मान लीजिए पाँच ट्रेड यूनियन नामतः A, B, C, D और E किसी स्थापन में, जिसमें वर्तमान में 1100 कामगार नियुक्त हैं, कार्यरत हैं। प्रत्येक यूनियन का सदस्यता संख्याबल नीचे दिए अनुसार है : यूनियन A : 100 यूनियन B : 370 यूनियन C : 110 यूनियन D : 275 यूनियन E : 80 सदस्यता संख्याबल के आधार पर, उपर्युक्त में से कौन-से यूनियन, ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926 के अधीन पंजीकृत हो सकते हैं ?
- (a)सभी यूनियन
- (b)केवल यूनियन A, B, C और D
- (c)केवल यूनियन B, C और D
- (d)केवल यूनियन B और D
सही उत्तर — B, (b) केवल यूनियन A, B, C और D। शासी नियम ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926 की धारा 4(1) का पहला परंतुक है, जो 2001 के संशोधन अधिनियम से जोड़ा गया : कामगारों की कोई ट्रेड यूनियन तब तक पंजीकृत नहीं की जाएगी जब तक उस स्थापन या उद्योग में, जिससे वह संबंधित है, लगे हुए या नियोजित कामगारों में से कम-से-कम दस प्रतिशत अथवा एक सौ, इनमें से जो कम हो, आवेदन की तारीख़ को उस यूनियन के सदस्य न हों। दूसरा परंतुक इस पर एक निरपेक्ष न्यूनतम भी रखता है — कम-से-कम सात सदस्य, जो उसी स्थापन या उद्योग के कामगार हों। गणना इसलिए दो चरणों की है, और पहला चरण ही वह है जिसे अभ्यर्थी छोड़ देते हैं। पहले नियोजित 1100 कामगारों का दस प्रतिशत निकालिए, जो 110 होता है। अब उसकी तुलना नियत संख्या एक सौ से कीजिए। परंतुक कहता है 'जो कम हो', इसलिए प्रवर्तनीय अपेक्षा 100 है, 110 नहीं। अब इसे लगाइए : यूनियन A के ठीक 100 सदस्य हैं और वह अर्हक है, क्योंकि उपबंध 'कम-से-कम' एक सौ कहता है और एक सौ 'कम-से-कम एक सौ' है ही; यूनियन B के 370, यूनियन C के 110 और यूनियन D के 275 सदस्य हैं, तीनों सीमा से ऊपर हैं; यूनियन E के 80 सदस्य हैं और वह अर्हक नहीं है, और सात सदस्यों वाला दूसरा परंतुक पूरा कर लेने से भी उसे कोई राहत नहीं मिलती, क्योंकि दोनों परंतुक एक साथ लागू होते हैं, विकल्प के रूप में नहीं। इस प्रकार पाँच में से चार यूनियन पंजीकृत हो सकती हैं और एक नहीं — यही विकल्प (b) है। प्रश्न की रचना पर ध्यान दीजिए, क्योंकि उसमें सदस्यता की संख्याएँ यादृच्छिक नहीं हैं : एक यूनियन ठीक सांविधिक संख्या पर बैठी है, एक ठीक उस दस प्रतिशत वाली संख्या पर बैठी है जिसका प्रयोग आपको करना ही नहीं चाहिए, और एक दोनों से नीचे है। इनमें से हर स्थिति किसी एक विशिष्ट ग़लत पठन से मेल खाती है, और विकल्प-समुच्चय में उन तीनों पठनों के परिणाम मौजूद हैं।
- (a)सभी यूनियन — 'सभी यूनियन' वह उत्तर है जो 2001 से पहले की विधि के अधीन सही होता, जब धारा 4(1) केवल इतना अपेक्षित करती थी कि किसी ट्रेड यूनियन के सात या अधिक सदस्य उसके नियमों पर अपने नाम अंकित करें और अधिनियम की पंजीकरण संबंधी अपेक्षाओं का पालन करें। इस प्रश्न की हर यूनियन उस सात-सदस्यीय कसौटी पर खरी उतरती है, जिसमें 80 सदस्यों वाली यूनियन E भी सम्मिलित है। 2001 के संशोधन अधिनियम ने दस प्रतिशत या एक सौ वाला परंतुक ठीक इसीलिए जोड़ा कि छोटी-छोटी यूनियनों का प्रसार रुके, जिनमें से प्रत्येक पूरे कर्मचारी-वर्ग की ओर से बोलने का दावा करती थी। इसलिए यह विकल्प विधि की पुरानी अवस्था का उत्तर है, वर्तमान अवस्था का नहीं — और श्रम-विधि में संशोधन-वर्ष याद रखने का महत्त्व यहीं दिखता है।
