ब्लूटूथ तकनीक प्रबंध करती है
- (a)10 km की सीमा में फाइल को भेजने का
- (b)ई-मेल भेजने का
- (c)छोटी दूरियों पर रखे हुए विभिन्न यंत्रों/उपकरणों के बीच बेतार संपर्क का
- (d)इन्टरनेट से चलचित्र डाउनलोड करने का
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, (c) छोटी दूरियों पर रखे हुए विभिन्न यंत्रों/उपकरणों के बीच बेतार संपर्क का। ब्लूटूथ अल्प-परास (short range) तार-रहित संचार का मानक है। इसका पूरा उद्देश्य एक वाक्य में यही है — पास-पास रखे उपकरणों के बीच की तार को हटा देना। फ़ोन और हेडफ़ोन, लैपटॉप और माउस, फ़ोन और कार का ऑडियो सिस्टम, फ़ोन और स्मार्ट घड़ी — इन सबका जुड़ाव ब्लूटूथ से होता है, और यही विकल्प (c) कहता है।
तकनीकी रूप से ब्लूटूथ 2·4 GHz के ISM बैंड में रेडियो तरंगों पर चलता है, जो अनुज्ञप्ति-मुक्त बैंड है और इसीलिए विश्व भर में एक जैसे उपकरण काम करते हैं। इसी बैंड में और भी बहुत कुछ चलता है, इसलिए व्यवधान से बचने के लिए ब्लूटूथ आवृत्ति-प्लवन (frequency hopping) करता है, यानी संचार के दौरान बार-बार आवृत्ति बदलता रहता है। दो या अधिक ब्लूटूथ उपकरण मिलकर जो छोटा-सा जाल बनाते हैं उसे पिकोनेट कहते हैं, जिसमें एक उपकरण मास्टर होता है और शेष स्लेव।
परास इस प्रश्न की कुंजी है। साधारण उपकरणों — फ़ोन, हेडफ़ोन, माउस — की परास लगभग 10 मीटर होती है; अधिक शक्ति वाले वर्ग के उपकरण लगभग 100 मीटर तक जा सकते हैं। यह दूरी उसी उद्देश्य के अनुरूप है: एक कमरे के भीतर, एक व्यक्ति के आसपास का जाल, जिसे व्यक्तिगत क्षेत्र नेटवर्क (Personal Area Network) कहा जाता है। साथ ही ध्यान रखिए कि ब्लूटूथ अपने आप इंटरनेट नहीं देता — वह केवल दो निकटवर्ती उपकरणों के बीच की कड़ी है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)10 km की सीमा में फाइल को भेजने का — यह विकल्प काम तो ठीक बताता है — फ़ाइल भेजना ब्लूटूथ से होता ही है — पर दूरी सौ गुना से भी अधिक बढ़ा देता है। ब्लूटूथ की सामान्य परास लगभग 10 मीटर है, और अधिक शक्ति वाले वर्ग में लगभग 100 मीटर; 10 km इस मानक की क्षमता से बहुत परे है। इतनी दूरी मोबाइल नेटवर्क के टावर अथवा अन्य दीर्घ-परास तकनीकों की है। परीक्षा में यह जाल बार-बार आता है: सही क्रिया के साथ ग़लत इकाई जोड़ देना — मीटर के स्थान पर किलोमीटर।
- (b)ई-मेल भेजने का — ई-मेल भेजने के लिए संदेश को मेल सर्वर तक पहुँचाना पड़ता है, और वह सर्वर इंटरनेट पर होता है; इस काम के लिए SMTP जैसे प्रोटोकॉल और इंटरनेट संपर्क चाहिए। ब्लूटूथ इनमें से कुछ नहीं देता — वह केवल पास खड़े दो उपकरणों के बीच की स्थानीय कड़ी है। अधिक से अधिक इतना होता है कि कोई फ़ोन ब्लूटूथ के रास्ते अपना इंटरनेट संपर्क दूसरे उपकरण से साझा कर दे, पर तब भी ई-मेल का काम इंटरनेट संपर्क कर रहा होता है, ब्लूटूथ नहीं।
- (d)इन्टरनेट से चलचित्र डाउनलोड करने का — इंटरनेट से चलचित्र उतारने के लिए दो चीज़ें चाहिए — इंटरनेट तक पहुँच और अधिक चौड़ाई वाला बैंड। ब्लूटूथ इंटरनेट तक पहुँच का साधन नहीं है, और उसकी आँकड़ा-दर Wi-Fi अथवा मोबाइल ब्रॉडबैंड की तुलना में बहुत कम है, क्योंकि उसकी रचना ही कम शक्ति और कम दूरी के लिए हुई है। बड़ी फ़ाइल के लिए यह तकनीक न बनी है, न उपयुक्त है।
अवधारणा
तार-रहित तकनीकों को उनकी परास तथा उद्देश्य से पहचानिए। NFC कुछ सेंटीमीटर की है और भुगतान अथवा टैग पढ़ने के काम आती है। ब्लूटूथ लगभग 10 मीटर की है और व्यक्तिगत क्षेत्र नेटवर्क बनाती है — उपकरणों को आपस में जोड़ने के लिए। Wi-Fi कुछ दसियों मीटर की है और स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क तथा इंटरनेट-पहुँच देती है। मोबाइल नेटवर्क कई किलोमीटर तक फैला है और व्यापक क्षेत्र नेटवर्क बनाता है। इस सीढ़ी के याद रहते ही परास वाले सारे विकल्प अपने आप छँट जाते हैं।
