15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बारे में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. मूलभूत (निर्बंध) अनुदानों का उपयोग भारत के संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में प्रतिष्ठापित 29 विषयों के अंतर्गत स्थान-विशेष की आवश्यकताओं से संबंधित ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा वेतन और अन्य स्थापना लागतों के अतिरिक्त किया जा सकता है। 2. बंध अनुदानों का उपयोग स्वच्छता और ओ० डी० एफ० दर्जा बरकरार रखने, घरेलू अपशिष्ट पदार्थों और मल-मूत्र का प्रबंधन तथा उपचार करने की मूलभूत सेवाओं के लिए किया जा सकता है। 3. प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं में नैदानिक अवसंरचना तैयार करने के लिए ‘स्वास्थ्य अनुदानों’ की सिफारिश की गई है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2 और 3
- (c)केवल 1 और 3
- (d)1, 2 और 3
सही उत्तर — D, (d) 1, 2 और 3 — तीनों कथन 15वें वित्त आयोग की सिफ़ारिशों का ठीक-ठीक वर्णन करते हैं। पहले पूछ को ध्यान से पढ़िए, क्योंकि यहाँ एक भ्रम की गुंजाइश है। पूछ सकारात्मक है — ‘कौन-सा/से कथन सही है/हैं’ — और कथन 1 के भीतर जो ‘को छोड़कर’ आता है वह पूछ का हिस्सा नहीं है; वह अनुदान की शर्त बता रहा है, अर्थात् यह कि उस पैसे से क्या नहीं किया जा सकता। इसलिए इसे नकारात्मक प्रश्न समझकर उलटा उत्तर ढूँढ़ने की भूल नहीं करनी चाहिए। कथन 1 — मूलभूत या निर्बंध अनुदान। यह ठीक है। आयोग ने ग्रामीण स्थानीय निकायों को मिलने वाले अनुदान को दो बराबर हिस्सों में बाँटा : आधा निर्बंध और आधा बंध। निर्बंध हिस्सा इसीलिए निर्बंध कहलाता है कि उसका उपयोग निकाय अपनी स्थान-विशेष की ज़रूरतों के अनुसार, ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषयों के दायरे में, स्वयं तय करके कर सकता है। साथ में एक ही रोक लगाई गई — उससे वेतन और अन्य स्थापना लागतें नहीं चुकाई जा सकतीं। यह रोक इसलिए है कि अनुदान का पैसा नई सेवाओं और परिसंपत्तियों में जाए, न कि पहले से चल रहे कार्यालय-खर्च में घुल जाए। कथन में यही बात, इसी शर्त के साथ, लिखी है। कथन 2 — बंध अनुदान। यह भी ठीक है। बंध हिस्सा दो मूलभूत सेवाओं के लिए बाँधा गया है : पहली, स्वच्छता तथा खुले में शौच से मुक्त दर्जे को बनाए रखना, जिसमें घरेलू अपशिष्ट और मानव मल-मूत्र तथा मल-कीचड़ का प्रबंधन एवं उपचार विशेष रूप से शामिल है; और दूसरी, पेयजल, वर्षा जल संचयन तथा जल पुनर्चक्रण। कथन इनमें से पहली सेवा का वर्णन कर रहा है, और वह वर्णन ठीक वैसा ही है जैसा आयोग की भाषा में है। कथन 3 — स्वास्थ्य अनुदान। यह भी ठीक है। 15वें वित्त आयोग ने स्थानीय शासन के रास्ते दिए जाने वाले अलग स्वास्थ्य अनुदानों की सिफ़ारिश की, और उनके घटकों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए नैदानिक अवसंरचना खड़ी करना स्पष्ट रूप से शामिल है। यह सिफ़ारिश अपने आप में उल्लेखनीय है, क्योंकि इससे पहले स्वास्थ्य को इस तरह स्थानीय निकायों के रास्ते धन देने का ढाँचा नहीं था। तीनों कथन सही होने से उत्तर विकल्प (d) है। पृष्ठभूमि के लिए इतना और जान लीजिए : 15वें वित्त आयोग की अध्यक्षता एन० के० सिंह ने की, उसका प्रतिवेदन 2021–26 की पाँच वर्ष की अवधि के लिए है, और उसने केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत सिफ़ारिश किया।