- (c)केवल यूनियन B, C और D — यह विकल्प यूनियन A को छोड़ देता है, जिसके ठीक 100 सदस्य हैं, और यह उस अभ्यर्थी के लिए जाल है जो गणना ठीक करता है पर सीमा को ऐसी संख्या पढ़ लेता है जिससे यूनियन को आगे निकलना ही चाहिए। परंतुक के शब्द हैं 'कम-से-कम दस प्रतिशत अथवा एक सौ, जो कम हो', और 'कम-से-कम' सीमा-बिंदु को भीतर रखता है, बाहर नहीं; इसलिए ठीक उसी संख्या पर खड़ी यूनियन नियम के भीतर है। सीमा-बिंदु का यह अभ्यास जान-बूझकर करना चाहिए, क्योंकि इस खंड के परीक्षक जान-बूझकर ऐसे आँकड़े रखते हैं जो ठीक सीमा पर बैठते हैं, और 'कम-से-कम', 'से अधिक' तथा 'से कम' के भेद पर ही पूरा उत्तर पलट जाता है।
- (d)केवल यूनियन B और D — इसमें केवल यूनियन B और D बचती हैं, और यह वहाँ पहुँचने का परिणाम है जहाँ अपेक्षा के रूप में कर्मचारी-संख्या का दस प्रतिशत, अर्थात् 110, ले लिया जाए और फिर उस सीमा को इतनी कड़ाई से लगाया जाए कि ठीक 110 सदस्यों वाली यूनियन C भी बाहर हो जाए। इस उत्तर तक पहुँचने के लिए दो अलग-अलग भूलें करनी पड़ती हैं, और उनमें पहली अधिक महत्त्वपूर्ण है : परंतुक केवल दस प्रतिशत विहित नहीं करता, वह दस प्रतिशत अथवा एक सौ, जो कम हो, विहित करता है — जिसका अर्थ यह है कि एक हज़ार से अधिक कामगार वाले किसी भी स्थापन में प्रवर्तनीय संख्या सदा एक सौ ही रहेगी, चाहे कार्यबल कितना भी बड़ा हो। दूसरी भूल फिर वही सीमा-बिंदु वाली है।
ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926 पंजीकरण को अनिवार्य नहीं बनाता, किन्तु पंजीकृत यूनियन को ऐसे अधिकार देता है जो अपंजीकृत संघ को नहीं मिलते, और इसीलिए पंजीकरण की शर्तें परीक्षा की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हैं। धारा 4(1) का मूल पाठ कहता है कि किसी ट्रेड यूनियन के सात या अधिक सदस्य नियमों पर नाम अंकित करके पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। 2001 के संशोधन ने इस पर दो परंतुक चढ़ाए : पहला यह कि आवेदन की तारीख़ को संबद्ध स्थापन या उद्योग के कामगारों में से कम-से-कम दस प्रतिशत अथवा एक सौ, जो कम हो, यूनियन के सदस्य हों; और दूसरा यह कि सदस्य कामगारों की संख्या किसी भी दशा में सात से कम न हो। उसी संशोधन ने धारा 9A जोड़कर इसी कसौटी को सतत बाध्यता बना दिया — पंजीकृत यूनियन को हर समय यह संख्या बनाए रखनी होती है। पंजीकरण का लाभ अधिनियम की अगली धाराओं में है : धारा 13 यूनियन को निगमित निकाय बनाती है, धारा 17 उसके पदाधिकारियों तथा सदस्यों को व्यापार-विवाद को आगे बढ़ाने के लिए किए गए क़रारों पर आपराधिक षड्यंत्र के अभियोजन से उन्मुक्ति देती है, धारा 18 व्यापार-विवाद की चिंतना या अग्रसरण में किए गए कतिपय कार्यों पर दीवानी वाद से संरक्षण देती है, धारा 19 सदस्यों के बीच के क़रारों को व्यापार-निर्बंधन के आधार पर शून्य होने से बचाती है, और धारा 16 पृथक् राजनीतिक निधि की अनुमति देती है। धारा 22 यह सीमित करती है कि पदाधिकारियों में बाहरी व्यक्ति कितने हो सकते हैं।
