किसी विद्यालय में 100 विद्यार्थी हैं और प्रत्येक विद्यार्थी या तो क्रिकेट या फुटबाल या दोनों खेलता है । क्रिकेट खेलने वाले विद्यार्थियों की संख्या फुटबाल खेलने वाले विद्यार्थियों की संख्या की दुगुनी है । साथ ही, केवल क्रिकेट खेलने वाले विद्यार्थियों की संख्या केवल फुटबाल खेलने वाले विद्यार्थियों की संख्या की तीन गुनी है । इसलिए, क्रिकेट और फुटबाल दोनों खेलने वाले विद्यार्थियों की संख्या क्या है ?
- (a)30
- (b)28
- (c)25
- (d)20
सही उत्तर — D, (d) 20 — यह समुच्चय के दो वृत्तों वाला प्रश्न है और इसे हल करने का सबसे साफ़ रास्ता तीन ही खाने बनाना है : केवल क्रिकेट, केवल फुटबाल, और दोनों । मान लीजिए दोनों खेलने वाले b हैं, केवल फुटबाल खेलने वाले f हैं और केवल क्रिकेट खेलने वाले c हैं । तब क्रिकेट खेलने वालों की कुल संख्या (c + b) है और फुटबाल खेलने वालों की कुल संख्या (f + b) । प्रश्न की पहली शर्त कुल संख्याओं पर लगती है : c + b = 2(f + b) । दूसरी शर्त केवल-वालों पर लगती है : c = 3f । तीसरी शर्त यह है कि हर विद्यार्थी कम से कम एक खेल खेलता है, इसलिए c + f + b = 100 और बाहर कोई नहीं बचता । अब c = 3f को पहली शर्त में रखिए : 3f + b = 2f + 2b, जिससे f = b । यही इस प्रश्न का निर्णायक चरण है — केवल फुटबाल खेलने वाले और दोनों खेलने वाले बराबर निकलते हैं । अब c = 3f = 3b, और c + f + b = 3b + b + b = 5b = 100, इसलिए b = 20 । पूरा चित्र बन जाता है : केवल क्रिकेट 60, केवल फुटबाल 20, दोनों 20 । जाँच लीजिए — क्रिकेट कुल 80, फुटबाल कुल 40, और 80 ठीक 40 का दुगुना है ; केवल क्रिकेट 60 ठीक केवल फुटबाल 20 का तिगुना है ; योग 60 + 20 + 20 = 100 ।
- (a)30 — 30 मानकर आगे बढ़िए तो प्रश्न स्वयं टूट जाता है । कुल संख्या की शर्त से फुटबाल खेलने वाले (100 + 30) ÷ 3 = 43·33 निकलते हैं — विद्यार्थियों की संख्या भिन्न में नहीं हो सकती, और यही पहला संकेत है कि यह विकल्प ग़लत है । फिर भी आगे बढ़ें तो केवल क्रिकेट 56·67 और केवल फुटबाल 13·33 आते हैं, जिनका अनुपात लगभग 4·25 है, जबकि प्रश्न तीन गुने का कहता है । यह विकल्प उन अभ्यर्थियों को खींचता है जो 'दुगुना' और 'तीन गुना' में से केवल एक शर्त लगाकर बाक़ी अनुमान से भर देते हैं ।
- (b)28 — 28 पर भी वही जाँच लगाइए । कुल संख्या की शर्त से फुटबाल खेलने वाले (100 + 28) ÷ 3 = 42·67 आते हैं, फिर क्रिकेट खेलने वाले 85·33, केवल क्रिकेट 57·33 और केवल फुटबाल 14·67 । इनका अनुपात लगभग 3·91 है, तीन नहीं । एक उपयोगी प्रवृत्ति यहाँ दिखाई देती है : दोनों खेलने वालों की संख्या जितनी बढ़ाई जाएगी, केवल-क्रिकेट और केवल-फुटबाल का अनुपात उतना ही बढ़ता जाएगा । अनुपात ठीक 3 केवल 20 पर आता है, इसलिए हल एक ही है और उससे बड़ी हर संख्या शर्त को और तोड़ती है ।
