निम्नलिखित में से कौन-सी मेमोरी अत्यधिक तीव्रगामी है और सी.पी.यू. एवं मुख्य मेमोरी के बीच उच्च-वेग बफ़र के रूप में कार्य करती है ?
- (a)आर.ए.एम.
- (b)आर.ओ.एम.
- (c)फ्लैश मेमोरी
- (d)कैशे मेमोरी
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, (d) कैशे मेमोरी । प्रश्न में दो शर्तें एक साथ दी गई हैं — स्मृति अत्यधिक तीव्रगामी हो, और वह सी.पी.यू. तथा मुख्य मेमोरी के बीच उच्च-वेग बफ़र की तरह काम करे — और ये दोनों शर्तें केवल कैशे मेमोरी पूरी करती है । समस्या की जड़ यह है कि प्रक्रमक की गति और मुख्य मेमोरी की गति में बड़ा अंतर होता है । सी.पी.यू. एक अनुदेश कुछ नैनोसेकंड में निपटा देता है, जबकि मुख्य मेमोरी से आँकड़ा मँगाने में उससे कई गुना अधिक समय लगता है । यदि बीच में कुछ न हो तो प्रक्रमक अधिकांश समय प्रतीक्षा में बैठा रहेगा । कैशे मेमोरी इसी अंतर को पाटती है : वह छोटी होती है, बहुत महँगी होती है, और प्रायः स्थैतिक रैम से बनी होती है, जिसमें हर बिट को बार-बार ताज़ा करने की आवश्यकता नहीं पड़ती — यही उसे मुख्य मेमोरी की गतिशील रैम से कहीं तेज़ बनाता है । उसमें वे अनुदेश और आँकड़े रखे जाते हैं जिनकी आवश्यकता अभी-अभी पड़ी है या तुरंत पड़ने वाली है । यह चयन संदर्भ की स्थानिकता (locality of reference) के सिद्धांत पर होता है — कार्यक्रम प्रायः उन्हीं स्थानों पर बार-बार लौटते हैं, इसलिए हाल में प्रयुक्त सामग्री का दोबारा माँगा जाना बहुत संभावित होता है । जब प्रक्रमक को माँगी हुई सामग्री कैशे में ही मिल जाती है तो उसे कैशे हिट कहते हैं और मुख्य मेमोरी तक जाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती । आधुनिक प्रक्रमकों में कैशे कई स्तरों पर होती है — L1 सबसे छोटी और सबसे तेज़, फिर L2, फिर L3 । इसीलिए उत्तर विकल्प (d) है । एक व्यावहारिक चित्र से यह बात और साफ़ हो जाती है । कल्पना कीजिए कि मेज़ पर काम करते हुए जो पुस्तकें बार-बार चाहिए वे हाथ के पास रखी हों और शेष अलमारी में — हाथ के पास वाली छोटी ढेरी कैशे है, अलमारी मुख्य मेमोरी । ढेरी छोटी रहती है, इसीलिए वह सस्ती नहीं होती पर काम की होती है, और अधिकांश माँगें वहीं पूरी हो जाती हैं ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)आर.ए.एम. — आर.ए.एम. स्वयं मुख्य मेमोरी है, इसलिए वह मुख्य मेमोरी और सी.पी.यू. के बीच का बफ़र नहीं हो सकती । यह इस प्रश्न का सबसे साफ़ तार्किक बिंदु है : प्रश्न ने ही कह दिया है कि उत्तर वह स्मृति है जो सी.पी.यू. और मुख्य मेमोरी के बीच बैठती है, और आर.ए.एम. उस वाक्य में पहले से एक पक्ष के रूप में मौजूद है । इसके अतिरिक्त आर.ए.एम. सामान्यतः गतिशील रैम होती है, जिसमें प्रत्येक बिट एक संधारित्र में संचित रहता है और उसे बार-बार ताज़ा करना पड़ता है — यही उसे कैशे की स्थैतिक रैम से धीमा बनाता है । आर.ए.एम. अस्थायी भी है : विद्युत् आपूर्ति बंद होते ही उसकी सामग्री समाप्त हो जाती है ।
- (b)आर.ओ.एम. — आर.ओ.एम. न तो इस अर्थ में तीव्रगामी है और न ही वह बफ़र का काम करती है । उसका स्वभाव ही भिन्न है — वह अपरिवर्तनीय स्मृति है, जिसमें सामग्री निर्माण के समय या विशेष प्रक्रिया से लिखी जाती है और सामान्य प्रचालन में केवल पढ़ी जाती है । कंप्यूटर चालू होते ही जो आरंभिक अनुदेश चलते हैं, अर्थात् बूट के समय का फ़र्मवेयर, प्रायः इसी में रखा जाता है । आर.ओ.एम. अनस्थायी है, अर्थात् बिजली जाने पर भी उसकी सामग्री बनी रहती है — और यही गुण उसे कैशे के विपरीत बनाता है, क्योंकि कैशे को स्थायित्व नहीं, गति चाहिए । दोनों का उद्देश्य अलग है, इसलिए इनकी तुलना ही भ्रामक है ।
