भारत में बनाए गए केन्द्रीय कामगार ट्रेड यूनियन महासंघ नीचे उल्लिखित हैं : 1. इंडियन नैशनल ट्रेड यूनियन काँग्रेस (INTUC) 2. ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस (AITUC) 3. स्वरोजगार महिला संघ (SEWA) 4. यूनाइटेड ट्रेड यूनियन काँग्रेस (UTUC) 5. सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU) 6. भारतीय मजदूर संघ (BMS) निम्नलिखित में से कौन-सा एक, उनके सबसे पहले से सबसे बाद में बनने का सही अनुक्रम है ?
- (a)2, 1, 4, 6, 5, 3
- (b)2, 1, 3, 4, 6, 5
- (c)1, 2, 5, 4, 3, 6
- (d)1, 3, 2, 4, 5, 6
सही उत्तर — A, (a) 2, 1, 4, 6, 5, 3 — अर्थात् पहले ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस, फिर इंडियन नैशनल ट्रेड यूनियन काँग्रेस, फिर यूनाइटेड ट्रेड यूनियन काँग्रेस, फिर भारतीय मजदूर संघ, फिर सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स, और अंत में स्वरोजगार महिला संघ। इस अनुक्रम के पीछे की तिथियाँ ये हैं। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस की स्थापना 1920 में बंबई में हुई और वह भारतीय श्रमिक आंदोलन का पहला राष्ट्रीय केंद्र था; इसका तात्कालिक कारण यह था कि 1919 में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की सदस्यता के नाते अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में कामगारों के प्रतिनिधि नामनिर्दिष्ट करने पड़ते थे, और उसके प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता लाला लाजपत राय ने की। इंडियन नैशनल ट्रेड यूनियन काँग्रेस मई 1947 में, स्वतंत्रता से कुछ ही सप्ताह पहले, काँग्रेस से संबद्ध केंद्र के रूप में बनी, और उसका कारण ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस का वामपंथ की ओर झुकाव था। यूनाइटेड ट्रेड यूनियन काँग्रेस 1949 में कलकत्ता में बनी, उन समाजवादी समूहों द्वारा जो पहले दोनों में से किसी में सम्मिलित नहीं होना चाहते थे। भारतीय मजदूर संघ की स्थापना 1955 में भोपाल में दत्तोपंत ठेंगड़ी ने की। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स 1970 में, कम्युनिस्ट आंदोलन के विभाजन के बाद बना, और स्वरोजगार महिला संघ 1972 में अहमदाबाद में इला भट्ट के नेतृत्व में ट्रेड यूनियन के रूप में पंजीकृत हुआ, जिसने पहली बार असंगठित तथा स्वरोजगार में लगी महिलाओं तक यूनियन-संगठन का विस्तार किया। अब यह देखिए कि परीक्षा-भवन में इसमें से कितना कम वास्तव में चाहिए। हर विकल्प या तो 2 से शुरू होता है या 1 से, इसलिए केवल यह एक तथ्य कि 1920 वाला ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस इन छहों में सबसे पुराना है, विकल्प (c) और (d) को एक साथ समाप्त कर देता है। बचे हुए दो में से विकल्प (b) स्वरोजगार महिला संघ को तीसरे स्थान पर रखता है, और केवल यह एक तथ्य कि 1972 वाला स्वरोजगार महिला संघ इन छहों में सबसे नया है, उसे भी समाप्त कर देता है। दो सिरे — सबसे पुराना और सबसे नया — छह मदों का कालक्रम तय कर देते हैं, और अनुक्रम वाले प्रश्नों की यही सामान्य तकनीक है, जो छह तिथियाँ याद करने से कहीं सस्ती पड़ती है।
