राशि और अवधि — तीनों के साथ एक इकाई की तरह याद रखा जाए, केवल राशि के साथ नहीं ।
बहुपक्षीय विकास बैंक वे संस्थाएँ हैं जो सदस्य देशों की पूँजी से बनती हैं और विकासशील देशों को रियायती अथवा बाज़ार-दर से कम ब्याज पर दीर्घावधि वित्त देती हैं । उनमें कार्यक्षेत्र का विभाजन स्पष्ट है । विश्व बैंक वैश्विक संस्था है और सरकारों को ऋण देती है ; उसी समूह का अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम केवल निजी क्षेत्र के साथ काम करता है । एशियाई विकास बैंक क्षेत्रीय संस्था है, जो 1966 में बनी, जिसका मुख्यालय मनीला में है और जिसका ध्यान एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर है । नव विकास बैंक ब्रिक्स देशों की पहल है, जिसका मुख्यालय शंघाई में है । ये संस्थाएँ प्रायः किसी देश के लिए कई वर्षों की 'देश भागीदारी रणनीति' बनाती हैं, जिसमें आगामी वर्षों की प्राथमिकताएँ और अनुमानित वित्त-सहायता एक साथ रखी जाती है ; इसी प्रकार की रणनीति के साथ 25 अरब डॉलर तक की यह घोषणा जुड़ी थी । ऐसी घोषणाएँ अनुमानित सीमा होती हैं, वर्ष-दर-वर्ष स्वीकृत परियोजनाओं से ही वे वास्तविक रूप लेती हैं ।
यह प्रश्न भाग B के अंतिम खंड का है, जो अर्थव्यवस्था और समसामयिकी को समेटता है, और यह उस खंड का पहला शुद्ध समसामयिकी प्रश्न है । ऐसे प्रश्नों की तैयारी की कठिनाई यह है कि उत्तर किसी सिद्धांत से नहीं निकाला जा सकता, उसे स्मरण से आना पड़ता है — पर प्रश्न के भीतर प्रायः सूत्र छोड़ दिए जाते हैं, और यहाँ तीन सूत्र हैं : पाँच वर्ष की अवधि, प्रधानमंत्री गति शक्ति का नाम, और हरित संवृद्धि तथा जलवायु क्रिया का उल्लेख । ये तीनों उसी देश भागीदारी रणनीति की शब्दावली से आते हैं जिसके साथ यह घोषणा जुड़ी थी । एक बात ईमानदारी से जोड़ लेना उचित है : बैंक की अपनी विज्ञप्ति इसे अध्यक्ष के प्रस्ताव के रूप में रखती है, जबकि प्रश्न 'वचनबद्धता की है' कहता है ; प्रश्न जो बात परख रहा है वह संस्था की पहचान है, और वह एशियाई विकास बैंक ही है । हिन्दी स्तंभ ने संस्थाओं के नाम अनूदित रूप में दिए हैं और नव विकास बैंक के आगे कोष्ठक में उसका अंग्रेज़ी नाम भी रखा है ।
- एशियाई विकास बैंक ने भारत के लिए अगले पाँच वर्षों में 25 अरब डॉलर तक की सहायता की बात कही, जो प्रधानमंत्री गति शक्ति के अधीन आधारिक संरचना, सामाजिक विकास और जलवायु क्रिया के लिए थी ।
- यह घोषणा भारत के लिए बैंक की 2023 से 2027 तक की पाँच-वर्षीय देश भागीदारी रणनीति के साथ जुड़ी थी ; उसमें भविष्य के नगर, घरेलू संसाधनों का संग्रहण और पिछड़े ज़िलों में बुनियादी सेवाएँ भी प्राथमिकताओं में थीं ।
- एशियाई विकास बैंक की स्थापना 1966 में हुई, उसका मुख्यालय मनीला में है, और भारत उसका संस्थापक सदस्य तथा सबसे बड़े उधारकर्ताओं में से एक है ।
- अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम विश्व बैंक समूह की वह संस्था है जो केवल निजी क्षेत्र के साथ काम करती है — कंपनियों को ऋण और इक्विटी देती है, सरकारी गारंटी के बिना ।