- (c)फ्लैश मेमोरी — फ्लैश मेमोरी अनस्थायी स्मृति है और उसका स्थान स्मृति-पदानुक्रम में कहीं नीचे है, कैशे के पास नहीं । वह विद्युत् द्वारा मिटाई और दोबारा लिखी जा सकने वाली स्मृति का एक रूप है, और पेन ड्राइव, स्मृति कार्ड तथा सॉलिड स्टेट ड्राइव इसी पर बने होते हैं । घूमने वाली चुंबकीय डिस्क की तुलना में वह निस्संदेह तेज़ है, पर कैशे या मुख्य मेमोरी के सामने बहुत धीमी है, क्योंकि उसमें लेखन ब्लॉक के रूप में होता है और मिटाने की प्रक्रिया अलग से समय लेती है । उसका उद्देश्य भी दूसरा है — सामग्री को बिजली बंद होने के बाद भी सुरक्षित रखना, न कि प्रक्रमक की प्रतीक्षा घटाना ।
अवधारणा
कंप्यूटर की स्मृति एक पदानुक्रम में सजी होती है, और उस पदानुक्रम का नियम यह है कि जैसे-जैसे ऊपर चढ़िए गति बढ़ती है, आकार घटता है और प्रति बिट लागत बढ़ती है । सबसे ऊपर रजिस्टर होते हैं, जो स्वयं प्रक्रमक के भीतर हैं और सबसे तेज़ हैं । उसके नीचे कैशे मेमोरी है, जो प्रायः तीन स्तरों में बँटी होती है । उससे नीचे मुख्य मेमोरी अर्थात् आर.ए.एम. है, और सबसे नीचे द्वितीयक भंडारण — हार्ड डिस्क, सॉलिड स्टेट ड्राइव, प्रकाशीय चक्रिका । इस पूरी व्यवस्था को सार्थक बनाने वाला सिद्धांत संदर्भ की स्थानिकता है, जिसके दो रूप हैं : कालिक स्थानिकता, अर्थात् जिस स्थान का अभी उपयोग हुआ उसका शीघ्र फिर उपयोग होने की संभावना ; और स्थानिक स्थानिकता, अर्थात् जिस स्थान का उपयोग हुआ उसके पड़ोसी स्थानों का उपयोग होने की संभावना । इसी कारण छोटी-सी कैशे भी अधिकांश माँगें पूरी कर देती है । स्मृति का दूसरा वर्गीकरण स्थायित्व का है : आर.ए.एम. और कैशे अस्थायी हैं, जबकि आर.ओ.एम., फ्लैश और चुंबकीय डिस्क अनस्थायी हैं । परीक्षा के लिए यह दोनों वर्गीकरण साथ-साथ याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न प्रायः दोनों को आपस में मिला देते हैं ।
इस प्रश्न की रचना बहुत सीधी है और उसका उत्तर स्वयं प्रश्न के शब्दों में छिपा है । ‘सी.पी.यू. एवं मुख्य मेमोरी के बीच’ पढ़ते ही आर.ए.एम. बाहर हो जाती है, क्योंकि वह उस वाक्य में एक छोर के रूप में पहले ही नामित है । ‘अत्यधिक तीव्रगामी’ पढ़ते ही आर.ओ.एम. और फ्लैश दोनों बाहर हो जाती हैं, क्योंकि उनका गुण गति नहीं, स्थायित्व है । शेष केवल कैशे बचती है । EPFO और अन्य आयोग स्मृति के इस पदानुक्रम पर लगभग हर वर्ष कोई प्रश्न रखते हैं, और वह प्रायः तीन में से एक रूप लेता है — सबसे तेज़ स्मृति कौन-सी है, कौन-सी अस्थायी है, या कौन-सी किसके बीच बफ़र का काम करती है । हिन्दी स्तंभ में ‘बफ़र’ नुक़्ते के साथ छपा है और आर.ए.एम. तथा आर.ओ.एम. देवनागरी अक्षरों में, हर अक्षर के बाद पूर्ण विराम के साथ ; अंग्रेज़ी स्तंभ में वही रोमन संक्षेपाक्षर हैं ।
मुख्य तथ्य
- कैशे मेमोरी एक छोटी, बहुत तेज़ स्मृति है जो सी.पी.यू. और मुख्य मेमोरी के बीच बैठकर दोनों की गति के अंतर को पाटती है ।
- कैशे प्रायः स्थैतिक रैम से बनी होती है, जिसे बार-बार ताज़ा करने की आवश्यकता नहीं पड़ती ; मुख्य मेमोरी की गतिशील रैम में हर बिट संधारित्र में रहता है और उसे ताज़ा करना पड़ता है ।
- कैशे का काम संदर्भ की स्थानिकता के सिद्धांत पर टिका है — हाल में प्रयुक्त सामग्री का शीघ्र दोबारा माँगा जाना और उसके पड़ोसी स्थानों का माँगा जाना अत्यधिक संभावित होता है ।
