एक 400 मीटर लंबी ट्रेन को, विपरीत दिशा से समानांतर ट्रैक पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की चाल से आती हुई एक 300 मीटर लंबी ट्रेन को पार करने में 15 सेकंड लगते हैं । लंबी वाली ट्रेन की चाल किलोमीटर प्रति घंटे में क्या है ?
- (a)108
- (b)102
- (c)98
- (d)96
सही उत्तर — A, (a) 108 — यह सापेक्ष चाल का सीधा प्रश्न है, और इसकी दो कड़ियाँ अलग-अलग पकड़नी होती हैं । पहली कड़ी दूरी की है : जब एक ट्रेन दूसरी ट्रेन को 'पार' करती है तो आगे के सिरे को पीछे के सिरे तक पहुँचना होता है, इसलिए तय की गई दूरी किसी एक ट्रेन की लंबाई नहीं, दोनों लंबाइयों का योग होती है — 400 + 300 = 700 मीटर । दूसरी कड़ी चाल की है : दोनों ट्रेनें विपरीत दिशाओं में चल रही हैं, इसलिए एक के सापेक्ष दूसरी की चाल दोनों चालों का योग है । अब 700 मीटर 15 सेकंड में तय हुए, तो सापेक्ष चाल = 700 ÷ 15 = 140/3 मीटर प्रति सेकंड । इसे किलोमीटर प्रति घंटे में बदलने के लिए 18/5 से गुणा कीजिए : (140/3) × (18/5) = 168 किलोमीटर प्रति घंटा । यही दोनों चालों का योग है, और छोटी ट्रेन की चाल 60 दी हुई है, इसलिए लंबी ट्रेन की चाल = 168 − 60 = 108 किलोमीटर प्रति घंटा । जाँच लीजिए : 108 + 60 = 168 किलोमीटर प्रति घंटा = 168 × 5/18 = 46⅔ मीटर प्रति सेकंड, और 700 ÷ 46⅔ ठीक 15 सेकंड देता है । ध्यान रहे कि प्रश्न में 'विपरीत दिशा' शब्द निर्णायक है — यदि दोनों एक ही दिशा में चलतीं तो सापेक्ष चाल अंतर होती और उसी 15 सेकंड के लिए लंबी ट्रेन को 228 किलोमीटर प्रति घंटे की चाल चाहिए होती, जो विकल्पों में है ही नहीं ।
- (b)102 — यह संख्या किसी भी सुसंगत गणना से नहीं निकलती, और प्रतिस्थापन से तुरंत गिर जाती है । यदि लंबी ट्रेन की चाल 102 होती तो सापेक्ष चाल 102 + 60 = 162 किलोमीटर प्रति घंटा = 45 मीटर प्रति सेकंड होती, और 700 मीटर पार करने में 700 ÷ 45 ≈ 15·6 सेकंड लगते, 15 नहीं । इस प्रकार के प्रश्न में सबसे तेज़ जाँच यही है — विकल्प को उत्तर मानकर समय वापस निकालिए और देखिए कि वह प्रश्न में दिए गए समय से मिलता है या नहीं । यह विकल्प उन अभ्यर्थियों को फँसाने के लिए रखा गया है जो 140/3 = 46·66… के दशमलव को बीच में ही गोल कर देते हैं ।
- (c)98 — इसे भी प्रतिस्थापन ही ख़ारिज करता है : 98 + 60 = 158 किलोमीटर प्रति घंटा = 43·9 मीटर प्रति सेकंड, और 700 ÷ 43·9 ≈ 15·9 सेकंड — प्रश्न के 15 सेकंड से लगभग एक पूरा सेकंड अधिक । सौ से ठीक नीचे की यह संख्या केवल इसलिए आकर्षक लगती है कि उत्तर 'सौ के आसपास' दिखता है । ध्यान दीजिए कि विकल्पों की चारों संख्याएँ 96 से 108 के बीच सिमटी हैं, इसलिए अनुमान से काम नहीं चलेगा ; गणना पूरी करनी ही होगी, और वह केवल तीन चरणों की है — लंबाइयाँ जोड़िए, समय से भाग दीजिए, 18/5 से गुणा कीजिए ।
