मान लीजिए कि a, b > 0 है। यदि समीकरण x² + ax + b = 0 के वास्तविक मूल नामतः α और β हों, तो निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
- (a)α, β > 0
- (b)यदि α > 0, तो β < 0
- (c)α, β < 0
- (d)−1 < α/β < 1
सही उत्तर — C, (c) α, β < 0। पूरा प्रश्न मूलों के योग और गुणनफल के दो सूत्रों से हल हो जाता है और उसमें मूल निकालने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। समीकरण x² + ax + b = 0 में मूलों का योग α + β = −a होता है और गुणनफल αβ = b। दिया है कि a > 0 और b > 0। इसलिए योग −a ऋणात्मक हुआ और गुणनफल b धनात्मक। अब दो चरणों में निष्कर्ष निकालिए। पहला, गुणनफल धनात्मक है, इसलिए दोनों मूलों का चिह्न एक ही होगा — या तो दोनों धनात्मक या दोनों ऋणात्मक; विपरीत चिह्न वाली स्थिति यहाँ बन ही नहीं सकती, क्योंकि तब गुणनफल ऋणात्मक होता। दूसरा, योग ऋणात्मक है, इसलिए दोनों धनात्मक नहीं हो सकते। दोनों बातें मिलाकर एक ही निष्कर्ष बचता है : दोनों मूल ऋणात्मक हैं, अर्थात् α, β < 0। प्रश्न में 'वास्तविक मूल' की शर्त भी दी गई है, और वह आवश्यक है — उसके बिना मूल सम्मिश्र हो सकते थे और चिह्न की बात ही निरर्थक हो जाती। वास्तविक मूल होने के लिए विविक्तकर a² − 4b ऋणेतर होना चाहिए, और प्रश्न यह मानकर चलता है कि ऐसा है। एक उदाहरण से पूरी बात पुष्ट हो जाती है। a = 5 और b = 4 लीजिए, दोनों धनात्मक। समीकरण x² + 5x + 4 = 0 के मूल −1 और −4 हैं — दोनों ऋणात्मक, योग −5 और गुणनफल 4, ठीक सूत्रों के अनुसार। समान मूलों की दशा भी देख लीजिए : a = 4, b = 4 पर समीकरण x² + 4x + 4 = 0 बनता है, जिसका दोहरा मूल −2 है, फिर भी ऋणात्मक। याद रखने योग्य सामान्य नियम यही है : x² + ax + b = 0 में वास्तविक मूल होने पर b > 0 के साथ a > 0 का अर्थ है दोनों मूल ऋणात्मक, और b > 0 के साथ a < 0 का अर्थ है दोनों धनात्मक; जबकि b < 0 होने पर मूलों के चिह्न विपरीत होते हैं।
- (a)α, β > 0 — यह विकल्प केवल गुणनफल देखकर बनता है और योग की उपेक्षा कर देता है। गुणनफल αβ = b धनात्मक है, इसलिए इतना तो निश्चित है कि दोनों मूलों का चिह्न एक ही होगा — पर कौन-सा, यह गुणनफल से तय नहीं होता। वह योग से तय होता है, और योग α + β = −a यहाँ ऋणात्मक है, क्योंकि a धनात्मक दिया गया है। दो धनात्मक संख्याओं का योग कभी ऋणात्मक नहीं हो सकता, इसलिए यह विकल्प असंभव है। उदाहरण से भी यही दिखता है : a = 5, b = 4 पर मूल −1 और −4 हैं, दोनों ऋणात्मक। यह विकल्प उसी अभ्यर्थी को पकड़ता है जो चिह्न की जाँच आधी करके छोड़ देता है — गुणनफल देख लेता है और योग नहीं देखता।
- (b)यदि α > 0, तो β < 0 — आयोग की कुंजी इस विकल्प को नहीं लेती, और इसका कारण समझ लेना इस प्रश्न की सबसे उपयोगी सीख है। यह कथन जिस स्थिति की बात करता है, वह दी हुई शर्तों में उत्पन्न ही नहीं होती : a > 0 होने से योग ऋणात्मक है और b > 0 होने से गुणनफल धनात्मक, इसलिए कोई भी मूल धनात्मक हो ही नहीं सकता। इसके अतिरिक्त, जो स्थिति यह वर्णित करता है — एक मूल धनात्मक और दूसरा ऋणात्मक — वह तभी बनती है जब गुणनफल ऋणात्मक हो, अर्थात् b < 0 हो, जो यहाँ दिया ही नहीं गया है। अतः यह कथन इस समीकरण के मूलों के बारे में कुछ भी सकारात्मक नहीं बताता; उसकी पूर्व-शर्त कभी पूरी नहीं होती। कुंजी उस विकल्प को लेती है जो मूलों के बारे में सीधा और सत्यापन योग्य कथन करता है, अर्थात् दोनों ऋणात्मक हैं।
