समकोणिक समान्तरषट्फलक के आकार की, 1·1 मीटर ऊँचाई और 2 मीटर भुजा के वर्ग आधार वाली, एक पानी की टंकी है । यदि यह टंकी पूरी तरह से पानी से भरी हो और इसका सारा पानी 1 सेंटीमीटर त्रिज्या के वृत्ताकार अनुप्रस्थ-परिच्छेद क्षेत्रफल वाली लंबी नलिका में पूरी तरह निर्गमित कर दिया जाए, तो इस सारे पानी को धारण करने के लिए नलिका की न्यूनतम लंबाई किलोमीटर में क्या होनी चाहिए ? (π = 22/7 लीजिए)
- (a)12
- (b)13
- (c)14
- (d)15
सही उत्तर — C, (c) 14 — इस प्रश्न की पूरी बुनियाद एक ही विचार है : पानी अपना आयतन नहीं बदलता, केवल पात्र बदलता है । टंकी घनाभ के आकार की है — पुस्तिका उसे 'समकोणिक समान्तरषट्फलक' कहती है, जो विद्यालय की हिन्दी के 'घनाभ' (cuboid) का ही शास्त्रीय नाम है । उसका आयतन = आधार का क्षेत्रफल × ऊँचाई = 2 × 2 × 1·1 = 4·4 घन मीटर । गणना सेंटीमीटर में करना अधिक सुरक्षित है, क्योंकि नलिका की त्रिज्या सेंटीमीटर में दी गई है : 200 × 200 × 110 = 44,00,000 घन सेंटीमीटर । नलिका एक लंबा बेलन है, जिसका अनुप्रस्थ-परिच्छेद क्षेत्रफल = πr² = (22/7) × 1² = 22/7 वर्ग सेंटीमीटर । बेलन का आयतन = अनुप्रस्थ-परिच्छेद का क्षेत्रफल × लंबाई, इसलिए लंबाई = आयतन ÷ क्षेत्रफल = 44,00,000 ÷ (22/7) = 44,00,000 × 7/22 = 14,00,000 सेंटीमीटर । अब इकाई लौटाइए : 14,00,000 सेंटीमीटर = 14,000 मीटर = 14 किलोमीटर । एक और तरीक़े से जाँच लीजिए — एक किलोमीटर नलिका में 1,00,000 × 22/7 ≈ 3,14,286 घन सेंटीमीटर, यानी लगभग 314 लीटर पानी आता है ; टंकी में 4,400 लीटर है ; 4,400 ÷ 314·29 = 14 । प्रश्न 'न्यूनतम लंबाई' पूछता है, और यहाँ 14 किलोमीटर पर आयतन ठीक-ठीक बराबर हो जाता है ।
- (a)12 — 12 किलोमीटर की नलिका इतना पानी धारण ही नहीं कर सकती । एक किलोमीटर लंबी, 1 सेंटीमीटर त्रिज्या वाली नलिका में लगभग 314 लीटर पानी आता है, इसलिए 12 किलोमीटर में लगभग 3,771 लीटर — जबकि टंकी में 4,400 लीटर है । शेष 629 लीटर कहीं जाएगा नहीं । यही इस प्रश्न की सबसे तेज़ जाँच है : प्रति किलोमीटर धारिता निकालिए और विकल्प से गुणा कर देखिए कि 4·4 घन मीटर समा रहा है या नहीं । 'न्यूनतम लंबाई' का अर्थ है सबसे छोटी ऐसी लंबाई जिसमें सारा पानी आ जाए, न कि कोई भी छोटी संख्या ।
- (b)13 — 13 वह उत्तर है जो ऊँचाई की दशमलव छोड़ देने पर मिलता है । यदि 1·1 मीटर को 1 मीटर पढ़ लिया जाए तो आयतन 4 घन मीटर रह जाता है और नलिका की लंबाई 4 × 7/(22 × 0·0001) ≈ 12,727 मीटर, यानी लगभग 12·7 किलोमीटर — जिसे अभ्यर्थी 13 पर गोल कर देता है । यह ठीक वही ख़तरा है जिसकी ओर पुस्तिका की छपाई इशारा करती है : दशमलव बिंदु यहाँ ऊपर उठे मध्य-बिंदु के रूप में छपा है — 1·1 — और जल्दबाज़ी में वह आँख से छूट जाता है । जाँच : 13 किलोमीटर में लगभग 4,086 लीटर ही आएगा, 4,400 नहीं ।