- (d)96 — यह विकल्प एक विशिष्ट भूल का फल है और इसीलिए सबसे ख़तरनाक है । जो अभ्यर्थी केवल लंबी ट्रेन की लंबाई लेता है और दूसरी ट्रेन को खंभे जैसी बिंदु-वस्तु मान लेता है, वह 400 ÷ 15 = 26·67 मीटर प्रति सेकंड निकालता है, जो ठीक 96 किलोमीटर प्रति घंटा है — और वही यहाँ छपा है । इसमें दो चूकें एक साथ हैं : 300 मीटर की लंबाई छोड़ दी गई और आती हुई ट्रेन की 60 किलोमीटर प्रति घंटे की चाल का हिसाब ही नहीं लगा । जब दोनों वस्तुएँ लंबाई रखती हैं, तय दूरी हमेशा दोनों लंबाइयों का योग होती है ।
सापेक्ष चाल का नियम दो पंक्तियों में समा जाता है । यदि दो वस्तुएँ विपरीत दिशाओं में चल रही हैं तो एक के सापेक्ष दूसरी की चाल दोनों चालों का योग होती है ; यदि वे एक ही दिशा में चल रही हैं तो चालों का अंतर । दूसरा नियम दूरी का है और उसी में अधिकांश भूलें होती हैं । किसी खंभे, पेड़ या खड़े व्यक्ति को पार करने में ट्रेन केवल अपनी लंबाई तय करती है, क्योंकि वह वस्तु बिंदु के बराबर है । प्लेटफ़ॉर्म या पुल को पार करने में ट्रेन अपनी लंबाई और प्लेटफ़ॉर्म की लंबाई, दोनों का योग तय करती है । और जब दो ट्रेनें एक-दूसरे को पार करती हैं तो तय दूरी दोनों ट्रेनों की लंबाइयों का योग होती है, क्योंकि पार करने की क्रिया तब पूरी मानी जाती है जब पहली का पिछला सिरा दूसरी के पिछले सिरे से आगे निकल जाए । इकाई बदलने का सूत्र भी रट लेना चाहिए : किलोमीटर प्रति घंटे को 5/18 से गुणा करने पर मीटर प्रति सेकंड मिलता है, और मीटर प्रति सेकंड को 18/5 से गुणा करने पर किलोमीटर प्रति घंटा ।
यह प्रश्न भाग B के अंतिम संख्यात्मक खंड — प्रश्न 101 से 105 — का पहला प्रश्न है, और यह खंड पूरे प्रश्नपत्र में तीसरी बार लौटता है ; इससे पहले 36 से 40 और 71 से 75 में संख्यात्मक अभियोग्यता और तार्किक विवेचन आ चुके हैं । ट्रेन, नाव-धारा और घड़ी के प्रश्न इस श्रेणी के सबसे स्थिर सदस्य हैं, क्योंकि इनमें सूत्र कम हैं और भूल की गुंजाइश अधिक । यहाँ आँकड़े जान-बूझकर ऐसे चुने गए हैं कि सापेक्ष चाल पूर्णांक न आए — 140/3 मीटर प्रति सेकंड — ताकि जो अभ्यर्थी बीच में दशमलव गोल कर दे वह पास वाले विकल्प पर जा गिरे । दो घंटे में 120 प्रश्न का अर्थ है प्रति प्रश्न एक मिनट, और ऋणात्मक अंकन भी है, इसलिए इस प्रश्न को एक ही पंक्ति में हल करने की आदत ही असली कौशल है : (400 + 300) ÷ 15 × 18/5 − 60 । हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों स्तंभ यहाँ एक ही बात कहते हैं, कोई अंतर नहीं ।
- विपरीत दिशाओं में चल रही दो वस्तुओं की सापेक्ष चाल उनकी चालों का योग होती है ; एक ही दिशा में चलने पर सापेक्ष चाल चालों का अंतर होती है । यही एक वाक्य ट्रेन के अधिकांश प्रश्नों की रीढ़ है ।
- दो ट्रेनों के एक-दूसरे को पार करने में तय दूरी दोनों लंबाइयों का योग होती है ; खंभे या खड़े व्यक्ति को पार करने में केवल अपनी लंबाई ; प्लेटफ़ॉर्म या पुल को पार करने में अपनी लंबाई और उस संरचना की लंबाई का योग ।
- इकाई रूपांतरण : किलोमीटर प्रति घंटा × 5/18 = मीटर प्रति सेकंड, और मीटर प्रति सेकंड × 18/5 = किलोमीटर प्रति घंटा । 18/5 का दूसरा रूप 3·6 है, जिससे मन ही मन गुणा करना आसान पड़ता है ।
- इस प्रश्न की गणना : (400 + 300) ÷ 15 = 140/3 मीटर प्रति सेकंड ; 140/3 × 18/5 = 168 किलोमीटर प्रति घंटा ; 168 − 60 = 108 किलोमीटर प्रति घंटा, जो विकल्प (a) है ।
