सैन्य शक्ति रैंकिंग, ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स-2021 में, भारत को कौन-सा स्थान मिला है ?
- (a)द्वितीय
- (b)तृतीय
- (c)चतुर्थ
- (d)पंचम
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, (c) चतुर्थ । ग्लोबल फ़ायरपावर इंडेक्स की 2021 की सूची में भारत को चौथा स्थान मिला था । उस वर्ष की क्रम-सूची इस प्रकार थी : पहले स्थान पर संयुक्त राज्य अमेरिका, दूसरे पर रूस, तीसरे पर चीन, चौथे पर भारत, पाँचवें पर जापान और छठे पर दक्षिण कोरिया ; पाकिस्तान दसवें स्थान पर था । इस सूची को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि यह किस चीज़ की सूची है और किसने बनाई है । ग्लोबल फ़ायरपावर एक निजी अमेरिकी वेबसाइट है, कोई अंतर-सरकारी संस्था या संयुक्त राष्ट्र का निकाय नहीं । वह प्रति वर्ष लगभग एक सौ अड़तीस देशों को पचास से अधिक कारकों के आधार पर आँकती है — जनशक्ति, थल, वायु और नौसैनिक बल, रसद, प्राकृतिक संसाधन, भूगोल और वित्तीय स्थिति — और उन सबको मिलाकर एक पावर इंडेक्स अंक निकालती है, जिसके आधार पर देशों को क्रम दिया जाता है । उस वर्ष भारत के लिए दर्ज आँकड़ों में पाँच सौ बयालीस लड़ाकू विमान, सत्रह पनडुब्बियाँ, चार हज़ार सात सौ तीस टैंक और सैंतीस आक्रमणकारी हेलिकॉप्टर सम्मिलित थे । ध्यान देने योग्य दो बातें और हैं । पहली, यह सूचकांक परमाणु शक्ति को क्रम-निर्धारण में सीधे नहीं गिनता, इसलिए उसका क्रम किसी देश की समग्र सामरिक शक्ति का पूर्ण माप नहीं माना जा सकता । दूसरी, चूँकि यह हर वर्ष प्रकाशित होता है, इसलिए क्रम बदलता रहता है — और इसी कारण प्रश्न में वर्ष स्पष्ट रूप से लिखा गया है । जब भी किसी सूचकांक का प्रश्न आए, सबसे पहले वर्ष देखिए ; उसी वर्ष का क्रम उत्तर होता है, किसी अन्य वर्ष का नहीं । भाषा की एक बात भी जोड़ लीजिए, क्योंकि वह इसी पुस्तिका की है । हिन्दी स्तंभ में चारों विकल्प संस्कृत-मूल के क्रमवाचक शब्दों में छपे हैं — द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, पंचम — जबकि अंग्रेज़ी स्तंभ साधारण अंग्रेज़ी क्रमवाचक छापता है । अर्थ दोनों जगह एक ही है, पर हिन्दी माध्यम के अभ्यर्थी को इन शब्दों को अंक में तुरंत बदल लेने का अभ्यास होना चाहिए, वरना सही उत्तर जानते हुए भी विकल्प चुनने में समय लगता है ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)द्वितीय — द्वितीय स्थान 2021 की उस सूची में रूस का था । यह विकल्प उस अभ्यर्थी के लिए है जो सूची का सामान्य ढाँचा तो जानता है पर भारत का सही स्थान नहीं । यहाँ एक उपयोगी स्मृति-सूत्र है : उस वर्ष की पहली चार पंक्तियाँ संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, चीन और भारत थीं, अर्थात् भारत से ऊपर तीन देश थे और तीनों संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य हैं । इस क्रम को एक बार इसी रूप में याद कर लेने पर दूसरे और तीसरे स्थान के विकल्प अपने आप छँट जाते हैं । यह भी ध्यान रखिए कि यह सूचकांक किसी सरकारी या अंतर-सरकारी निकाय का नहीं है, इसलिए उसके क्रम को सामरिक शक्ति का आधिकारिक माप मानकर कोई बड़ा निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए ।
- (b)तृतीय — तृतीय स्थान 2021 की सूची में चीन का था । यह विकल्प इसलिए भी आकर्षक लगता है कि सैन्य व्यय और सैनिकों की संख्या जैसी अलग-अलग सूचियों में देशों का क्रम भिन्न होता है, और अभ्यर्थी किसी दूसरी सूची का क्रम यहाँ लगा देता है । इसीलिए सूचकांकों की तैयारी में यह भेद स्पष्ट रखना चाहिए कि कौन-सी सूची क्या माप रही है । सैन्य व्यय की सूची अलग होती है, सक्रिय सैनिकों की संख्या की अलग, और ग्लोबल फ़ायरपावर का पावर इंडेक्स पचास से अधिक कारकों को मिलाकर बनने वाला एक सम्मिश्र अंक है । दो सूचियों में एक ही देश का स्थान भिन्न हो सकता है, और वह विरोधाभास नहीं है — वे दो अलग चीज़ें माप रही हैं ।
