P, Q, R, S, T, U, V और W एक पंक्ति में उत्तर की ओर मुँह किए बैठे हैं। P और S पड़ोसी हैं; Q और U दोनों का पड़ोसी W है; R और V का पड़ोसी T है। यदि P और V के बीच चार व्यक्ति हैं, तो P और R के बीच कितने व्यक्ति हैं?
- (a)1
- (b)3
- (c)5
- (d)6
सही उत्तर — D, (d) 6। सीटों के बजाय गुटों में सोचिए। पहला क़दम — गुट बनाइए। 'Q और U दोनों का पड़ोसी W है' का अर्थ केवल यही हो सकता है कि W इन दोनों के बीच बैठा है, अर्थात् Q-W-U तीन व्यक्तियों का एक ठोस गुट है। इसी प्रकार 'R और V का पड़ोसी T है' T को उन दोनों के बीच रख देता है, जिससे R-T-V का दूसरा तीन-सदस्यीय गुट बनता है। 'P और S पड़ोसी हैं' से दो व्यक्तियों का गुट बनता है। इनके आकार जोड़िए : 3 + 3 + 2 = 8, जो पूरी पंक्ति है। इसलिए आठों मित्र ठीक यही तीन गुट हैं, जो एक के बाद एक रखे गए हैं। अब केवल यह तय करना शेष है कि गुटों का क्रम क्या है और प्रत्येक गुट सीधा पढ़ा जाए या उलटा। दूसरा क़दम — दूरी वाली शर्त लगाइए। 'P और V के बीच चार व्यक्ति हैं' का अर्थ है कि उनके बीच चार सीटें पड़ती हैं, अर्थात् P और V पाँच स्थान दूर हैं। P दो-सदस्यीय गुट के किसी सिरे पर है और V तीन-सदस्यीय गुट के किसी सिरे पर, और पाँच स्थान का अंतर तभी बन सकता है जब उनके बीच पूरा तीन-सदस्यीय Q-W-U गुट पड़ा हो। इससे क्रम निश्चित हो जाता है : पहले P-S वाला गुट, फिर Q-W-U, फिर R-T-V, और P पंक्ति के बिलकुल सिरे पर। अर्थात् सीट 1 पर P, सीट 2 पर S, सीट 3, 4 और 5 पर Q-W-U गुट जिसमें W बीच में है, फिर सीट 6 पर V, सीट 7 पर T और सीट 8 पर R। जाँच लीजिए : सीट 1 के P और सीट 6 के V के बीच S तथा Q, W, U — ठीक चार व्यक्ति। तीसरा क़दम — उत्तर पढ़िए। P सीट 1 पर है और R सीट 8 पर, इसलिए उनके बीच सीट 2 से 7 तक के व्यक्ति आते हैं : S, Q-W-U गुट के तीनों, V और T। यह छह व्यक्ति हुए, अर्थात् विकल्प (d)। यह व्यवस्था अद्वितीय नहीं है — पूरी पंक्ति को उलट दीजिए, अर्थात् पहले R, T, V, फिर Q-W-U गुट, फिर S और P, और वह भी हर शर्त पूरी करती है। यहाँ यह दर्पण-प्रतिबिंब हानिकारक नहीं है, क्योंकि प्रश्न केवल यह पूछता है कि दो व्यक्तियों के बीच कितने लोग हैं, और ऐसी गणना परावर्तन से बदलती नहीं। यह पहचान लेना कि किसी पहेली के दो हल परस्पर दर्पण-प्रतिबिंब हैं और पूछी गई राशि सममित है, वह समय बचा देता है जो अभ्यर्थी अन्यथा एक अद्वितीय बैठक ढूँढ़ने में लगाता।
- (a)1 — 1 वह उत्तर है जो दूरी वाली शर्त को एक क़दम खिसकाकर पढ़ने से निकलता है। 'P और V के बीच चार व्यक्ति हैं' को यदि 'P और V चार सीट दूर हैं' पढ़ लिया जाए, तो गुटों का क्रम बदल जाता है : उदाहरण के लिए सीट 1 पर P, सीट 2 पर S, फिर सीट 3, 4 और 5 पर R-T-V गुट इस प्रकार कि V सीट 5 पर पड़े, और अंत में Q-W-U गुट। तब R सीट 3 पर आ जाता है और P तथा R के बीच केवल S बचता है, अर्थात् एक व्यक्ति। तीनों पड़ोस वाली शर्तें इस व्यवस्था में पूरी होती हैं, इसीलिए भीतर से यह भूल दिखाई नहीं देती; जो टूटता है वह केवल दूरी वाली शर्त है। बचाव का उपाय एक ही है — 'बीच में n व्यक्ति' को सदैव 'स्थानों का अंतर n + 1' में बदलकर लिखिए और फिर व्यवस्था बनाइए।