- (b)2, 1, 3, 4, 6, 5 — यह अनुक्रम आरंभ सही करता है — पहले ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस, फिर इंडियन नैशनल ट्रेड यूनियन काँग्रेस — और उसके बाद स्वरोजगार महिला संघ को तीसरे स्थान पर, यूनाइटेड ट्रेड यूनियन काँग्रेस, भारतीय मजदूर संघ तथा सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स से पहले रख देता है। कालक्रम यही एक बात नहीं सह सकता : स्वरोजगार महिला संघ 1972 में पंजीकृत हुआ और सूची का सबसे नया निकाय है, अर्थात् 1949 के यूनाइटेड ट्रेड यूनियन काँग्रेस, 1955 के भारतीय मजदूर संघ और 1970 के सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स तीनों के बाद का। यह विकल्प इसीलिए गंभीर जाल है कि वह कठिन आरंभ ठीक करके भूल को बीच में दबा देता है, जहाँ केवल पहली दो प्रविष्टियाँ जाँचने वाला अभ्यर्थी देखता ही नहीं। अनुक्रम-प्रश्न में दोनों सिरे जाँचना इसी कारण अनिवार्य है।
- (c)1, 2, 5, 4, 3, 6 — यह क्रम इंडियन नैशनल ट्रेड यूनियन काँग्रेस को ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस से पहले रखता है, अर्थात् भारतीय ट्रेड यूनियन इतिहास की दो सबसे प्रसिद्ध तिथियों को ही उलट देता है : ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस 1920 का है और इंडियन नैशनल ट्रेड यूनियन काँग्रेस 1947 का, अर्थात् सत्ताईस वर्ष और एक पूरा संवैधानिक युग बीच में है। इन दोनों का कालक्रम आकस्मिक भी नहीं है, क्योंकि इंडियन नैशनल ट्रेड यूनियन काँग्रेस की स्थापना ही काँग्रेस से जुड़े नेताओं ने इसलिए की थी कि पुराना ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस उनके नियंत्रण से बाहर जा चुका था। जो विकल्प प्रतिक्रिया को उस घटना से पहले रख दे जिसकी वह प्रतिक्रिया थी, उसे और कुछ जाँचे बिना हटाया जा सकता है।
- (d)1, 3, 2, 4, 5, 6 — यह विकल्प भी इंडियन नैशनल ट्रेड यूनियन काँग्रेस को ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस से पहले रखता है, और उस पर स्वरोजगार महिला संघ को दूसरे स्थान पर, 1920 वाले ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस से भी आगे, ले आकर भूल को दुगुना कर देता है — जबकि स्वरोजगार महिला संघ 1972 का है। दोनों चूकें केवल पहली दो प्रविष्टियों से दिख जाती हैं, इसलिए समुच्चय में यही सबसे सस्ते में हटने वाला विकल्प है। इसे रखा ही इसलिए गया है कि उस अभ्यर्थी को लाभ मिले जो अनुक्रम-प्रश्न की शुरुआत पूरा कालक्रम पुनर्निर्मित करने से नहीं, बल्कि यह पूछने से करता है कि सबसे पुराना कौन है — यह एक प्रश्न यहाँ कुछ ही क्षणों में चार में से दो विकल्प समाप्त कर देता है।
भारत में केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों का इतिहास राष्ट्रीय आंदोलन और उसके बाद के दलगत विभाजनों के साथ-साथ चलता है, और यही उसे याद रखने की कुंजी भी है। 1920 में बंबई में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस बना, जो पहला राष्ट्रीय केंद्र था और जिसके प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता लाला लाजपत राय ने की; उसके तुरंत पीछे 1919 में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की वह अपेक्षा थी कि सदस्य देश कामगारों के प्रतिनिधि भेजें। स्वतंत्रता के आसपास यह एकता टूटी : मई 1947 में काँग्रेस से जुड़े नेताओं ने इंडियन नैशनल ट्रेड यूनियन काँग्रेस बनाया, 1948 में समाजवादी धारा से हिंद मजदूर सभा निकली, और 1949 में कलकत्ता में यूनाइटेड ट्रेड यूनियन काँग्रेस बना। 1955 में भोपाल में दत्तोपंत ठेंगड़ी ने भारतीय मजदूर संघ की स्थापना की। 