- नव विकास बैंक ब्रिक्स देशों का बहुपक्षीय बैंक है, जिसका मुख्यालय शंघाई में है और जिसमें भारत संस्थापक सदस्य है ; उसका ध्यान आधारिक संरचना और सतत विकास पर है ।
- प्रधानमंत्री गति शक्ति अक्टूबर 2021 में आरंभ हुई बहु-विध संपर्क की राष्ट्रीय मास्टर प्लान है, जो अनेक मंत्रालयों को एक ही भौगोलिक सूचना-आधारित मंच पर लाकर आधारिक संरचना का एकीकृत नियोजन कराती है ।
- बड़ी राशि देखते ही विश्व बैंक चुन लेना । भारत के विकास-भागीदारों में वह सबसे परिचित नाम है, पर यह घोषणा एशियाई विकास बैंक की थी ।
- अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम को सरकारों का ऋणदाता मान लेना । वह केवल निजी क्षेत्र के साथ काम करता है, और यही उसकी पहचान है ।
- नव विकास बैंक और एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक को एक मान लेना । दोनों अलग संस्थाएँ हैं, यद्यपि दोनों के मुख्यालय चीन में हैं ।
- घोषणा को केवल राशि से याद रखना । संस्था, राशि और अवधि — तीनों को एक इकाई की तरह याद रखिए, क्योंकि विकल्प प्रायः संस्था बदलकर बनाए जाते हैं ।
समसामयिकी के ऐसे प्रश्न प्रायः तीन रूपों में आते हैं । पहला — 'हाल ही में किसने यह किया' वाला रूप, जैसा यहाँ है, जिसमें चार बहुपक्षीय संस्थाओं में से एक चुननी होती है । दूसरा — संस्था की पहचान वाला रूप, जिसमें मुख्यालय, स्थापना वर्ष, सदस्यता अथवा किसी रिपोर्ट का प्रकाशक पूछा जाता है । तीसरा — किसी पहल या कार्यक्रम का उद्देश्य पूछने वाला रूप, जैसे गति शक्ति क्या है । तैयारी की सुरक्षित विधि यह है कि वर्ष भर की बड़ी घोषणाओं को संस्था, राशि, अवधि और उद्देश्य — इन चार खानों वाली एक तालिका में रखा जाए, क्योंकि विकल्प बनाते समय परीक्षक इन्हीं में से किसी एक को बदलता है । और प्रश्न पढ़ते समय भीतर छोड़े गए सूत्रों को पकड़िए : किसी योजना का नाम, कोई अवधि अथवा कोई विशिष्ट शब्दावली प्रायः उसी संस्था के दस्तावेज़ से उठाई जाती है और सही उत्तर तक ले जाती है ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
एशियाई विकास बैंक का मुख्यालय कहाँ स्थित है ?
- (a)टोक्यो
- (b)मनीला
- (c)सिंगापुर
- (d)शंघाई
उत्तर(b) मनीला — एशियाई विकास बैंक की स्थापना 1966 में हुई और उसका मुख्यालय फिलीपींस की राजधानी मनीला में है ; शंघाई में ब्रिक्स देशों के नव विकास बैंक का मुख्यालय है ।
- practice — not a real PYQ
प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है ?
- (a)बहु-विध संपर्क के लिए आधारिक संरचना का एकीकृत नियोजन
- (b)किसानों को प्रत्यक्ष आय सहायता देना
- (c)ग्रामीण परिवारों को रोज़गार की गारंटी देना
- (d)सूक्ष्म उद्यमों को ऋण-गारंटी उपलब्ध कराना
उत्तर(a) बहु-विध संपर्क के लिए आधारिक संरचना का एकीकृत नियोजन — यह अक्टूबर 2021 में आरंभ हुई और अनेक मंत्रालयों को एक ही भौगोलिक सूचना-आधारित मंच पर लाकर परियोजनाओं का समन्वित नियोजन कराती है ।