- आधुनिक प्रक्रमकों में कैशे कई स्तरों पर होती है — L1 सबसे छोटी और सबसे तेज़, उसके बाद L2 और फिर L3, जो बड़ी पर अपेक्षाकृत धीमी होती है ।
- स्मृति-पदानुक्रम ऊपर से नीचे इस क्रम में चलता है — रजिस्टर, कैशे, मुख्य मेमोरी, द्वितीयक भंडारण ; ऊपर जाने पर गति और लागत बढ़ती है तथा आकार घटता है ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- आर.ए.एम. को उत्तर मान लेना । वह स्वयं मुख्य मेमोरी है, और प्रश्न उस स्मृति को पूछ रहा है जो सी.पी.यू. और मुख्य मेमोरी के बीच बैठती है ।
- फ्लैश मेमोरी को तेज़ मान लेना । वह घूमने वाली डिस्क से तेज़ अवश्य है, पर कैशे या मुख्य मेमोरी के सामने बहुत धीमी है और उसका उद्देश्य स्थायित्व है ।
- रजिस्टर और कैशे को एक मान लेना । रजिस्टर प्रक्रमक के भीतर हैं और कैशे से भी तेज़ हैं, पर वे बफ़र का काम नहीं करते ।
स्मृति पर आयोगों के प्रश्न चार साँचों में ढले होते हैं । पहला साँचा गति का है — कौन-सी स्मृति सबसे तेज़ है, या कौन-सी किसके बीच बफ़र का काम करती है, जैसा यहाँ पूछा गया । दूसरा साँचा स्थायित्व का है — कौन-सी स्मृति बिजली जाने पर सामग्री खो देती है और कौन-सी नहीं ; यहाँ रैम अस्थायी है और रोम, फ्लैश तथा डिस्क अनस्थायी । तीसरा साँचा परिमाण का है — किलोबाइट, मेगाबाइट, गिगाबाइट का क्रम और उनके बीच 1024 का गुणक । चौथा साँचा युक्ति और उसके कार्य को मिलाने का है, जैसे कौन-सा रजिस्टर अगले स्थान का पता रखता है । चारों की तैयारी के लिए स्मृति-पदानुक्रम का एक चित्र मन में बना लीजिए, जिसमें ऊपर से नीचे गति घटती और आकार बढ़ता जाए, और उसी चित्र पर हर स्मृति को उसके स्थायित्व के साथ अंकित कर लीजिए ।
संबंधित PYQ
EPFO_APFC_2023_Q86Which one of the following registers contains the address of the next location in the memory to be accessed?
- (a) IR
- (b) MAR
- (c) MBR
- (d) DR
उत्तर(b) MAR
उसी पदानुक्रम का सबसे ऊपरी सिरा — प्रक्रमक के भीतर का वह रजिस्टर जो स्मृति के अगले पते को रखता है ; रजिस्टर कैशे से भी तेज़ होते हैं ।
EPFO_EOAO_2023_Q48In the context of a buffer in memory area or disk, spool refers to :
- (a) Simple peripheral operation on-line
- (b) Simple peripheral operation off-line
- (c) Simultaneous peripheral operation on-line
- (d) Simultaneous peripheral operation off-line
उत्तर(c) Simultaneous peripheral operation on-line
बफ़र की अवधारणा दूसरी दिशा से — स्मृति या डिस्क में बने बफ़र के संदर्भ में स्पूल का अर्थ, जहाँ धीमी युक्ति की प्रतीक्षा घटाने के लिए बीच में एक कतार रखी जाती है ।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
किसी आधुनिक कंप्यूटर के स्मृति-पदानुक्रम में, निम्नलिखित में से कौन-सी स्मृति सबसे तीव्रगामी होती है ?
- (a)कैशे मेमोरी
- (b)प्रक्रमक के भीतर के रजिस्टर
- (c)मुख्य मेमोरी
- (d)सॉलिड स्टेट ड्राइव
उत्तर(b) प्रक्रमक के भीतर के रजिस्टर — वे स्वयं सी.पी.यू. का भाग हैं, इसलिए कैशे से भी तेज़ हैं ; पदानुक्रम में उनके बाद कैशे, फिर मुख्य मेमोरी और अंत में द्वितीयक भंडारण आता है ।
- practice — not a real PYQ
निम्नलिखित में से कौन-सी स्मृति अस्थायी होती है, अर्थात् विद्युत् आपूर्ति बंद होते ही अपनी सामग्री खो देती है ?
- (a)आर.ओ.एम.
- (b)आर.ए.एम.
- (c)फ्लैश मेमोरी
- (d)चुंबकीय हार्ड डिस्क
उत्तर(b) आर.ए.एम. — वह अस्थायी स्मृति है और बिजली जाते ही उसकी सामग्री समाप्त हो जाती है, जबकि शेष तीनों अनस्थायी हैं और बिना विद्युत् के भी सामग्री बनाए रखती हैं ।