- (b)3 — 3 वह गिनती है जो तब मिलती है जब R-T-V गुट को सीधे P-S गुट से सटा दिया जाए — जैसे सीट 1 और 2 पर P तथा S, और उसके बाद सीट 3, 4 और 5 पर V, T तथा R। तब R सीट 5 पर होता है और P तथा R के बीच तीन व्यक्ति पड़ते हैं। इस व्यवस्था में भी तीनों पड़ोस वाली शर्तें पूरी होती हैं; असफल केवल दूरी वाली शर्त होती है, क्योंकि V तब P से केवल दो सीट दूर रह जाता है और उनके बीच एक ही व्यक्ति आता है, चार नहीं। इसलिए यह विकल्प उस अभ्यर्थी को पकड़ता है जो गुट सही बना लेता है और फिर पहली संभव व्यवस्था पर रुक जाता है, बिना यह जाँचे कि दिया गया अंक उसमें बैठता है या नहीं।
- (c)5 — 5 उसी एक-क़दम की चूक से निकलता है जो विकल्प (a) के पीछे है, केवल गुटों के उस क्रम में लगाई जाती है जिसे इस प्रश्न की दूरी वाली शर्त वास्तव में अनुमत करती है। सीट 1 पर S और सीट 2 पर P रखिए, सीट 3 से 5 तक Q-W-U गुट, और सीट 6, 7 तथा 8 पर V, T तथा R। तब R सीट 8 पर आता है, P से छह सीट दूर, और उनके बीच पाँच व्यक्ति पड़ते हैं। किन्तु इस व्यवस्था में V सीट 6 पर है और P से चार सीट दूर, अर्थात् उनके बीच तीन ही व्यक्ति आते हैं, चार नहीं — इसलिए स्टेम की शर्त पूरी नहीं होती। यह सबसे ख़तरनाक चूक है, क्योंकि इसमें सब कुछ लगभग ठीक बैठता है और भूल केवल एक सीट की होती है।
इस प्रकार की बैठक-व्यवस्था वाली पहेलियों को हल करने की सबसे कारगर विधि गुट बनाना है, सीटें भरना नहीं। जब कोई शर्त कहती है कि 'X, Y और Z दोनों का पड़ोसी है', तो वह X को उन दोनों के बीच रख देती है और तीन व्यक्तियों का एक अविभाज्य खंड बना देती है, जिसे केवल पूरा का पूरा खिसकाया या उलटा जा सकता है। जब कोई शर्त कहती है कि 'X और Y पड़ोसी हैं', तो दो व्यक्तियों का ऐसा ही खंड बनता है। यदि सभी खंडों के आकार जोड़ने पर कुल संख्या मिल जाए, जैसा यहाँ हुआ, तो पंक्ति ठीक उन्हीं खंडों से बनी है और शेष कार्य केवल खंडों का क्रम तथा प्रत्येक खंड की दिशा तय करना है — जो कहीं छोटी समस्या है। दूसरी बात, 'बीच में कितने व्यक्ति' और 'कितनी सीट दूर' का भेद इस परिवार की सबसे आम चूक है : n व्यक्ति बीच में होने का अर्थ है स्थानों का अंतर n + 1। तीसरी बात, ऐसी पहेलियों के हल प्रायः दो होते हैं, जो एक-दूसरे के दर्पण-प्रतिबिंब हैं, क्योंकि सारी शर्तें केवल पड़ोस और दूरी की हैं और ये दोनों परावर्तन से नहीं बदलतीं; इसलिए 'बीच में कितने' जैसा उत्तर दोनों हलों में समान रहता है, जबकि 'कौन बाएँ छोर पर है' जैसा प्रश्न अनिर्धारित रह जाता।