यह प्रश्न इस खंड की उस कोटि का है जिसमें विधि के साथ अंकगणित भी करना पड़ता है, और उसमें अंक इसलिए कटते हैं कि अभ्यर्थी परंतुक की भाषा को मोटे तौर पर याद रखता है — 'दस प्रतिशत' — और 'जो कम हो' वाला अंश छोड़ देता है। उस अंश का व्यावहारिक अर्थ बहुत बड़ा है : एक हज़ार से अधिक कामगार वाले हर स्थापन में प्रवर्तनीय संख्या स्थिर होकर एक सौ रह जाती है, चाहे कार्यबल दस हज़ार हो या एक लाख। इसलिए ऐसे प्रश्न में सबसे पहले दोनों संख्याएँ निकालिए, फिर छोटी चुनिए, और तब सदस्यता की सूची पर उँगली रखिए। दूसरी बात, इस प्रकार के प्रश्न में सीमा-बिंदु पर बैठे आँकड़े संयोग नहीं होते; वे इसीलिए रखे जाते हैं कि 'कम-से-कम' और 'से अधिक' का भेद परखा जा सके। तीसरी बात, यहाँ यूनियनों के नाम A से E तक अंग्रेज़ी अक्षरों में हैं और विकल्प भी (a) से (d) तक अक्षरों में — इसलिए उत्तर लिखते समय यह ध्यान रखना पड़ता है कि 'यूनियन B' और 'विकल्प (b)' दो अलग चीज़ें हैं, और यही सतर्कता इसी प्रकार के अन्य आँकड़ा-आधारित प्रश्नों में भी चाहिए।
- ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926 की धारा 4(1) का पहला परंतुक, जो 2001 के संशोधन से जोड़ा गया, यह अपेक्षा करता है कि आवेदन की तारीख़ को संबद्ध स्थापन या उद्योग के कामगारों में से कम-से-कम दस प्रतिशत अथवा एक सौ, इनमें से जो कम हो, उस यूनियन के सदस्य हों।
- धारा 4(1) का दूसरा परंतुक कम-से-कम सात ऐसे सदस्यों की अपेक्षा करता है जो संबद्ध स्थापन या उद्योग में लगे या नियोजित कामगार हों; दोनों परंतुक एक साथ लागू होते हैं, इसलिए केवल सात-सदस्यीय न्यूनतम पूरा कर लेना पर्याप्त नहीं है।
- चूँकि अपेक्षा दस प्रतिशत और एक सौ में से कम वाली है, इसलिए एक हज़ार से अधिक कामगार वाले हर स्थापन में प्रवर्तनीय संख्या एक सौ ही रहती है — 1100 कामगारों के कार्यबल में दस प्रतिशत 110 होता है, किन्तु प्रवर्तनीय सीमा 100 है।
- उसी 2001 के संशोधन से जोड़ी गई धारा 9A इसी कसौटी को सतत बाध्यता बनाती है : पंजीकृत यूनियन में हर समय कामगारों का दस प्रतिशत अथवा एक सौ, जो कम हो, और कम-से-कम सात सदस्य बने रहने चाहिए, और चूक होने पर धारा 10 के अधीन पंजीकरण का प्रतिसंहरण हो सकता है।
- पंजीकरण के लाभ पर्याप्त हैं — धारा 13 के अधीन निगमित निकाय का दर्जा, धारा 17 के अधीन व्यापार-विवाद को आगे बढ़ाने के लिए किए गए क़रारों पर आपराधिक षड्यंत्र के अभियोजन से उन्मुक्ति, धारा 18 के अधीन कतिपय दीवानी वादों से संरक्षण, तथा धारा 16 के अधीन पृथक् राजनीतिक निधि रखने का अधिकार; धारा 22 पदाधिकारियों में बाहरी व्यक्तियों का अनुपात सीमित करती है।
- परंतुक को केवल 'दस प्रतिशत' के रूप में याद रखना और 'जो कम हो' वाला अंश छोड़ देना; इसी अंश के कारण एक हज़ार से बड़े हर कार्यबल में प्रवर्तनीय संख्या स्थिर होकर एक सौ रह जाती है।