- (c)25 — 25 आकर्षक इसलिए लगता है कि वह 100 का चौथाई है, पर शर्तों पर खरा नहीं उतरता । फुटबाल खेलने वाले (100 + 25) ÷ 3 = 41·67 आते हैं, केवल क्रिकेट 58·33 और केवल फुटबाल 16·67 — अनुपात 3·5, तीन नहीं । ध्यान दीजिए कि तीनों ग़लत विकल्पों पर विद्यार्थियों की संख्या पूर्णांक ही नहीं रहती, और यही सबसे तेज़ छँटाई का उपाय है : कुल 100 में से दोनों खेलने वालों की संख्या घटाकर तीन से भाग दीजिए ; भाग पूरा न कटे तो वह विकल्प वहीं समाप्त हो जाता है ।
दो समुच्चयों के प्रश्न में समावेशन-अपवर्जन का नियम काम करता है : n(A ∪ B) = n(A) + n(B) − n(A ∩ B) । जब कोई भी सदस्य दोनों समुच्चयों से बाहर न हो, तब n(A ∪ B) कुल संख्या के बराबर हो जाता है । व्यवहार में सबसे कम भूल तब होती है जब प्रश्न को 'केवल A', 'केवल B' और 'दोनों' — इन तीन असंयुक्त खानों में तोड़ दिया जाए, क्योंकि तब जोड़ में कोई सदस्य दो बार नहीं गिना जाता । यहाँ ध्यान रखने योग्य भेद यह है कि 'क्रिकेट खेलने वाले' का अर्थ केवल-क्रिकेट नहीं, बल्कि केवल-क्रिकेट और दोनों का योग है ; अंग्रेज़ी और हिन्दी दोनों में यह भेद वाक्य के भीतर छिपा रहता है और उसे शब्द 'केवल' से पहचाना जाता है । इसीलिए प्रश्न पढ़ते ही हर शर्त पर यह तय कर लेना चाहिए कि वह कुल संख्या पर लगी है या केवल-वाले खाने पर । तीन खाने और तीन शर्तें मिल जाएँ तो हल निकालना सीधा बीजगणित है ।
यह प्रश्न भाग B के अंतिम संख्यात्मक खंड का चौथा प्रश्न है और समुच्चय-सिद्धांत के सबसे प्रचलित रूप — दो वृत्तों वाले वेन आरेख — पर आधारित है । इसकी कठिनाई गणना में नहीं, भाषा में रखी गई है : पहली शर्त कुल संख्याओं पर लगती है और दूसरी शर्त 'केवल' खेलने वालों पर, और दोनों को एक ही तराज़ू पर रख देने वाला अभ्यर्थी ग़लत समीकरण बना बैठता है । संख्याएँ ऐसी चुनी गई हैं कि सही उत्तर पर सब कुछ पूर्णांक निकले, जबकि तीनों ग़लत विकल्पों पर विद्यार्थियों की संख्या भिन्न में चली जाती है — यह अपने आप में एक जाँच है, क्योंकि विद्यार्थी गिने जाते हैं, तौले नहीं जाते । अंग्रेज़ी स्तंभ यह प्रश्न अधूरे वाक्य के रूप में समाप्त करता है, जबकि हिन्दी स्तंभ 'इसलिए, ... क्या है ?' लिखकर उसे पूरा प्रश्नवाक्य बना देता है ; अर्थ में कोई अंतर नहीं है, दोनों एक ही राशि माँगते हैं ।
- समावेशन-अपवर्जन : n(A ∪ B) = n(A) + n(B) − n(A ∩ B) । जब कोई सदस्य दोनों से बाहर न हो, तब यह योग कुल संख्या के बराबर होता है ।
- इस प्रश्न के तीन खाने : केवल क्रिकेट 60, केवल फुटबाल 20, दोनों 20 । कुल क्रिकेट 80, कुल फुटबाल 40, कुल विद्यार्थी 60 + 20 + 20 = 100 ।
- शर्तों का अनुवाद : कुल क्रिकेट = 2 × कुल फुटबाल देता है 3f + b = 2f + 2b, यानी f = b ; और केवल क्रिकेट = 3 × केवल फुटबाल देता है c = 3f ।
- अंतिम समीकरण 5b = 100 है, इसलिए दोनों खेल खेलने वाले 20 हैं — यही विकल्प (d) है, और यह संख्या केवल फुटबाल खेलने वालों के बराबर भी निकलती है ।