- (d)−1 < α/β < 1 — यह कथन साधारण प्रति-उदाहरण से गिर जाता है। चूँकि दोनों मूल ऋणात्मक हैं, उनका अनुपात सदैव धनात्मक रहेगा, इसलिए ऋणात्मक ओर की सीमा तो निरर्थक है ही; असली प्रश्न यह है कि अनुपात 1 से छोटा ही रहेगा या नहीं। a = 5, b = 4 लीजिए, जिसके मूल −1 और −4 हैं। यदि α = −4 और β = −1 मान लें तो α/β = 4 निकलता है, जो 1 से बड़ा है और कथन को असत्य कर देता है। ध्यान दीजिए कि किस मूल को α कहा जाए और किसे β, यह प्रश्न तय नहीं करता, इसलिए ऐसा कोई कथन सही नहीं हो सकता जो नामकरण पर निर्भर करता हो। समान मूलों की दशा में अनुपात ठीक 1 आता है, जो दी गई कड़ी असमिका को फिर भी पूरा नहीं करता।
द्विघात समीकरण के मूलों के चिह्न पहचानने के लिए मूल निकालने की आवश्यकता नहीं होती; योग और गुणनफल के सूत्र पर्याप्त हैं। ax² + bx + c = 0 में मूलों का योग −b/a और गुणनफल c/a होता है; जब अग्र गुणांक 1 हो, जैसे x² + ax + b = 0 में, तो योग सीधे −a और गुणनफल सीधे b हो जाता है। इससे तीन नियम निकलते हैं, जिन्हें एक साथ याद रखना चाहिए। यदि गुणनफल धनात्मक है तो दोनों मूलों का चिह्न समान होगा, और तब योग का चिह्न बता देगा कि वे दोनों धनात्मक हैं या दोनों ऋणात्मक। यदि गुणनफल ऋणात्मक है तो मूलों के चिह्न विपरीत होंगे, और तब योग का चिह्न बताता है कि बड़ा परिमाण किस चिह्न वाले मूल का है। और यदि गुणनफल शून्य है तो एक मूल शून्य होगा। इन सबके ऊपर विविक्तकर की शर्त है : वास्तविक मूल तभी होंगे जब a² − 4b ऋणेतर हो, और मूल समान तभी होंगे जब वह शून्य हो।
इस प्रश्न की रचना पर ध्यान देना उपयोगी है, क्योंकि उसमें चारों विकल्प एक ही विषय के अलग-अलग रूप हैं। एक विकल्प केवल गुणनफल देखने की भूल को पकड़ता है, एक ऐसी स्थिति का वर्णन करता है जो दी हुई शर्तों में बनती ही नहीं, एक अनुपात की असमिका रखता है जो मूलों के नामकरण पर निर्भर करती है, और एक सीधा सही उत्तर है। ऐसे प्रश्नों में सबसे सुरक्षित रीति यह है कि पहले शर्तों से जो निश्चित निष्कर्ष निकलता है उसे स्वयं लिख लिया जाए — यहाँ 'योग ऋणात्मक, गुणनफल धनात्मक, अतः दोनों मूल ऋणात्मक' — और उसके बाद विकल्पों को उससे मिलाया जाए। जो अभ्यर्थी पहले विकल्प पढ़ता है और फिर सोचना शुरू करता है, वह प्रायः असमिका वाले विकल्प में उलझ जाता है। छपाई की बात : समीकरण में घात 2 उपरिलेख के रूप में छपी है, a, b और x तिरछे अक्षरों में हैं, और विकल्प (d) में α/β ऊपर-नीचे लिखी भिन्न के रूप में छपा है।
- x² + ax + b = 0 में मूलों का योग α + β = −a और गुणनफल αβ = b होता है; a > 0 तथा b > 0 दिए जाने पर योग ऋणात्मक और गुणनफल धनात्मक हो जाता है।
- गुणनफल धनात्मक होने का अर्थ है दोनों मूलों का चिह्न समान, और योग ऋणात्मक होने का अर्थ है कि वे दोनों ऋणात्मक हैं — यही निष्कर्ष विकल्प (c) है।