कंप्यूटर तथा दूरसंचार खंड में ब्लूटूथ पर प्रश्न प्रायः दो सिरों से आते हैं — 'यह क्या करती है' और 'इसकी परास कितनी है'। यह प्रश्न दोनों को एक साथ जाँचता है, क्योंकि विकल्प (a) काम सही बताकर दूरी ग़लत कर देता है और (b) तथा (d) उस काम को गिनाते हैं जो इंटरनेट का है। नाम की पृष्ठभूमि भी परीक्षा में पूछी जा चुकी है: यह मानक डेनमार्क के एक राजा के उपनाम पर रखा गया, और इसका चिह्न भी उसी नाम के प्राचीन अक्षरों को जोड़कर बना है।
मुख्य तथ्य
- ब्लूटूथ अल्प-परास तार-रहित संचार का मानक है, जो पास रखे उपकरणों को आपस में जोड़ता है।
- यह 2·4 GHz के अनुज्ञप्ति-मुक्त ISM बैंड में रेडियो तरंगों पर काम करता है।
- साधारण उपकरणों की परास लगभग 10 मीटर और अधिक शक्ति वाले वर्ग की लगभग 100 मीटर होती है।
- व्यवधान से बचने के लिए यह आवृत्ति-प्लवन (frequency hopping) का प्रयोग करता है।
- ब्लूटूथ से बना छोटा जाल पिकोनेट कहलाता है, जिसमें एक मास्टर और शेष स्लेव उपकरण होते हैं।
- ब्लूटूथ व्यक्तिगत क्षेत्र नेटवर्क (PAN) की श्रेणी में आता है।
- यह स्वयं इंटरनेट संपर्क नहीं देता; उसके लिए Wi-Fi अथवा मोबाइल नेटवर्क चाहिए।
- इसकी रचना कम शक्ति-खपत के लिए हुई है, इसलिए बड़ी फ़ाइलों के तीव्र स्थानांतरण के लिए यह उपयुक्त नहीं है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- परास की इकाई पर ध्यान न देना — मीटर के स्थान पर किलोमीटर पढ़ जाना।
- ब्लूटूथ को इंटरनेट-पहुँच का साधन मान लेना।
- ब्लूटूथ और Wi-Fi को एक जैसा मान लेना; दोनों की परास, गति और उद्देश्य भिन्न हैं।
- यह मान लेना कि ब्लूटूथ केवल फ़ाइल भेजने के लिए है; ध्वनि, नियंत्रण और संवेदक-आँकड़े भी इसी से चलते हैं।
- फ़ोन द्वारा इंटरनेट साझा करने को ब्लूटूथ का अपना गुण समझ लेना।
इस विषय पर प्रश्न तीन रूपों में आते हैं — काम पूछना ('ब्लूटूथ किसके लिए है'), परास पूछना ('इसकी सामान्य परास कितनी है'), और आवृत्ति पूछना ('यह किस बैंड में काम करता है')। कभी-कभी उलटी दिशा से भी पूछा जाता है: कोई काम बताकर उपयुक्त तकनीक चुनवाना। सबसे उपयोगी तैयारी यही है कि परास-सीढ़ी एक बार बना ली जाए — सेंटीमीटर, मीटर, दसियों मीटर, किलोमीटर — और हर पायदान पर एक तकनीक और उसका सामान्य उपयोग लिख लिया जाए। इसी प्रश्नपत्र में तार-रहित संचार पर एक और प्रश्न है, जिसमें WAP का पूर्ण रूप पूछा गया है।
संबंधित PYQ
EPFO_APFC_2016_Q81LAN, WAN and MAN are computer networks covering different areas. Their first alphabets L, W and M respectively stand for
- (a) Local, World and Middle
- (b) Long, Wireless and Metropolitan
- (c) Local, Wide and Metropolitan
- (d) Least, Wireless and Maximum
उत्तर(c) Local, Wide and Metropolitan
EPFO APFC 2016 — LAN, WAN और MAN भिन्न-भिन्न क्षेत्रों को समेटते हैं, उनके पहले अक्षर क्या दर्शाते हैं; परास के आधार पर नेटवर्क पहचानने का वही आधार।
EPFO_EOAO_2017_Q102खोलें व हल करें →WAP stands for
- (a) Wireless Addition Protocol
- (b) Wireless Automation Protocol
- (c) Wireless Adaption Protocol
- (d) Wireless Application Protocol
उत्तर(d) Wireless Application Protocol
इसी प्रश्नपत्र का प्रश्न — WAP का पूर्ण रूप; तार-रहित संचार के मानकों पर दूसरा प्रश्न।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
ब्लूटूथ मुख्यतः किस आवृत्ति बैंड में कार्य करता है?
- (a)900 MHz
- (b)2·4 GHz
- (c)11 GHz
- (d)30 GHz
उत्तर(b) 2·4 GHz
- practice — not a real PYQ
ब्लूटूथ से बने छोटे तदर्थ जाल को क्या कहते हैं?
- (a)पिकोनेट
- (b)इंट्रानेट
- (c)एक्स्ट्रानेट
- (d)बैकबोन
उत्तर(a) पिकोनेट