1970 में कम्युनिस्ट आंदोलन के विभाजन के बाद सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स अस्तित्व में आया। और 1972 में अहमदाबाद में इला भट्ट के नेतृत्व में स्वरोजगार महिला संघ ट्रेड यूनियन के रूप में पंजीकृत हुआ, जो इस सूची का सबसे नया तथा सबसे भिन्न प्रकार का निकाय है, क्योंकि उसके सदस्य ऐसे कामगार हैं जिनका कोई एक नियोजक होता ही नहीं। इससे यह भी सिद्ध होता है कि ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926 का उपयोग असंगठित क्षेत्र के संगठन के लिए भी किया जा सकता है।
अनुक्रम वाले प्रश्न की बनावट अपने आप में एक तकनीक सिखाती है, और इस प्रश्न में वह तकनीक विशेष रूप से स्पष्ट है। छह मदों का पूरा कालक्रम पुनर्निर्मित करने की कोई आवश्यकता नहीं है; केवल दो सिरे चाहिए — सबसे पुराना और सबसे नया — और उनसे चारों विकल्पों में से तीन गिर जाते हैं। यह इसलिए काम करता है कि परीक्षक असत्य विकल्प बनाने के लिए एक या दो प्रविष्टियाँ ही खिसकाता है, और वह खिसकाव प्रायः या तो आरंभ में होता है या किसी एक सुपरिचित मद पर। इसलिए ऐसे प्रश्नों में पहला काम विकल्पों के पहले अंक देखना है : यदि वे दो प्रकार के हैं तो सबसे पुराने मद की पहचान ही आधे विकल्प काट देती है। दूसरी बात, इस प्रश्न की सामग्री श्रम-इतिहास की है, और उसे दलगत संबद्धता के साथ याद रखना अधिक टिकाऊ होता है — कौन-सा केंद्र किस राजनीतिक धारा से निकला — क्योंकि परीक्षक स्थापना-वर्ष के साथ-साथ संस्थापक और संबद्धता भी पूछता है। तीसरी बात, यह पुस्तिका सूची को 1 से 6 तक अंकों में छापती है और उसके नीचे पूछ को अलग अनुच्छेद में रखती है; अंक यहाँ कथनों के हैं, विकल्पों के नहीं, और विकल्प (a) से (d) तक अक्षरों में हैं।
- ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस की स्थापना 1920 में बंबई में भारत के पहले राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन केंद्र के रूप में हुई और उसके प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता लाला लाजपत राय ने की; तात्कालिक कारण यह था कि 1919 में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की स्थापना के बाद अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में कामगारों के प्रतिनिधि नामनिर्दिष्ट करने आवश्यक हो गए थे।
- इंडियन नैशनल ट्रेड यूनियन काँग्रेस मई 1947 में काँग्रेस से संबद्ध केंद्र के रूप में बना, 1948 में समाजवादी धारा से हिंद मजदूर सभा निकली, और यूनाइटेड ट्रेड यूनियन काँग्रेस 1949 में कलकत्ता में बना।
- भारतीय मजदूर संघ की स्थापना 1955 में भोपाल में दत्तोपंत ठेंगड़ी ने की, और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स 1970 में कम्युनिस्ट आंदोलन के विभाजन के बाद अस्तित्व में आया।
- स्वरोजगार महिला संघ 1972 में अहमदाबाद में इला भट्ट के नेतृत्व में ट्रेड यूनियन के रूप में पंजीकृत हुआ और उन स्वरोजगार तथा घर से काम करने वाली महिलाओं को संगठित करता है जिनका कोई एक नियोजक नहीं होता — जिससे यह भी सिद्ध होता है कि ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926 के अधीन असंगठित क्षेत्र की यूनियन भी पंजीकृत हो सकती है।
- केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों को श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय सत्यापित सदस्यता के आधार पर मान्यता देता है, और यही मान्यता भारतीय श्रम सम्मेलन जैसे त्रिपक्षीय मंचों तथा अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के लिए भारत के प्रतिनिधिमंडल में नामनिर्देशन का आधार बनती है।