- (d)15 — 15 किलोमीटर की नलिका में लगभग 4,714 लीटर पानी समा जाएगा, इसलिए यह लंबाई पर्याप्त तो है — पर प्रश्न पर्याप्त लंबाई नहीं, 'न्यूनतम लंबाई' पूछ रहा है, और 14 किलोमीटर पर ही आवश्यकता पूरी हो जाती है । ऐसे प्रश्नों में 'न्यूनतम', 'अधिकतम' और 'कम से कम' जैसे शब्द केवल शैली नहीं होते, वे उत्तर तय करते हैं । जो अभ्यर्थी गणना ठीक करके भी सुरक्षा के लिए एक बड़ी संख्या चुन लेता है, वह यहीं अंक गँवाता है ; ठीक बराबर आने वाली संख्या ही न्यूनतम है ।
आयतन-संरक्षण के प्रश्नों का ढाँचा सदा एक जैसा होता है : कोई पदार्थ एक आकृति से दूसरी आकृति में जाता है, आयतन वही रहता है, और अज्ञात राशि दूसरी आकृति का कोई एक माप होती है । इसलिए दोनों आकृतियों के आयतन-सूत्र आने चाहिए । घनाभ का आयतन = लंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई ; वर्गाकार आधार होने पर = भुजा² × ऊँचाई । बेलन का आयतन = πr²h, जिसे इस प्रश्न में 'अनुप्रस्थ-परिच्छेद क्षेत्रफल × लंबाई' के रूप में पढ़ना अधिक स्वाभाविक है, क्योंकि नलिका खड़ी नहीं, लेटी हुई है । दूसरी अनिवार्य आदत इकाइयों की एकरूपता है : मीटर और सेंटीमीटर मिलाकर लिखते ही उत्तर सौ या दस हज़ार गुना ग़लत हो जाता है, इसलिए पहले सब कुछ एक ही इकाई में लाइए । उपयोगी रूपांतरण — 1 मीटर = 100 सेंटीमीटर, 1 घन मीटर = 10,00,000 घन सेंटीमीटर = 1,000 लीटर, और 1 लीटर = 1,000 घन सेंटीमीटर ।
यह प्रश्न क्षेत्रमिति (mensuration) का है और भाग B के अंतिम संख्यात्मक खंड में दूसरे स्थान पर आता है । इसकी कठिनाई सूत्र में नहीं, इकाइयों में रखी गई है : ऊँचाई और भुजा मीटर में दी गई हैं, त्रिज्या सेंटीमीटर में, और उत्तर किलोमीटर में माँगा गया है — एक ही प्रश्न में तीन इकाइयाँ । π = 22/7 देने का उद्देश्य भी यही है कि 7 से भाग साफ़ कट जाए और अंकगणित उलझे नहीं ; जहाँ प्रश्न स्वयं π का मान बता दे, वहाँ प्रायः संख्याएँ पूर्णांक निकलने के लिए ही चुनी गई होती हैं, और यह अपने आप में एक संकेत है कि उत्तर गोल संख्या होगी । छपाई की दो बातें ध्यान देने योग्य हैं — दशमलव बिंदु ऊपर उठे मध्य-बिंदु के रूप में छपा है (1·1 मीटर), और '(π = 22/7 लीजिए)' प्रश्नवाचक चिह्न के बाद अलग पंक्ति में रखा गया है । हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों स्तंभ एक ही प्रश्न पूछते हैं ; अंतर केवल शब्दावली का है, जहाँ अंग्रेज़ी 'rectangular parallelepiped' कहती है और हिन्दी 'समकोणिक समान्तरषट्फलक' ।
- घनाभ का आयतन = लंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई । इस टंकी में = 2 × 2 × 1·1 = 4·4 घन मीटर, जो 44,00,000 घन सेंटीमीटर अथवा 4,400 लीटर के बराबर है ।
- बेलन (यहाँ नलिका) का आयतन = πr² × लंबाई । त्रिज्या 1 सेंटीमीटर और π = 22/7 लेने पर अनुप्रस्थ-परिच्छेद का क्षेत्रफल = 22/7 वर्ग सेंटीमीटर, लगभग 3·14 वर्ग सेंटीमीटर ।
- लंबाई = आयतन ÷ अनुप्रस्थ-परिच्छेद क्षेत्रफल = 44,00,000 × 7/22 = 14,00,000 सेंटीमीटर = 14,000 मीटर = 14 किलोमीटर, जो विकल्प (c) है ।