विवेचन वाले प्रश्नों में अंक प्रायः जानकारी की कमी से नहीं, पढ़ने की जल्दबाज़ी से कटते हैं, और यह प्रश्न इसका अच्छा उदाहरण है। तीनों असत्य विकल्प ऐसी व्यवस्थाओं से निकलते हैं जो पड़ोस वाली तीनों शर्तें पूरी करती हैं और केवल दूरी वाली शर्त पर टूटती हैं — अर्थात् अभ्यर्थी को अपनी भूल भीतर से दिखाई नहीं देती, क्योंकि उसकी बनाई पंक्ति अधिकांश शर्तों के अनुरूप है। इसलिए इस बनावट में अंतिम जाँच अनिवार्य है : व्यवस्था बना लेने के बाद हर शर्त को एक-एक करके उस पर लगाइए, विशेषकर उस अंक वाली शर्त को जिससे क्रम तय हुआ था। दूसरी बात, ऐसे प्रश्नों में पहले उन शर्तों का उपयोग कीजिए जो ठोस गुट बनाती हैं, और अंक वाली शर्त अंत में लगाइए — गुट बन जाने के बाद क्रम की संभावनाएँ बहुत कम बचती हैं और अंक वाली शर्त उनमें से प्रायः एक ही छोड़ती है। तीसरी बात, पुस्तिका में मित्रों के नाम तिरछे अक्षरों में छपे हैं और तीनों बैठक-शर्तें अर्धविरामों से अलग की गई हैं; उन्हें अलग-अलग शर्तों की तरह पढ़िए, एक लंबे वाक्य की तरह नहीं।
- 'W, Q और U दोनों का पड़ोसी है' का अर्थ है कि W उन दोनों के बीच बैठा है, जिससे Q-W-U तीन व्यक्तियों का अविभाज्य गुट बनता है; इसी प्रकार 'T, R और V का पड़ोसी है' से R-T-V गुट बनता है, और 'P और S पड़ोसी हैं' से दो का गुट।
- तीनों गुटों के आकार जोड़ने पर 3 + 3 + 2 = 8 आता है, जो पंक्ति की पूरी संख्या है; इसलिए पंक्ति ठीक इन्हीं तीन गुटों से बनी है और शेष कार्य केवल गुटों का क्रम तथा प्रत्येक गुट की दिशा तय करना है।
- 'P और V के बीच चार व्यक्ति हैं' का अर्थ है कि उनके स्थानों का अंतर पाँच है, और यह अंतर तभी बन सकता है जब उनके बीच पूरा तीन-सदस्यीय Q-W-U गुट पड़े — जिससे क्रम P-S गुट, फिर Q-W-U, फिर R-T-V निश्चित हो जाता है और P पंक्ति के सिरे पर आ जाता है।
- इस व्यवस्था में सीट 1 पर P, सीट 2 पर S, सीट 3 से 5 तक Q-W-U गुट जिसमें W बीच में है, तथा सीट 6, 7 और 8 पर V, T तथा R बैठते हैं; इसलिए P और R के बीच छह व्यक्ति — S, Q, W, U, V और T — आते हैं।
- पूरी पंक्ति का दर्पण-प्रतिबिंब भी सभी शर्तें पूरी करता है, इसलिए हल अद्वितीय नहीं है; किन्तु 'बीच में कितने व्यक्ति' जैसी गणना परावर्तन से नहीं बदलती, इसलिए उत्तर दोनों हलों में समान रहता है, जबकि 'बाएँ छोर पर कौन बैठा है' जैसा प्रश्न इन्हीं शर्तों से अनिर्धारित रह जाता।
- सामान्य नियम यह है कि दो व्यक्तियों के बीच n व्यक्ति होने का अर्थ उनके स्थानों का अंतर n + 1 होता है, और उलटकर, अंतर d होने पर बीच में d − 1 व्यक्ति आते हैं; बैठक-व्यवस्था वाले प्रश्नों में सबसे अधिक अंक इसी एक-क़दम के भेद पर कटते हैं, इसलिए शर्त को पढ़ते ही उसे स्थानों के अंतर में बदलकर लिख लेना चाहिए।
- 'बीच में चार व्यक्ति' को 'चार सीट दूर' पढ़ लेना; n व्यक्ति बीच में होने का अर्थ स्थानों का अंतर n + 1 होता है, और यही एक-क़दम की चूक इस प्रश्न के दो असत्य विकल्पों को जन्म देती है।