- भाषा का भेद जो निर्णायक है : 'क्रिकेट खेलने वाले' = केवल क्रिकेट + दोनों ; 'केवल क्रिकेट खेलने वाले' = दोनों को छोड़कर । एक ही प्रश्न में दोनों रूप आ सकते हैं ।
- पूर्णांक की जाँच : दोनों खेलने वालों की संख्या b मानने पर फुटबाल खेलने वाले (100 + b) ÷ 3 होते हैं ; भाग पूरा न कटे तो वह विकल्प असंभव है ।
- 'क्रिकेट खेलने वाले' को 'केवल क्रिकेट खेलने वाले' पढ़ लेना । पहली शर्त कुल संख्याओं पर लगी है और दूसरी केवल-वालों पर ; दोनों को एक जैसा मानते ही समीकरण ग़लत बन जाता है ।
- दोनों खेलने वालों को दो बार गिन लेना । कुल क्रिकेट और कुल फुटबाल को सीधे जोड़ देने पर वे दोबारा गिने जाते हैं, इसलिए एक बार घटाना अनिवार्य है ।
- 'प्रत्येक विद्यार्थी या तो क्रिकेट या फुटबाल या दोनों खेलता है' को हल्के में लेना । यही वाक्य बताता है कि कोई विद्यार्थी दोनों वृत्तों से बाहर नहीं है, इसलिए तीनों खानों का योग ठीक 100 है ।
- उत्तर को पूर्णांक की कसौटी पर न परखना । व्यक्तियों की संख्या भिन्न में नहीं आ सकती, और इस प्रश्न में यही जाँच तीनों ग़लत विकल्पों को एक साथ हटा देती है ।
समुच्चय के प्रश्न इस श्रेणी की परीक्षाओं में तीन रूपों में लौटते हैं । पहला और सरलतम — दो समुच्चयों की संख्याएँ और कुल संख्या देकर प्रतिच्छेद पूछना, जिसे सीधे सूत्र से हल किया जाता है । दूसरा, जो यहाँ है — संख्याएँ न देकर उनके बीच के अनुपात देना, जिससे समीकरण बनाने पड़ते हैं ; इसमें असली परीक्षा यह होती है कि कौन-सी शर्त कुल संख्या पर लगी है और कौन-सी 'केवल' वाले खाने पर । तीसरा — तीन समुच्चय, जिनमें 'ठीक एक', 'ठीक दो' और 'तीनों' के खाने अलग-अलग पूछे जाते हैं । हल की विधि तीनों में एक ही है : वेन आरेख बनाइए, हर असंयुक्त खाने को एक अक्षर दीजिए, हर वाक्य को एक समीकरण में बदलिए, और अंत में कुल संख्या का समीकरण जोड़ दीजिए । विकल्पों का प्रतिस्थापन भी यहाँ तेज़ पड़ता है, क्योंकि ग़लत विकल्प प्रायः भिन्न संख्याएँ पैदा करते हैं ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
किसी कक्षा के 60 विद्यार्थियों में से 35 हिन्दी पढ़ते हैं और 30 अंग्रेज़ी पढ़ते हैं । यदि प्रत्येक विद्यार्थी इनमें से कम से कम एक भाषा अवश्य पढ़ता है, तो दोनों भाषाएँ पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या क्या है ?
- (a)5
- (b)10
- (c)15
- (d)25
उत्तर(a) 5 — n(A ∪ B) = n(A) + n(B) − n(A ∩ B) में 60 = 35 + 30 − x रखने पर x = 5 । केवल हिन्दी 30, केवल अंग्रेज़ी 25 और दोनों 5 का योग ठीक 60 होता है ।
- practice — not a real PYQ
किसी समूह के 100 व्यक्तियों में से 60 चाय पीते हैं, 45 कॉफ़ी पीते हैं और 20 दोनों पीते हैं । इनमें से कितने व्यक्ति न चाय पीते हैं, न कॉफ़ी ?
- (a)10
- (b)15
- (c)20
- (d)25
उत्तर(b) 15 — कम से कम एक पेय पीने वाले = 60 + 45 − 20 = 85, इसलिए कोई भी पेय न पीने वाले = 100 − 85 = 15 । यहाँ बाहर का खाना ख़ाली नहीं है, और यही इसे मूल प्रश्न से अलग करता है ।