- पूरा कालक्रम पुनर्निर्मित करने में समय लगा देना, जबकि केवल दो सिरे — सबसे पुराना और सबसे नया निकाय — पहचान लेने से चार में से तीन विकल्प गिर जाते हैं।
- केवल पहली दो प्रविष्टियाँ जाँचकर विकल्प चुन लेना; इस प्रश्न का सबसे गंभीर जाल आरंभ सही रखकर भूल को बीच में छिपाता है, जहाँ जल्दबाज़ी में देखा ही नहीं जाता।
- इंडियन नैशनल ट्रेड यूनियन काँग्रेस को ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस से पुराना मान लेना; 1947 वाला केंद्र 1920 वाले केंद्र की प्रतिक्रिया में बना था, इसलिए क्रम उलटा नहीं हो सकता।
- स्वरोजगार महिला संघ को उसके भिन्न स्वरूप के कारण पुराना मान लेना; वह 1972 में पंजीकृत हुआ और इस सूची का सबसे नया निकाय है।
श्रम-इतिहास से आने वाले प्रश्न प्रायः तीन रूपों में मिलते हैं : किसी एक संगठन का स्थापना-वर्ष या संस्थापक पूछना, चार-छह संगठनों को कालक्रम में जमवाना, और संगठन तथा उसकी राजनीतिक संबद्धता का सुमेलन कराना। अनुक्रम वाला रूप सबसे अधिक आता है, क्योंकि उसमें केवल एक प्रविष्टि खिसकाकर तीन असत्य विकल्प बनाए जा सकते हैं। इसलिए तैयारी की सबसे कारगर इकाई एक सीधी समय-रेखा है जिस पर छह-सात नाम अपने वर्ष के साथ बैठे हों — 1920, 1947, 1948, 1949, 1955, 1970, 1972 — और प्रत्येक के आगे संस्थापक या संबद्धता लिखी हो। परीक्षा में इस रेखा के दोनों सिरे याद रहना ही प्रायः पर्याप्त होता है, और यही तकनीक इतिहास तथा राजव्यवस्था के दूसरे अनुक्रम-प्रश्नों पर भी लागू होती है।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
भारत के पहले राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन केंद्र ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस की स्थापना किस वर्ष हुई और उसके प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की?
- (a)1918, बाल गंगाधर तिलक
- (b)1920, लाला लाजपत राय
- (c)1926, एन० एम० जोशी
- (d)1947, सरदार वल्लभभाई पटेल
उत्तर(b) 1920, लाला लाजपत राय — बंबई में स्थापित यह भारत का पहला राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन केंद्र था और इसके प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता लाला लाजपत राय ने की; इसका तात्कालिक कारण 1919 में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के सम्मेलन में कामगारों के प्रतिनिधि भेजने की आवश्यकता थी। 1926 में ट्रेड यूनियन अधिनियम आया, और 1947 इंडियन नैशनल ट्रेड यूनियन काँग्रेस की स्थापना का वर्ष है।
- practice — not a real PYQ
स्वरोजगार महिला संघ (SEWA) के संदर्भ में, वह किस वर्ष और किसके नेतृत्व में ट्रेड यूनियन के रूप में पंजीकृत हुआ?
- (a)1955, दत्तोपंत ठेंगड़ी
- (b)1970, बी० टी० रणदिवे
- (c)1972, इला भट्ट
- (d)1980, अरुणा रॉय
उत्तर(c) 1972, इला भट्ट — अहमदाबाद में इला भट्ट के नेतृत्व में स्वरोजगार महिला संघ ट्रेड यूनियन के रूप में पंजीकृत हुआ और उसने पहली बार उन स्वरोजगार तथा घर से काम करने वाली महिलाओं को संगठित किया जिनका कोई एक नियोजक नहीं होता। 1955 भारतीय मजदूर संघ की स्थापना का वर्ष है और 1970 सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स का।