- 'कम-से-कम' को 'से अधिक' पढ़ लेना और ठीक सीमा पर बैठी यूनियन को बाहर कर देना; इस खंड के आँकड़े जान-बूझकर सीमा-बिंदु पर रखे जाते हैं, इसलिए यही भेद पूरा उत्तर पलट देता है।
- यह मान लेना कि सात सदस्यों वाली शर्त पूरी कर लेने से पंजीकरण हो जाएगा; दोनों परंतुक एक साथ लागू होते हैं, विकल्प के रूप में नहीं, इसलिए दस प्रतिशत या एक सौ वाली कसौटी अलग से पूरी करनी होती है।
- यूनियन के नाम वाले अक्षरों और विकल्प वाले अक्षरों को गड्डमड्ड कर देना; इस प्रश्न में यूनियन A से E तक हैं और विकल्प (a) से (d) तक, और उत्तर लिखते समय यह भेद बनाए रखना पड़ता है।
ट्रेड यूनियन अधिनियम की पंजीकरण-शर्तें इस खंड की नियमित सामग्री हैं और वे प्रायः तीन रूपों में आती हैं : सीधे संख्या पूछना, संशोधन-वर्ष पूछना, और इस प्रश्न की तरह आँकड़े देकर यह पुछवाना कि कौन-सी यूनियन अर्हक है। तीसरा रूप सबसे अधिक अंक तय करता है, क्योंकि उसमें विधि और अंकगणित दोनों चाहिए और असत्य विकल्प किसी एक निश्चित ग़लत पठन के परिणाम होते हैं — दस प्रतिशत को ही सीमा मान लेना, सीमा-बिंदु को बाहर कर देना, अथवा 2001 से पहले की विधि लगा देना। इसलिए दोहराते समय केवल संख्या नहीं, परंतुक की भाषा याद रखिए — 'कम-से-कम दस प्रतिशत अथवा एक सौ, जो कम हो', और उसके साथ सात का निरपेक्ष न्यूनतम। यही अनुशासन कारखाना अधिनियम तथा कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम की सीमा-संख्याओं वाले प्रश्नों में भी सीधे काम आता है।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
किसी स्थापन में 2500 कामगार नियोजित हैं। ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926 के अधीन वहाँ की किसी यूनियन के पंजीकरण के लिए आवेदन की तारीख़ को न्यूनतम कितने कामगार-सदस्य अपेक्षित होंगे?
- (a)सात
- (b)एक सौ
- (c)दो सौ पचास
- (d)पाँच सौ
उत्तर(b) एक सौ — धारा 4(1) का पहला परंतुक कम-से-कम दस प्रतिशत अथवा एक सौ, जो कम हो, की अपेक्षा करता है; यहाँ दस प्रतिशत 250 होता है, किन्तु एक सौ उससे कम है, इसलिए प्रवर्तनीय संख्या एक सौ ही रहेगी। सात केवल दूसरे परंतुक का निरपेक्ष न्यूनतम है और अकेले पर्याप्त नहीं, तथा शेष दोनों संख्याएँ इस परंतुक की कसौटी पर आती ही नहीं।
- practice — not a real PYQ
ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926 में दस प्रतिशत अथवा एक सौ कामगार-सदस्यों वाली अपेक्षा तथा पंजीकृत यूनियन के लिए उसे सतत बनाए रखने की बाध्यता किस संशोधन से जोड़ी गई?
- (a)1947 के संशोधन से
- (b)1964 के संशोधन से
- (c)1982 के संशोधन से
- (d)2001 के संशोधन से
उत्तर(d) 2001 के संशोधन से — इसी संशोधन ने धारा 4(1) में दोनों परंतुक जोड़े, अर्थात् दस प्रतिशत अथवा एक सौ, जो कम हो, तथा कम-से-कम सात कामगार-सदस्य, और धारा 9A जोड़कर इसी कसौटी को पंजीकृत यूनियन के लिए सतत बाध्यता बनाया। 1947 का संशोधन मान्यता से संबंधित था और कभी प्रवृत्त नहीं हुआ, तथा शेष दोनों वर्ष इस उपबंध से जुड़े नहीं हैं।