- (d)पंचम — पंचम स्थान 2021 की सूची में जापान का था, जो भारत के ठीक नीचे था । यही इस विकल्प को सबसे निकट का ग़लत उत्तर बनाता है, क्योंकि एक स्थान का अंतर याद रखना सबसे कठिन होता है । ऐसे प्रश्नों में एक ही आँकड़ा याद रखने के बजाय क्रम की पूरी पंक्ति याद रखना अधिक सुरक्षित है — संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया । पंक्ति याद रहने पर आगे-पीछे के विकल्प भ्रम नहीं बना पाते । यह भी जोड़ लीजिए कि उस वर्ष पाकिस्तान दसवें स्थान पर था, क्योंकि आयोग इस सूचकांक पर प्रश्न बनाते समय भारत और पाकिस्तान दोनों का स्थान पूछ सकता है । सूचकांक हर वर्ष बदलता है, इसलिए क्रम को उसके वर्ष के साथ बाँधकर याद कीजिए ।
अवधारणा
ग्लोबल फ़ायरपावर इंडेक्स एक निजी अमेरिकी वेबसाइट द्वारा प्रति वर्ष प्रकाशित की जाने वाली सूची है, जो देशों की पारंपरिक सैन्य क्षमता का तुलनात्मक क्रम देती है । 2021 के संस्करण में लगभग एक सौ अड़तीस देश शामिल थे और उन्हें पचास से अधिक कारकों पर आँका गया — जनशक्ति, थल सेना के उपकरण, वायु शक्ति, नौसैनिक बल, रसद, प्राकृतिक संसाधन, भूगोल और वित्तीय स्थिति । इन सबको मिलाकर एक पावर इंडेक्स अंक निकाला जाता है और उसी के आधार पर क्रम बनता है । 2021 की सूची में पहले छह स्थान क्रमश: संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया के थे, और पाकिस्तान दसवें स्थान पर था । भारत के लिए दर्ज आँकड़ों में पाँच सौ बयालीस लड़ाकू विमान, सत्रह पनडुब्बियाँ, चार हज़ार सात सौ तीस टैंक और सैंतीस आक्रमणकारी हेलिकॉप्टर सम्मिलित थे । इस सूचकांक की सीमाएँ भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितना उसका क्रम । वह किसी सरकार या अंतर-सरकारी संगठन का नहीं है, उसके आँकड़े सार्वजनिक स्रोतों से लिए जाते हैं, और वह परमाणु शक्ति को क्रम-निर्धारण में सीधे नहीं गिनता । इसलिए उसका क्रम पारंपरिक सैन्य क्षमता का एक अनुमान है, समग्र सामरिक शक्ति का निर्णय नहीं । परीक्षा की दृष्टि से यह भेद इसलिए भी उपयोगी है कि आयोग कभी-कभी सूचकांक के प्रकाशक और उसकी प्रकृति पर भी प्रश्न बना देता है ।
सूचकांकों और रैंकिंग पर बने प्रश्न समसामयिकी के सबसे बड़े उपखंडों में हैं, क्योंकि हर वर्ष दर्जनों सूचियाँ प्रकाशित होती हैं और उनमें भारत का स्थान समाचारों में आता है । उनकी तैयारी के लिए तीन बातें एक साथ लिखने की आदत सबसे उपयोगी है — सूचकांक का नाम, प्रकाशित करने वाली संस्था, और उस वर्ष भारत का स्थान । तीसरी बात के बिना पहली दो अधूरी हैं, क्योंकि क्रम हर वर्ष बदलता है ; और दूसरी बात के बिना अभ्यर्थी यह नहीं बता पाता कि सूचकांक सरकारी है, अंतर-सरकारी है या निजी । इस प्रश्न में तीनों बातें काम आती हैं : सूचकांक ग्लोबल फ़ायरपावर है, प्रकाशक एक निजी अमेरिकी वेबसाइट है, और 2021 में भारत का स्थान चौथा था । एक और सावधानी सैन्य विषय की सूचियों के लिए विशेष रूप से आवश्यक है । सैन्य व्यय, सक्रिय सैनिकों की संख्या, हथियारों के निर्यात और आयात — इन सबकी अलग-अलग सूचियाँ हैं और उनमें देशों का क्रम भिन्न होता है । दो सूचियों को गड्डमड्ड कर देना इस उपखंड की सबसे आम चूक है ।
मुख्य तथ्य
- ग्लोबल फ़ायरपावर इंडेक्स 2021 में भारत को चौथा स्थान मिला था ; उस वर्ष पहले तीन स्थान क्रमश: संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन के थे ।
- उसी सूची में पाँचवें स्थान पर जापान और छठे स्थान पर दक्षिण कोरिया था, जबकि पाकिस्तान दसवें स्थान पर रहा ।
- यह सूचकांक 2021 में लगभग एक सौ अड़तीस देशों को पचास से अधिक कारकों पर आँककर एक पावर इंडेक्स अंक निकालता है और उसी से क्रम बनाता है ।