- b > 0 के साथ a < 0 होने पर दोनों मूल धनात्मक होते हैं, और b < 0 होने पर मूलों के चिह्न विपरीत होते हैं — यह तीन-पंक्ति का नियम पूरे परिवार को हल कर देता है।
- वास्तविक मूल होने के लिए विविक्तकर a² − 4b ऋणेतर होना चाहिए; वह शून्य हो तो दोनों मूल समान होते हैं।
- उदाहरण : a = 5, b = 4 पर समीकरण x² + 5x + 4 = 0 के मूल −1 और −4 हैं; a = 4, b = 4 पर दोहरा मूल −2 है — दोनों दशाओं में मूल ऋणात्मक हैं।
- मूलों के अनुपात पर बनी कोई असमिका सामान्यतः सही नहीं हो सकती, क्योंकि किस मूल को α कहा जाए यह प्रश्न तय नहीं करता; उपर्युक्त उदाहरण में अनुपात 1/4 भी है और 4 भी।
- केवल गुणनफल देखकर चिह्न तय कर देना; गुणनफल केवल यह बताता है कि चिह्न समान है या नहीं, कौन-सा चिह्न है यह योग से तय होता है।
- ऐसे कथन को उत्तर मान लेना जिसकी पूर्व-शर्त दी हुई परिस्थिति में कभी पूरी नहीं होती; यहाँ कोई मूल धनात्मक हो ही नहीं सकता।
- मूलों के अनुपात पर बनी असमिका को स्वीकार कर लेना; α और β का नामकरण मनमाना है, इसलिए अनुपात 1 से बड़ा भी हो सकता है।
- वास्तविक मूल की शर्त को अनदेखा करना; विविक्तकर ऋणात्मक होने पर चिह्न की चर्चा का कोई अर्थ नहीं रह जाता।
द्विघात समीकरण इस परीक्षा के संख्यात्मक खंड का नियमित विषय है और उससे प्रश्न प्रायः तीन रूपों में आते हैं : मूलों की प्रकृति पर, मूलों के योग-गुणनफल से बने व्यंजकों पर, और मूलों के चिह्न या स्थिति पर। तीसरा रूप, जो यहाँ आया है, सबसे कम गणना माँगता है और सबसे अधिक सतर्कता। ऐसे प्रश्नों की तैयारी के लिए तीन पंक्तियों का नियम याद कर लेना पर्याप्त है — गुणनफल का चिह्न बताता है कि मूलों के चिह्न समान हैं या नहीं, योग का चिह्न बताता है कि समान होने पर कौन-सा चिह्न है, और विविक्तकर बताता है कि मूल वास्तविक हैं या नहीं। इसके साथ एक अभ्यास और जोड़िए : हर सामान्य कथन को किसी एक छोटे उदाहरण पर परख लीजिए। इस प्रश्न में a = 5, b = 4 वाला उदाहरण सही विकल्प की पुष्टि भी करता है और असमिका वाले विकल्प को गिरा भी देता है।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
यदि समीकरण x² + ax + b = 0 के मूल वास्तविक हों तथा a < 0 और b > 0 हो, तो मूलों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
- (a)दोनों मूल धनात्मक होंगे
- (b)दोनों मूल ऋणात्मक होंगे
- (c)मूलों के चिह्न विपरीत होंगे
- (d)एक मूल शून्य होगा
उत्तर(a) दोनों मूल धनात्मक होंगे — मूलों का गुणनफल b धनात्मक है, इसलिए चिह्न समान होंगे; और योग −a धनात्मक है, इसलिए दोनों धनात्मक होंगे।
- practice — not a real PYQ
समीकरण x² + ax + b = 0, जिसमें a और b वास्तविक हैं, के मूल विपरीत चिह्न वाले होने के लिए आवश्यक और पर्याप्त शर्त क्या है?
- (a)b < 0
- (b)b > 0
- (c)a < 0
- (d)a > 0
उत्तर(a) b < 0 — मूलों का गुणनफल b है, और गुणनफल ऋणात्मक होना ही विपरीत चिह्नों की शर्त है; इस दशा में विविक्तकर a² − 4b स्वयं धनात्मक हो जाता है, इसलिए मूल वास्तविक भी रहते हैं।