- (a)केवल 1 — यह विकल्प केवल पहले कथन को सही मानता है और शेष दोनों को छोड़ देता है। पहले कथन को स्वीकार करना ठीक है, पर दोनों अस्वीकृतियाँ ग़लत हैं। बंध अनुदान वाला कथन इसीलिए संदेहास्पद लगता है कि उसमें ‘मल-मूत्र का प्रबंधन तथा उपचार’ जैसा बहुत ठोस और तकनीकी वर्णन है, और अभ्यर्थी को लगता है कि किसी वित्त आयोग के प्रतिवेदन की भाषा इतनी विशिष्ट नहीं होगी; पर यहाँ वह ठीक इतनी ही विशिष्ट है, क्योंकि बंध अनुदान का पूरा प्रयोजन ही यह है कि पैसा किसी और मद में न बहे। स्वास्थ्य अनुदान वाला कथन इसलिए संदेहास्पद लगता है कि स्वास्थ्य को प्रायः राज्य का विषय मानकर वित्त आयोग से नहीं जोड़ा जाता; पर 15वें आयोग की एक बड़ी नई बात ही यह थी कि उसने स्थानीय शासन के रास्ते स्वास्थ्य के लिए अलग अनुदान सुझाए। इसलिए दोनों अस्वीकृतियाँ जानकारी की कमी से आती हैं, किसी तर्क से नहीं।
- (b)केवल 2 और 3 — यह विकल्प कथन 1 को छोड़ देता है, और वही इस प्रश्न की सबसे दिलचस्प चूक है। कथन 1 इसलिए ग़लत लगने लगता है कि उसमें ‘को छोड़कर’ आता है, और अपवाद वाला कोई भी वाक्य पढ़ते ही अभ्यर्थी को लगता है कि यहीं कहीं जाल बिछा है। पर यहाँ अपवाद जाल नहीं, सिफ़ारिश का ही हिस्सा है : आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा था कि निर्बंध अनुदान से वेतन और अन्य स्थापना लागतें नहीं चुकाई जाएँगी। इस शर्त का कारण भी सीधा है — यदि यह रोक न होती तो अनेक निकाय पूरा अनुदान पहले से चल रहे कार्यालय-खर्च में लगा देते और नई सेवा या परिसंपत्ति कहीं नहीं बनती। सीख यह है कि किसी कथन में अपवाद-खंड होना अपने आप उसे ग़लत नहीं बनाता; देखना यह है कि वह अपवाद मूल दस्तावेज़ में है या नहीं। यहाँ वह है, इसलिए कथन पूरा-का-पूरा सही है।
- (c)केवल 1 और 3 — यह विकल्प कथन 2 को छोड़ देता है, अर्थात् बंध अनुदान वाले वर्णन को। जिन दो मूलभूत सेवाओं के लिए बंध अनुदान बाँधा गया है वे हैं — स्वच्छता तथा खुले में शौच से मुक्त दर्जे को बनाए रखना, जिसमें घरेलू अपशिष्ट और मानव मल-मूत्र का प्रबंधन एवं उपचार सम्मिलित है; और पेयजल, वर्षा जल संचयन तथा जल पुनर्चक्रण। कथन 2 इनमें से पहली सेवा का ही वर्णन है, इसलिए वह सही है। इसे छोड़ने वाला अभ्यर्थी प्रायः यह सोचता है कि कथन अधूरा है, क्योंकि उसमें पेयजल का नाम नहीं आया; पर कथन यह कहीं नहीं कहता कि बंध अनुदान केवल इसी सेवा के लिए है। यह भेद कथन-आधारित प्रश्नों में बार-बार काम आता है : कोई कथन तब ग़लत होता है जब वह कुछ असत्य कहे, न कि तब जब वह कुछ और भी सत्य कहने से रह जाए। ‘केवल’, ‘सभी’ या ‘एकमात्र’ जैसे शब्द हों तभी अधूरापन दोष बनता है।