- जाँच की विधि : उत्तर को वापस रखिए । 108 + 60 = 168 किलोमीटर प्रति घंटा = 46⅔ मीटर प्रति सेकंड, और 700 ÷ 46⅔ = 15 सेकंड, जो प्रश्न में दिया गया समय है ।
- यदि यही दोनों ट्रेनें एक ही दिशा में चल रही होतीं तो सापेक्ष चाल अंतर होती और 15 सेकंड में पार करने के लिए लंबी ट्रेन की चाल 60 + 168 = 228 किलोमीटर प्रति घंटा चाहिए होती — किसी विकल्प में नहीं ।
- दो ट्रेनों में से केवल एक की लंबाई लेना । पार करने की दूरी हमेशा दोनों लंबाइयों का योग होती है, और यही भूल विकल्प (d) की 96 संख्या पैदा करती है ।
- सापेक्ष चाल निकालकर वहीं रुक जाना । 168 सापेक्ष चाल है, किसी एक ट्रेन की नहीं ; उत्तर पाने के लिए उसमें से दूसरी ट्रेन की 60 किलोमीटर प्रति घंटा घटाना ज़रूरी है ।
- इकाई रूपांतरण में 5/18 और 18/5 को उलट देना । मीटर प्रति सेकंड से किलोमीटर प्रति घंटे में जाते समय संख्या बढ़नी चाहिए ; यदि घट जाए तो गुणक उलटा लगा है ।
- बीच में दशमलव गोल कर देना । 140/3 को 46·6 या 47 मान लेने पर उत्तर पास वाले विकल्पों की ओर खिसक जाता है, इसलिए भिन्न को अंत तक भिन्न ही रखिए ।
इस प्रकरण से प्रश्न प्रायः चार साँचों में आते हैं । पहला — दो ट्रेनों के पार करने का समय दिया जाकर किसी एक की चाल पूछी जाए, जैसा यहाँ है । दूसरा — दोनों चालें और दोनों लंबाइयाँ देकर पार करने का समय पूछा जाए । तीसरा — ट्रेन का खंभे और प्लेटफ़ॉर्म, दोनों को पार करने का समय देकर ट्रेन की लंबाई या प्लेटफ़ॉर्म की लंबाई पूछी जाए ; इसमें दो समीकरण बनते हैं और उनका अंतर सीधे प्लेटफ़ॉर्म की लंबाई दे देता है । चौथा — एक ही दिशा में चलती ट्रेनों का प्रश्न, जिसमें चालों का अंतर लेना पड़ता है । पढ़ते समय सबसे पहले तीन बातें रेखांकित कीजिए : दिशा (विपरीत या समान), पार की जाने वाली वस्तु की लंबाई है या नहीं, और इकाइयाँ मीटर-सेकंड में हैं या किलोमीटर-घंटे में । ये तीन तय हो जाएँ तो शेष केवल अंकगणित है ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
एक 200 मीटर लंबी ट्रेन 72 किलोमीटर प्रति घंटे की चाल से चल रही है । उसे 300 मीटर लंबे एक प्लेटफ़ॉर्म को पूरी तरह पार करने में कितने सेकंड लगेंगे ?
- (a)20
- (b)22
- (c)25
- (d)30
उत्तर(c) 25 — 72 किलोमीटर प्रति घंटा × 5/18 = 20 मीटर प्रति सेकंड ; तय की जाने वाली दूरी = ट्रेन की लंबाई + प्लेटफ़ॉर्म की लंबाई = 200 + 300 = 500 मीटर ; समय = 500 ÷ 20 = 25 सेकंड । केवल 200 मीटर लेने पर 10 सेकंड मिलता, जो विकल्पों में नहीं है ।
- practice — not a real PYQ
150-150 मीटर लंबी दो ट्रेनें समानांतर पटरियों पर विपरीत दिशाओं में क्रमशः 54 और 36 किलोमीटर प्रति घंटे की चाल से चल रही हैं । वे एक-दूसरे को कितने सेकंड में पूरी तरह पार कर लेंगी ?
- (a)10
- (b)12
- (c)15
- (d)20
उत्तर(b) 12 — विपरीत दिशा है, इसलिए सापेक्ष चाल = 54 + 36 = 90 किलोमीटर प्रति घंटा = 90 × 5/18 = 25 मीटर प्रति सेकंड ; तय दूरी = 150 + 150 = 300 मीटर ; समय = 300 ÷ 25 = 12 सेकंड ।