- जिन कारकों को गिना जाता है उनमें जनशक्ति, थल-वायु-नौसैनिक बल, रसद, प्राकृतिक संसाधन, भूगोल और वित्तीय स्थिति सम्मिलित हैं ।
- 2021 की सूची में भारत के लिए दर्ज आँकड़ों में पाँच सौ बयालीस लड़ाकू विमान, सत्रह पनडुब्बियाँ, चार हज़ार सात सौ तीस टैंक और सैंतीस आक्रमणकारी हेलिकॉप्टर थे ।
- ग्लोबल फ़ायरपावर एक निजी अमेरिकी वेबसाइट है, कोई सरकारी अथवा अंतर-सरकारी संस्था नहीं ; उसके आँकड़े सार्वजनिक स्रोतों से लिए जाते हैं ।
- यह सूचकांक परमाणु शक्ति को क्रम-निर्धारण में सीधे नहीं गिनता, इसलिए उसका क्रम पारंपरिक सैन्य क्षमता का अनुमान है, समग्र सामरिक शक्ति का माप नहीं ।
- सूचकांक प्रति वर्ष प्रकाशित होता है और क्रम बदलता रहता है, इसलिए प्रश्न में दिया गया वर्ष ही उत्तर तय करता है ।
- हिन्दी स्तंभ में इस सूचकांक के नाम को देवनागरी में लिप्यंतरित कर वर्ष के साथ योजक-चिह्न से जोड़ा गया है ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- सूचकांक का वर्ष छोड़ देना । क्रम हर वर्ष बदलता है, इसलिए उत्तर उसी वर्ष का होगा जो प्रश्न में लिखा है ।
- दो अलग सूचियों का क्रम मिला देना । सैन्य व्यय की सूची, सैनिकों की संख्या की सूची और पावर इंडेक्स तीन अलग चीज़ें मापते हैं ।
- इसे किसी अंतर-सरकारी संस्था की सूची मान लेना । यह एक निजी अमेरिकी वेबसाइट का प्रकाशन है ।
- क्रम को समग्र सामरिक शक्ति का माप समझ लेना । यह सूचकांक परमाणु शक्ति को क्रम-निर्धारण में सीधे नहीं गिनता ।
- केवल भारत का स्थान याद रखना । आगे-पीछे के देशों की पूरी पंक्ति याद रहने पर निकटवर्ती विकल्प भ्रम नहीं बनाते ।
रैंकिंग वाले प्रश्नों का ढाँचा लगभग सदा एक-सा होता है — स्टेम में सूचकांक का नाम और वर्ष, और विकल्पों में चार लगातार क्रम-संख्याएँ । इसका सीधा अर्थ यह है कि अनुमान से कुछ नहीं मिलता, क्योंकि चारों विकल्प एक-दूसरे के आसपास हैं । उत्तर तक पहुँचने का एकमात्र भरोसेमंद रास्ता यह है कि सूची की ऊपरी पंक्ति पूरी याद रखी जाए, केवल भारत का स्थान नहीं । जब पहले पाँच-छह देशों का क्रम याद हो, तब भारत के आगे और पीछे कौन है यह भी पता होता है, और वही ज्ञान निकटवर्ती विकल्पों को हटा देता है । दूसरी बात यह कि सूचकांक के साथ उसका प्रकाशक भी याद रखिए, क्योंकि आयोग कभी-कभी क्रम के बजाय प्रकाशक या पद्धति पूछ लेता है । इस प्रश्न में भाषा की एक बात भी ध्यान देने योग्य है : हिन्दी स्तंभ में क्रम को संस्कृत-मूल के क्रमवाचक शब्दों में लिखा गया है — द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, पंचम — जबकि अंग्रेज़ी स्तंभ साधारण अंग्रेज़ी क्रमवाचक छापता है । अर्थ वही है, बस अभ्यर्थी को इन शब्दों को अंक में तुरंत बदल लेना आना चाहिए ।
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अभ्यास
- practice — not a real PYQ
ग्लोबल फ़ायरपावर इंडेक्स 2021 के अनुसार, भारत से ऊपर के तीन स्थानों पर निम्नलिखित में से कौन-से देश थे ?
- (a)संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन
- (b)संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और जापान
- (c)रूस, चीन और फ़्रांस
- (d)संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और जापान
उत्तर(a) संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन — भारत उनके बाद चौथे स्थान पर था ।
- practice — not a real PYQ
ग्लोबल फ़ायरपावर इंडेक्स को प्रकाशित करने वाली संस्था के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ?
- (a)इसे संयुक्त राष्ट्र प्रकाशित करता है
- (b)इसे एक निजी अमेरिकी वेबसाइट प्रकाशित करती है
- (c)इसे विश्व बैंक प्रकाशित करता है
- (d)इसे नाटो प्रकाशित करता है
उत्तर(b) इसे एक निजी अमेरिकी वेबसाइट प्रकाशित करती है — यह किसी सरकारी या अंतर-सरकारी निकाय का प्रकाशन नहीं है ।