वित्त आयोग अनुच्छेद 280 के अधीन राष्ट्रपति द्वारा हर पाँचवें वर्ष या उससे पहले गठित किया जाता है और उसका मूल काम यह सिफ़ारिश करना है कि संघ और राज्यों के बीच करों का बँटवारा कैसे हो, राज्यों को सहायता-अनुदान किन सिद्धांतों पर मिले, और राज्य के वित्त आयोग की सिफ़ारिशों के आधार पर पंचायतों तथा नगरपालिकाओं के संसाधन बढ़ाने के लिए राज्य की संचित निधि को कैसे पूरित किया जाए। यह अंतिम काम 73वें तथा 74वें संविधान संशोधनों के बाद अनुच्छेद 280(3) में जोड़े गए खंडों से आता है, और यही वह रास्ता है जिससे केंद्रीय वित्त आयोग स्थानीय निकायों तक पहुँचता है। 15वें वित्त आयोग की अध्यक्षता एन० के० सिंह ने की और उसका प्रतिवेदन 2021–26 की अवधि के लिए है; उसने विभाज्य पूल में राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत सिफ़ारिश किया। स्थानीय निकायों के लिए उसने अनुदान को दो हिस्सों में बाँटा — निर्बंध, जिसे निकाय अपनी स्थानीय ज़रूरत के अनुसार ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषयों के दायरे में खर्च कर सकता है पर वेतन तथा स्थापना लागतों पर नहीं; और बंध, जो दो मूलभूत सेवाओं से बँधा है — स्वच्छता तथा खुले में शौच से मुक्त दर्जे का बना रहना, और पेयजल, वर्षा जल संचयन तथा जल पुनर्चक्रण। इनके अतिरिक्त उसने स्थानीय शासन के रास्ते स्वास्थ्य अनुदानों की भी सिफ़ारिश की, जिनमें प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं की नैदानिक अवसंरचना, उप-केंद्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन, और शहरी स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र सम्मिलित हैं।
कथन-आधारित प्रश्नों में तीनों कथन सही निकलना उतना दुर्लभ नहीं है जितना अभ्यर्थी मान लेता है, और यही इस प्रश्न की पहली सीख है : ‘सब सही’ वाला विकल्प केवल इसलिए संदेहास्पद नहीं है कि वह सुविधाजनक लगता है। दूसरी सीख अपवाद-खंड की है। किसी कथन में ‘को छोड़कर’ या ‘के अतिरिक्त’ पढ़ते ही ऐसा लगता है कि वहीं भूल छिपाई गई होगी, जबकि यहाँ अपवाद स्वयं सिफ़ारिश का अंग है और उसे हटा देने पर कथन ग़लत हो जाता। तीसरी सीख अधूरेपन की है : कथन 2 बंध अनुदान की केवल एक सेवा का उल्लेख करता है और दूसरी को छोड़ देता है, फिर भी वह सही है, क्योंकि वह कहीं यह दावा नहीं करता कि बंध अनुदान केवल इसी के लिए है। कथन तब ग़लत होता है जब वह कुछ असत्य कहे, न कि तब जब वह कुछ और भी सत्य कहने से रह जाए — और यह पहचान तब बदल जाती है जब कथन में ‘केवल’, ‘सभी’ या ‘एकमात्र’ जैसा कोई सीमांकक शब्द आ जाए। इस प्रश्नपत्र में वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, स्थानीय निकाय और स्वास्थ्य व्यय पर कई प्रश्न साथ-साथ हैं, इसलिए 15वें आयोग की मुख्य सिफ़ारिशों की एक पन्ने की सूची बना लेना कई अंकों का काम कर देता है।
- 15वें वित्त आयोग की अध्यक्षता एन० के० सिंह ने की और उसका प्रतिवेदन 2021–26 की पाँच वर्ष की अवधि के लिए है; उसने केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत सिफ़ारिश किया।
- ग्रामीण स्थानीय निकायों के अनुदान दो बराबर हिस्सों में बाँटे गए — निर्बंध (मूलभूत) और बंध।
- निर्बंध अनुदान का उपयोग निकाय ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषयों के दायरे में अपनी स्थान-विशेष की ज़रूरतों के लिए कर सकते हैं, किंतु उससे वेतन तथा अन्य स्थापना लागतें नहीं चुकाई जा सकतीं।
- बंध अनुदान दो मूलभूत सेवाओं से बँधा है : स्वच्छता तथा खुले में शौच से मुक्त दर्जे को बनाए रखना, जिसमें घरेलू अपशिष्ट और मानव मल-मूत्र तथा मल-कीचड़ का प्रबंधन एवं उपचार शामिल है; और पेयजल, वर्षा जल संचयन तथा जल पुनर्चक्रण।