- प्रति किलोमीटर धारिता एक उपयोगी जाँच देती है : 1 सेंटीमीटर त्रिज्या की एक किलोमीटर लंबी नलिका में लगभग 314 लीटर पानी आता है, इसलिए 4,400 लीटर के लिए लगभग 14 किलोमीटर चाहिए ।
- इकाई रूपांतरण जो इस प्रश्न में निर्णायक हैं — 1 मीटर = 100 सेंटीमीटर, 1 घन मीटर = 10,00,000 घन सेंटीमीटर = 1,000 लीटर, 1 किलोमीटर = 1,00,000 सेंटीमीटर ।
- पुस्तिका की शब्दावली : 'समकोणिक समान्तरषट्फलक' = rectangular parallelepiped = विद्यालय की हिन्दी का घनाभ ; 'अनुप्रस्थ-परिच्छेद क्षेत्रफल' = cross-sectional area ; 'नलिका' = pipe ।
- ऊँचाई 1·1 मीटर को 1 मीटर पढ़ लेना । ऊपर उठा मध्य-बिंदु दशमलव है, और उसे छोड़ते ही उत्तर लगभग 12·7 किलोमीटर आ जाता है, जो विकल्प (b) की ओर ले जाता है ।
- मीटर और सेंटीमीटर मिला देना । त्रिज्या सेंटीमीटर में और भुजा मीटर में है ; एक ही इकाई में लाए बिना गणना करने पर उत्तर दस हज़ार गुना तक ग़लत हो सकता है ।
- 'न्यूनतम लंबाई' की शर्त छोड़ देना और सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या चुन लेना । ठीक बराबर आने वाली लंबाई ही न्यूनतम है, उससे बड़ी हर लंबाई पर्याप्त तो है पर न्यूनतम नहीं ।
- नलिका के लिए वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल 2πrh लगा देना । पानी नलिका के भीतर भरता है, इसलिए काम आयतन का है, पृष्ठ का नहीं ।
क्षेत्रमिति के प्रश्न इस प्रश्नपत्र में प्रायः रूपांतरण के रूप में आते हैं — कोई ठोस या द्रव एक आकृति से दूसरी में जाता है और दूसरी आकृति का कोई माप पूछा जाता है । मानक साँचे ये हैं : टंकी का पानी नलिका या हौज़ में भरना, धातु का घन पिघलाकर बेलन या गोलियाँ बनाना, बेलनाकार तार में खींचना, और किसी बर्तन में पानी की ऊँचाई का बढ़ना । कभी-कभी प्रश्न उलटा भी होता है — लंबाई देकर त्रिज्या पूछ ली जाती है । हल की विधि सदा एक ही रहती है : दोनों आकृतियों के आयतन बराबर रखिए, सब कुछ एक इकाई में लाइए, और अज्ञात राशि निकाल लीजिए । अंत में इकाई वापस उसी रूप में बदलिए जिसमें उत्तर माँगा गया है, क्योंकि विकल्प प्रायः उसी अंतिम चरण पर चूकने वालों के लिए बनाए जाते हैं ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
एक घनाभाकार टंकी की लंबाई 2 मीटर, चौड़ाई 1 मीटर और ऊँचाई 1·1 मीटर है । उसका सारा पानी 1 सेंटीमीटर त्रिज्या वाली एक लंबी नलिका में भरा जाए, तो नलिका की न्यूनतम लंबाई कितने किलोमीटर होनी चाहिए ? (π = 22/7 लीजिए)
- (a)5
- (b)6
- (c)7
- (d)8
उत्तर(c) 7 — आयतन = 200 × 100 × 110 = 22,00,000 घन सेंटीमीटर ; नलिका का अनुप्रस्थ-परिच्छेद क्षेत्रफल = 22/7 वर्ग सेंटीमीटर ; लंबाई = 22,00,000 × 7/22 = 7,00,000 सेंटीमीटर = 7 किलोमीटर ।
- practice — not a real PYQ
एक बेलनाकार टंकी की त्रिज्या 7 मीटर और ऊँचाई 10 मीटर है । उसमें अधिकतम कितने किलोलीटर पानी आ सकता है ? (π = 22/7 लीजिए)
- (a)1400
- (b)1540
- (c)1560
- (d)2200
उत्तर(b) 1540 — आयतन = πr²h = (22/7) × 7 × 7 × 10 = 1,540 घन मीटर, और 1 घन मीटर = 1,000 लीटर = 1 किलोलीटर, इसलिए 1,540 किलोलीटर ।