- पहली ऐसी व्यवस्था पर रुक जाना जो पड़ोस वाली शर्तें पूरी कर दे; तीनों असत्य विकल्पों की व्यवस्थाएँ पड़ोस की शर्तें पूरी करती हैं और केवल दूरी वाली शर्त पर टूटती हैं, इसलिए अंतिम जाँच अनिवार्य है।
- 'X, Y और Z दोनों का पड़ोसी है' को दो अलग-अलग शर्तों की तरह पढ़ना और यह न देखना कि इसका एक ही अर्थ संभव है — X का उन दोनों के बीच बैठना, जिससे तीन का ठोस गुट बनता है।
- अद्वितीय बैठक ढूँढ़ने में समय लगा देना; ऐसी पहेलियों के दो हल प्रायः दर्पण-प्रतिबिंब होते हैं, और 'बीच में कितने' जैसी सममित राशि दोनों में समान निकलती है।
बैठक-व्यवस्था की पहेली इस प्रश्नपत्र के विवेचन खंड की स्थायी सामग्री है और वह प्रायः इसी आकार में आती है — छह से आठ व्यक्ति, दो-तीन पड़ोस वाली शर्तें, और एक संख्यात्मक शर्त जो क्रम तय कर देती है। पूछ या तो 'दोनों के बीच कितने व्यक्ति हैं' होती है, या 'किसी छोर पर कौन है', या 'किसके ठीक बाएँ कौन बैठा है'। इनमें दूसरा और तीसरा प्रकार तभी हल हो पाता है जब व्यवस्था अद्वितीय हो, इसलिए यह जाँचना उपयोगी है कि दर्पण-प्रतिबिंब भी शर्तें पूरी करता है या नहीं। तैयारी के लिए दो आदतें पर्याप्त हैं : शर्तों को तुरंत गुटों में बदलना, और 'बीच में n' को 'अंतर n + 1' में बदलकर लिख लेना। इसके बाद शेष काम केवल गुटों के क्रम की कुछ संभावनाएँ जाँचने का रह जाता है, जो कुछ ही क्षण लेता है।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
एक पंक्ति में सात व्यक्ति उत्तर की ओर मुँह किए बैठे हैं। यदि किसी व्यक्ति और दूसरे व्यक्ति के बीच ठीक तीन व्यक्ति बैठे हों, तो पंक्ति में उनके स्थानों का अंतर कितना होगा?
- (a)दो
- (b)तीन
- (c)चार
- (d)पाँच
उत्तर(c) चार — बीच में n व्यक्ति होने का अर्थ स्थानों का अंतर n + 1 होता है, इसलिए तीन व्यक्ति बीच में होने पर अंतर चार होगा; उदाहरण के लिए सीट 1 और सीट 5 के बीच सीट 2, 3 और 4 के तीन व्यक्ति आते हैं। इसी एक-क़दम के भेद पर बैठक-व्यवस्था वाले अधिकांश प्रश्न टिके होते हैं।
- practice — not a real PYQ
छह मित्र A, B, C, D, E और F एक पंक्ति में उत्तर की ओर मुँह किए बैठे हैं। B, A और C दोनों का पड़ोसी है; E, D और F दोनों का पड़ोसी है। इससे निम्नलिखित में से क्या निश्चित रूप से निकलता है?
- (a)A पंक्ति के किसी छोर पर बैठा है
- (b)पंक्ति दो तीन-सदस्यीय गुटों से बनी है
- (c)B और E पड़ोसी हैं
- (d)D पंक्ति के मध्य में बैठा है
उत्तर(b) पंक्ति दो तीन-सदस्यीय गुटों से बनी है — दोनों शर्तें A-B-C तथा D-E-F के ठोस गुट बनाती हैं, जिनके आकार जोड़ने पर छह आता है, अर्थात् पूरी पंक्ति। शेष तीनों कथन इन शर्तों से बाध्य नहीं हैं, क्योंकि गुटों का क्रम तथा प्रत्येक गुट की दिशा अभी खुली हुई है और उन्हें तय करने के लिए कोई और शर्त दी ही नहीं गई।