- आयोग ने स्थानीय शासन के रास्ते अलग स्वास्थ्य अनुदानों की सिफ़ारिश की, जिनके घटकों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए नैदानिक अवसंरचना खड़ी करना स्पष्ट रूप से शामिल है।
- वित्त आयोग का स्थानीय निकायों तक पहुँचने का रास्ता अनुच्छेद 280(3) के उन खंडों से बनता है जो 73वें तथा 74वें संविधान संशोधनों के बाद जोड़े गए थे।
- कथन 1 में आया ‘को छोड़कर’ प्रश्न की पूछ को नकारात्मक नहीं बनाता — वह अनुदान की शर्त है, और वह शर्त स्वयं आयोग की सिफ़ारिश का हिस्सा है।
- कथन 1 के ‘को छोड़कर’ को प्रश्न की नकारात्मक पूछ समझ लेना; वह अनुदान की शर्त है और पूछ सकारात्मक है।
- किसी कथन को केवल इसलिए ग़लत मान लेना कि उसमें अपवाद-खंड है; अपवाद यहाँ स्वयं सिफ़ारिश का अंग है।
- कथन 2 को अधूरा मानकर छोड़ देना; बंध अनुदान की दूसरी सेवा का उल्लेख न होना उसे असत्य नहीं बनाता, क्योंकि कथन में ‘केवल’ जैसा कोई सीमांकक शब्द नहीं है।
- स्वास्थ्य को वित्त आयोग के दायरे से बाहर मान लेना; 15वें आयोग ने स्थानीय शासन के रास्ते अलग स्वास्थ्य अनुदान सुझाए थे।
- ‘सब सही’ वाले विकल्प से बचना; कथन-आधारित प्रश्नों में वह उतना ही संभव उत्तर है जितना कोई और।
वित्त आयोग इस प्रश्नपत्र के अर्थव्यवस्था तथा राजव्यवस्था खंडों की साझा सामग्री है और वहाँ से प्रश्न तीन रूपों में आते हैं। पहला रूप यही कथन-आधारित है, जिसमें किसी आयोग की सिफ़ारिशों पर दो-तीन कथन रखकर कूट माँगा जाता है और एक कथन प्रायः शर्त या संख्या बदलकर परखा जाता है। दूसरा रूप सीधा तथ्यात्मक है : अध्यक्ष कौन थे, अवधि क्या है, विभाज्य पूल में राज्यों का हिस्सा कितना सिफ़ारिश किया गया, अनुदान कितने प्रकार के हैं। तीसरा रूप सांविधानिक है — कौन-सा अनुच्छेद वित्त आयोग से संबंधित है, वह किसे सिफ़ारिश करता है, उसकी सिफ़ारिशें बाध्यकारी हैं या नहीं। तीनों की तैयारी के लिए एक पन्ना पर्याप्त है जिसमें 15वें आयोग की मुख्य सिफ़ारिशें बिंदुवार लिखी हों — हिस्सा, अनुदानों के प्रकार, बंध अनुदान की दोनों सेवाएँ, स्वास्थ्य अनुदान — और उसके नीचे अनुच्छेद 280 तथा 243-I का एक-एक वाक्य।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
15वें वित्त आयोग ने 2021–26 की अवधि के लिए केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में राज्यों का हिस्सा कितना सिफ़ारिश किया?
- (a)32 प्रतिशत
- (b)41 प्रतिशत
- (c)42 प्रतिशत
- (d)50 प्रतिशत
उत्तर(b) 41 प्रतिशत — 14वें वित्त आयोग ने यह हिस्सा 42 प्रतिशत सिफ़ारिश किया था, और 15वें आयोग ने उसे 41 प्रतिशत रखा।
- practice — not a real PYQ
15वें वित्त आयोग की सिफ़ारिशों के अनुसार ग्रामीण स्थानीय निकायों को मिलने वाले बंध अनुदान मुख्यतः किन दो मूलभूत सेवाओं के लिए हैं?
- (a)शिक्षा तथा पोषण
- (b)स्वच्छता तथा पेयजल
- (c)ग्रामीण सड़कें तथा विद्युतीकरण
- (d)कृषि विस्तार तथा सिंचाई
उत्तर(b) स्वच्छता तथा पेयजल — बंध अनुदान का एक हिस्सा स्वच्छता तथा खुले में शौच से मुक्त दर्जे को बनाए रखने के लिए है, जिसमें घरेलू अपशिष्ट और मानव मल-मूत्र का प्रबंधन शामिल है, और दूसरा हिस्सा पेयजल, वर्षा जल संचयन तथा जल पुनर्चक्रण के लिए।